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रायबरेली के लालगंज कोतवाली क्षेत्र में फतेहपुर मार्ग बाईपास पर एक दर्दनाक सड़क हादसा हुआ है। एक तेज रफ्तार कार ने स्कूटी सवार को कुचल दिया, जिससे स्कूटी सवार की मौके पर ही मौत हो गई। बताया गया है कि कार अनियंत्रित होकर एक अज्ञात ट्रक से भी टकरा गई थी। इस हादसे में स्कूटी सवार के अलावा दो अन्य लोग भी गंभीर रूप से घायल हो गए। स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस को घटना की सूचना दी, जिसके बाद पुलिस ने घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) पहुंचाया। वहां डॉक्टरों ने एक व्यक्ति को मृत घोषित कर दिया और गंभीर रूप से घायल दो लोगों को जिला अस्पताल रेफर कर दिया।

14 hrs ago
user_सुपर फास्ट खबरे लखनऊ
सुपर फास्ट खबरे लखनऊ
Media company सलोन, रायबरेली, उत्तर प्रदेश•
14 hrs ago

रायबरेली के लालगंज कोतवाली क्षेत्र में फतेहपुर मार्ग बाईपास पर एक दर्दनाक सड़क हादसा हुआ है। एक तेज रफ्तार कार ने स्कूटी सवार को कुचल दिया, जिससे स्कूटी सवार की मौके पर ही मौत हो गई। बताया गया है कि कार अनियंत्रित होकर एक अज्ञात ट्रक से भी टकरा गई थी। इस हादसे में स्कूटी सवार के अलावा दो अन्य लोग भी गंभीर रूप से घायल हो गए। स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस को घटना की सूचना दी, जिसके बाद पुलिस ने घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) पहुंचाया। वहां डॉक्टरों ने एक व्यक्ति को मृत घोषित कर दिया और गंभीर रूप से घायल दो लोगों को जिला अस्पताल रेफर कर दिया।

More news from Rae Bareli and nearby areas
  • रायबरेली रेलवे स्टेशन पर साइकिल/मोटरसाइकिल वाहन स्टैंड पर अवैध दबंगई और 'माफिया राज' का एक गंभीर मामला सामने आया है। स्टैंड कर्मचारियों द्वारा रेलवे स्टेशन परिसर के बाहर खड़ी मोटरसाइकिलों को जबरन खींचकर अपने स्टैंड पर ले जाने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस घटना ने रेलवे प्रशासन, जिला पुलिस और स्थानीय प्रशासन की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि रायबरेली रेलवे स्टेशन के बाहर वाले इलाके या आसपास खड़ी मोटरसाइकिलों को स्टैंड के कर्मचारी जबरदस्ती खींचकर अपने स्टैंड में ले जा रहे हैं। आरोप है कि जब यात्री अपनी गाड़ी पार्क करने के लिए स्टेशन परिसर के बाहर आते हैं, तो स्टैंड वाले उन्हें जबरन अपने स्टैंड पर ले जाते हैं। विरोध करने पर गाली-गलौज, धमकी और मनमानी रकम वसूली भी की जाती है। स्थानीय लोगों और यात्रियों का कहना है कि यह कोई नई घटना नहीं है, और ऐसी दबंगई की शिकायतें पहले भी आती रही हैं। आरोप यह भी है कि रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और जिला प्रशासन की कथित मिलीभगत या अनदेखी के कारण यह 'माफिया राज' फल-फूल रहा है। पहले भी रायबरेली रेलवे स्टेशन पर पार्किंग ठेकेदार की मनमानी और अवैध वसूली की शिकायतें सामने आ चुकी हैं, जिसमें एक पुरानी घटना में ठेका रद्द होने के बावजूद वसूली जारी रहने का मामला भी शामिल है। स्टैंड पर गाड़ी खींचने के बाद यात्रियों से मनमाना शुल्क वसूला जाता है। कम रकम देने या विरोध करने पर बदसलूकी और धमकी दी जाती है। कई मामलों में 1000 से 5000 रुपये तक की वसूली के आरोप लगे हैं, और फ्री पार्किंग वाले इलाकों से भी जबरन शुल्क वसूलने की पुरानी शिकायतें हैं।
