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ब्रेकिंग न्यूज
Journalist Suraj Kumar
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- प्रयागराज के कोरांव में कादीपुर सड़क पिछले 70 सालों में भी नहीं बन पाई है। बारिश के इस मौसम में यहाँ की जनता को आने-जाने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस कोरांव-कादीपुर सड़क के न बनने के पीछे सीधे तौर पर घोटाले का गंभीर आरोप लगाया गया है कि आखिर इतने दशकों बाद भी यह सड़क क्यों नहीं बन सकी।1
- प्रयागराज के जसरा ब्लॉक में गोवंश संरक्षण के नाम पर सरकारी बजट की बंदरबांट और अधिकारियों की लापरवाही का बड़ा मामला सामने आया है। सरकार गोवंश संरक्षण के लिए करोड़ों रुपये खर्च कर रही है, लेकिन धरातल पर जमीनी हकीकत बिल्कुल उलट है। जसरा में गोवंश आश्रय केंद्र सिर्फ सरकारी फाइलों और कागजों में भरे पड़े हैं, जबकि असलियत में सैकड़ों आवारा गाय और बैल रेलवे स्टेशन, बाजारों, तहसील परिसरों और खेतों में घूमकर किसानों की मेहनत को बर्बाद कर रहे हैं। जिम्मेदार अधिकारी अपनी जिम्मेदारी को सिर्फ कागजी रिपोर्ट बनाने तक ही सीमित रखे हुए हैं। सरकारी रिकॉर्ड के मुताबिक जसरा ब्लॉक में कुल 4 गोवंश आश्रय केंद्र संचालित हैं, जिनमें 1000 से ज्यादा गोवंश को संरक्षित दिखाया जा रहा है। हालांकि, मौके पर स्थिति इसके विपरीत पाई गई। रेरा गौशाला में एक केंद्र पर ताला लटका मिला, जबकि दूसरे केंद्र में केवल 30-40 पशु बहुत खराब हालत में मिले, जिन्हें न चारा, न पानी और न ही डॉक्टर की सुविधा उपलब्ध थी। इतना ही नहीं, वहां पांच मवेशी मृत भी पाए गए। दूसरी ओर, जसरा रेलवे स्टेशन, मुख्य बाजार और गांवों के खेतों में 200 से अधिक आवारा गोवंश दिन-रात खुलेआम घूम रहे हैं। इस बदहाली से बबुरी, चिल्ला, जसरा, पचखरा और तातारगंज के किसान बेहद परेशान हैं। किसानों का कहना है कि रात के समय 10-15 गोवंश का झुंड खेतों में घुसकर धान और सब्जियों की खड़ी फसल को चट कर जाता है। पीड़ित किसान रामलाल ने अपना दर्द साझा करते हुए बताया कि दिनभर की कड़ी मेहनत के बाद रात को गोवंश उनकी पूरी फसल खा जाते हैं। जब पुलिस से शिकायत की जाती है तो वे पशुओं को खुद पकड़वाने की बात कहते हैं, जबकि आश्रय केंद्र वाले जगह की कमी का बहाना बनाकर उन्हें रखने से मना कर देते हैं। अपनी फसलों को बचाने के लिए किसानों को रात-रात भर जागकर खेतों की रखवाली करनी पड़ रही है। इस पूरे मामले में सबसे बड़ा खेल कागजों पर खेला जा रहा है, जहां हर महीने "सभी गोवंश सुरक्षित और चारा-पानी उपलब्ध" होने की झूठी रिपोर्ट और पुरानी तस्वीरें अधिकारियों को भेज दी जाती हैं। पशु चिकित्साधिकारी के दौरे भी केवल खानापूर्ति बनकर रह गए हैं। एक गौ-पालक ने नाम न छापने की शर्त पर खुलासा किया कि केंद्रों पर स्टाफ ही नहीं है और बजट आने के बावजूद उसे पशुओं पर खर्च नहीं किया जाता है। जसरा में सरकार की अच्छी मंशा वाली यह योजना पूरी तरह से भ्रष्टाचार और प्रशासनिक लापरवाही की भेंट चढ़ चुकी है, जिससे पीड़ित जनता अब बजट के उपयोग और अधिकारियों की भूमिका पर गंभीर सवाल उठा रही है।1
