कोंटा में बस्तरिया राज मोर्चा का शक्ति प्रदर्शन, हजारों ग्रामीणों ने भरी हुंकार अंदरूनी 30 गांव के किसान के साथ दिया धरना कम बारिश से फसल खराब पोलावरम प्रभावित 18 गांवों और सूखे की स्थिति को लेकर 13 सूत्रीय ज्ञापन, मांगें पूरी नहीं होने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी कोंटा में बस्तरिया राज मोर्चा का शक्ति प्रदर्शन, हजारों ग्रामीणों ने भरी हुंकार अंदरूनी 30 गांव के किसान के साथ दिया धरना कम बारिश से फसल खराब पोलावरम प्रभावित 18 गांवों और सूखे की स्थिति को लेकर 13 सूत्रीय ज्ञापन, मांगें पूरी नहीं होने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी सुकमा -सुकमा जिले कोंटा में को बस्तरिया राज मोर्चा ने अपनी पहली बड़ी जनसभा आयोजित कर शक्ति प्रदर्शन किया। दूर-दराज के इलाकों से बड़ी संख्या में ग्रामीण किसान पारंपरिक वेशभूषा में कोंटा पहुंचे। सभा में किसानों की समस्याओं, बारिश की कमी, फसल संकट और पोलावरम परियोजना से प्रभावित परिवारों के पुनर्वास का मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया। जनसभा के बाद मोर्चा के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री के नाम प्रशासन को 13 सूत्रीय ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में कोंटा विकासखंड के प्रभावित किसानों को राहत देने, पोलावरम प्रभावित परिवारों का पारदर्शी सर्वे कराने तथा उचित मुआवजा और सम्मानजनक पुनर्वास की मांग की गई। 30 से अधिक पंचायतों में बारिश की कमी का दावा सभा में वक्ताओं ने दावा किया कि कोंटा विकासखंड की 30 से अधिक ग्राम पंचायतों में बारिश की स्थिति चिंताजनक है। पर्याप्त पानी नहीं मिलने से धान की फसल प्रभावित होने की बात कही गई। ग्रामीणों के अनुसार जलस्रोतों में भी पानी कम होने लगा है और सीमित सिंचाई साधनों के चलते किसानों की परेशानी बढ़ रही है। मोर्चा ने प्रभावित क्षेत्रों का तत्काल सर्वे कर किसानों को राहत देने की मांग की। पोलावरम प्रभावित 18 गांवों का मुद्दा उठा पूर्व विधायक एवं बस्तरिया राज मोर्चा के नेता मनीष कुंजाम ने पोलावरम परियोजना से प्रभावित बताए जा रहे 18 गांवों का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि प्रभावित परिवार लंबे समय से विस्थापन की आशंका के बीच जीवन गुजार रहे हैं। उन्होंने प्रभावित परिवारों का पारदर्शी सर्वे कर पात्र परिवारों की सूची सार्वजनिक करने की मांग की। सभा में उचित मुआवजा, पुनर्वास और रोजगार की व्यवस्था के बिना विस्थापन स्वीकार नहीं करने की बात कही गई। 13 सूत्रीय ज्ञापन में कई मांगें मोर्चा के ज्ञापन में सूखे जैसी स्थिति वाले क्षेत्रों का तत्काल सर्वे, पात्र पंचायतों को राहत सूची में शामिल करने और किसानों के सहकारी ऋण माफ करने की मांग की गई। इसके अलावा पोलावरम प्रभावित परिवारों को उचित मुआवजा, पुनर्वास, पेयजल, बिजली, सड़क, स्कूल, स्वास्थ्य केंद्र, आंगनबाड़ी और राशन दुकान जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग रखी गई। प्रभावित परिवारों के लिए स्थायी रोजगार और बच्चों की शिक्षा की व्यवस्था के साथ स्थानीय भाषा में सरकारी योजनाओं की जानकारी तथा शिकायतों के निराकरण के लिए विशेष केंद्र बनाने की मांग भी ज्ञापन में शामिल रही। महिलाओं और युवाओं की भी रही भागीदारी जनसभा में शामिल होने ग्रामीण सुबह से ही कोंटा पहुंचने लगे थे। कई