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    रायबरेली रेलवे स्टेशन पर साइकिल/मोटरसाइकिल वाहन स्टैंड पर अवैध दबंगई और 'माफिया राज' का एक गंभीर मामला सामने आया है। स्टैंड कर्मचारियों द्वारा रेलवे स्टेशन परिसर के बाहर खड़ी मोटरसाइकिलों को जबरन खींचकर अपने स्टैंड पर ले जाने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस घटना ने रेलवे प्रशासन, जिला पुलिस और स्थानीय प्रशासन की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि रायबरेली रेलवे स्टेशन के बाहर वाले इलाके या आसपास खड़ी मोटरसाइकिलों को स्टैंड के कर्मचारी जबरदस्ती खींचकर अपने स्टैंड में ले जा रहे हैं। आरोप है कि जब यात्री अपनी गाड़ी पार्क करने के लिए स्टेशन परिसर के बाहर आते हैं, तो स्टैंड वाले उन्हें जबरन अपने स्टैंड पर ले जाते हैं। विरोध करने पर गाली-गलौज, धमकी और मनमानी रकम वसूली भी की जाती है। स्थानीय लोगों और यात्रियों का कहना है कि यह कोई नई घटना नहीं है, और ऐसी दबंगई की शिकायतें पहले भी आती रही हैं। आरोप यह भी है कि रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और जिला प्रशासन की कथित मिलीभगत या अनदेखी के कारण यह 'माफिया राज' फल-फूल रहा है।

पहले भी रायबरेली रेलवे स्टेशन पर पार्किंग ठेकेदार की मनमानी और अवैध वसूली की शिकायतें सामने आ चुकी हैं, जिसमें एक पुरानी घटना में ठेका रद्द होने के बावजूद वसूली जारी रहने का मामला भी शामिल है। स्टैंड पर गाड़ी खींचने के बाद यात्रियों से मनमाना शुल्क वसूला जाता है। कम रकम देने या विरोध करने पर बदसलूकी और धमकी दी जाती है। कई मामलों में 1000 से 5000 रुपये तक की वसूली के आरोप लगे हैं, और फ्री पार्किंग वाले इलाकों से भी जबरन शुल्क वसूलने की पुरानी शिकायतें हैं।
    user_Harinarayan Tiwari
    Harinarayan Tiwari
    Court reporter Unchahar, Rae Bareli•
    9 hrs ago
  • हर हर महादेव हर हर महादेव शंभू काशी विश्वनाथ गंगे जय श्री राम जय श्री राम जय श्री राम
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    हर हर महादेव हर हर महादेव शंभू काशी विश्वनाथ गंगे जय श्री राम जय श्री राम जय श्री राम
    user_Rk gupta
    Rk gupta
    देउम पस्चिम•
    14 hrs ago
  • उत्तर प्रदेश के फतेहपुर में साइबर क्राइम थाना पुलिस ने रोडवेज बसों में यात्रियों को नशीला पदार्थ सुंघाकर लूटने वाले एक अंतर्राज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने इस गिरोह के एक सक्रिय सदस्य को गिरफ्तार कर उसके पास से 1 लाख 25 हजार रुपये नकद और दो मोबाइल फोन बरामद किए हैं। हालांकि, गिरोह का मुख्य आरोपी और हिस्ट्रीशीटर पिता अभी पुलिस की पकड़ से बाहर है, जिसकी तलाश में पुलिस की टीमें लगातार दबिश दे रही हैं। पुलिस के अनुसार, साइबर क्राइम थाना पुलिस ने बुधवार और गुरुवार की दरमियानी रात करीब डेढ़ बजे ज्वालागंज बस स्टैंड के पास से हरदोई जिले के पिहानी थाना क्षेत्र के मोहल्ला मिश्राना निवासी 23 वर्षीय हर्षित कुमार जोशी को गिरफ्तार किया। तलाशी के दौरान उसके कब्जे से 1 लाख 25 हजार रुपये नकद और दो मोबाइल फोन मिले। पुलिस अधीक्षक अभिमन्यु मांगलिक ने बताया कि आरोपी अपने पिता के साथ मिलकर लंबे समय से रोडवेज बसों में अकेले सफर करने वाले यात्रियों को निशाना बना