फतेहपुर के हथगांव थाने के मऊपारा मोहल्ले से एक गंभीर मामला सामने आया है, जहाँ सेवानिवृत्त शिक्षिका शीला गुप्ता, जो सरजू प्रसाद गुप्ता की पत्नी हैं, का परिवार जानमाल के खतरे का सामना कर रहा है। आरोप है कि उनके पड़ोसी राजेन्द्र प्रसाद गुप्ता और उनके लड़के की नीयत शिक्षिका की जमीन पर खराब है। कई हथकंडे अपनाने के बाद, मनबढ़ राजेन्द्र अब शिक्षिका के परिवार को जान से मार डालने और उनके शवों को गंगा में फेंकवाने की खुली धमकी दे रहा है। शिक्षिका के घर पर ईंटें फेंकने और माँ-बहन की गालियाँ देने की घटनाएँ सीसीटीवी फुटेज में भी कैद हैं, जो उनकी दबंगई को स्पष्ट रूप से दर्शाती हैं। शिक्षिका ने जब इस मामले की शिकायत लेकर जिलाधिकारी (डीएम) से मुलाकात की, तो पड़ोसी राजेन्द्र गुप्ता भी उनके पीछे-पीछे कचहरी के समीप पहुँच गया और सेवानिवृत्त शिक्षिका व उनकी बेटी को मारने का प्रयास किया। इस घटना की जानकारी मिलने पर डीएम ने पुलिस सुरक्षा के साथ माँ और बेटी को उनके घर तक भिजवाया। यह घटना राजेंद्र की हिम्मत को दर्शाता है कि वह दिनदहाड़े ऐसी कार्रवाई कर जिला एवं पुलिस प्रशासन को खुली चुनौती दे रहा है। इस विषय पर प्रशासन से कड़ी कार्रवाई की माँग की जा रही है ताकि शिक्षिका शीला गुप्ता को न्याय मिल सके। यह घटना एक शिक्षित समाज को बिखेर रही है, और इस पर सवाल उठाया जा रहा है कि थाना अध्यक्ष इस मामले को क्यों नहीं सुलझा पा रहे हैं।
फतेहपुर के हथगांव थाने के मऊपारा मोहल्ले से एक गंभीर मामला सामने आया है, जहाँ सेवानिवृत्त शिक्षिका शीला गुप्ता, जो सरजू प्रसाद गुप्ता की पत्नी हैं, का परिवार जानमाल के खतरे का सामना कर रहा है। आरोप है कि उनके पड़ोसी राजेन्द्र प्रसाद गुप्ता और उनके लड़के की नीयत शिक्षिका की जमीन पर खराब है। कई हथकंडे अपनाने के बाद, मनबढ़ राजेन्द्र अब शिक्षिका के परिवार को जान से मार डालने और उनके शवों को गंगा में फेंकवाने की खुली धमकी दे रहा है। शिक्षिका के घर पर ईंटें फेंकने और माँ-बहन की गालियाँ देने की घटनाएँ सीसीटीवी फुटेज में भी कैद हैं, जो उनकी दबंगई को स्पष्ट रूप से दर्शाती हैं। शिक्षिका ने जब इस मामले की शिकायत लेकर जिलाधिकारी (डीएम) से मुलाकात की, तो पड़ोसी राजेन्द्र गुप्ता भी उनके पीछे-पीछे कचहरी के समीप पहुँच गया और सेवानिवृत्त शिक्षिका व उनकी बेटी को मारने का प्रयास किया। इस घटना की जानकारी मिलने पर डीएम ने पुलिस सुरक्षा के साथ माँ और बेटी को उनके घर तक भिजवाया। यह घटना राजेंद्र की हिम्मत को दर्शाता है कि वह दिनदहाड़े ऐसी कार्रवाई कर जिला एवं पुलिस प्रशासन को खुली चुनौती दे रहा है। इस विषय पर प्रशासन से कड़ी कार्रवाई की माँग की जा रही है ताकि शिक्षिका शीला गुप्ता को न्याय मिल सके। यह घटना एक शिक्षित समाज को बिखेर रही है, और इस पर सवाल उठाया जा रहा है कि थाना अध्यक्ष इस मामले को क्यों नहीं सुलझा पा रहे हैं।
