राज्य सरकार के निर्देशानुसार महवा के ग्राम पंचायत बालाहेड़ी में ग्रामीण सेवा शिविर का आयोजन किया गया, जहाँ विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने आमजन की समस्याओं को सुना। इस शिविर में आवश्यक दस्तावेज पूर्ण होने पर कई मामलों का मौके पर ही समाधान कर लोगों को राहत प्रदान की गई। शिविर में बालाहेड़ी की सरपंच लालन्ती देवी और सरपंच प्रतिनिधि हेमंत मीणा सहित कई अधिकारी मौजूद रहे। इनमें राजस्व विभाग से वीरेंद्र कुमार मीणा, अमर सिंह मीणा, दिनेश कुमार मीणा, ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग से देवीलाल प्रजापत, जलदाय विभाग से सुभाष मीणा, सार्वजनिक निर्माण विभाग से मुकेश सैनी, चिकित्सा विभाग से संजय कुमार बेरवा, आयुर्वेद विभाग से डॉ. सुमन मीणा, पशुपालन विभाग से डॉ. सौरभ गोयनका और ऊर्जा विभाग से बबलू मीणा शामिल थे। इस दौरान मुख्यमंत्री मंगला पशु बीमा योजना के पात्र लाभार्थियों को बीमा पॉलिसियों का वितरण किया गया, और अधिकारियों ने अधिक से अधिक पशुपालकों से योजना का लाभ उठाने की अपील की। बड़ी संख्या में ग्रामीण अपनी समस्याएं और आवश्यक दस्तावेज लेकर शिविर पहुँचे। राजस्व, पेयजल, बिजली, चिकित्सा, पंचायती राज और पशुपालन सहित विभिन्न विभागों से संबंधित प्रकरणों की सुनवाई हुई। जिन मामलों में दस्तावेज पूरे पाए गए, उनका तुरंत निस्तारण किया गया, जबकि शेष प्रकरणों के शीघ्र समाधान का आश्वासन दिया गया। ग्रामीणों ने एक ही स्थान पर अधिकारियों की उपलब्धता और समस्याओं के त्वरित समाधान की व्यवस्था की सराहना करते हुए इन शिविरों को जनहित में अत्यंत उपयोगी बताया। अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाना ही इन शिविरों का मुख्य उद्देश्य है।
राज्य सरकार के निर्देशानुसार महवा के ग्राम पंचायत बालाहेड़ी में ग्रामीण सेवा शिविर का आयोजन किया गया, जहाँ विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने आमजन की समस्याओं को सुना। इस शिविर में आवश्यक दस्तावेज पूर्ण होने पर कई मामलों का मौके पर ही समाधान कर लोगों को राहत प्रदान की गई। शिविर में बालाहेड़ी की सरपंच लालन्ती देवी और सरपंच प्रतिनिधि हेमंत मीणा सहित कई अधिकारी मौजूद रहे। इनमें राजस्व विभाग से वीरेंद्र कुमार मीणा, अमर सिंह मीणा, दिनेश कुमार मीणा, ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग से देवीलाल प्रजापत, जलदाय विभाग से सुभाष मीणा, सार्वजनिक निर्माण विभाग से मुकेश सैनी, चिकित्सा विभाग से संजय कुमार बेरवा, आयुर्वेद विभाग से डॉ. सुमन मीणा, पशुपालन विभाग से डॉ. सौरभ गोयनका और ऊर्जा विभाग से बबलू मीणा शामिल थे। इस दौरान मुख्यमंत्री मंगला
पशु बीमा योजना के पात्र लाभार्थियों को बीमा पॉलिसियों का वितरण किया गया, और अधिकारियों ने अधिक से अधिक पशुपालकों से योजना का लाभ उठाने की अपील की। बड़ी संख्या में ग्रामीण अपनी समस्याएं और आवश्यक दस्तावेज लेकर शिविर पहुँचे। राजस्व, पेयजल, बिजली, चिकित्सा, पंचायती राज और पशुपालन सहित विभिन्न विभागों से संबंधित प्रकरणों की सुनवाई हुई। जिन मामलों में दस्तावेज पूरे पाए गए, उनका तुरंत निस्तारण किया गया, जबकि शेष प्रकरणों के शीघ्र समाधान का आश्वासन दिया गया। ग्रामीणों ने एक ही स्थान पर अधिकारियों की उपलब्धता और समस्याओं के त्वरित समाधान की व्यवस्था की सराहना करते हुए इन शिविरों को जनहित में अत्यंत उपयोगी बताया। अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाना ही इन शिविरों का मुख्य उद्देश्य है।