रहे थे। वे पहले यात्रियों से बातचीत कर उनका विश्वास जीतते थे, फिर उन्हें नशीला पदार्थ सुंघाकर बेहोश कर देते थे और उनके मोबाइल, पर्स, एटीएम कार्ड तथा आधार कार्ड चोरी कर लेते थे। चोरी किए गए एटीएम कार्ड और मोबाइल का इस्तेमाल कर आरोपी पीड़ितों के खातों से रुपये निकालते थे। जांच में सामने आया कि 29 अप्रैल को जमरावां निवासी कुलदीप कुमार के खाते से 98,500 रुपये और 5 जून को ताम्बेश्वर नगर निवासी विवेक कुमार के खाते से 1 लाख 44 हजार रुपये एटीएम और यूपीआई के माध्यम से निकाले गए थे। आरोपी इसके लिए फर्रुखाबाद, शाहजहांपुर और लखनऊ जाते थे, जहां बैंक कस्टमर केयर की मदद से एटीएम पिन रीसेट करवाते और ओटीपी के जरिए नया पिन बनाकर रकम निकाल लेते थे। निकासी की सीमा पूरी होने पर वे मॉल में खरीदारी कर यूपीआई के माध्यम से भी रकम ट्रांसफर करते थे। पूछताछ के दौरान गिरफ्तार आरोपी हर्षित ने बताया कि उसका पिता उसे चोरी किए गए मोबाइल और एटीएम कार्ड देता था और दोनों मिलकर लंबे समय से इन वारदातों को अंजाम दे रहे थे। पुलिस ने गिरफ्तार आरोपी हर्षित को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया है, जबकि उसके फरार पिता की गिरफ्तारी के लिए तलाश जारी है।
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    उत्तर प्रदेश के फतेहपुर में साइबर क्राइम थाना पुलिस ने रोडवेज बसों में यात्रियों को नशीला पदार्थ सुंघाकर लूटने वाले एक अंतर्राज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने इस गिरोह के एक सक्रिय सदस्य को गिरफ्तार कर उसके पास से 1 लाख 25 हजार रुपये नकद और दो मोबाइल फोन बरामद किए हैं। हालांकि, गिरोह का मुख्य आरोपी और हिस्ट्रीशीटर पिता अभी पुलिस की पकड़ से बाहर है, जिसकी तलाश में पुलिस की टीमें लगातार दबिश दे रही हैं।

पुलिस के अनुसार, साइबर क्राइम थाना पुलिस ने बुधवार और गुरुवार की दरमियानी रात करीब डेढ़ बजे ज्वालागंज बस स्टैंड के पास से हरदोई जिले के पिहानी थाना क्षेत्र के मोहल्ला मिश्राना निवासी 23 वर्षीय हर्षित कुमार जोशी को गिरफ्तार किया। तलाशी के दौरान उसके कब्जे से 1 लाख 25 हजार रुपये नकद और दो मोबाइल फोन मिले। पुलिस अधीक्षक अभिमन्यु मांगलिक ने बताया कि आरोपी अपने पिता के साथ मिलकर लंबे समय से रोडवेज बसों में अकेले सफर करने वाले यात्रियों को निशाना बना रहे थे। वे पहले यात्रियों से बातचीत कर उनका विश्वास जीतते थे, फिर उन्हें नशीला पदार्थ सुंघाकर बेहोश कर देते थे और उनके मोबाइल, पर्स, एटीएम कार्ड तथा आधार कार्ड चोरी कर लेते थे।

चोरी किए गए एटीएम कार्ड और मोबाइल का इस्तेमाल कर आरोपी पीड़ितों के खातों से रुपये निकालते थे। जांच में सामने आया कि 29 अप्रैल को जमरावां निवासी कुलदीप कुमार के खाते से 98,500 रुपये और 5 जून को ताम्बेश्वर नगर निवासी विवेक कुमार के खाते से 1 लाख 44 हजार रुपये एटीएम और यूपीआई के माध्यम से निकाले गए थे। आरोपी इसके लिए फर्रुखाबाद, शाहजहांपुर और लखनऊ जाते थे, जहां बैंक कस्टमर केयर की मदद से एटीएम पिन रीसेट करवाते और ओटीपी के जरिए नया पिन बनाकर रकम निकाल लेते थे। निकासी की सीमा पूरी होने पर वे मॉल में खरीदारी कर यूपीआई के माध्यम से भी रकम ट्रांसफर करते थे। पूछताछ के दौरान गिरफ्तार आरोपी हर्षित ने बताया कि उसका पिता उसे चोरी किए गए मोबाइल और एटीएम कार्ड देता था और दोनों मिलकर लंबे समय से इन वारदातों को अंजाम दे रहे थे। पुलिस ने गिरफ्तार आरोपी हर्षित को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया है, जबकि उसके फरार पिता की गिरफ्तारी के लिए तलाश जारी है।