ग्रामीण पैदल, बाइक और अन्य साधनों से सभा स्थल पहुंचे। महिलाओं और युवाओं की भी बड़ी मौजूदगी रही। ढोल-नगाड़ों और नारों के बीच ग्रामीणों ने अपनी मांगों को लेकर एकजुटता दिखाई। आंदोलन को व्यापक करने की चेतावनी मनीष कुंजाम ने कहा कि कोंटा की जनसभा आंदोलन की शुरुआत है। आने वाले समय में बस्तर के अन्य हिस्सों में भी जनसभाएं आयोजित कर किसानों, आदिवासियों और प्रभावित परिवारों की समस्याओं को उठाया जाएगा। मोर्चा ने मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं होने की स्थिति में आंदोलन को और व्यापक रूप देने की चेतावनी दी है। जनसभा के बाद कोंटा क्षेत्र में किसानों और विस्थापन से जुड़े मुद्दों को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज होने के संकेत भी मिले हैं।
कोंटा में बस्तरिया राज मोर्चा का शक्ति प्रदर्शन, हजारों ग्रामीणों ने भरी हुंकार अंदरूनी 30 गांव के किसान के साथ दिया धरना कम बारिश से फसल खराब पोलावरम प्रभावित 18 गांवों और सूखे की स्थिति को लेकर 13 सूत्रीय ज्ञापन, मांगें पूरी नहीं होने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी कोंटा में बस्तरिया राज मोर्चा का शक्ति प्रदर्शन, हजारों ग्रामीणों ने भरी हुंकार अंदरूनी 30 गांव के किसान के साथ दिया धरना कम बारिश से फसल खराब पोलावरम प्रभावित 18 गांवों और सूखे की स्थिति को लेकर 13 सूत्रीय ज्ञापन, मांगें पूरी नहीं होने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी सुकमा -सुकमा जिले कोंटा में को बस्तरिया राज मोर्चा ने अपनी पहली बड़ी जनसभा आयोजित कर शक्ति प्रदर्शन किया। दूर-दराज के इलाकों से बड़ी संख्या में ग्रामीण किसान पारंपरिक वेशभूषा में कोंटा पहुंचे। सभा में किसानों की समस्याओं, बारिश की कमी, फसल संकट और पोलावरम परियोजना से
प्रभावित परिवारों के पुनर्वास का मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया। जनसभा के बाद मोर्चा के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री के नाम प्रशासन को 13 सूत्रीय ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में कोंटा विकासखंड के प्रभावित किसानों को राहत देने, पोलावरम प्रभावित परिवारों का पारदर्शी सर्वे कराने तथा उचित मुआवजा और सम्मानजनक पुनर्वास की मांग की गई। 30 से अधिक पंचायतों में बारिश की कमी का दावा सभा में वक्ताओं ने दावा किया कि कोंटा विकासखंड की 30 से अधिक ग्राम पंचायतों में बारिश की स्थिति चिंताजनक है। पर्याप्त पानी नहीं मिलने से धान की फसल प्रभावित होने की बात कही गई। ग्रामीणों के अनुसार जलस्रोतों में भी पानी कम होने लगा है और सीमित सिंचाई साधनों के चलते किसानों की परेशानी बढ़ रही है। मोर्चा ने प्रभावित क्षेत्रों का तत्काल सर्वे कर किसानों को राहत देने की मांग की। पोलावरम प्रभावित 18 गांवों का मुद्दा उठा पूर्व विधायक एवं बस्तरिया राज मोर्चा के नेता मनीष कुंजाम ने
