logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…
  • Latest News
  • News
  • Politics
  • Elections
  • Viral
  • Astrology
  • Horoscope in Hindi
  • Horoscope in English
  • Latest Political News
logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…

होली से पूर्व अमरपुर के गांवों में खेली गई ‘दुरखेड़ी’, मिट्टी के गर्दे से सराबोर हुए लोग अमरपुर (बांका)। अमरपुर प्रखंड क्षेत्र के कई गांवों में होली से पूर्व पारंपरिक ‘दुरखेड़ी’ उत्साह और उमंग के साथ खेली गई। इस लोक परंपरा में दुरखेड़ी को जलाया नहीं जाता, बल्कि लोग आपस में मिट्टी से बने ‘गर्दे’ (मिट्टी के ढेले/गोल आकार) को एक-दूसरे पर लगाकर और फेंककर पर्व की शुरुआत करते हैं। सुबह से ही गांव के चौक-चौराहों और खुले मैदानों में युवक, बच्चे और बुजुर्ग जुटने लगे। तालाब और खेतों की मिट्टी से तैयार गर्दों को लेकर लोग एक-दूसरे पर हंसी-ठिठोली के साथ लगाते रहे। देखते ही देखते पूरा माहौल मस्ती और उल्लास से भर गया। परंपरा के अनुसार दुरखेड़ी खेलना आपसी मनमुटाव भुलाकर प्रेम और भाईचारे का संदेश देने का प्रतीक माना जाता है। ग्रामीणों ने बताया कि यह परंपरा पीढ़ियों से चली आ रही है। पहले गांव के बुजुर्ग इसकी शुरुआत करते हैं, उसके बाद युवा और बच्चे इसमें शामिल होते हैं। कई जगहों पर ढोल-नगाड़े और फगुआ गीतों की धुन पर लोग नाचते-गाते नजर आए। दुरखेड़ी के साथ ही अमरपुर क्षेत्र में होली का रंग और गहरा हो गया है। गांवों में अबीर-गुलाल की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं और फगुआ की टोलियां घर-घर जाकर गीत गा रही हैं। ग्रामीणों का कहना है कि दुरखेड़ी केवल एक खेल नहीं, बल्कि सामाजिक एकता और परंपरा को जीवित रखने का माध्यम है। होली से पूर्व अमरपुर के गांवों में खेली गई ‘दुरखेड़ी’, मिट्टी के गर्दे से सराबोर हुए लोग़ अमरपुर प्रखंड क्षेत्र के कई गांवों में होली से पूर्व पारंपरिक ‘दुरखेड़ी’ उत्साह और उमंग के साथ खेली गई। इस लोक परंपरा में दुरखेड़ी को जलाया नहीं जाता, बल्कि लोग आपस में मिट्टी से बने ‘गर्दे’ (मिट्टी के ढेले/गोल आकार) को एक-दूसरे पर लगाकर और फेंककर पर्व की शुरुआत करते हैं। सुबह से ही गांव के चौक-चौराहों और खुले मैदानों में युवक, बच्चे और बुजुर्ग जुटने लगे। तालाब और खेतों की मिट्टी से तैयार गर्दों को लेकर लोग एक-दूसरे पर हंसी-ठिठोली के साथ लगाते रहे। देखते ही देखते पूरा माहौल मस्ती और उल्लास से भर गया। परंपरा के अनुसार दुरखेड़ी खेलना आपसी मनमुटाव भुलाकर प्रेम और भाईचारे का संदेश देने का प्रतीक माना जाता है। ग्रामीणों ने बताया कि यह परंपरा पीढ़ियों से चली आ रही है। पहले गांव के बुजुर्ग इसकी शुरुआत करते हैं, उसके बाद युवा और बच्चे इसमें शामिल होते हैं। कई जगहों पर ढोल-नगाड़े और फगुआ गीतों की धुन पर लोग नाचते-गाते नजर आए। दुरखेड़ी के साथ ही अमरपुर क्षेत्र में होली का रंग और गहरा हो गया है। गांवों में अबीर-गुलाल की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं और फगुआ की टोलियां घर-घर जाकर गीत गा रही हैं। ग्रामीणों का कहना है कि दुरखेड़ी केवल एक खेल नहीं, बल्कि सामाजिक एकता और परंपरा को जीवित रखने का माध्यम है।