- राज्य सरकार के निर्देशानुसार महवा के ग्राम पंचायत बालाहेड़ी में ग्रामीण सेवा शिविर का आयोजन किया गया, जहाँ विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने आमजन की समस्याओं को सुना। इस शिविर में आवश्यक दस्तावेज पूर्ण होने पर कई मामलों का मौके पर ही समाधान कर लोगों को राहत प्रदान की गई। शिविर में बालाहेड़ी की सरपंच लालन्ती देवी और सरपंच प्रतिनिधि हेमंत मीणा सहित कई अधिकारी मौजूद रहे। इनमें राजस्व विभाग से वीरेंद्र कुमार मीणा, अमर सिंह मीणा, दिनेश कुमार मीणा, ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग से देवीलाल प्रजापत, जलदाय विभाग से सुभाष मीणा, सार्वजनिक निर्माण विभाग से मुकेश सैनी, चिकित्सा विभाग से संजय कुमार बेरवा, आयुर्वेद विभाग से डॉ. सुमन मीणा, पशुपालन विभाग से डॉ. सौरभ गोयनका और ऊर्जा विभाग से बबलू मीणा शामिल थे। इस दौरान मुख्यमंत्री मंगला पशु बीमा योजना के पात्र लाभार्थियों को बीमा पॉलिसियों का वितरण किया गया, और अधिकारियों ने अधिक से अधिक पशुपालकों से योजना का लाभ उठाने की अपील की। बड़ी संख्या में ग्रामीण अपनी समस्याएं और आवश्यक दस्तावेज लेकर शिविर पहुँचे। राजस्व, पेयजल, बिजली, चिकित्सा, पंचायती राज और पशुपालन सहित विभिन्न विभागों से संबंधित प्रकरणों की सुनवाई हुई। जिन मामलों में दस्तावेज पूरे पाए गए, उनका तुरंत निस्तारण किया गया, जबकि शेष प्रकरणों के शीघ्र समाधान का आश्वासन दिया गया। ग्रामीणों ने एक ही स्थान पर अधिकारियों की उपलब्धता और समस्याओं के त्वरित समाधान की व्यवस्था की सराहना करते हुए इन शिविरों को जनहित में अत्यंत उपयोगी बताया। अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाना ही इन शिविरों का मुख्य उद्देश्य है।2
- करौली जिले में पांचना बांध से नहरों में पानी छोड़े जाने के बावजूद कुंसाय क्षेत्र तक सिंचाई का पानी पर्याप्त मात्रा में न पहुँचने से ग्रामीणों और किसानों का आक्रोश सोमवार शाम 4:00 बजे फूट पड़ा। गुस्साए लोगों ने प्रशासन के खिलाफ रोष व्यक्त करते हुए विरोध प्रदर्शन शुरू किया। नाराज ग्रामीणों ने हिंडौन गंगापुर सड़क मार्ग पर स्थित गिंव कुंसाय पर जाम लगा दिया, जहाँ उन्होंने प्रशासन और जल संसाधन विभाग के खिलाफ नारेबाजी करते हुए विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी किसानों ने नहरों में जल्द से जल्द पानी पहुँचाने की मांग की और अधिकारियों के खिलाफ अपनी नाराजगी व्यक्त की। देवीसिंह कटकड ने आरोप लगाया कि प्रशासन द्वारा गंभीर नदी और गुडला लिफ्ट में तो पानी छोड़ा गया, लेकिन कमांड क्षेत्र के लोगों के साथ धोखा किया गया है, क्योंकि उनके क्षेत्र की नहरें अभी भी सूखी पड़ी हैं। इस विरोध प्रदर्शन में बड़ी संख्या में ग्रामीण सड़क पर जमा हो गए।1
- कमांड एरिया की नहरों में पांचना का पानी नहीं पहुँचने के कारण किसानों में भारी आक्रोश देखने को मिला है। अपनी इस समस्या को लेकर किसानों ने हिंडौन गंगापुर हाईवे जाम कर दिया।1
- हिंडौन और करौली के कमांड एरिया की नहरों में पानी न पहुंचने के कारण किसानों और ग्रामीणों का आक्रोश फूट पड़ा है। पानी की कमी से नाराज लोगों ने श्रीमहावीरजी-नादौती, हिंडौन-गंगापुर और करौली-हिंडौन सड़क मार्गों पर जाम लगाकर प्रशासन के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया।1
- राजस्थान के करौली जिले में स्थित पांचना बांध से 6 जुलाई को गंभीर नदी में पानी छोड़ा गया, जिसने 20 साल पुराने गतिरोध को समाप्त कर दिया। सिंचाई मंत्री सुरेश सिंह रावत और जिला प्रभारी मंत्री जवाहर सिंह बेढम ने विधिवत पूजा-अर्चना के बाद बांध के तीन गेट खोले, जिससे यह प्रक्रिया संभव हो सकी। इस महत्वपूर्ण अवसर पर, जल संसाधन एवं सिंचाई मंत्री सुरेश सिंह रावत ने दो नवीन लिफ्ट परियोजनाओं (पीडीएन सिस्टम आधारित) और गुडला लिफ्ट परियोजना की पीडीएन सिस्टम में रीमॉडलिंग के कार्य का भूमि पूजन और शिलान्यास भी किया। सरकार के हस्तक्षेप और किसानों की सहमति के बाद, अब बांध से निकलने वाला पानी कमांड एरिया के 35 गांवों, बांध के डूब क्षेत्र के 39 गांवों और गंभीर नदी के तट पर बसे गांवों को सिंचाई के लिए उपलब्ध हो सकेगा। बांध से गंभीर नदी में पानी छोड़ने के दौरान, गृह राज्य मंत्री एवं जिला प्रभारी मंत्री जवाहर सिंह बेढम ने मुख्यमंत्री और क्षेत्र के किसानों के प्रति आभार व्यक्त किया। यह उल्लेखनीय है कि सरकार के हस्तक्षेप के बाद 30 जून को किसानों के बीच इस विषय पर सहमति बन पाई थी।1