    user_ज्योति गुप्ता न्यूज
    ज्योति गुप्ता न्यूज
    Local News Reporter फतेहपुर, फतेहपुर, उत्तर प्रदेश•
    2 hrs ago
  • फतेहपुर पुलिस ने चोरी हुए और खोए हुए 113 मल्टीमीडिया मोबाइल फोन बरामद कर एक बार फिर बड़ी सफलता हासिल की है। इन फोनों की अनुमानित कीमत लगभग 17 लाख रुपये आंकी गई है, जिन्हें उनके वास्तविक मालिकों को सौंप दिया गया है। पुलिस अधीक्षक अभिमन्यु मांगलिक के निर्देश पर चलाए गए एक विशेष अभियान के तहत, CEIR पोर्टल (Central Equipment Identity Register) से प्राप्त जानकारी के आधार पर यह महत्वपूर्ण कार्रवाई की गई। पुलिस की टीम ने विभिन्न पुलिस थानों से मिली खोए हुए फोनों की शिकायतों पर काम करते हुए उन्हें सफलतापूर्वक ट्रेस कर बरामद किया। SP अभिमन्यु मांगलिक ने इस संबंध में बताया कि हर महीने की तरह इस बार भी CEIR पोर्टल का उपयोग कर इन खोए या चोरी हुए मोबाइल फोनों को ढूंढा गया है। उन्होंने जनता से अपील की है कि फोन खोने या चोरी होने पर तुरंत CEIR पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं, जिससे पुलिस को त्वरित जानकारी मिल सके और फोन को जल्दी ट्रेस किया जा सके। पुलिस बरामद फोन में सिम सक्रिय होने या डिवाइस लोकेट होने पर मालिकों से संपर्क करती है और उन्हें पुलिस लाइन बुलाकर फोन सौंपती है। यह अभियान फतेहपुर पुलिस की साइबर क्राइम और प्रॉपर्टी क्राइम की रोकथाम में निरंतर सक्रियता को दर्शाता है। पुलिस ने इससे पहले भी सैकड़ों मोबाइल फोन मालिकों को वापस लौटाए हैं, जिससे आम जनता के बीच पुलिस की छवि लगातार मजबूत हुई है और विश्वास बढ़ा है।
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    फतेहपुर पुलिस ने चोरी हुए और खोए हुए 113 मल्टीमीडिया मोबाइल फोन बरामद कर एक बार फिर बड़ी सफलता हासिल की है। इन फोनों की अनुमानित कीमत लगभग 17 लाख रुपये आंकी गई है, जिन्हें उनके वास्तविक मालिकों को सौंप दिया गया है। पुलिस अधीक्षक अभिमन्यु मांगलिक के निर्देश पर चलाए गए एक विशेष अभियान के तहत, CEIR पोर्टल (Central Equipment Identity Register) से प्राप्त जानकारी के आधार पर यह महत्वपूर्ण कार्रवाई की गई।

पुलिस की टीम ने विभिन्न पुलिस थानों से मिली खोए हुए फोनों की शिकायतों पर काम करते हुए उन्हें सफलतापूर्वक ट्रेस कर बरामद किया। SP अभिमन्यु मांगलिक ने इस संबंध में बताया कि हर महीने की तरह इस बार भी CEIR पोर्टल का उपयोग कर इन खोए या चोरी हुए मोबाइल फोनों को ढूंढा गया है। उन्होंने जनता से अपील की है कि फोन खोने या चोरी होने पर तुरंत CEIR पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं, जिससे पुलिस को त्वरित जानकारी मिल सके और फोन को जल्दी ट्रेस किया जा सके। पुलिस बरामद फोन में सिम सक्रिय होने या डिवाइस लोकेट होने पर मालिकों से संपर्क करती है और उन्हें पुलिस लाइन बुलाकर फोन सौंपती है।

यह अभियान फतेहपुर पुलिस की साइबर क्राइम और प्रॉपर्टी क्राइम की रोकथाम में निरंतर सक्रियता को दर्शाता है। पुलिस ने इससे पहले भी सैकड़ों मोबाइल फोन मालिकों को वापस लौटाए हैं, जिससे आम जनता के बीच पुलिस की छवि लगातार मजबूत हुई है और विश्वास बढ़ा है।
    user_Public Live News
    Public Live News
    खागा, फतेहपुर, उत्तर प्रदेश•
    3 hrs ago
  • रायबरेली के लालगंज स्थित बरवलिया गाँव पिछले 15 दिनों से अंधेरे में डूबा हुआ है। ग्रामीणों का आरोप है कि गाँव का ट्रांसफार्मर जल जाने के बावजूद, उसे अभी तक बदला नहीं गया है। इस समस्या को लेकर ग्रामीणों ने जूनियर इंजीनियर (जेई) पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
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    रायबरेली के लालगंज स्थित बरवलिया गाँव पिछले 15 दिनों से अंधेरे में डूबा हुआ है। ग्रामीणों का आरोप है कि गाँव का ट्रांसफार्मर जल जाने के बावजूद, उसे अभी तक बदला नहीं गया है। इस समस्या को लेकर ग्रामीणों ने जूनियर इंजीनियर (जेई) पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
    user_RAMA SHANKAR SHUKLA
    RAMA SHANKAR SHUKLA
    Media company Lalganj, Rae Bareli•
    3 hrs ago
  • उत्तर प्रदेश के फतेहपुर में पुलिस ने एक विशेष अभियान चलाकर 113 खोए और चोरी हुए मोबाइल फोन बरामद किए हैं, जिनकी अनुमानित कीमत लगभग 17 लाख रुपये बताई जा रही है। इन फोनों को उनके असली मालिकों को वापस सौंप दिया गया है, जिससे लोगों के चेहरों पर खुशी लौट आई है। यह सराहनीय कार्य पुलिस अधीक्षक अभिमन्यु मांगलिक के निर्देशन में जिले की पुलिस और साइबर सेल टीम ने सीईआईआर पोर्टल की मदद से किया। पुलिस लाइन में आयोजित एक प्रेस वार्ता के दौरान एसपी अभिमन्यु मांगलिक ने स्वयं मोबाइल मालिकों को उनके फोन लौटाए। अपना खोया हुआ मोबाइल वापस पाकर लोग बेहद प्रसन्न हुए और उन्होंने फतेहपुर पुलिस के इस कार्य की जमकर प्रशंसा की।
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    उत्तर प्रदेश के फतेहपुर में पुलिस ने एक विशेष अभियान चलाकर 113 खोए और चोरी हुए मोबाइल फोन बरामद किए हैं, जिनकी अनुमानित कीमत लगभग 17 लाख रुपये बताई जा रही है। इन फोनों को उनके असली मालिकों को वापस सौंप दिया गया है, जिससे लोगों के चेहरों पर खुशी लौट आई है। यह सराहनीय कार्य पुलिस अधीक्षक अभिमन्यु मांगलिक के निर्देशन में जिले की पुलिस और साइबर सेल टीम ने सीईआईआर पोर्टल की मदद से किया।

पुलिस लाइन में आयोजित एक प्रेस वार्ता के दौरान एसपी अभिमन्यु मांगलिक ने स्वयं मोबाइल मालिकों को उनके फोन लौटाए। अपना खोया हुआ मोबाइल वापस पाकर लोग बेहद प्रसन्न हुए और उन्होंने फतेहपुर पुलिस के इस कार्य की जमकर प्रशंसा की।
    user_हर्षित त्रिपाठी
    हर्षित त्रिपाठी
    पत्रकार फतेहपुर, फतेहपुर, उत्तर प्रदेश•
    6 hrs ago
  • उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले में साइबर क्राइम थाना पुलिस ने रोडवेज बसों में यात्रियों को नशीला पदार्थ सुंघाकर लूटने वाले एक अंतर्राज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इस गिरोह के एक सक्रिय सदस्य 23 वर्षीय हर्षित कुमार जोशी को बुधवार और गुरुवार की दरमियानी रात करीब डेढ़ बजे ज्वालागंज बस स्टैंड के पास से गिरफ्तार किया है। आरोपी हरदोई जिले के पिहानी थाना क्षेत्र के मोहल्ला मिश्राना का निवासी है। गिरफ्तारी के दौरान उसके कब्जे से 1 लाख 25 हजार रुपये नकद और दो मोबाइल फोन बरामद हुए हैं। इस गिरोह का मुख्य आरोपी और हर्षित का