7 hrs ago
user_ओम प्रकाश आलोक रिपोर्टर
ओम प्रकाश आलोक रिपोर्टर
स्थानीय समाचार रिपोर्टर अमरपुर, बांका, बिहार•
7 hrs ago

होली से पूर्व अमरपुर के गांवों में खेली गई ‘दुरखेड़ी’, मिट्टी के गर्दे से सराबोर हुए लोग अमरपुर (बांका)। अमरपुर प्रखंड क्षेत्र के कई गांवों में होली से पूर्व पारंपरिक ‘दुरखेड़ी’ उत्साह और उमंग के साथ खेली गई। इस लोक परंपरा में दुरखेड़ी को जलाया नहीं जाता, बल्कि लोग आपस में मिट्टी से बने ‘गर्दे’ (मिट्टी के ढेले/गोल आकार) को एक-दूसरे पर लगाकर और फेंककर पर्व की शुरुआत करते हैं। सुबह से ही गांव के चौक-चौराहों और खुले मैदानों में युवक, बच्चे और बुजुर्ग जुटने लगे। तालाब और खेतों की मिट्टी से तैयार गर्दों को लेकर लोग एक-दूसरे पर हंसी-ठिठोली के साथ लगाते रहे। देखते ही देखते पूरा माहौल मस्ती और उल्लास से भर गया। परंपरा के अनुसार दुरखेड़ी खेलना आपसी मनमुटाव भुलाकर प्रेम और भाईचारे का संदेश देने का प्रतीक माना जाता है। ग्रामीणों ने बताया कि यह परंपरा पीढ़ियों से चली आ रही है। पहले गांव के बुजुर्ग इसकी शुरुआत करते हैं, उसके बाद युवा और बच्चे इसमें शामिल होते हैं। कई जगहों पर ढोल-नगाड़े और फगुआ गीतों की धुन पर लोग नाचते-गाते नजर आए। दुरखेड़ी के साथ ही अमरपुर क्षेत्र में होली का रंग और गहरा हो गया है। गांवों में अबीर-गुलाल की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं और फगुआ की टोलियां घर-घर जाकर गीत गा रही हैं। ग्रामीणों का कहना है कि दुरखेड़ी केवल एक खेल नहीं, बल्कि सामाजिक एकता और परंपरा को जीवित रखने का माध्यम है। होली से पूर्व अमरपुर के गांवों में खेली गई ‘दुरखेड़ी’, मिट्टी के गर्दे से सराबोर हुए लोग़ अमरपुर प्रखंड क्षेत्र के कई गांवों में होली से पूर्व पारंपरिक ‘दुरखेड़ी’ उत्साह और उमंग के साथ खेली गई। इस लोक परंपरा में दुरखेड़ी को जलाया नहीं जाता, बल्कि लोग आपस में मिट्टी से बने ‘गर्दे’ (मिट्टी के ढेले/गोल आकार) को एक-दूसरे पर लगाकर और फेंककर पर्व की शुरुआत करते हैं। सुबह से ही गांव के चौक-चौराहों और खुले मैदानों में युवक, बच्चे और बुजुर्ग जुटने लगे। तालाब और खेतों की मिट्टी से तैयार गर्दों को लेकर लोग एक-दूसरे पर हंसी-ठिठोली के साथ लगाते रहे। देखते ही देखते पूरा माहौल मस्ती और उल्लास से भर गया। परंपरा के अनुसार दुरखेड़ी खेलना आपसी मनमुटाव भुलाकर प्रेम और भाईचारे का संदेश देने का प्रतीक माना जाता है। ग्रामीणों ने बताया कि यह परंपरा पीढ़ियों से चली आ रही है। पहले गांव के बुजुर्ग इसकी शुरुआत करते हैं, उसके बाद युवा और बच्चे इसमें शामिल होते हैं। कई जगहों पर ढोल-नगाड़े और फगुआ गीतों की धुन पर लोग नाचते-गाते नजर आए। दुरखेड़ी के साथ ही अमरपुर क्षेत्र में होली का रंग और गहरा हो गया है। गांवों में अबीर-गुलाल की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं और फगुआ की टोलियां घर-घर जाकर गीत गा रही हैं। ग्रामीणों का कहना है कि दुरखेड़ी केवल एक खेल नहीं, बल्कि सामाजिक एकता और परंपरा को जीवित रखने का माध्यम है।

More news from Banka and nearby areas
  • बांका बिहार अमरपुर प्रखंड डुमरामा
    1
    बांका बिहार अमरपुर प्रखंड डुमरामा
    user_User7197 मेराज सिलवर
    User7197 मेराज सिलवर
    Amarpur, Banka•
    5 hrs ago
  • होली से पूर्व अमरपुर के गांवों में खेली गई ‘दुरखेड़ी’, मिट्टी के गर्दे से सराबोर हुए लोग़ अमरपुर प्रखंड क्षेत्र के कई गांवों में होली से पूर्व पारंपरिक ‘दुरखेड़ी’ उत्साह और उमंग के साथ खेली गई। इस लोक परंपरा में दुरखेड़ी को जलाया नहीं जाता, बल्कि लोग आपस में मिट्टी से बने ‘गर्दे’ (मिट्टी के ढेले/गोल आकार) को एक-दूसरे पर लगाकर और फेंककर पर्व की शुरुआत करते हैं। सुबह से ही गांव के चौक-चौराहों और खुले मैदानों में युवक, बच्चे और बुजुर्ग जुटने लगे। तालाब और खेतों की मिट्टी से तैयार गर्दों को लेकर लोग एक-दूसरे पर हंसी-ठिठोली के साथ लगाते रहे। देखते ही देखते पूरा माहौल मस्ती और उल्लास से भर गया। परंपरा के अनुसार दुरखेड़ी खेलना आपसी मनमुटाव भुलाकर प्रेम और भाईचारे का संदेश देने का प्रतीक माना जाता है। ग्रामीणों ने बताया कि यह परंपरा पीढ़ियों से चली आ रही है। पहले गांव के बुजुर्ग इसकी शुरुआत करते हैं, उसके बाद युवा और बच्चे इसमें शामिल होते हैं। कई जगहों पर ढोल-नगाड़े और फगुआ गीतों की धुन पर लोग नाचते-गाते नजर आए। दुरखेड़ी के साथ ही अमरपुर क्षेत्र में होली का रंग और गहरा हो गया है। गांवों में अबीर-गुलाल की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं और फगुआ की टोलियां घर-घर जाकर गीत गा रही हैं। ग्रामीणों का कहना है कि दुरखेड़ी केवल एक खेल नहीं, बल्कि सामाजिक एकता और परंपरा को जीवित रखने का माध्यम है।
    1
    होली से पूर्व अमरपुर के गांवों में खेली गई ‘दुरखेड़ी’, मिट्टी के गर्दे से सराबोर हुए लोग़ 
अमरपुर प्रखंड क्षेत्र के कई गांवों में होली से पूर्व पारंपरिक ‘दुरखेड़ी’ उत्साह और उमंग के साथ खेली गई। इस लोक परंपरा में दुरखेड़ी को जलाया नहीं जाता, बल्कि लोग आपस में मिट्टी से बने ‘गर्दे’ (मिट्टी के ढेले/गोल आकार) को एक-दूसरे पर लगाकर और फेंककर पर्व की शुरुआत करते हैं।
