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R N Shukla business advisor
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More news from Uttar Pradesh and nearby areas
- हरदोई पुलिस अभिरक्षा मे पति ने पत्नी को मारी गोली कानून व्यवस्था पर खड़े हुए सवाल घटना के बाद परिसर मे मची अफरा तफरी गोली लगने से गंभीर रूप से घायल हुई महिला आनन फानन मे अस्पताल लेकर पहुंचे परिजन डॉक्टरों ने महिला की हालत को बताया नाजुक स्थानीय पुलिस ने आरोपी पति को अवैध तमंचे के साथ किया गिरफ्तार भारी आंख्या मे पुलिस बल तैनात पाली थाना परिसर का मामला2
- विवेकानंद यूथ अवॉर्ड से नवाजे जाएंगे पर्वतारोही अभिनीत मौर्य....1
- लखीमपुर खीरी मनरेगा बचाने को कांग्रेसियों का धरना प्रदर्शन लखीमपुर में केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर की नारेबाजी कार्रवाई की मांग आज दिनांक 11 जनवरी को जिला कांग्रेस कमेटी के तत्वाधान में शहर के अम्बेडकर पार्क में बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा के समक्ष एक दिवसीय उपवास प्रदर्शन मनरेगा बचाओ संग्राम के तहत जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष प्रहलाद पटेल की अगुवाई में किया गया l जिसमें जिला एवं नगर कांग्रेस कमेटी के पदाधिकारी तथा मनरेगा बचाओ संग्राम की कोऑर्डिनेटर शिप्रा अवस्थी अन्य वरिष्ठ कांग्रेस जन उपस्थित रहे l उपस्थित कांग्रेस जनों ने सबसे पहले पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री जी के चित्र पर माल्यार्पण कर भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की उनके बताए हुए मार्ग पर चलने का संकल्प भी लिया l उक्त प्रदर्शन को संबोधित करते हुए जिला अध्यक्ष प्रहलाद पटेल ने मनरेगा को गरीबों और ग्रामीण मजदूरों की जीवन रेखा बताया l उन्होंने कहा कि यह योजना करोड़ों लोगों को रोजगार देती है जिससे उनके परिवारों का भरण पोषण होता है कांग्रेस ने सरकार द्वारा मनरेगा का नाम बदलने या इसके स्वरूप से छेड़छाड़ करने को जनहित के खिलाफ बताया l साथ ही पटेल ने यह भी बताया कि मनरेगा कांग्रेस सरकार की देन है जिसने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती दी उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार इस योजना की पहचान बदलने का प्रयास करती है तो कांग्रेस इसका पुरजोर विरोध आगे भी करेगी l मनरेगा बचाओ संग्राम की हमारी प्रमुख चार मांगे हैं काम की गारंटी, मजदूरी की गारंटी, मनरेगा में किए गए बदलाव की तत्काल वापसी हो l काम के संवैधानिक अधिकारी की पूर्ण बहाली की जाए, न्यूनतम वेतन ₹400 किया जाए l नहीं तो यह संग्राम रुकने वाला नहीं l जिला कोऑर्डिनेटर शिप्रा अवस्थी ने अपने संबोधन में कहा कि मनरेगा को सिर्फ एक योजना नहीं बल्कि गरीबों के आत्मसम्मान और रोजगार की गारंटी बताया l उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार योजनाओं के नाम बदलकर जनता को भ्रमित करना चाहती है l जबकि जमीनी स्तर पर रोजगार और मजदूरी के मुद्दों पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है l उन्होंने कांग्रेस पार्टी द्वारा मनरेगा के अधिकार और अस्तित्व की रक्षा के लिए सड़क से लेकर संसद तक संघर्ष करने का संकल्प दिलाया l उक्त कार्यक्रम की जानकारी कांग्रेस प्रवक्ता रवि तिवारी ने जारी प्रेस विज्ञप्ति में दी l उक्त प्रदर्शन में प्रमुख रूप से उपस्थित शहर कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष रियाज अहमद मोनू, डॉ रईस अहमद उस्मानी, विपुल गुप्ता, के के मिश्रा अन्नू, वरिष्ठ कांग्रेसी इरफान किदवई, रामकुमार वर्मा, राजेश अवस्थी, जावेद अली, शाहजेंद्र दीक्षित, प्रेम वर्मा, अब्दुल कयूम, सुधीर शुक्ला, अनंत राम गौतम , राम शंकर पासी, मोहम्मद साबिर, अब्दुल जाफरी, राम सजीवन तिवारी मतीन आदि सैकड़ो कांग्रेसी उपस्थित रहे,,1
- Post by Shivpal yadav1
- दोस्तों बकरी चराना गलत बात है कि सही है भारतीय दिव्यांग यूनियन सदस्य सुभाष चंद्र1
- बैठक में कुर्सी नहीं मिलने पर भड़के BJP विधायक योगेश वर्मा नाराज होकर बाहर निकल उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी में प्रभारी मंत्री की अध्यक्षता में आयोजित एक सरकारी बैठक उस समय विवादों में आ गई, जब थप्पड़ कांड से सुर्खियों में रहे सदर भाजपा विधायक योगेश वर्मा को बैठक में बैठने के लिए कुर्सी नहीं मिली। इस बात से नाराज होकर विधायक अटल सभागार से बाहर निकल गए यह बैठक मनरेगा के बदले गए नाम ‘जी राम जी’ से जुड़े विषयों पर चर्चा के लिए जिले के प्रभारी मंत्री नितिन अग्रवाल की मौजूदगी में आयोजित की गई थी। बैठक में जिले के जनप्रतिनिधि, भाजपा पदाधिकारी और प्रशासनिक अधिकारी शामिल थे, लेकिन अव्यवस्थाओं के चलते माहौल तनावपूर्ण हो गया। कुर्सी न मिलने से भड़के विधायक सूत्रों के अनुसार, जैसे ही सदर विधायक योगेश वर्मा बैठक स्थल पर पहुंचे, उन्हें बैठने के लिए कोई कुर्सी उपलब्ध नहीं कराई गई, जबकि अन्य जनप्रतिनिधि पहले से ही अपनी-अपनी सीटों पर बैठे हुए थे। इसे प्रोटोकॉल की अनदेखी मानते हुए विधायक ने नाराजगी जाहिर की और बैठक छोड़कर बाहर चले गए। जहां एक तरफ सरकार सबका साथ सबका विकास की बात करती है लेकिन मंत्री की बैठक में विधायक को कुर्सी ना मिलना भी सवाल पैदा करता है वहीं पूरे मामले में विपक्ष भी कोई मौका नहीं छोड़ना चाहता है इस घटना के बाद जिले की राजनीति गरमा गई है। विपक्षी दलों ने इसे भाजपा की अंदरूनी कलह बताते हुए संगठनात्मक विफलता करार दिया है। वहीं भाजपा समर्थकों और कार्यकर्ताओं के बीच भी इसे लेकर चर्चाएं तेज हैं। कुछ लोग इसे प्रोटोकॉल की अनदेखी बता रहे हैं, जबकि कुछ इसे केवल व्यवस्थागत चूक मान रहे हैं। पूरे घटनाक्रम में कोई भी अधिकारी कुछ बोलने से बच रहे हैं और कुछ नहीं बोला।1
- परसेहरा गांव में हरेभरे प्रतिबंधित पेड़ लड़ कट्टू ने काट कर गिरा दिया संबंधित विभाग को तनिक भी भनक नहीं लगी1
- Post by Shivpal yadav1
- Post by सुभाष चंद्र जिला लखीमपुर खीरी1