पिता, जो कि एक हिस्ट्रीशीटर भी है, अभी भी फरार है, जिसकी तलाश में पुलिस की टीमें लगातार दबिश दे रही हैं। पुलिस अधीक्षक अभिमन्यु मांगलिक ने बताया कि आरोपी अपने पिता के साथ मिलकर लंबे समय से रोडवेज बसों में अकेले सफर करने वाले यात्रियों को निशाना बनाते थे। वे पहले यात्रियों से बातचीत कर उनका विश्वास जीतते थे, फिर उन्हें नशीला पदार्थ सुंघाकर बेहोश कर देते थे। इसके बाद उनके मोबाइल, पर्स, एटीएम कार्ड और आधार कार्ड चोरी कर लेते थे। चोरी किए गए एटीएम कार्ड और मोबाइल का इस्तेमाल कर खातों से रुपये निकाले जाते थे। जांच में सामने आया कि 29 अप्रैल को जमरावां निवासी कुलदीप कुमार के खाते से 98,500 रुपये और 5 जून को ताम्बेश्वर नगर निवासी विवेक कुमार के खाते से 1 लाख 44 हजार रुपये एटीएम और यूपीआई के माध्यम से निकाले गए थे। आरोपी फर्रुखाबाद, शाहजहांपुर और लखनऊ जाकर बैंक कस्टमर केयर की मदद से एटीएम पिन रीसेट करवाता था और ओटीपी के जरिए नया पिन बनाकर रकम निकाल लेता था। निकासी की सीमा पूरी होने पर वे मॉल में खरीदारी कर यूपीआई के माध्यम से भी रकम ट्रांसफर करते थे। पूछताछ में हर्षित ने स्वीकार किया कि उसका पिता उसे चोरी किए गए मोबाइल और एटीएम कार्ड देता था और दोनों मिलकर इन वारदातों को अंजाम दे रहे थे। गिरफ्तार आरोपी को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया है, जबकि उसके फरार पिता की गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है।
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    उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले में साइबर क्राइम थाना पुलिस ने रोडवेज बसों में यात्रियों को नशीला पदार्थ सुंघाकर लूटने वाले एक अंतर्राज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इस गिरोह के एक सक्रिय सदस्य 23 वर्षीय हर्षित कुमार जोशी को बुधवार और गुरुवार की दरमियानी रात करीब डेढ़ बजे ज्वालागंज बस स्टैंड के पास से गिरफ्तार किया है। आरोपी हरदोई जिले के पिहानी थाना क्षेत्र के मोहल्ला मिश्राना का निवासी है। गिरफ्तारी के दौरान उसके कब्जे से 1 लाख 25 हजार रुपये नकद और दो मोबाइल फोन बरामद हुए हैं। इस गिरोह का मुख्य आरोपी और हर्षित का पिता, जो कि एक हिस्ट्रीशीटर भी है, अभी भी फरार है, जिसकी तलाश में पुलिस की टीमें लगातार दबिश दे रही हैं।

पुलिस अधीक्षक अभिमन्यु मांगलिक ने बताया कि आरोपी अपने पिता के साथ मिलकर लंबे समय से रोडवेज बसों में अकेले सफर करने वाले यात्रियों को निशाना बनाते थे। वे पहले यात्रियों से बातचीत कर उनका विश्वास जीतते थे, फिर उन्हें नशीला पदार्थ सुंघाकर बेहोश कर देते थे। इसके बाद उनके मोबाइल, पर्स, एटीएम कार्ड और आधार कार्ड चोरी कर लेते थे। चोरी किए गए एटीएम कार्ड और मोबाइल का इस्तेमाल कर खातों से रुपये निकाले जाते थे। जांच में सामने आया कि 29 अप्रैल को जमरावां निवासी कुलदीप कुमार के खाते से 98,500 रुपये और 5 जून को ताम्बेश्वर नगर निवासी विवेक कुमार के खाते से 1 लाख 44 हजार रुपये एटीएम और यूपीआई के माध्यम से निकाले गए थे। आरोपी फर्रुखाबाद, शाहजहांपुर और लखनऊ जाकर बैंक कस्टमर केयर की मदद से एटीएम पिन रीसेट करवाता था और ओटीपी के जरिए नया पिन बनाकर रकम निकाल लेता था। निकासी की सीमा पूरी होने पर वे मॉल में खरीदारी कर यूपीआई के माध्यम से भी रकम ट्रांसफर करते थे। पूछताछ में हर्षित ने स्वीकार किया कि उसका पिता उसे चोरी किए गए मोबाइल और एटीएम कार्ड देता था और दोनों मिलकर इन वारदातों को अंजाम दे रहे थे।