पोलावरम परियोजना से प्रभावित बताए जा रहे 18 गांवों का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि प्रभावित परिवार लंबे समय से विस्थापन की आशंका के बीच जीवन गुजार रहे हैं। उन्होंने प्रभावित परिवारों का पारदर्शी सर्वे कर पात्र परिवारों की सूची सार्वजनिक करने की मांग की। सभा में उचित मुआवजा, पुनर्वास और रोजगार की व्यवस्था के बिना विस्थापन स्वीकार नहीं करने की बात कही गई। 13 सूत्रीय ज्ञापन में कई मांगें मोर्चा के ज्ञापन में सूखे जैसी स्थिति वाले क्षेत्रों का तत्काल सर्वे, पात्र पंचायतों को राहत सूची में शामिल करने और किसानों के सहकारी ऋण माफ करने की मांग की गई। इसके अलावा पोलावरम प्रभावित परिवारों को उचित मुआवजा, पुनर्वास, पेयजल, बिजली, सड़क, स्कूल, स्वास्थ्य केंद्र, आंगनबाड़ी और राशन दुकान जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग रखी गई। प्रभावित परिवारों के लिए स्थायी रोजगार और बच्चों की शिक्षा की व्यवस्था के साथ स्थानीय भाषा में सरकारी योजनाओं की जानकारी तथा
शिकायतों के निराकरण के लिए विशेष केंद्र बनाने की मांग भी ज्ञापन में शामिल रही। महिलाओं और युवाओं की भी रही भागीदारी जनसभा में शामिल होने ग्रामीण सुबह से ही कोंटा पहुंचने लगे थे। कई ग्रामीण पैदल, बाइक और अन्य साधनों से सभा स्थल पहुंचे। महिलाओं और युवाओं की भी बड़ी मौजूदगी रही। ढोल-नगाड़ों और नारों के बीच ग्रामीणों ने अपनी मांगों को लेकर एकजुटता दिखाई। आंदोलन को व्यापक करने की चेतावनी मनीष कुंजाम ने कहा कि कोंटा की जनसभा आंदोलन की शुरुआत है। आने वाले समय में बस्तर के अन्य हिस्सों में भी जनसभाएं आयोजित कर किसानों, आदिवासियों और प्रभावित परिवारों की समस्याओं को उठाया जाएगा। मोर्चा ने मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं होने की स्थिति में आंदोलन को और व्यापक रूप देने की चेतावनी दी है। जनसभा के बाद कोंटा क्षेत्र में किसानों और विस्थापन से जुड़े मुद्दों को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज होने के संकेत भी मिले हैं।
- स्मार्ट मीटर से बढ़े बिजली बिल के विरोध में बिजली ऑफिस का घेराव स्मार्ट मीटर से बढ़े बिजली बिल के विरोध में बिजली ऑफिस का घेराव दोरनापाल। स्मार्ट मीटर लगाए जाने के बाद बिजली बिल में लगातार बढ़ोतरी से परेशान उपभोक्ताओं का आक्रोश बढ़ता जा रहा है। बढ़े हुए बिजली बिल और स्मार्ट मीटर की समस्याओं को लेकर क्षेत्र के नागरिकों ने बिजली विभाग के कार्यालय का घेराव कर विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि स्मार्ट मीटर लगने के बाद कई उपभोक्ताओं के बिजली बिल में अचानक वृद्धि हुई है, जिससे आम परिवारों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है। लोगों ने बिजली विभाग से स्मार्ट मीटर की रीडिंग और पुराने मीटर की खपत का मिलान कराकर वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने की मांग की। प्रदर्शन के दौरान लोगों ने बढ़े हुए बिजली बिल की जांच, गलत बिलों में सुधार तथा स्मार्ट मीटर से जुड़ी शिकायतों का तत्काल निराकरण करने की मांग उठाई। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि जब तक उपभोक्ताओं की समस्याओं का समाधान नहीं होता, तब तक इस मुद्दे को लेकर आंदोलन जारी रखा जाएगा। वहीं, नागरिकों ने बिजली विभाग के अधिकारियों से मांग की कि प्रत्येक शिकायत की निष्पक्ष जांच कर उपभोक्ताओं को राहत दी जाए और बिजली बिल को लेकर बनी असमंजस की स्थिति को दूर किया जाए।1
