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रायबरेली के सलोन में 30 जून को हुए एक सड़क हादसे में मेवालाल की मौत हो गई थी, जिसके बाद लोगों ने हाईवे जाम कर दिया था। इस मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए पूर्व ब्लॉक प्रमुख कुंवर आजाद सिंह सहित 13 नामजद लोगों और 200 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। पूर्व ब्लॉक प्रमुख कुंवर आजाद सिंह ने इस मामले में अपनी सफाई दी है। उनका कहना है कि वे स्वयं एसडीएम के बुलावे पर जाम खुलवाने के लिए मौके पर गए थे और उन्होंने लोगों को शांत कराने का प्रयास किया था। कुंवर आजाद सिंह का दावा है कि पुलिस पर पथराव अराजक तत्वों द्वारा किया गया था, जिसकी जानकारी वह संबंधित अधिकारियों को देंगे।
Balvant singh Press
रायबरेली के सलोन में 30 जून को हुए एक सड़क हादसे में मेवालाल की मौत हो गई थी, जिसके बाद लोगों ने हाईवे जाम कर दिया था। इस मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए पूर्व ब्लॉक प्रमुख कुंवर आजाद सिंह सहित 13 नामजद लोगों और 200 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। पूर्व ब्लॉक प्रमुख कुंवर आजाद सिंह ने इस मामले में अपनी सफाई दी है। उनका कहना है कि वे स्वयं एसडीएम के बुलावे पर जाम खुलवाने के लिए मौके पर गए थे और उन्होंने लोगों को शांत कराने का प्रयास किया था। कुंवर आजाद सिंह का दावा है कि पुलिस पर पथराव अराजक तत्वों द्वारा किया गया था, जिसकी जानकारी वह संबंधित अधिकारियों को देंगे।
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- रायबरेली के सलोन में 30 जून को हुए एक सड़क हादसे में मेवालाल की मौत हो गई थी, जिसके बाद लोगों ने हाईवे जाम कर दिया था। इस मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए पूर्व ब्लॉक प्रमुख कुंवर आजाद सिंह सहित 13 नामजद लोगों और 200 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। पूर्व ब्लॉक प्रमुख कुंवर आजाद सिंह ने इस मामले में अपनी सफाई दी है। उनका कहना है कि वे स्वयं एसडीएम के बुलावे पर जाम खुलवाने के लिए मौके पर गए थे और उन्होंने लोगों को शांत कराने का प्रयास किया था। कुंवर आजाद सिंह का दावा है कि पुलिस पर पथराव अराजक तत्वों द्वारा किया गया था, जिसकी जानकारी वह संबंधित अधिकारियों को देंगे।1
- गुरुवार शाम रायबरेली के खीरो थाना क्षेत्र के सराय महमूद गांव में आकाशीय बिजली गिरने से एक हृदयविदारक घटना सामने आई है, जिसमें सात वर्षीय अभिषेक उर्फ अभी और उसकी पांच वर्षीय बहन अंजली की दर्दनाक मौत हो गई। इस हादसे से पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई है। मिली जानकारी के अनुसार, दोनों बच्चों की मां कांती बारिश थमने के बाद उन्हें साथ लेकर खेत में धान की बेड़न देखने गई थीं। रास्ते में अचानक तेज गर्जना के साथ बिजली गिरने से दोनों मासूम बच्चे उसकी चपेट में आ गए। संयोगवश, उनकी मां कांती, जो थोड़ा पीछे थीं, इस हादसे में बाल-बाल बच गईं। घटना के तुरंत बाद, परिजन दोनों बच्चों को तत्काल सीएचसी खीरो ले गए, लेकिन वहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इस दुखद घटना के बाद पीड़ित परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है।1
- रायबरेली जिले के डीह ब्लॉक की मझिलहा ग्राम पंचायत में केंद्र सरकार की नई ग्रामीण रोजगार योजना 'वीबी-जी राम जी' (विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन-ग्रामीण) पर एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। ग्रामीणों को बताया गया कि यह योजना 1 जुलाई 2026 से पूरे देश में लागू होगी और पूर्ववर्ती मनरेगा का स्थान लेगी। इसका मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और आजीविका के अवसरों को बढ़ाना है, साथ ही श्रमिकों के अधिकारों और लाभों को मजबूत करना है। योजना के तहत, ग्रामीण श्रमिकों के लिए मजदूरी और कार्यदिवस में बड़े बदलाव किए गए हैं। उत्तर प्रदेश में अकुशल श्रमिकों की न्यूनतम