गिरफ्तार आरोपी को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया है, जबकि उसके फरार पिता की गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है।
    user_ज्योति गुप्ता न्यूज
    ज्योति गुप्ता न्यूज
    Local News Reporter फतेहपुर, फतेहपुर, उत्तर प्रदेश•
    2 hrs ago
  • अमेठी के संग्रामपुर थाना क्षेत्र के केशवपुर गांव में प्रस्तावित निजी 11 केवी पीटीडब्ल्यू (PTW) विद्युत लाइन को लेकर विवाद गहरा गया है। करणी सेना भारत के जिलाध्यक्ष राजेश सिंह और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के खंड संघ चालक सहदेव सिंह ने एक प्रेस वार्ता कर विद्युत विभाग और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं और मामले में तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। राजेश सिंह के अनुसार, जिस भूमि से यह निजी 11 केवी लाइन ले जाने की तैयारी हो रही है, उसका एक हिस्सा न्यायालय में हकबरारी वाद के तहत विचाराधीन है, जबकि दूसरा हिस्सा उनकी निर्विवाद निजी भूमि है। उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी स्पष्ट असहमति के बावजूद विद्युत विभाग उनकी भूमि पर लाइन और विद्युत पोल स्थापित करने का प्रयास कर रहा है। उन्होंने यह भी दावा किया कि 12 जून 2026 को एसडीओ कमलेश श्रीवास्तव, नायब तहसीलदार सुधीर कुमार श्रीवास्तव, जेई उदयभान यादव और पुलिस अधिकारियों की उपस्थिति में हुई बैठक में यह लिखित सहमति बनी थी कि न्यायालय में लंबित भूमि विवाद का निर्णय आने के बाद ही पोल लगाए जाएंगे। इस समझौते के बावजूद अब पोल स्थापना की कार्रवाई शुरू किए जाने पर उन्होंने कड़ी आपत्ति व्यक्त की है। प्रेस वार्ता में यह बताया गया कि प्रस्तावित लाइन के लिए एक वैकल्पिक और विवाद-मुक्त मार्ग उपलब्ध है, लेकिन इसके बावजूद विभाग उनकी भूमि से ही लाइन ले जाने पर जोर दे रहा है। उन्होंने मांग की है कि यदि इस कार्य के लिए कोई वैधानिक आदेश, तकनीकी स्वीकृति या सक्षम प्राधिकारी की अनुमति जारी की गई है, तो उसे सार्वजनिक किया जाए। राजेश सिंह ने चक मार्ग पर पोल लगाए जाने से किसानों के ट्रैक्टर, हार्वेस्टर और अन्य कृषि यंत्रों के आवागमन में संभावित बाधा का मुद्दा भी उठाया। साथ ही, उन्होंने कहा कि प्रस्तावित लाइन उनकी निजी भूमि पर स्थित गौशाला और बाग के ऊपर या निकट से गुजरेगी, जहां बड़े और घने पेड़ मौजूद हैं, जिससे विद्युत सुरक्षा मानकों का उल्लंघन हो सकता है। उन्होंने संभावित दुर्घटना की स्थिति में जिम्मेदारी तय करने की भी मांग की है। राजेश सिंह और सहदेव सिंह ने प्रशासन से न्यायालय के अंतिम निर्णय आने तक विवादित भूमि पर सभी प्रकार की विद्युत लाइन एवं पोल स्थापना की कार्रवाई रोकने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि वे कानून और न्यायपालिका का सम्मान करते हैं, लेकिन किसी भी नागरिक की निजी भूमि का उपयोग उसकी सहमति के बिना नहीं किया जाना चाहिए, विशेषकर तब जब वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध हो।