सुबह से ही गांव के चौक-चौराहों और खुले मैदानों में युवक, बच्चे और बुजुर्ग जुटने लगे। तालाब और खेतों की मिट्टी से तैयार गर्दों को लेकर लोग एक-दूसरे पर हंसी-ठिठोली के साथ लगाते रहे। देखते ही देखते पूरा माहौल मस्ती और उल्लास से भर गया। परंपरा के अनुसार दुरखेड़ी खेलना आपसी मनमुटाव भुलाकर प्रेम और भाईचारे का संदेश देने का प्रतीक माना जाता है।
ग्रामीणों ने बताया कि यह परंपरा पीढ़ियों से चली आ रही है। पहले गांव के बुजुर्ग इसकी शुरुआत करते हैं, उसके बाद युवा और बच्चे इसमें शामिल होते हैं। कई जगहों पर ढोल-नगाड़े और फगुआ गीतों की धुन पर लोग नाचते-गाते नजर आए।
दुरखेड़ी के साथ ही अमरपुर क्षेत्र में होली का रंग और गहरा हो गया है। गांवों में अबीर-गुलाल की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं और फगुआ की टोलियां घर-घर जाकर गीत गा रही हैं। ग्रामीणों का कहना है कि दुरखेड़ी केवल एक खेल नहीं, बल्कि सामाजिक एकता और परंपरा को जीवित रखने का माध्यम है।
    user_ओम प्रकाश आलोक रिपोर्टर
    ओम प्रकाश आलोक रिपोर्टर
    स्थानीय समाचार रिपोर्टर अमरपुर, बांका, बिहार•
    7 hrs ago
  • 22 से अधिक भाषाओं में गाना गाकर हुआ था वायरल अब राजू कलाकार को कर रहा है कॉपी ▶️▶️▶️ एक बार फिर चर्चा में
    1
    22 से अधिक भाषाओं में गाना गाकर हुआ था वायरल अब राजू कलाकार को कर रहा है कॉपी ▶️▶️▶️ एक बार फिर चर्चा में
    user_Sindhu Devi
    Sindhu Devi
    Actor/Actress Amarpur, Banka•
    17 hrs ago
  • चैती दुर्गा मोतीहाट पूजा कमिटी के अध्यक्ष प्रखंड विकास पदाधिकारी गोपाल कुमार गुप्ता सर्व सम्मति से बनाए गए l
    1
    चैती दुर्गा मोतीहाट पूजा कमिटी के अध्यक्ष प्रखंड विकास पदाधिकारी गोपाल कुमार गुप्ता सर्व सम्मति से बनाए गए l
    user_Bikash Kumar
    Bikash Kumar
    News Anchor बांका, बांका, बिहार•
    3 hrs ago
  • Post by N.k.choudhary
    1
    Post by N.k.choudhary
    user_N.k.choudhary
    N.k.choudhary
    बांका, बांका, बिहार•
    3 hrs ago
  • बिहार बांका- जिले के कटोरिया प्रखंड के जयपुर थाना क्षेत्र के कोल्हासार गांव में सोमवार को बिजली के जर्जर तार से निकली चिंगारी ने बड़ी आगलगी की घटना को जन्म दे दिया। जानकारी के अनुसार बिजली पोल से झूल रहे जर्जर तार तेज पछुआ हवा के कारण आपस में सट गए, जिससे निकली चिंगारी नीचे रखे पुआल की टाल तक पहुंच गई और देखते ही देखते आग फैल गई। इस घटना में चार पुआल की टाल और दो गोशाला पूरी तरह जलकर राख हो गई। आगलगी से किसान जगदीश यादव, सिताबी यादव, अमिन यादव, चनरू यादव और किशन यादव को हजारों रुपये का नुकसान हुआ है।
    1
    बिहार बांका- जिले के कटोरिया प्रखंड के जयपुर थाना क्षेत्र के कोल्हासार गांव में सोमवार को बिजली के जर्जर तार से निकली चिंगारी ने बड़ी आगलगी की घटना को जन्म दे दिया। जानकारी के अनुसार बिजली पोल से झूल रहे जर्जर तार तेज पछुआ हवा के कारण आपस में सट गए, जिससे निकली चिंगारी नीचे रखे पुआल की टाल तक पहुंच गई और देखते ही देखते आग फैल गई। इस घटना में चार पुआल की टाल और दो गोशाला पूरी तरह जलकर राख हो गई। आगलगी से किसान जगदीश यादव, सिताबी यादव, अमिन यादव, चनरू यादव और किशन यादव को हजारों रुपये का नुकसान हुआ है।