- राजस्थान के भरतपुर जिले के पापी मोड क्षेत्र में हुई भारी बरसात के कारण किसानों की चिंताएँ बढ़ गई हैं। मूसलाधार बारिश के चलते किसानों की बाजार की फसलें बड़े पैमाने पर क्षतिग्रस्त हो गई हैं। इस गंभीर नुकसान से स्थानीय किसान अत्यंत दुखी और परेशान हैं।1
- हिंडौन सिटी के रोडवेज बस स्टैंड के पास तिरुपति नगर में रविवार रात धौलपुर कांग्रेस अल्पसंख्यक विभाग की जिलाध्यक्ष शबनम खान का भव्य स्वागत किया गया। समाजसेवी हल्लो कुरैशी ने बताया कि यह स्वागत कार्यक्रम तिरुपति नगर स्थित पूर्व उपसभापति नफीस अहमद के आवास पर आयोजित हुआ था। इस दौरान करौली कांग्रेस अल्पसंख्यक विभाग के जिलाध्यक्ष अब्दुल मुगनी खान पार्षद और शहर के कई गणमान्य लोगों ने शबनम खान को साफा पहनाकर और गुलदस्ता भेंट कर उनका सम्मान किया। इस अवसर पर, पूर्व उपसभापति नफीस अहमद ने राजनीति सहित सामाजिक सरोकार के सभी क्षेत्रों में महिलाओं की भागीदारी से समाज की महिलाओं के सशक्तिकरण पर जोर दिया। करौली कांग्रेस अल्पसंख्यक विभाग के जिलाध्यक्ष अब्दुल मुगनी खान पार्षद ने बताया कि अल्पसंख्यक वर्ग की समस्याओं के समाधान के लिए विभाग के प्रदेशाध्यक्ष एम डी चोपदार के निर्देशन में संगठन सक्रियता से कार्य कर रहा है। धौलपुर कांग्रेस अल्पसंख्यक विभाग की जिलाध्यक्ष शबनम खान ने स्वागत करने वालों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस सम्मान से उन्हें जनसेवा करने की और प्रेरणा मिलेगी। इस कार्यक्रम में लईक अहमद, शिक्षाविद अख़्तर भाई, शिक्षाविद महताब आलम, बाड़ी नगर पालिका मेंबर नासिर अली, समाजसेवी मुस्लिम खान, राजा खान सहित समाज के कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।1
- महुआ में चोरियों की बढ़ती वारदातों से लोग बेहद परेशान और खौफजदा हैं, जहाँ कानून का खौफ चोरों में अब बिल्कुल नहीं दिख रहा है। हाल ही में, महुआ निवासी मनोज महावर जी के घर में लाखों की चोरी को अंजाम दिया गया, जिसने जनता में असुरक्षा की भावना को और बढ़ा दिया है। चोरों ने बड़ी आसानी से घर में घुसकर अलमारी को बेरहमी से तोड़ा और उसमें रखे कीमती सामान पर हाथ साफ कर फरार हो गए। चोरी हुए सामान में 2 जोड़ी चांदी की पाजेब (पायल), सोने के कुंडल, 2 कनकती (कमरबंद), और ₹5,000 नगद कैश शामिल हैं। वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि चोरों ने किस तरह अलमारी के ताले तोड़े हैं, तिजोरी को कटर या किसी भारी औजार से नुकसान पहुँचाया है, और पूरे घर का सामान बिखेर दिया है, जो इस घटना की गंभीरता को दर्शाता है। इस घटना के बाद प्रशासन और पुलिस पर सीधा सवाल उठाया जा रहा है कि आखिर कब तक महुआ की जनता इस तरह डर-डर के जीवन जिएगी। नागरिकों का कहना है कि लोग मेहनत-मजदूरी कर के जो कुछ भी कमाते हैं, चोर चंद मिनटों में उसे उजाड़ देते हैं। जनता यह जानना चाहती है कि क्या महुआ में पुलिस गश्त सही तरीके से हो रही है और इन चोरों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई कब होगी। यह वीडियो अधिक से अधिक लोगों तक पहुँचाने की अपील की गई है ताकि प्रशासन के कानों तक यह बात पहुँचे और मनोज भाई को न्याय मिल सके। इसके साथ ही, लोगों से अपने घरों को सूना न छोड़ने, सतर्क रहने और आस-पास कोई भी संदिग्ध व्यक्ति दिखे तो तुरंत आवाज उठाने का आग्रह किया गया है।1