दैनिक मजदूरी ₹252 से बढ़ाकर ₹300 प्रतिदिन कर दी गई है। इसके अतिरिक्त, ग्रामीण परिवारों को अब एक वित्तीय वर्ष में 100 दिन के बजाय 125 दिन के रोजगार की कानूनी गारंटी मिलेगी। वेतन भुगतान को अधिक पारदर्शी और त्वरित बनाने के लिए काम पूरा होने के 15 दिनों के भीतर सीधे बैंक खाते (DBT) में भेजने की व्यवस्था की गई है। किसानों की सुविधा के लिए, खेती के मुख्य सीजन (बुवाई और कटाई) के दौरान 60 दिनों का 'नो-वर्क पीरियड' भी निर्धारित किया गया है, ताकि कृषि कार्य प्रभावित न हों। ग्राम विकास अधिकारी सुभाष सिंह और पूर्व ग्राम प्रधान नागेंद्र शुक्ला की अगुवाई में हुई इस बैठक में बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। कार्यक्रम में महिलाओं ने विशेष रूप से सक्रिय भूमिका निभाई और योजना की बारीकियों को समझा। इस अवसर पर सफाई कर्मी मूलचंद और समानता साथी व समाजसेवी बृज किशोर ओझा भी उपस्थित थे।1
- पिछवाड़ा से बिंदा गंज को जोड़ने वाली सड़क की अत्यंत खराब हालत पर लोगों ने गहरा आक्रोश व्यक्त किया है। इस स्थिति को लेकर सवाल उठाया गया है कि क्या सड़कों की यह दयनीय दशा ही “विकास” है, जो केवल नाम के लिए हो रहा है, और इस पर तीव्र निराशा जताई गई है। जनता ने पूछा है कि आखिर वास्तविक विकास कब तक होगा, और इस मामले पर समाचार माध्यमों को ध्यान देना चाहिए।1
- उत्तर प्रदेश के फतेहपुर में साइबर क्राइम थाना पुलिस ने रोडवेज बसों में यात्रियों को नशीला पदार्थ सुंघाकर लूटने वाले एक अंतर्राज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने इस गिरोह के एक सक्रिय सदस्य को गिरफ्तार कर उसके पास से 1 लाख 25 हजार रुपये नकद और दो मोबाइल फोन बरामद किए हैं। हालांकि, गिरोह का मुख्य आरोपी और हिस्ट्रीशीटर पिता अभी पुलिस की पकड़ से बाहर है, जिसकी तलाश में पुलिस की टीमें लगातार दबिश दे रही हैं। पुलिस के अनुसार, साइबर क्राइम थाना पुलिस ने बुधवार और गुरुवार की दरमियानी रात करीब डेढ़ बजे ज्वालागंज बस स्टैंड के पास से हरदोई जिले के पिहानी थाना क्षेत्र के मोहल्ला मिश्राना निवासी 23 वर्षीय हर्षित कुमार जोशी को गिरफ्तार किया। तलाशी के दौरान उसके कब्जे से 1 लाख 25 हजार रुपये नकद और दो मोबाइल फोन मिले। पुलिस अधीक्षक अभिमन्यु मांगलिक ने बताया कि आरोपी अपने पिता के साथ मिलकर लंबे समय से रोडवेज बसों में अकेले सफर करने वाले यात्रियों को निशाना बना रहे थे। वे पहले यात्रियों से बातचीत कर उनका विश्वास जीतते थे, फिर उन्हें नशीला पदार्थ सुंघाकर बेहोश कर देते थे और उनके मोबाइल, पर्स, एटीएम कार्ड तथा आधार कार्ड चोरी कर लेते थे। चोरी किए गए एटीएम कार्ड और मोबाइल का इस्तेमाल कर आरोपी पीड़ितों के खातों से रुपये निकालते थे। जांच में सामने आया कि 29 अप्रैल को जमरावां निवासी कुलदीप कुमार के खाते से 98,500 रुपये और 5 जून को ताम्बेश्वर नगर निवासी विवेक कुमार के खाते से 1 लाख 44 हजार रुपये एटीएम और यूपीआई के माध्यम से निकाले गए थे। आरोपी इसके लिए फर्रुखाबाद, शाहजहांपुर और लखनऊ जाते थे, जहां बैंक कस्टमर केयर की मदद से एटीएम पिन रीसेट करवाते और ओटीपी के जरिए नया पिन बनाकर रकम निकाल लेते थे। निकासी की सीमा पूरी होने पर वे मॉल में खरीदारी कर यूपीआई के माध्यम से भी रकम ट्रांसफर करते थे। पूछताछ के दौरान गिरफ्तार आरोपी हर्षित ने बताया कि उसका पिता उसे चोरी किए गए मोबाइल और एटीएम कार्ड देता था और दोनों मिलकर लंबे समय से इन वारदातों को अंजाम दे रहे थे। पुलिस ने गिरफ्तार आरोपी हर्षित को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया है, जबकि उसके फरार पिता की गिरफ्तारी के लिए तलाश जारी है।1
