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💔teri yaado me 👀
@rider 72
💔teri yaado me 👀
- Kumer Daymaसारंगपुर, राजगढ़, मध्य प्रदेश😤3 hrs ago
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- Post by @rider 721
- छापीहेड़ा के समीप ग्राम खाता खेड़ी में चल रहे श्री राधा कृष्ण पूर्ण प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव एवं पंच कुंडात्मक यज्ञ को लेकर,आज गुरुवार की रात 9:00 बजे से, भगवान श्रीराधा-कृष्ण की शोभायात्रा में उमड़ा आस्था का सैलाब। नगर भ्रमण के दौरान श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। ढोल-नगाड़ों की गूंज ,शंखनाद और जय श्री राधे कृष्ण के जयकारों से पूरा क्षेत्र भक्ति में वातावरण में सराबोर और हो गया। राधा कृष्ण की मूर्ति को सुसज्जित रथ पर विराजमान कर जैसे ही श्रद्धालु प्रमुख मार्गो से निकले , स्थानीय लोगों ने पुष्प वर्षा कर प्रतिमा का स्वागत किया। इस दौरान रथ पर सुसज्जित प्रतिमा को नगर के प्रमुख मार्गों से भ्रमण कराया गया। इस पावन अवसर पर महिला पुरुष और युवा श्रद्धालु पारंपरिक भगवा वस्त्र धारण कर नगर भ्रमण में शामिल हुए। इस दौरान महिलाओं और युवाओं की भागीदारी विशेष रूप से देखने को मिली। नगर भ्रमण के दौरान जगह-जगह लोगों ने मूर्ति का पूजा-अर्चना कर लोगों ने क्षेत्र में सुख-शांति और समृद्धि की कामना की। रथ यात्रा गांव में भ्रमण करते हुए पुन: मंदिर प्रांगण पहुंची। नगर भ्रमण के समापन पर मंदिर परिसर में विद्वान पंडितों के द्वारा वैदिक मंत्र कर के बीच रथ से राधा कृष्ण की प्रतिमा को विधिवत उतार कर मंदिर में रखा गया। इस दौरान श्रद्धालुओं के जयकारों से पूरा वातावरण भक्ति और आस्था से गूंज उठा। आयोजन के दौरान अनुशासन और श्रद्धा का अद्भुत संगम देखने को मिला । नगर भ्रमण ने पूरे क्षेत्र को धार्मिक उल्लास और आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया । आयोजकों ने बताया शुक्र वार को मंदिर में राधा कृष्ण के मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा की जाएगी। आयोजकों ने बताया राधा-कृष्ण प्रतिमा की प्राण प्रतिष्ठा को लेकर आयोजित इस धार्मिक अनुष्ठान का शुक्र वार को विधि-विधान के साथ संपन्न होगा। अनुष्ठान के दौरान पूजा-पाठ, हवन, भजन-कीर्तन का आयोजन किया जा रहा है। समिति ने अधिक से अधिक श्रद्धालुओं से शामिल होकर पुण्य लाभ अर्जित करने की अपील की है।1
- Post by BS Mandloi The News Today1
- मोहन बड़ोदिया। ग्राम मोहना में गुरुवार शुक्रवार को क्षेत्र में अचानक मौसम बदलने से किसानों की चिंता बढ़ गई है। तेज हवा के साथ हुई हल्की सी बारिश के कारण गेहूं और सरसों की फसले खेतों में बिछ गई। जिससे पैदावार प्रभावित होने की आशंका है।अचानक हुए इस बारिश और तेज हवा ने उन किसानों को विशेष रूप से प्रभावित किया ,जिन्होंने हाल ही में गेहूं की फसल में पानी लगाया था, उनकी फसले खेतों में गिर गई। इसी तरह सरसों की फसले भी बूंदाबांदी और हवा से प्रभावित हुई है।आलू के किसान भी मौसम के इस बदलते मिजाज से चिंतित हैं ।उन्हें भी अपनी फसल को नुकसान होने का डर सता रहा है । मोहना के किसानौ ने बताया कि यहां बारिश किसानों के लिए परेशानी भारी है और इससे कोई फायदा नहीं होगा।उन्होंने आशंका जताई कि आलू सरसों और गेहूं की खड़ी फसलों में बारिश से पैदावार पर बुरा असर पड़ेगा।1
