गाजियाबाद के मुरादनगर थाना पुलिस को वाहन चोरी के खिलाफ चलाए गए चेकिंग अभियान के दौरान बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने एक अंतरराज्यीय वाहन चोर गिरोह के चार शातिर बदमाशों को गिरफ्तार किया है। इन आरोपियों के कब्जे से चोरी की दो मोटरसाइकिलें भी बरामद की गई हैं, जिन्हें दिल्ली और मेरठ से चोरी किया गया था। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने खुलासा किया कि वे दिल्ली, गाजियाबाद, मेरठ और बागपत सहित पूरे एनसीआर क्षेत्र में बाइक चोरी की वारदातों को अंजाम देते थे। चोरी की गई इन मोटरसाइकिलों को वे बागपत निवासी एक व्यक्ति को बेच देते थे और उससे मिलने वाली रकम को आपस में बांट लेते थे। गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ पहले से भी कई चोरी के मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस ने बरामदगी के आधार पर नया मुकदमा दर्ज कर लिया है और फरार आरोपी की तलाश में दबिश दे रही है। मुरादनगर पुलिस की इस कार्रवाई से वाहन चोर गिरोह पर बड़ा शिकंजा कस गया है।
गाजियाबाद के मुरादनगर थाना पुलिस को वाहन चोरी के खिलाफ चलाए गए चेकिंग अभियान के दौरान बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने एक अंतरराज्यीय वाहन चोर गिरोह के चार शातिर बदमाशों को गिरफ्तार किया है। इन आरोपियों के कब्जे से चोरी की दो मोटरसाइकिलें भी बरामद की गई हैं, जिन्हें दिल्ली और मेरठ से चोरी किया गया था। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने खुलासा किया कि वे दिल्ली, गाजियाबाद, मेरठ और बागपत सहित पूरे एनसीआर क्षेत्र में बाइक चोरी की वारदातों को अंजाम देते थे। चोरी की गई इन मोटरसाइकिलों को वे बागपत निवासी एक व्यक्ति को बेच देते थे और उससे मिलने वाली रकम को आपस में बांट लेते थे। गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ पहले से भी कई चोरी के मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस ने बरामदगी के आधार पर नया मुकदमा दर्ज कर लिया है और फरार आरोपी की तलाश में दबिश दे रही है। मुरादनगर पुलिस की इस कार्रवाई से वाहन चोर गिरोह पर बड़ा शिकंजा कस गया है।
- गाजियाबाद के भोजपुर थाना क्षेत्र के गांव महमदपुर सुजानपुर में दबंगों की मनमानी के कारण ग्रामीणों की मुश्किलें काफी बढ़ गई हैं। आरोप है कि कुछ लोगों ने नाली के पानी की निकासी का रास्ता बंद कर दिया है, जिससे बारिश और घरों का गंदा पानी गलियों, खेतों और लोगों के घरों में भरने लगा है। इस गंभीर जलभराव की वजह से स्थानीय लोगों का जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। बदबू और चारों तरफ फैली गंदगी के कारण संक्रामक बीमारियों का खतरा लगातार बढ़ रहा है, जिससे छोटे बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को सबसे ज्यादा परेशानी उठानी पड़ रही है। ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने इस समस्या को लेकर कई बार प्रशासन से शिकायत की है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। पीड़ित परिवारों ने प्रशासन से मांग की है कि नाली की निकासी को तुरंत बहाल कराया जाए, रास्ता बंद करने वाले आरोपियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएं और जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान निकाला जाए। अब सभी की निगाहें प्रशासन पर टिकी हैं कि इस गंभीर समस्या का समाधान कब तक होता है।2
- गाजियाबाद के साहिबाबाद क्षेत्र में कुछ वाहन चालकों ने शिकायत की है कि पेट्रोल में 15–20 प्रतिशत तक एथेनॉल मिश्रण (E20) वाले ईंधन के उपयोग से उन्हें अपनी बाइक और कार के रखरखाव में अतिरिक्त परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इन वाहन चालकों का दावा है कि इस ईंधन के कारण वाहन की परफॉर्मेंस प्रभावित हो रही है और उन्हें बार-बार फ्यूल टैंक व फ्यूल सिस्टम की सफाई करवानी पड़ रही है। गौरतलब है कि भारत सरकार की एथेनॉल ब्लेंडिंग नीति के तहत ऑयल कंपनियां चरणबद्ध तरीके से पेट्रोल में एथेनॉल मिला रही हैं। इस नीति का मुख्य उद्देश्य कच्चे तेल के आयात पर देश की निर्भरता को कम करना, किसानों की आय बढ़ाना और प्रदूषण में कमी लाना है। इसी कड़ी में वर्तमान में कई स्थानों पर E20 यानी 20% एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल उपलब्ध कराया जा रहा है। इस विषय पर विशेषज्ञों का कहना है कि एथेनॉल मिलाने से सभी बाइक और कार खराब हो रही हैं, यह कहना सही नहीं है क्योंकि कई नए वाहन E20 के पूर्णतः अनुरूप बनाए गए हैं। समस्या मुख्य रूप से पुराने या E20-अनुकूल न होने वाले वाहनों में अधिक देखी जा सकती है। यदि वाहन E20 ईंधन के अनुरूप डिज़ाइन नहीं किया गया है, तो पुराने मॉडलों में इंजन, फ्यूल लाइन, रबर के पुर्जों और माइलेज पर प्रभाव पड़ सकता है। विशेषज्ञों ने वाहन चालकों को निर्माता के निर्देशों का पालन करने और समय-समय पर सर्विसिंग कराने की सलाह दी है। इसके अलावा, यदि किसी वाहन चालक को पेट्रोल पंप के ईंधन की गुणवत्ता पर संदेह होता है, तो वह संबंधित ऑयल कंपनी के शिकायत पोर्टल या उपभोक्ता हेल्पलाइन पर अपनी शिकायत दर्ज करा सकता है।4