- उत्तर प्रदेश के फतेहपुर में साइबर क्राइम थाना पुलिस ने रोडवेज बसों में यात्रियों को नशीला पदार्थ सुंघाकर लूटने वाले एक अंतर्राज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने इस गिरोह के एक सक्रिय सदस्य को गिरफ्तार कर उसके पास से 1 लाख 25 हजार रुपये नकद और दो मोबाइल फोन बरामद किए हैं। हालांकि, गिरोह का मुख्य आरोपी और हिस्ट्रीशीटर पिता अभी पुलिस की पकड़ से बाहर है, जिसकी तलाश में पुलिस की टीमें लगातार दबिश दे रही हैं। पुलिस के अनुसार, साइबर क्राइम थाना पुलिस ने बुधवार और गुरुवार की दरमियानी रात करीब डेढ़ बजे ज्वालागंज बस स्टैंड के पास से हरदोई जिले के पिहानी थाना क्षेत्र के मोहल्ला मिश्राना निवासी 23 वर्षीय हर्षित कुमार जोशी को गिरफ्तार किया। तलाशी के दौरान उसके कब्जे से 1 लाख 25 हजार रुपये नकद और दो मोबाइल फोन मिले। पुलिस अधीक्षक अभिमन्यु मांगलिक ने बताया कि आरोपी अपने पिता के साथ मिलकर लंबे समय से रोडवेज बसों में अकेले सफर करने वाले यात्रियों को निशाना बना रहे थे। वे पहले यात्रियों से बातचीत कर उनका विश्वास जीतते थे, फिर उन्हें नशीला पदार्थ सुंघाकर बेहोश कर देते थे और उनके मोबाइल, पर्स, एटीएम कार्ड तथा आधार कार्ड चोरी कर लेते थे। चोरी किए गए एटीएम कार्ड और मोबाइल का इस्तेमाल कर आरोपी पीड़ितों के खातों से रुपये निकालते थे। जांच में सामने आया कि 29 अप्रैल को जमरावां निवासी कुलदीप कुमार के खाते से 98,500 रुपये और 5 जून को ताम्बेश्वर नगर निवासी विवेक कुमार के खाते से 1 लाख 44 हजार रुपये एटीएम और यूपीआई के माध्यम से निकाले गए थे। आरोपी इसके लिए फर्रुखाबाद, शाहजहांपुर और लखनऊ जाते थे, जहां बैंक कस्टमर केयर की मदद से एटीएम पिन रीसेट करवाते और ओटीपी के जरिए नया पिन बनाकर रकम निकाल लेते थे। निकासी की सीमा पूरी होने पर वे मॉल में खरीदारी कर यूपीआई के माध्यम से भी रकम ट्रांसफर करते थे। पूछताछ के दौरान गिरफ्तार आरोपी हर्षित ने बताया कि उसका पिता उसे चोरी किए गए मोबाइल और एटीएम कार्ड देता था और दोनों मिलकर लंबे समय से इन वारदातों को अंजाम दे रहे थे। पुलिस ने गिरफ्तार आरोपी हर्षित को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया है, जबकि उसके फरार पिता की गिरफ्तारी के लिए तलाश जारी है।1
- उत्तर प्रदेश के फतेहपुर में पुलिस ने एक विशेष अभियान चलाकर 113 खोए और चोरी हुए मोबाइल फोन बरामद किए हैं, जिनकी अनुमानित कीमत लगभग 17 लाख रुपये बताई जा रही है। इन फोनों को उनके असली मालिकों को वापस सौंप दिया गया है, जिससे लोगों के चेहरों पर खुशी लौट आई है। यह सराहनीय कार्य पुलिस अधीक्षक अभिमन्यु मांगलिक के निर्देशन में जिले की पुलिस और साइबर सेल टीम ने सीईआईआर पोर्टल की मदद से किया। पुलिस लाइन में आयोजित एक प्रेस वार्ता के दौरान एसपी अभिमन्यु मांगलिक ने स्वयं मोबाइल मालिकों को उनके फोन लौटाए। अपना खोया हुआ मोबाइल वापस पाकर लोग बेहद प्रसन्न हुए और उन्होंने फतेहपुर पुलिस के इस कार्य की जमकर प्रशंसा की।1
- फतेहपुर जिले......1