- फतेहपुर पुलिस ने चोरी हुए और खोए हुए 113 मल्टीमीडिया मोबाइल फोन बरामद कर एक बार फिर बड़ी सफलता हासिल की है। इन फोनों की अनुमानित कीमत लगभग 17 लाख रुपये आंकी गई है, जिन्हें उनके वास्तविक मालिकों को सौंप दिया गया है। पुलिस अधीक्षक अभिमन्यु मांगलिक के निर्देश पर चलाए गए एक विशेष अभियान के तहत, CEIR पोर्टल (Central Equipment Identity Register) से प्राप्त जानकारी के आधार पर यह महत्वपूर्ण कार्रवाई की गई। पुलिस की टीम ने विभिन्न पुलिस थानों से मिली खोए हुए फोनों की शिकायतों पर काम करते हुए उन्हें सफलतापूर्वक ट्रेस कर बरामद किया। SP अभिमन्यु मांगलिक ने इस संबंध में बताया कि हर महीने की तरह इस बार भी CEIR पोर्टल का उपयोग कर इन खोए या चोरी हुए मोबाइल फोनों को ढूंढा गया है। उन्होंने जनता से अपील की है कि फोन खोने या चोरी होने पर तुरंत CEIR पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं, जिससे पुलिस को त्वरित जानकारी मिल सके और फोन को जल्दी ट्रेस किया जा सके। पुलिस बरामद फोन में सिम सक्रिय होने या डिवाइस लोकेट होने पर मालिकों से संपर्क करती है और उन्हें पुलिस लाइन बुलाकर फोन सौंपती है। यह अभियान फतेहपुर पुलिस की साइबर क्राइम और प्रॉपर्टी क्राइम की रोकथाम में निरंतर सक्रियता को दर्शाता है। पुलिस ने इससे पहले भी सैकड़ों मोबाइल फोन मालिकों को वापस लौटाए हैं, जिससे आम जनता के बीच पुलिस की छवि लगातार मजबूत हुई है और विश्वास बढ़ा है।1
- उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले में साइबर क्राइम थाना पुलिस ने रोडवेज बसों में यात्रियों को नशीला पदार्थ सुंघाकर लूटने वाले एक अंतर्राज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इस गिरोह के एक सक्रिय सदस्य 23 वर्षीय हर्षित कुमार जोशी को बुधवार और गुरुवार की दरमियानी रात करीब डेढ़ बजे ज्वालागंज बस स्टैंड के पास से गिरफ्तार किया है। आरोपी हरदोई जिले के पिहानी थाना क्षेत्र के मोहल्ला मिश्राना का निवासी है। गिरफ्तारी के दौरान उसके कब्जे से 1 लाख 25 हजार रुपये नकद और दो मोबाइल फोन बरामद हुए हैं। इस गिरोह का मुख्य आरोपी और हर्षित का पिता, जो कि एक हिस्ट्रीशीटर भी है, अभी भी फरार है, जिसकी तलाश में पुलिस की टीमें लगातार दबिश दे रही हैं। पुलिस अधीक्षक अभिमन्यु मांगलिक ने बताया कि आरोपी अपने पिता के साथ मिलकर लंबे समय से रोडवेज बसों में अकेले सफर करने वाले यात्रियों को निशाना बनाते थे। वे पहले यात्रियों से बातचीत कर उनका विश्वास जीतते थे, फिर उन्हें नशीला पदार्थ सुंघाकर बेहोश कर देते थे। इसके बाद उनके मोबाइल, पर्स, एटीएम कार्ड और आधार कार्ड चोरी कर लेते थे। चोरी किए गए एटीएम कार्ड और मोबाइल का इस्तेमाल कर खातों से रुपये निकाले जाते थे। जांच में सामने आया कि 29 अप्रैल को जमरावां निवासी कुलदीप कुमार के खाते से 98,500 रुपये और 5 जून को ताम्बेश्वर नगर निवासी विवेक कुमार के खाते से 1 लाख 44 हजार रुपये एटीएम और यूपीआई के माध्यम से निकाले गए थे। आरोपी फर्रुखाबाद, शाहजहांपुर और लखनऊ जाकर बैंक कस्टमर केयर की मदद से एटीएम पिन रीसेट करवाता था और ओटीपी के जरिए नया पिन बनाकर रकम निकाल लेता था। निकासी की सीमा पूरी होने पर वे मॉल में खरीदारी कर यूपीआई के माध्यम से भी रकम ट्रांसफर करते थे। पूछताछ में हर्षित ने स्वीकार किया कि उसका पिता उसे चोरी किए गए मोबाइल और एटीएम कार्ड देता था और दोनों मिलकर इन वारदातों को अंजाम दे रहे थे। गिरफ्तार आरोपी को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया है, जबकि उसके फरार पिता की गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है।1
- रायबरेली के लालगंज कोतवाली क्षेत्र में फतेहपुर मार्ग बाईपास पर एक दर्दनाक सड़क हादसा हुआ है। एक तेज रफ्तार कार ने स्कूटी सवार को कुचल दिया, जिससे स्कूटी सवार की मौके पर ही मौत हो गई। बताया गया है कि कार अनियंत्रित होकर एक अज्ञात ट्रक से भी टकरा गई थी। इस हादसे में स्कूटी सवार के अलावा दो अन्य लोग भी गंभीर रूप से घायल हो गए। स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस को घटना की सूचना दी, जिसके बाद पुलिस ने घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) पहुंचाया। वहां डॉक्टरों ने एक व्यक्ति को मृत घोषित कर दिया और गंभीर रूप से घायल दो लोगों को जिला अस्पताल रेफर कर दिया।1