    user_Banka Today News
    Banka Today News
    पत्रकार बांका, बांका, बिहार•
    5 hrs ago
  • भागलपुर जिले के Sultanganj में होली पर्व को शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने के उद्देश्य से पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद नजर आया। होली के अवसर पर सुलतानगंज बायपास से कृष्णागढ़ चौक तक सघन फ्लैग मार्च किया गया। इस दौरान थानाध्यक्ष मृत्युंजय कुमार जी के नेतृत्व में पुलिस बल ने मुख्य मार्गों एवं संवेदनशील क्षेत्रों में पैदल गश्त कर आम नागरिकों को सुरक्षा का भरोसा दिलाया। प्रशासन ने स्पष्ट संदेश दिया कि त्योहार के दौरान हुड़दंग, अफवाह या किसी भी प्रकार की अशांति फैलाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही लोगों से आपसी भाईचारा बनाए रखते हुए शांति एवं सौहार्द के साथ होली मनाने की अपील की गई। 📍 प्रवेश कुमार, सुलतानगंज की रिपोर्ट #Holi2026 #Sultanganj #BhagalpurPolice #BiharPolice #FlagMarch #LawAndOrder #FestivalSecurity
    1
    भागलपुर जिले के Sultanganj में होली पर्व को शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने के उद्देश्य से पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद नजर आया।
होली के अवसर पर सुलतानगंज बायपास से कृष्णागढ़ चौक तक सघन फ्लैग मार्च किया गया। इस दौरान थानाध्यक्ष मृत्युंजय कुमार जी के नेतृत्व में पुलिस बल ने मुख्य मार्गों एवं संवेदनशील क्षेत्रों में पैदल गश्त कर आम नागरिकों को सुरक्षा का भरोसा दिलाया।
प्रशासन ने स्पष्ट संदेश दिया कि त्योहार के दौरान हुड़दंग, अफवाह या किसी भी प्रकार की अशांति फैलाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही लोगों से आपसी भाईचारा बनाए रखते हुए शांति एवं सौहार्द के साथ होली मनाने की अपील की गई।
📍 प्रवेश कुमार, सुलतानगंज की रिपोर्ट 
#Holi2026 #Sultanganj #BhagalpurPolice #BiharPolice #FlagMarch #LawAndOrder #FestivalSecurity
    user_Pravesh kumar
    Pravesh kumar
    Local News Reporter सुल्तानगंज, भागलपुर, बिहार•
    1 hr ago
  • होली को लेकर प्रशासन अलर्ट, पंजवारा बाजार में निकाला गया फ्लैग मार्च
    1
    होली को लेकर प्रशासन अलर्ट, पंजवारा बाजार में निकाला गया फ्लैग मार्च
    user_Bikash Kumar
    Bikash Kumar
    News Anchor बांका, बांका, बिहार•
    4 hrs ago
View latest news on Shuru App
Download_Android
  • Terms & Conditions
  • Career
  • Privacy Policy
  • Blogs
Shuru, a product of Close App Private Limited.