- फतेहपुर के हथगांव थाने के मऊपारा मोहल्ले से एक गंभीर मामला सामने आया है, जहाँ सेवानिवृत्त शिक्षिका शीला गुप्ता, जो सरजू प्रसाद गुप्ता की पत्नी हैं, का परिवार जानमाल के खतरे का सामना कर रहा है। आरोप है कि उनके पड़ोसी राजेन्द्र प्रसाद गुप्ता और उनके लड़के की नीयत शिक्षिका की जमीन पर खराब है। कई हथकंडे अपनाने के बाद, मनबढ़ राजेन्द्र अब शिक्षिका के परिवार को जान से मार डालने और उनके शवों को गंगा में फेंकवाने की खुली धमकी दे रहा है। शिक्षिका के घर पर ईंटें फेंकने और माँ-बहन की गालियाँ देने की घटनाएँ सीसीटीवी फुटेज में भी कैद हैं, जो उनकी दबंगई को स्पष्ट रूप से दर्शाती हैं। शिक्षिका ने जब इस मामले की शिकायत लेकर जिलाधिकारी (डीएम) से मुलाकात की, तो पड़ोसी राजेन्द्र गुप्ता भी उनके पीछे-पीछे कचहरी के समीप पहुँच गया और सेवानिवृत्त शिक्षिका व उनकी बेटी को मारने का प्रयास किया। इस घटना की जानकारी मिलने पर डीएम ने पुलिस सुरक्षा के साथ माँ और बेटी को उनके घर तक भिजवाया। यह घटना राजेंद्र की हिम्मत को दर्शाता है कि वह दिनदहाड़े ऐसी कार्रवाई कर जिला एवं पुलिस प्रशासन को खुली चुनौती दे रहा है। इस विषय पर प्रशासन से कड़ी कार्रवाई की माँग की जा रही है ताकि शिक्षिका शीला गुप्ता को न्याय मिल सके। यह घटना एक शिक्षित समाज को बिखेर रही है, और इस पर सवाल उठाया जा रहा है कि थाना अध्यक्ष इस मामले को क्यों नहीं सुलझा पा रहे हैं।1
- फतेहपुर पुलिस ने चोरी हुए और खोए हुए 113 मल्टीमीडिया मोबाइल फोन बरामद कर एक बार फिर बड़ी सफलता हासिल की है। इन फोनों की अनुमानित कीमत लगभग 17 लाख रुपये आंकी गई है, जिन्हें उनके वास्तविक मालिकों को सौंप दिया गया है। पुलिस अधीक्षक अभिमन्यु मांगलिक के निर्देश पर चलाए गए एक विशेष अभियान के तहत, CEIR पोर्टल (Central Equipment Identity Register) से प्राप्त जानकारी के आधार पर यह महत्वपूर्ण कार्रवाई की गई। पुलिस की टीम ने विभिन्न पुलिस थानों से मिली खोए हुए फोनों की शिकायतों पर काम करते हुए उन्हें सफलतापूर्वक ट्रेस कर बरामद किया। SP अभिमन्यु मांगलिक ने इस संबंध में बताया कि हर महीने की तरह इस बार भी CEIR पोर्टल का उपयोग कर इन खोए या चोरी हुए मोबाइल फोनों को ढूंढा गया है। उन्होंने जनता से अपील की है कि फोन खोने या चोरी होने पर तुरंत CEIR पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं, जिससे पुलिस को त्वरित जानकारी मिल सके और फोन को जल्दी ट्रेस किया जा सके। पुलिस बरामद फोन में सिम सक्रिय होने या डिवाइस लोकेट होने पर मालिकों से संपर्क करती है और उन्हें पुलिस लाइन बुलाकर फोन सौंपती है। यह अभियान फतेहपुर पुलिस की साइबर क्राइम और प्रॉपर्टी क्राइम की रोकथाम में निरंतर सक्रियता को दर्शाता है। पुलिस ने इससे पहले भी सैकड़ों मोबाइल फोन मालिकों को वापस लौटाए हैं, जिससे आम जनता के बीच पुलिस की छवि लगातार मजबूत हुई है और विश्वास बढ़ा है।1
