बैठक में कुर्सी नहीं मिलने पर भड़के BJP विधायक योगेश वर्मा नाराज होकर बाहर निकल उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी में प्रभारी मंत्री की अध्यक्षता में आयोजित एक सरकारी बैठक उस समय विवादों में आ गई, जब थप्पड़ कांड से सुर्खियों में रहे सदर भाजपा विधायक योगेश वर्मा को बैठक में बैठने के लिए कुर्सी नहीं मिली। इस बात से नाराज होकर विधायक अटल सभागार से बाहर निकल गए यह बैठक मनरेगा के बदले गए नाम ‘जी राम जी’ से जुड़े विषयों पर चर्चा के लिए जिले के प्रभारी मंत्री नितिन अग्रवाल की मौजूदगी में आयोजित की गई थी। बैठक में जिले के जनप्रतिनिधि, भाजपा पदाधिकारी और प्रशासनिक अधिकारी शामिल थे, लेकिन अव्यवस्थाओं के चलते माहौल तनावपूर्ण हो गया। कुर्सी न मिलने से भड़के विधायक सूत्रों के अनुसार, जैसे ही सदर विधायक योगेश वर्मा बैठक स्थल पर पहुंचे, उन्हें बैठने के लिए कोई कुर्सी उपलब्ध नहीं कराई गई, जबकि अन्य जनप्रतिनिधि पहले से ही अपनी-अपनी सीटों पर बैठे हुए थे। इसे प्रोटोकॉल की अनदेखी मानते हुए विधायक ने नाराजगी जाहिर की और बैठक छोड़कर बाहर चले गए। जहां एक तरफ सरकार सबका साथ सबका विकास की बात करती है लेकिन मंत्री की बैठक में विधायक को कुर्सी ना मिलना भी सवाल पैदा करता है वहीं पूरे मामले में विपक्ष भी कोई मौका नहीं छोड़ना चाहता है इस घटना के बाद जिले की राजनीति गरमा गई है। विपक्षी दलों ने इसे भाजपा की अंदरूनी कलह बताते हुए संगठनात्मक विफलता करार दिया है। वहीं भाजपा समर्थकों और कार्यकर्ताओं के बीच भी इसे लेकर चर्चाएं तेज हैं। कुछ लोग इसे प्रोटोकॉल की अनदेखी बता रहे हैं, जबकि कुछ इसे केवल व्यवस्थागत चूक मान रहे हैं। पूरे घटनाक्रम में कोई भी अधिकारी कुछ बोलने से बच रहे हैं और कुछ नहीं बोला।
बैठक में कुर्सी नहीं मिलने पर भड़के BJP विधायक योगेश वर्मा नाराज होकर बाहर निकल उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी में प्रभारी मंत्री की अध्यक्षता में आयोजित एक सरकारी बैठक उस समय विवादों में आ गई, जब थप्पड़ कांड से सुर्खियों में रहे सदर भाजपा विधायक योगेश वर्मा को बैठक में बैठने के लिए कुर्सी नहीं मिली। इस बात से नाराज होकर विधायक अटल सभागार से बाहर निकल गए यह बैठक मनरेगा के बदले गए नाम ‘जी राम जी’ से जुड़े विषयों पर चर्चा के लिए जिले के प्रभारी मंत्री नितिन अग्रवाल की मौजूदगी में आयोजित की गई थी। बैठक में जिले के जनप्रतिनिधि, भाजपा पदाधिकारी और प्रशासनिक अधिकारी शामिल थे, लेकिन अव्यवस्थाओं के चलते माहौल तनावपूर्ण हो गया। कुर्सी न मिलने से भड़के विधायक सूत्रों के अनुसार, जैसे ही सदर विधायक योगेश वर्मा बैठक स्थल पर पहुंचे, उन्हें बैठने के लिए कोई कुर्सी उपलब्ध नहीं कराई गई, जबकि अन्य जनप्रतिनिधि पहले से ही अपनी-अपनी सीटों पर बैठे हुए थे। इसे प्रोटोकॉल की अनदेखी मानते हुए विधायक ने नाराजगी जाहिर की और बैठक छोड़कर बाहर चले गए। जहां एक तरफ सरकार सबका साथ सबका विकास की बात करती है लेकिन मंत्री की बैठक में विधायक को कुर्सी ना मिलना भी सवाल पैदा करता है वहीं पूरे मामले में विपक्ष भी कोई मौका नहीं छोड़ना चाहता है इस घटना के बाद जिले की राजनीति गरमा गई है। विपक्षी दलों ने इसे भाजपा की अंदरूनी कलह बताते हुए संगठनात्मक विफलता करार दिया है। वहीं भाजपा समर्थकों और कार्यकर्ताओं के बीच भी इसे लेकर चर्चाएं तेज हैं। कुछ लोग इसे प्रोटोकॉल की अनदेखी बता रहे हैं, जबकि कुछ इसे केवल व्यवस्थागत चूक मान रहे हैं। पूरे घटनाक्रम में कोई भी अधिकारी कुछ बोलने से बच रहे हैं और कुछ नहीं बोला।