- उत्तर प्रदेश के हापुड़ से एक बेहद खौफनाक मामला सामने आया है, जहाँ एक नामी कंपनी की पानी की बोतल में पानी के स्थान पर तेजाब भरा हुआ पाया गया। इस बोतल को पीने के बाद एक शिक्षिका अस्पताल में जिंदगी और मौत की जंग लड़ रही हैं। इस घटना ने हर किसी को हैरान कर दिया है और पुलिस फिलहाल मामले की गहनता से जांच कर रही है। घटना तब हुई जब रिया नाम की शिक्षिका ज्वेलरी खरीदने बाजार गई थीं। प्यास लगने पर एक कारोबारी ने अपने नौकर को पास की एक कन्फैक्शनरी से 'बिसलेरी' की बोतल लाने के लिए कहा। नौकर डीप फ्रीजर से ठंडी बोतल लेकर आया, जिसे शिक्षिका ने पानी समझकर पी लिया। तेजाब के पेट में जाते ही उनकी हालत बिगड़ गई और उन्हें तुरंत मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया, जहां उनकी स्थिति बेहद नाजुक बनी हुई है। इस घटना के बाद लोगों से अपील की जा रही है कि कोई भी पैकेज्ड ड्रिंक पीने से पहले उसकी सील और गंध को एक बार ध्यान से जरूर परख लें।1
- गाजियाबाद में वायु प्रदूषण की गंभीर समस्या को लेकर कर्नल तेजेंद्र पाल त्यागी, वीर चक्र ने जन-जागरूकता फैलाने के लिए दो मिनट से अधिक का एक वीडियो जारी किया है। एनसीआर क्षेत्र में बढ़ते वाहनों, निर्माण कार्यों और पराली जलने के कारण वायु गुणवत्ता अक्सर 'खराब' या 'अति-खराब' श्रेणी में दर्ज की जाती है, जिसका प्रतिकूल प्रभाव बच्चों, बुजुर्गों और सांस के मरीजों के स्वास्थ्य पर पड़ रहा है। इस जागरूकता वीडियो में वायु प्रदूषण से होने वाले नुकसानों के साथ-साथ नागरिकों के लिए कुछ सरल उपाय भी बताए गए हैं। इनमें अधिक पेड़ लगाना, पटाखे और कचरा न जलाना, सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करना और मास्क पहनना शामिल है। कर्नल तेजेंद्र पाल त्यागी ने स्पष्ट किया है कि गाजियाबाद को स्वच्छ और स्वस्थ बनाना प्रत्येक नागरिक का उत्तरदायित्व है। उन्होंने विश्वास जताया है कि छोटे-छोटे प्रयासों से ही भावी पीढ़ी को शुद्ध हवा दी जा सकती है। उन्होंने नागरिकों से इस वीडियो को देखने और इसे अन्य लोगों तक साझा करने की अपील की है।1
- गाज़ियाबाद जिले के मुरादनगर थाना क्षेत्र अंतर्गत त्रिमूर्ति विहार के वार्ड नंबर 2, गली नंबर 4 में जलभराव की गंभीर स्थिति बनी हुई है। पूरी गली बारिश के पानी से लबालब भरी है, जिसके कारण यहाँ छोटे बच्चों के डूबने का बड़ा खतरा बना हुआ है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि क्षेत्र में न तो कोई नाली है और न ही सड़क की उचित व्यवस्था है। स्थानीय लोगों ने इस समस्या की जानकारी कई बार मुरादनगर नगरपरिषद को दी है, लेकिन आरोप है कि निगम के अधिकारी कुंभकर्ण की तरह सो रहे हैं। निवासियों का मानना है कि ऐसे अधिकारियों का होना न होने के बराबर है। जिले में बच्चों के पानी में डूबने की घटनाएं पहले भी हो चुकी हैं, जिसमें हाल ही में विजयनगर से आई एक घटना में एक छोटी बच्ची की मौत का मामला भी शामिल है।1
- गाजियाबाद के मोदीनगर तहसील क्षेत्र के ग्राम खुर्रामपुर में ग्राम समाज की भूमि को लेकर विवाद गहरा गया है। भारतीय किसान यूनियन भानू ने आरोप लगाया है कि खसरा नंबर 387, जो राजस्व अभिलेखों में बंजर, ऊसर और चरागाह भूमि के रूप में दर्ज है, उस पर नियमों के विरुद्ध रजिस्ट्री की जा रही है। संगठन का दावा है कि इस भूमि से जुड़ा मामला उच्च न्यायालय में विचाराधीन है, इसके बावजूद वहां निर्माण कार्य लगातार जारी है। इस मामले को लेकर किसानों का कहना है कि उन्होंने एसडीएम मोदीनगर समेत कई प्रशासनिक अधिकारियों को बार-बार शिकायत दी, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। प्रशासन के इस ढुलमुल रवैये से नाराज संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि चार दिनों के भीतर इन कथित अवैध रजिस्ट्रियों को निरस्त नहीं किया गया और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू नहीं हुई, तो भारतीय किसान यूनियन भानू मोदीनगर तहसील पर अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन शुरू कर देगा। संगठन ने इस आंदोलन से उत्पन्न होने वाली किसी भी परिस्थिति की पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन पर मढ़ी है।2
- गाजियाबाद में एक सात साल की बच्ची के साथ सामूहिक दुष्कर्म और हत्या का मामला सामने आया है। गाजियाबाद ब्यूरो की रिपोर्ट के अनुसार, बच्ची के साथ इस जघन्य वारदात को अंजाम दिया गया है, जिसने इलाके को दहला कर रख दिया है।1