- रायबरेली के सलोन में 30 जून को हुए एक सड़क हादसे में मेवालाल की मौत हो गई थी, जिसके बाद लोगों ने हाईवे जाम कर दिया था। इस मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए पूर्व ब्लॉक प्रमुख कुंवर आजाद सिंह सहित 13 नामजद लोगों और 200 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। पूर्व ब्लॉक प्रमुख कुंवर आजाद सिंह ने इस मामले में अपनी सफाई दी है। उनका कहना है कि वे स्वयं एसडीएम के बुलावे पर जाम खुलवाने के लिए मौके पर गए थे और उन्होंने लोगों को शांत कराने का प्रयास किया था। कुंवर आजाद सिंह का दावा है कि पुलिस पर पथराव अराजक तत्वों द्वारा किया गया था, जिसकी जानकारी वह संबंधित अधिकारियों को देंगे।1
- उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले में साइबर क्राइम थाना पुलिस ने रोडवेज बसों में यात्रियों को नशीला पदार्थ सुंघाकर लूटने वाले एक अंतर्राज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इस गिरोह के एक सक्रिय सदस्य 23 वर्षीय हर्षित कुमार जोशी को बुधवार और गुरुवार की दरमियानी रात करीब डेढ़ बजे ज्वालागंज बस स्टैंड के पास से गिरफ्तार किया है। आरोपी हरदोई जिले के पिहानी थाना क्षेत्र के मोहल्ला मिश्राना का निवासी है। गिरफ्तारी के दौरान उसके कब्जे से 1 लाख 25 हजार रुपये नकद और दो मोबाइल फोन बरामद हुए हैं। इस गिरोह का मुख्य आरोपी और हर्षित का पिता, जो कि एक हिस्ट्रीशीटर भी है, अभी भी फरार है, जिसकी तलाश में पुलिस की टीमें लगातार दबिश दे रही हैं। पुलिस अधीक्षक अभिमन्यु मांगलिक ने बताया कि आरोपी अपने पिता के साथ मिलकर लंबे समय से रोडवेज बसों में अकेले सफर करने वाले यात्रियों को निशाना बनाते थे। वे पहले यात्रियों से बातचीत कर उनका विश्वास जीतते थे, फिर उन्हें नशीला पदार्थ सुंघाकर बेहोश कर देते थे। इसके बाद उनके मोबाइल, पर्स, एटीएम कार्ड और आधार कार्ड चोरी कर लेते थे। चोरी किए गए एटीएम कार्ड और मोबाइल का इस्तेमाल कर खातों से रुपये निकाले जाते थे। जांच में सामने आया कि 29 अप्रैल को जमरावां निवासी कुलदीप कुमार के खाते से 98,500 रुपये और 5 जून को ताम्बेश्वर नगर निवासी विवेक कुमार के खाते से 1 लाख 44 हजार रुपये एटीएम और यूपीआई के माध्यम से निकाले गए थे। आरोपी फर्रुखाबाद, शाहजहांपुर और लखनऊ जाकर बैंक कस्टमर केयर की मदद से एटीएम पिन रीसेट करवाता था और ओटीपी के जरिए नया पिन बनाकर रकम निकाल लेता था। निकासी की सीमा पूरी होने पर वे मॉल में खरीदारी कर यूपीआई के माध्यम से भी रकम ट्रांसफर करते थे। पूछताछ में हर्षित ने स्वीकार किया कि उसका पिता उसे चोरी किए गए मोबाइल और एटीएम कार्ड देता था और दोनों मिलकर इन वारदातों को अंजाम दे रहे थे। गिरफ्तार आरोपी को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया है, जबकि उसके फरार पिता की गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है।1
- आकाशीय बिजली गिरने की घटनाओं में अलग-अलग स्थानों पर कुल दो लोगों की जान चली गई।1