ईद पर दिखेगा पठानी पठानी सूट का जलवा, ईद के मौके पर बाजारों में बढ़ी रौनक नागौर,, महीना रमजान अपने अंतिम पड़ाव पर है और इसके साथ ही बाजारों में ईद की तैयारियां जोर पकड़ने लगी हैं। शहर के बाजारों में इन दिनों आम दिनों की तुलना में ज्यादा भीड़ देखने को मिल रही है। खासकर कपड़ों की दुकानों और टेलरिंग शॉप्स पर ग्राहकों की लंबी कतारें लग रही हैं। शहर के एस. के. डिजाइनर एंड टेलर्स के प्रोपराइटर तबरेज खान ने बताया कि ईद नजदीक आते ही काम काफी बढ़ गया है। हालात यह हैं कि सुबह 6 बजे से लेकर रात 2 बजे तक दुकान पर लगातार काम करना पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि युवाओं में फैशन को लेकर खासा उत्साह है और कई ग्राहक टीवी कलाकारों और फिल्म अभिनेताओं के पहनावे से प्रेरित होकर अपने मनपसंद कपड़े सिलवा रहे हैं। तबरेज खान के अनुसार इस बार ईद पर युवाओं में अरमानी कपड़ा, लच्छे वाले पठानी सूट, कुर्ता-पजामा, फॉर्मल पैंट-शर्ट की सिलाई की मांग सबसे ज्यादा है। बढ़ते ऑर्डर को देखते हुए उन्होंने दुकान पर अतिरिक्त स्टाफ भी लगाया है। उन्होंने बताया कि उनका यह टेलरिंग व्यवसाय तीन पीढ़ियों से चला आ रहा है। इस काम की शुरुआत उनके दादाजी ने वर्ष 1951 में की थी। बाजार में रेडीमेड कपड़ों के बढ़ते चलन के बावजूद उनके काम पर कोई खास असर नहीं पड़ा। आज भी उनकी दुकान पर करीब 10 कारीगर काम कर रहे हैं। और ईद व शादी के सीजन को देखते हुए अतिरिक्त कारीगर भी लगाए गए हैं।खान ने बताया कि बदलते समय के साथ उन्होंने अपने काम में भी आधुनिक तकनीक को शामिल किया है। ग्राहकों को रेडीमेड जैसा फिनिश देने के लिए दुकान पर कंप्यूटरीकृत जुकी मशीनें लगाई गई हैं, जिनकी स्पीड करीब 450 है। इससे काम की गति बढ़ने के साथ कपड़ों की सिलाई और फिनिशिंग भी बेहतर हो रही है। ईद नजदीक आते ही शहर के बाजारों में रौनक बढ़ गई है और टेलरिंग की दुकानों पर काम देर रात तक जारी है। माना जा रहा है कि इस बार ईद पर युवाओं के बीच पठानी सूट और स्टाइलिश कुर्ता पजामा का खास जलवा देखने को मिलेग
ईद पर दिखेगा पठानी पठानी सूट का जलवा, ईद के मौके पर बाजारों में बढ़ी रौनक नागौर,, महीना रमजान अपने अंतिम पड़ाव पर है और इसके साथ ही बाजारों में ईद की तैयारियां जोर पकड़ने लगी हैं। शहर के बाजारों में इन दिनों आम दिनों की तुलना में ज्यादा भीड़ देखने को मिल रही है। खासकर कपड़ों की दुकानों और टेलरिंग शॉप्स पर ग्राहकों की लंबी कतारें लग रही हैं। शहर के एस. के. डिजाइनर एंड टेलर्स के प्रोपराइटर तबरेज खान ने बताया कि ईद नजदीक आते ही काम काफी बढ़ गया है। हालात यह हैं कि सुबह 6 बजे से लेकर रात 2 बजे तक दुकान पर लगातार काम करना पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि युवाओं में फैशन को लेकर खासा उत्साह है और कई ग्राहक टीवी कलाकारों और फिल्म अभिनेताओं के पहनावे से प्रेरित होकर अपने मनपसंद कपड़े सिलवा रहे हैं। तबरेज खान के अनुसार इस बार ईद पर युवाओं में अरमानी कपड़ा, लच्छे वाले पठानी सूट, कुर्ता-पजामा, फॉर्मल पैंट-शर्ट की सिलाई की मांग सबसे ज्यादा है। बढ़ते ऑर्डर को देखते हुए उन्होंने दुकान पर अतिरिक्त स्टाफ भी लगाया है। उन्होंने बताया कि उनका यह टेलरिंग व्यवसाय तीन पीढ़ियों से चला आ रहा है। इस काम की शुरुआत उनके दादाजी ने वर्ष 1951 में की थी। बाजार में रेडीमेड कपड़ों के बढ़ते चलन के बावजूद उनके काम पर कोई खास असर नहीं पड़ा। आज भी उनकी दुकान पर करीब 10 कारीगर काम कर रहे हैं। और ईद व शादी के सीजन को देखते हुए अतिरिक्त कारीगर भी लगाए गए हैं।खान ने बताया कि बदलते समय के साथ उन्होंने अपने काम में भी आधुनिक तकनीक को शामिल किया है। ग्राहकों को रेडीमेड जैसा फिनिश देने के लिए दुकान पर कंप्यूटरीकृत जुकी मशीनें लगाई गई हैं, जिनकी स्पीड करीब 450 है। इससे काम की गति बढ़ने के साथ कपड़ों की सिलाई और फिनिशिंग भी बेहतर हो रही है। ईद नजदीक आते ही शहर के बाजारों में रौनक बढ़ गई है और टेलरिंग की दुकानों पर काम देर रात तक जारी है। माना जा रहा है कि इस बार ईद पर युवाओं के बीच पठानी सूट और स्टाइलिश कुर्ता पजामा का खास जलवा देखने को मिलेग