- नायब तहसीलदार निधि एस. नेताम का निधन, प्रशासनिक अमले में शोक की लहर नायब तहसीलदार निधि एस. नेताम का निधन, प्रशासनिक अमले में शोक की लहर _धनोरा में भी श्रद्धांजलि दी गई कोंडागांव :- जिले के धनोरा तहसील में नायब तहसीलदार के पद पर पदस्थ सुश्री निधि एस. नेताम का बीती रात रायपुर के अस्पताल में इलाज के दौरान निधन हो गया। उनके निधन की खबर से प्रशासनिक अमले सहित धनोरा और फरसगांव क्षेत्र में शोक की लहर है। जानकारी के अनुसार, निधि एस. नेताम पिछले कुछ दिनों से अस्वस्थ थीं और उनका रायपुर में उपचार चल रहा था। हाल ही में स्थानांतरण के बाद उन्होंने धनोरा तहसील में नायब तहसीलदार के रूप में कार्यभार संभाला था। इससे पहले वे फरसगांव तहसील में करीब ढाई वर्ष तक सेवाएं दे चुकी थीं। फरसगांव उनकी पहली पदस्थापना थी। उनके निधन के बाद धनोरा में व्यापारियों, अधिकारी-कर्मचारियों और जनप्रतिनिधियों ने शोकसभा आयोजित कर श्रद्धांजलि दी। उपस्थित लोगों ने दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की तथा शोक संतप्त परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की। इस दौरान लोगों ने कहा कि निधि एस. नेताम के असामयिक निधन से क्षेत्र ने एक संवेदनशील, कर्तव्यनिष्ठ और मिलनसार अधिकारी को खो दिया है। उनका निधन प्रशासनिक क्षेत्र के साथ-साथ स्थानीय लोगों के लिए भी अपूरणीय क्षति है। उनका अंतिम संस्कार मंगलवार को उनके गृह ग्राम कन्हानपुर, तहसील सरोना, जिला कांकेर में किया गया। धनोरा के नायब तहसीलदार नेताम मैडम के आकस्मिक निधन पर ग्राम धनोरा के व्यापारीगण कर्मचारी अधिकारी गण एवं जनप्रतिनिधियों ने गहरा दुख व्यक्त करते हुए शोक सभा का आयोजन किया गया और भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की गई.2
- आमदई माइंस के पास खड़े ट्रक में अचानक लगी भीषण आग, चालक और हेल्पर ने भागकर बचाई जान नारायणपुर जिले के छोटे डोंगर स्थित आमदई माइंस क्षेत्र में उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब मुख्य सड़क पर खड़े एक ट्रक में अचानक भीषण आग लग गई। ट्रक के अंदर सो रहे चालक और हेल्पर गर्मी महसूस होने पर किसी तरह वाहन से बाहर निकलकर अपनी जान बचाने में सफल रहे। हालांकि घटना में कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन ट्रक पूरी तरह जलकर खाक हो गया। जानकारी के अनुसार, आमदई माइंस के समीप मुख्य सड़क पर एक ट्रक वाहन खड़ा हुआ था। उस दौरान वाहन चालक और हेल्पर ट्रक के अंदर सो रहे थे। बताया जा रहा है कि आग लगने से कुछ समय पहले ट्रक का हार्न लगातार और अचानक बजने लगा था। इसी दौरान अचानक ट्रक में भीषण आग भड़क उठी। आग से उत्पन्न तेज गर्मी और धुएं के कारण चालक एवं हेल्पर की नींद खुल गई। दोनों ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए तत्काल ट्रक से बाहर निकलकर भागते हुए अपनी जान बचाई। घटनास्थल के आसपास अन्य वाहन भी खड़े हुए थे। आग की तेज लपटें दूसरे वाहनों तक पहुंच सकती थीं, जिससे बड़ा हादसा होने की आशंका थी। लेकिन वहां मौजूद अन्य वाहन चालकों ने सूझबूझ का परिचय देते हुए आग को फैलने से रोकने का प्रयास किया। बताया जा रहा है कि सड़क पर पानी का छिड़काव करने वाले वाहन से पानी लेकर आग बुझाने का प्रयास किया गया। काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया, लेकिन तब तक ट्रक पूरी तरह जलकर खाक हो चुका था। गनीमत रही कि इस भीषण अग्निकांड में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई। चालक और हेल्पर समय रहते ट्रक से बाहर निकल गए, वहीं अन्य वाहन चालकों की सतर्कता और सूझबूझ के कारण आग आसपास खड़े दूसरे वाहनों तक नहीं पहुंच सकी। हालांकि आग लगने के वास्तविक कारणों का पता लगाया जाना बाकी है।1