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    अमेठी के संग्रामपुर थाना क्षेत्र के केशवपुर गांव में प्रस्तावित निजी 11 केवी पीटीडब्ल्यू (PTW) विद्युत लाइन को लेकर विवाद गहरा गया है। करणी सेना भारत के जिलाध्यक्ष राजेश सिंह और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के खंड संघ चालक सहदेव सिंह ने एक प्रेस वार्ता कर विद्युत विभाग और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं और मामले में तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है।

राजेश सिंह के अनुसार, जिस भूमि से यह निजी 11 केवी लाइन ले जाने की तैयारी हो रही है, उसका एक हिस्सा न्यायालय में हकबरारी वाद के तहत विचाराधीन है, जबकि दूसरा हिस्सा उनकी निर्विवाद निजी भूमि है। उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी स्पष्ट असहमति के बावजूद विद्युत विभाग उनकी भूमि पर लाइन और विद्युत पोल स्थापित करने का प्रयास कर रहा है। उन्होंने यह भी दावा किया कि 12 जून 2026 को एसडीओ कमलेश श्रीवास्तव, नायब तहसीलदार सुधीर कुमार श्रीवास्तव, जेई उदयभान यादव और पुलिस अधिकारियों की उपस्थिति में हुई बैठक में यह लिखित सहमति बनी थी कि न्यायालय में लंबित भूमि विवाद का निर्णय आने के बाद ही पोल लगाए जाएंगे। इस समझौते के बावजूद अब पोल स्थापना की कार्रवाई शुरू किए जाने पर उन्होंने कड़ी आपत्ति व्यक्त की है।

प्रेस वार्ता में यह बताया गया कि प्रस्तावित लाइन के लिए एक वैकल्पिक और विवाद-मुक्त मार्ग उपलब्ध है, लेकिन इसके बावजूद विभाग उनकी भूमि से ही लाइन ले जाने पर जोर दे रहा है। उन्होंने मांग की है कि यदि इस कार्य के लिए कोई वैधानिक आदेश, तकनीकी स्वीकृति या सक्षम प्राधिकारी की अनुमति जारी की गई है, तो उसे सार्वजनिक किया जाए। राजेश सिंह ने चक मार्ग पर पोल लगाए जाने से किसानों के ट्रैक्टर, हार्वेस्टर और अन्य कृषि यंत्रों के आवागमन में संभावित बाधा का मुद्दा भी उठाया। साथ ही, उन्होंने कहा कि प्रस्तावित लाइन उनकी निजी भूमि पर स्थित गौशाला और बाग के ऊपर या निकट से गुजरेगी, जहां बड़े और घने पेड़ मौजूद हैं, जिससे विद्युत सुरक्षा मानकों का उल्लंघन हो सकता है। उन्होंने संभावित दुर्घटना की स्थिति में जिम्मेदारी तय करने की भी मांग की है।

राजेश सिंह और सहदेव सिंह ने प्रशासन से न्यायालय के अंतिम निर्णय आने तक विवादित भूमि पर सभी प्रकार की विद्युत लाइन एवं पोल स्थापना की कार्रवाई रोकने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि वे कानून और न्यायपालिका का सम्मान करते हैं, लेकिन किसी भी नागरिक की निजी भूमि का उपयोग उसकी सहमति के बिना नहीं किया जाना चाहिए, विशेषकर तब जब वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध हो।
    user_Aditya Mishra
    Aditya Mishra
    पत्रकार अमेठी, अमेठी, उत्तर प्रदेश•
    6 hrs ago
  • एक भीषण सड़क हादसा सामने आया है, जहाँ एक कार और स्कूटी के बीच आमने-सामने की टक्कर हो गई। इस दुखद दुर्घटना के परिणामस्वरूप, एक युवक की मौत हो गई है।
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    एक भीषण सड़क हादसा सामने आया है, जहाँ एक कार और स्कूटी के बीच आमने-सामने की टक्कर हो गई। इस दुखद दुर्घटना के परिणामस्वरूप, एक युवक की मौत हो गई है।
    user_Sandeep Kumar
    Sandeep Kumar
    Court reporter लालगंज, रायबरेली, उत्तर प्रदेश•
    6 hrs ago
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