- बैठक में कुर्सी नहीं मिलने पर भड़के BJP विधायक योगेश वर्मा नाराज होकर बाहर निकल उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी में प्रभारी मंत्री की अध्यक्षता में आयोजित एक सरकारी बैठक उस समय विवादों में आ गई, जब थप्पड़ कांड से सुर्खियों में रहे सदर भाजपा विधायक योगेश वर्मा को बैठक में बैठने के लिए कुर्सी नहीं मिली। इस बात से नाराज होकर विधायक अटल सभागार से बाहर निकल गए यह बैठक मनरेगा के बदले गए नाम ‘जी राम जी’ से जुड़े विषयों पर चर्चा के लिए जिले के प्रभारी मंत्री नितिन अग्रवाल की मौजूदगी में आयोजित की गई थी। बैठक में जिले के जनप्रतिनिधि, भाजपा पदाधिकारी और प्रशासनिक अधिकारी शामिल थे, लेकिन अव्यवस्थाओं के चलते माहौल तनावपूर्ण हो गया। कुर्सी न मिलने से भड़के विधायक सूत्रों के अनुसार, जैसे ही सदर विधायक योगेश वर्मा बैठक स्थल पर पहुंचे, उन्हें बैठने के लिए कोई कुर्सी उपलब्ध नहीं कराई गई, जबकि अन्य जनप्रतिनिधि पहले से ही अपनी-अपनी सीटों पर बैठे हुए थे। इसे प्रोटोकॉल की अनदेखी मानते हुए विधायक ने नाराजगी जाहिर की और बैठक छोड़कर बाहर चले गए। जहां एक तरफ सरकार सबका साथ सबका विकास की बात करती है लेकिन मंत्री की बैठक में विधायक को कुर्सी ना मिलना भी सवाल पैदा करता है वहीं पूरे मामले में विपक्ष भी कोई मौका नहीं छोड़ना चाहता है इस घटना के बाद जिले की राजनीति गरमा गई है। विपक्षी दलों ने इसे भाजपा की अंदरूनी कलह बताते हुए संगठनात्मक विफलता करार दिया है। वहीं भाजपा समर्थकों और कार्यकर्ताओं के बीच भी इसे लेकर चर्चाएं तेज हैं। कुछ लोग इसे प्रोटोकॉल की अनदेखी बता रहे हैं, जबकि कुछ इसे केवल व्यवस्थागत चूक मान रहे हैं। पूरे घटनाक्रम में कोई भी अधिकारी कुछ बोलने से बच रहे हैं और कुछ नहीं बोला।1
- In the cosmic dance of existence, where destruction meets creation, Shiva and Parvati remain the eternal heartbeat of the universe. 💙 He, the ascetic yogi smeared in ashes, finds his completeness in Her tender gaze. She, the fierce yet loving Shakti, transforms his stillness into divine ecstasy. Together they are Ardhanarishvara — one soul in two forms, reminding us that true love balances power with surrender, wildness with serenity. 🕉️✨ May Mahadev & Maa Parvati bless every heart with such unbreakable, soul-deep love. Har Har Mahadev! 🚩💞1
- Post by सुभाष चंद्र जिला लखीमपुर खीरी1
- बरवर। चौकी क्षेत्र के दिलवाल नगर में शॉर्ट सर्किट से तीन घरों में आग लग गई। आग की चपेट में आकर तीनों घरों की पूरी गृहस्थी जलकर राख हो गई। घटना से इलाके में अफरा-तफरी मच गई। सूचना पर पहुंचे लोगों ने आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक भारी नुकसान हो चुका1
- एफआईआर दर्ज न होने पर हिंदू संगठन के कार्यकर्ताओं ने चौक कोतवाली का घेराव किया शाहजहांपुर। चौक कोतवाली क्षेत्र में एक मामले में एफआईआर दर्ज न किए जाने से नाराज हिंदू संगठन के कार्यकर्ताओं ने कोतवाली पहुंचकर प्रदर्शन किया और घेराव किया। कार्यकर्ताओं ने पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए शीघ्र कार्रवाई की मांग की। सूचना पर पहुंचे अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों को समझा-बुझाकर शांत कराया और मामले में उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया।1