- नारायणपुर: सड़क किनारे खड़े मालवाहक वाहनों में लगी भीषण आग नारायणपुर में सड़क किनारे खड़े कई मालवाहक ट्रकों में आग लगने का वीडियो सामने आया है। वीडियो में ट्रकों से उठता धुआं और आग की तेज लपटें साफ दिखाई दे रही हैं। आग की चपेट में आए वाहनों को काफी नुकसान पहुंचा है। वीडियो में मौके पर मौजूद लोगों और घटनास्थल के दृश्य भी दिखाई दे रहे हैं। आग लगने का कारण और नुकसान का विस्तृत विवरण फिलहाल स्पष्ट नहीं है। मामले की जानकारी जुटाई जा रही है।1
- कोंडागांव: अंतर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस पर विधिक जागरूकता शिविर, विद्यार्थियों को बताए कानूनी अधिकार और कर्तव्य कोंडागांव के शासकीय हाई स्कूल कोकोड़ी में अंतर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस के अवसर पर विधिक जागरूकता शिविर आयोजित किया गया। विद्यार्थियों को बाल अधिकार, पॉक्सो अधिनियम, बाल विवाह प्रतिषेध कानून, साइबर अपराध और निःशुल्क विधिक सहायता सहित महत्वपूर्ण कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी गई। साथ ही साइबर अपराध से बचाव और सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग के लिए जागरूक किया गया।1
- ग्राम चिलपरस में काकन नाला के पास सड़क हादसे में युवक की मौत,जांच में जुटी पुलिस 8 सितम्बर शाम 6 बजे मिली जानकारी अनुसार,जिले के कोयलीबेड़ा थाना क्षेत्र के ग्राम चिलपरस में, काकन नाला के पास सड़क हादसे में 21 वर्षीय तमेश्वर मंडावी की मौत हो गई। पुलिस के अनुसार घटना 6 सितंबर को हुई, पुलिस ने मर्ग कायम कर विवेचना में लिया। मृतक तमेश्वर मंडावी के सड़क दुर्घटना में घायल होने के बाद मौत होने की रिपोर्ट पर पुलिस ने मर्ग कायम कर विवेचना में लिया।1
- सुरु एप की खबर का बड़ा असर दो दिन पहले ट्रैक्टर से सुकमा पहुंचे थे ग्रामीण, दो दिन बाद बाइक से मेटागुड़ा पहुंचे कलेक्टर-सीईओ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की मंशा के अनुरूप मेटागुड़ा में लगी चौपाल, ग्रामीणों की समस्याओं पर हुई त्वरित कार्रवाई जमीन में बैठकर कलेक्टर-सीईओ ने सुनी ग्रामीणों की बात, स्कूल-आंगनबाड़ी को तत्काल स्वीकृति सुरु एप की खबर का बड़ा असर दो दिन पहले ट्रैक्टर से सुकमा पहुंचे थे ग्रामीण, दो दिन बाद बाइक से मेटागुड़ा पहुंचे कलेक्टर-सीईओ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की मंशा के अनुरूप मेटागुड़ा में लगी चौपाल, ग्रामीणों की समस्याओं पर हुई त्वरित कार्रवाई जमीन में बैठकर कलेक्टर-सीईओ ने सुनी ग्रामीणों की बात, स्कूल-आंगनबाड़ी को तत्काल स्वीकृति सुकमा- मेटागुड़ा गांव के ग्रामीण दो दिन पहले स्कूल, आंगनबाड़ी भवन सहित विभिन्न मांगों को लेकर ट्रैक्टर से जिला मुख्यालय पहुंचे थे। ग्रामीणों की समस्याओं को सुनने के बाद कलेक्टर श्री अमित कुमार, जिला पंचायत सीईओ श्री मुकुंद ठाकुर सहित प्रशासनिक अमला शुक्रवार को किस्ताराम से करीब 20 किलोमीटर दूर पालाचलमा पंचायत के मेटागुड़ा गांव पहुंचा। अधिकारियों ने गांव में ग्रामीणों के साथ चर्चा कर उनकी आवश्यकताओं और स्थानीय समस्याओं की जानकारी ली। गांव पहुंचने पर कलेक्टर एवं अधिकारियों ने पेड़ के नीचे ग्रामीणों के साथ चौपाल लगाई। इस दौरान मेटागुड़ा में आंगनबाड़ी भवन और आमापेंटा में प्राथमिक शाला भवनों के निर्माण के लिए स्वीकृति आदेश दी गई। ग्रामीणों की अन्य