- प्रयागराज के बारा विधानसभा क्षेत्र में 'वृक्षारोपण महायज्ञ-2026' के तहत रविवार को बड़े पैमाने पर पौधरोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस महाअभियान के अंतर्गत जसरा, शंकरगढ़ और कौंधियारा ब्लॉक की विभिन्न ग्राम पंचायतों में 'एक पेड़ माँ के नाम' अभियान के तहत पौधे रोपे गए और पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया। इस पौधरोपण कार्यक्रम का नेतृत्व बारा विधायक डॉ. वाचस्पति और उत्तर प्रदेश शासन के सहकारिता विभाग के प्रमुख सचिव अजय कुमार शुक्ला ने किया। अभियान के तहत विकास खंड जसरा की ग्राम पंचायत संडवा खुर्द, विकास खंड शंकरगढ़ की ग्राम पंचायत भेलाव, गाढ़ा कटरा व लखनपुर, और विकास खंड कौंधियारा की ग्राम पंचायत आंबा में जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों द्वारा पौधारोपण किया गया। अतिथियों ने इस अभियान को जन-जन का अभियान बनाने पर जोर देते हुए कहा कि वृक्षारोपण आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य की आधारशिला है। इस मौके पर मुख्य विकास अधिकारी हर्षिका सिंह, डीसी मनरेगा, उपजिलाधिकारी बारा गणेश कन्नौजिया, ब्लॉक प्रमुख इन्द्रनाथ मिश्रा, निर्मला देवी, खंड विकास अधिकारी जसरा समा सिंह, डॉ. कंचन यादव, सुनील सिंह, वन रेंजर अजय कुमार, विधायक प्रतिनिधि विजय कुमार निषाद 'श्यामू', मीडिया प्रभारी नीरज केसरवानी, ई. प्रकाश सिंह, जगत नारायण शुक्ला और दिलीप निषाद सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में सभी ने रोपे गए पौधों की देखभाल व संरक्षण करने और हरित वातावरण के निर्माण का सामूहिक संकल्प लिया।1
- प्रयागराज जिले की मेजा तहसील के गांवों में प्रशासन के कर्मचारियों द्वारा घरौंनी बनाने का कार्य शुरू किया गया था, जो संभवतः पूरा भी हो चुका है, लेकिन अभी तक अधिकांश मकान मालिकों को उनकी घरौंनी नहीं मिल पाई है। हालांकि, कुछ लोगों को प्रशासन के माध्यम से या फिर वेबसाइट के जरिए इंटरनेट से यह मिल गई है, मगर पूरे गांव की घरौंनी बनकर तैयार हुई है या नहीं, यह स्थिति अभी तक साफ नहीं हो पाई है। जो घरौंनी बन भी चुकी हैं, वे भी अभी तक उनके मालिकों को नहीं सौंपी गई हैं, जिसे प्रशासनिक कार्य में बड़ी लापरवाही कहा जा रहा है। घरौंनी न मिलने की वजह से स्थानीय मकान मालिकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।1
- फैजाबाद रोड स्थित बाटी चोखा रेस्टोरेंट में खुलेआम कानून की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं, जहां ₹20 की कैंपा कोल्ड्रिंक ग्राहकों को ₹30 में बेची जा रही है। इस ओवररेटिंग के खिलाफ जब आवाज उठाई गई, तो रेस्टोरेंट मालिक ने धमकी भरे लहजे में कहा, 'लेना है तो लो, वरना जाओ! वीडियो बनाकर क्या कर लोगे?' बात सिर्फ ओवररेटिंग की ही नहीं है, बल्कि इस रेस्टोरेंट में मासूम नाबालिग बच्चों से मजदूरी भी कराई जा रही है। बाल श्रम और ओवररेटिंग का यह अवैध कारोबार पुलिस की नाक के नीचे धड़ल्ले से चल रहा है। अब यह बड़ा सवाल खड़ा हो रहा है कि आखिर इस रेस्टोरेंट पर एक्शन कब होगा और क्या ₹20 की चीज 30 में बेचना और बच्चों से काम कराना सही है?1