- जैतीपुर पुलिस ने पॉक्सो एक्ट के वांछित अभियुक्त को किया गिरफ्तार1
- आयुष्मान भारत योजना से जनपद में 1.19 लाख से अधिक मरीजों को मिला निःशुल्क उपचार का लाभ शाहजहांपुर, 11 जनवरी। आयुष्मान भारत–प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना जनपद के गरीब और कमजोर वर्गों के लिए संजीवनी साबित हो रही है। योजना के तहत अब तक 1,19,482 लाभार्थियों को निःशुल्क उपचार का लाभ दिया जा चुका है। वहीं 10,20,570 लाभार्थियों के आयुष्मान गोल्डन कार्ड बनाए जा चुके हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू की गई इस योजना का उद्देश्य समाज के आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को गुणवत्तापूर्ण और निःशुल्क चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना है। योजना के अंतर्गत सूचीबद्ध सरकारी व निजी चिकित्सालयों में भर्ती होने पर प्रति परिवार प्रतिवर्ष पांच लाख रुपये तक का निःशुल्क इलाज उपलब्ध कराया जाता है। योजना में 1949 मेडिकल पैकेज शामिल हैं, जिनमें हृदय रोग, किडनी रोग, कैंसर, घुटना प्रत्यारोपण, मोतियाबिंद व सामान्य सर्जरी जैसी गंभीर बीमारियों का इलाज शामिल है। जनपद में आयुष्मान योजना से जुड़े 46 सरकारी चिकित्सालय हैं, जिनमें दो संयुक्त जिला अस्पताल (पुरुष/महिला), 15 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और 29 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र शामिल हैं। इसके अलावा 90 निजी चिकित्सालयों में से 22 अस्पताल आयुष्मान योजना से संबद्ध हैं, जबकि चार अस्पतालों के आवेदन प्रक्रियाधीन हैं। मुख्य चिकित्सा अधिकारी द्वारा निजी अस्पतालों को योजना से जोड़ने के लिए नियमित रूप से बैठकें की जा रही हैं। आंकड़ों के अनुसार जनपद में योजना के अंतर्गत 2,98,900 परिवार और 12,70,293 लाभार्थी चिन्हित किए गए हैं। इनमें ग्रामीण क्षेत्र के 10,21,366 और शहरी क्षेत्र के 2,48,927 लाभार्थी शामिल हैं। वहीं, प्रधानमंत्री द्वारा 29 अक्टूबर 2024 को शुरू किए गए आयुष्मान वय वंदना कार्ड के अंतर्गत जनपद में 70 वर्ष से अधिक आयु के 25,476 बुजुर्गों का पंजीकरण किया जा चुका है। योजना का लाभ ले चुके लाभार्थियों ने बताया कि आयुष्मान कार्ड से कूल्हा प्रत्यारोपण जैसे महंगे ऑपरेशन भी निःशुल्क हो सके। गरीब परिवारों को बेहतर इलाज मिलने से उनके चेहरे पर राहत और मुस्कान साफ नजर आ रही है।2
- In the cosmic dance of existence, where destruction meets creation, Shiva and Parvati remain the eternal heartbeat of the universe. 💙 He, the ascetic yogi smeared in ashes, finds his completeness in Her tender gaze. She, the fierce yet loving Shakti, transforms his stillness into divine ecstasy. Together they are Ardhanarishvara — one soul in two forms, reminding us that true love balances power with surrender, wildness with serenity. 🕉️✨ May Mahadev & Maa Parvati bless every heart with such unbreakable, soul-deep love. Har Har Mahadev! 🚩💞1