मांगों पर भी अधिकारियों ने संबंधित विभागों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। इस दौरान ग्रामीणों ने गांव में बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी समस्याओं और अपनी अपेक्षाओं से प्रशासन को अवगत कराया। सिंचाई सुविधा के विस्तार के लिए गांव में नहर विकास कार्यों के साथ वीबी जी रामजी के तहत तालाब निर्माण की स्वीकृति दी गई है। इससे सिंचाई सुविधा बढ़ाने के साथ स्थानीय स्तर पर ग्रामीणों को रोजगार मिलने की संभावना है। गांव में बिजली पहुंचाने के संबंध में अधिकारियों ने लगभग दो महीने की अवधि में विद्युत सुविधा उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया। सड़क निर्माण की ग्रामीणों की मांग पर डीपीआर तैयार कर राज्य सरकार को भेजा गया है। ग्रामीणों को शासकीय योजनाओं और दस्तावेजों से जोड़ने के लिए सोमवार को गांव में शिविर आयोजित किया जाएगा। शिविर में वोटर आईडी, आधार कार्ड, राशन कार्ड, श्रम कार्ड और आयुष्मान कार्ड से संबंधित कार्य किए जाएंगे। मेटागुड़ा में प्रशासनिक अमले के पहुंचने और ग्रामीणों से सीधे संवाद करने से स्थानीय समस्याओं को मौके पर समझने तथा संबंधित कार्यों की प्रक्रिया आगे बढ़ाने में मदद मिली है।4
- करलखा में धर्मांतरण का विवाद और जमीन पर कब्जे का आरोप! सैकड़ों ग्रामीण ट्रैक्टरों से पहुंचे नारायणपुर हेडिंग करलखा के सैकड़ों ग्रामीणों का नारायणपुर में प्रदर्शन, धर्मांतरण गतिविधियों और जमीन पर कथित अवैध कब्जे को लेकर कलेक्टर, एसपी व तहसीलदार से मिले नारायणपुर जिले के ग्राम पंचायत करलखा के सैकड़ों ग्रामीण आज ट्रैक्टरों में सवार होकर जिला मुख्यालय पहुंचे। ग्रामीणों ने गांव में कथित अवैध धर्मांतरण गतिविधियों और भूमि पर कथित अवैध कब्जे के दो अलग-अलग मामलों को लेकर कलेक्टर नम्रता जैन, पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार पटेल और तहसीलदार से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा। प्रशासनिक अधिकारियों से मिले आश्वासन के बाद ग्रामीण संतुष्ट नजर आए। नारायणपुर जनपद क्षेत्र के ग्राम पंचायत करलखा में आज बड़ी संख्या में ग्रामीण एकजुट होकर ट्रैक्टरों के माध्यम से जिला मुख्यालय नारायणपुर पहुंचे। ग्रामीणों के साथ ग्राम पंचायत के सरपंच, उपसरपंच एवं अन्य जनप्रतिनिधि भी मौजूद रहे। ग्रामीणों ने सर्वप्रथम कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर कलेक्टर नम्रता जैन को दो अलग-अलग ज्ञापनों के माध्यम से अपनी समस्याओं से अवगत कराया। धर्मांतरण गतिविधियों को लेकर जताई आपत्ति ग्रामीणों द्वारा सौंपे गए ज्ञापन में गांव में कथित रूप से बिना पंचायत की अनुमति प्रार्थना सभा आयोजित किए जाने और धर्मांतरण से जुड़ी गतिविधियों की शिकायत की गई है। ग्रामीणों का कहना है कि ग्राम पंचायत करलखा पांचवीं अनुसूची क्षेत्र में आता है और यहां पेसा कानून लागू है। ऐसे में ग्राम सभा और पंचायत की अनुमति के बिना इस प्रकार की गतिविधियां संचालित किए जाने पर ग्रामीणों ने आपत्ति जताई है। ग्रामीणों ने ज्ञापन में एक व्यक्ति पर कथित रूप से प्रार्थना सभा और धर्मांतरण गतिविधियों से जुड़े होने का आरोप लगाते हुए मामले की जांच और आवश्यक कार्रवाई की मांग की है। ग्रामीणों ने यह भी कहा कि गांव में शांति एवं सद्भाव बनाए रखने के लिए प्रशासन को मामले में हस्तक्षेप करना चाहिए। कलेक्टर