- मोहनबड़ोदिया:- कलेक्टर सुश्री ऋजु बाफना द्वारा विगत 17 फरवरी को फार्मर रजिस्ट्री अंतर्गत समस्त भूधारी के फार्मर पंजीयन एवं उनकी समस्त भूमि फार्मर पंजीयन कार्य की समीक्षा की गई। उक्त समीक्षा में जिले के 3 नायब तहसीलदारों जिनमें नायब तहसीलदार बेरछा श्री जितेन्द्र चोरसिया, नायब तहसीलदार मोमन बडोदिया श्री मुकेश गुप्ता एवं नायब तहसीलदार सुंदरसी श्री घनश्याम लौहार का कार्य संतोषजनक नहीं होने पर उनके माह फरवरी-2026 के वेतन से 02 दिवस का वेतन रोकने के आदेश दिए हैं।1
- Post by सत्य एक्सप्रेस न्यूज1
- सुसनेर नगर में कांग्रेसियों ने मंत्री कैलाश विजयवर्गीय विजय शाह राजेंद्र शुक्ला का पुतला फुका की इस्तीफे की मांग1
- तेज बारिश और आंधी से किसानों की फसलों को भारी नुकसान, भारतीय किसान संघ करेगा ज्ञापन शाजापुर, 20 फरवरी। 19 फरवरी की रात 11:00 बजे से लगातार हो रही तेज बारिश और आंधी ने शाजापुर तहसील के किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया। अचानक बदले मौसम ने खेतों में खड़ी गेहूं, मसूर, राईडा, लहसुन और प्याज की फसलों को भारी नुकसान पहुंचाया है। कई स्थानों पर गेहूं की फसल आड़ी गिर गई है, जिससे 60 से 80 प्रतिशत तक नुकसान का अनुमान लगाया जा रहा है। भारतीय किसान संघ के जिला कोषाध्यक्ष ललित नगर एवं तहसील मंत्री ज्ञान सिंह गुर्जर ने प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि शाजापुर तहसील के ग्राम सेतखेड़ी, पचोला, खामखेड़ा, खोरिया, नायता, बिकलाखेड़ी सहित कई गांवों में तेज हवा और बारिश से व्यापक नुकसान हुआ है। खेतों में खड़ी फसलें बिछ गईं, जिससे किसानों के चेहरे पर मायूसी छा गई है। किसानों का कहना है कि पहले ही जल संकट, बिजली की समस्या और खाद के लिए लंबी कतारों जैसी परेशानियों का सामना करना पड़ा। जंगली जानवरों से फसल बचाने के लिए दिन-रात खेतों में पहरा देना पड़ा। कई किसानों ने अपनी जेब खाली कर तार फेंसिंग और झटका मशीन जैसी व्यवस्थाएं की थीं, लेकिन प्राकृतिक आपदा के आगे सारी मेहनत बेकार साबित होती नजर आ रही है। बताया गया कि जहां पहले एक बीघा फसल की कटाई पर 3 से साढ़े 3 हजार रुपये खर्च आता था, वहीं अब फसल गिरने के कारण कटाई खर्च बढ़कर लगभग 4 से 4.5 हजार रुपये तक पहुंच जाएगा। पैदावार में कमी और लागत में वृद्धि से किसान दोहरी मार झेल रहे हैं। इस संबंध में भारतीय किसान संघ ने निर्णय लिया है कि 23 फरवरी 2025, सोमवार को माननीय मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर प्रभावित किसानों को उचित मुआवजा और राहत पैकेज देने की मांग की जाएगी।1