- प्रयागराज के शहीद चंद्रशेखर आजाद पार्क परिसर में 12 जुलाई को पर्यावरण संरक्षण के लिए "एक पेड़ माँ के नाम" वृहद पौधारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस विशेष वृक्षारोपण मुहिम की शुरुआत माननीय मंत्री श्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी जी द्वारा त्रिदेव यानी पीपल, पाकड़ और बरगद के तीन पेड़ लगाकर की गई। इस वृहद कार्यक्रम में जिलाधिकारी श्री मनीष वर्मा जी, उपनियंत्रक श्री नीरज मिश्रा जी और वरिष्ठ ए डी सी श्री राकेश कुमार तिवारी जी ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। इनके साथ ही राजेंद्र कुमार तिवारी दुकानजी, रवि द्विवेदी जी, आशीष बाजपेई जी, सुरेंद्र कुमार यादव, कृष्ण कुमार तिवारी जी, पूनम गुप्ता जी, अजय कुमार, रेनू श्रीवास्तव, अंजय कुशवाहा, शिशिर श्रीवास्तव सहित वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों, स्कूली बच्चों, पुलिस और सेना के जवानों ने बड़ी संख्या में उपस्थित होकर इस मुहिम में अपना योगदान दिया।1
- इंटरनेट मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे एक वीडियो ने व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर घूम रहा यह वीडियो प्रयागराज के झूंसी थाने का बताया जा रहा है। इस वीडियो को लेकर तीखा तंज कसा जा रहा है कि यह सिस्टम बहुत गहरा है और जो कोई भी इस सिस्टम से टकराया, उसे सिस्टम के तहत ही चकनाचूर कर दिया गया। हालांकि, शुरू ऐप न्यूज़ ग्रुप इस वायरल वीडियो की सत्यता की पुष्टि नहीं करता है, लेकिन जिस प्रकार से यह इंटरनेट पर तैर रहा है, वह अपने आप में बहुत कुछ बयां कर रहा है। इस बीच, अधिकारी व्यवस्था पर लगाम कसने के लिए दिन-रात बैठकों का दौर जारी रखे हुए हैं और लगातार नए-नए आदेश व निर्देश देने में जुटे हुए हैं। वहीं, संबंधित थानेदारों की फौज अपराध पर काबू पाने के लिए नया जुगाड़ तंत्र अपनाने में लगी हुई है। इस ढर्रे पर तंज कसते हुए कहा गया है कि आखिरकार अधिकारी भी क्या करेंगे, उन्हें संबंधितों द्वारा जैसी रिपोर्ट प्रेषित की जाएगी, वे उसी के आधार पर जवाब देंगे।1
- मध्य प्रदेश के रीवा जिले के मनगवां में मुख्यमंत्री मोहन यादव का नाम सामने आया है। इस विषय में फिलहाल कोई अन्य विस्तृत विवरण या जानकारी साझा नहीं की गई है।1
- उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले की तहसील घोरावल के ग्राम पंचायत भैसवार में किसानों का धरना प्रदर्शन 419वें दिन में पहुंच गया है। इस धरने का नेतृत्व भारतीय किसान यूनियन लोक शक्ति के जिला अध्यक्ष बिरजू कुशवाहा कर रहे हैं और इसका संचालन जिला सचिव संजय कुमार यादव द्वारा किया जा रहा है।3