नम्रता जैन ने ग्रामीणों को सुझाव दिया कि धर्मांतरण और कानून-व्यवस्था से जुड़े मामले में वे पुलिस अधीक्षक से मिलकर अपनी शिकायत विस्तार से रखें। एसपी को सौंपा लिखित ज्ञापन कलेक्टर से मिलने के बाद ग्रामीण पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचे, जहां उन्होंने एसपी संदीप कुमार पटेल को लिखित ज्ञापन सौंपा। ग्रामीणों ने ज्ञापन में संबंधित व्यक्ति और कथित धर्मांतरण गतिविधियों की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई करने की मांग की।ग्रामीणों के अनुसार पुलिस प्रशासन ने उन्हें हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया है। पुलिस अधिकारियों ने ग्रामीणों से कहा कि भविष्य में यदि संबंधित व्यक्ति या कोई अन्य व्यक्ति इस प्रकार की कोई गतिविधि करता है, तो इसकी तत्काल सूचना पुलिस को दी जाए, ताकि शिकायत और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा सके। 6 डिसमिल जमीन पर कथित अवैध कब्जे का मामला ग्रामीणों ने दूसरा ज्ञापन भूमि पर कथित अवैध कब्जे को लेकर सौंपा। ज्ञापन के अनुसार गांव में लगभग 6 डिसमिल भूमि पर कथित रूप से अवैध कब्जा किए जाने का आरोप है। ग्रामीणों का कहना है कि मामले को लेकर पूर्व में भी प्रशासन को अवगत कराया गया, लेकिन अब तक अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई है। कलेक्टर नम्रता जैन ने ग्रामीणों को भूमि विवाद और अवैध कब्जे के मामले में तहसीलदार से मिलकर विस्तृत जानकारी देने का सुझाव दिया। इसके बाद ग्राम पंचायत के ग्रामीण सरपंच एवं उपसरपंच के साथ तहसील कार्यालय पहुंचे और तहसीलदार से मामले की जानकारी ली। तहसीलदार ने ग्रामीणों को बताया कि प्रकरण में न्यायिक प्रक्रिया जारी है और संबंधित पक्ष से न्यायालयीन प्रक्रिया के तहत पूछताछ एवं सुनवाई की जा रही है। तहसीलदार ने यह भी आश्वासन दिया कि मामले की नियमानुसार सुनवाई की जाएगी और यदि जांच एवं न्यायिक प्रक्रिया में भूमि पर अवैध कब्जा पाया जाता है तो नियमानुसार कब्जा हटाने की कार्रवाई प्रारंभ की जाएगी। एक ही दिन में करलखा के सैकड़ों ग्रामीणों ने कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक और तहसीलदार से मिलकर गांव से जुड़े दो महत्वपूर्ण मुद्दों को प्रशासन के सामने रखा। धर्मांतरण गतिविधियों की शिकायत और भूमि पर कथित अवैध कब्जे के मामले में अधिकारियों द्वारा जांच एवं नियमानुसार कार्रवाई का आश्वासन दिए जाने के बाद ग्रामीण संतुष्ट नजर आए। अब ग्रामीणों की निगाह प्रशासन और पुलिस द्वारा आगे की जाने वाली कार्रवाई पर टिकी हुई है।1
- कोंडागांव: मालगांव कन्या छात्रावास में विधिक जागरूकता शिविर, छात्राओं को बताए अधिकार और कानून कोंडागांव के मालगांव स्थित प्री-मैट्रिक कन्या छात्रावास में विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में छात्राओं को बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम, पॉक्सो अधिनियम, बाल अधिकार, शिक्षा का अधिकार, साइबर अपराध, गुड टच-बैड टच और निःशुल्क विधिक सहायता जैसे महत्वपूर्ण विषयों की जानकारी दी गई। अधिकार मित्र सुप्रिया शील ने छात्राओं को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक करते हुए किसी भी प्रकार के शोषण या अपराध की स्थिति में चुप न रहने और तत्काल अभिभावक, शिक्षक अथवा संबंधित सहायता केंद्र को सूचना देने के लिए प्रेरित किया।1