- पादूकलां,नागौर जिले के पादूकलां में शीतला सप्तमी और अष्टमी का पर्व श्रद्धा और परंपरा के साथ धूमधाम से मनाया गया। कस्बे के सार्वजनिक तालाब किनारे स्थित शीतला माता मंदिर में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। महिलाओं ने सौलह श्रृंगार कर सिर पर पूजा की थाली सजाई और मंगल गीत गाते हुए मंदिर पहुंचकर माता शीतला की पूजा-अर्चना की। श्रद्धालुओं ने दही, छाछ, राबड़ी, पूड़ी, पूआ सहित ठंडे पकवानों का भोग लगाकर परिवार की सुख-शांति, समृद्धि और अच्छे स्वास्थ्य की कामना की। पर्व की पूर्व संध्या पर मंदिर परिसर में “एक शाम शीतला माता के नाम” भजन संध्या का आयोजन हुआ। इसमें कलाकार नोरत टेहला, मुरली मांडल, हनुमान कुडकी और रामस्वरूप गोरा ने एक से बढ़कर एक भक्ति भजनों की प्रस्तुति दी। भजनों की मधुर धुनों पर श्रद्धालु देर रात तक झूमते नजर आए और पूरा परिसर भक्तिमय माहौल में डूब गया। सुबह महिलाओं ने समूह में मंगल गीत गाते हुए मंदिर और कुम्हार के घरों में पहुंचकर पारंपरिक बसौड़ा यानी बासी भोजन का भोग लगाया। इस अवसर पर श्रद्धालुओं ने माता शीतला से परिवार को बीमारियों से बचाने, सुख-समृद्धि और शांति की कामना की। पादूकलां में शीतला माता का यह पर्व आस्था, परंपरा और भक्ति का अद्भुत संगम बनकर सामने आया।3
- हल की पहली लकीर के साथ शुरू हुआ नया सफर, किसान की मेहनत से ही भरता है हर घर। 🚜 #हलोतिया #किसानजीवन #खेतीबाड़ी #देसीलाइफस्टाइल #गांवकीजिंदगी #धरतीमां #किसान #VillageLife #FarmingLife #DesiCulture #RuralLife #IndianFarmer #KhetKhaliyan #TractorLife #VillageVlog1
- Post by Bikaner local news1
- इजराइल और ईरान के बीच जारी संघर्ष के बीच इजराइल में फंसे एक भारतीय ने वहां के हालात को लेकर डरावना अनुभव साझा किया है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में भारतीय युवक ने बताया कि यहां लगातार सायरन बज रहे हैं और ईरान की ओर से मिसाइल हमले हो रहे हैं। वीडियो में युवक कहता है कि जैसे ही सायरन बजता है, लोगों को तुरंत बंकर (बम शेल्टर) में भागना पड़ता है। कई बार कुछ ही समय के भीतर मिसाइलें आसमान में दिखाई देती हैं और जोरदार धमाकों की आवाज सुनाई देती है। उसने बताया कि जब वह सुबह होटल में उठा तो हर तरफ सायरन बज रहे थे और मोबाइल फोन पर भी अलर्ट आने लगे। तभी उसे पता चला कि ईरान की तरफ से मिसाइल हमले शुरू हो गए हैं और पूरे देश में युद्ध जैसा माहौल है। भारतीय युवक के अनुसार, कई दिनों से स्थिति ऐसी है कि सायरन बजते ही लोगों को तुरंत सुरक्षित बंकर में जाना पड़ता है, क्योंकि मिसाइल हमले किसी भी समय हो सकते हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक इन हमलों में कई लोग घायल भी हुए हैं और कुछ इलाकों में भारी नुकसान हुआ है।1
- Post by SSSO News1
- आज जिला कलेक्टर नम्रता वृष्णी SP कावेंद्र सिंह सागर ने श्री डूंगरगढ़ में अधिकारियों के साथ एक बैठक ली जिसमें उपखंड मे हो रही दुर्घटना को लेकर आवश्यक दिशा निर्देश जारी किए।1
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- नागौर,, शहर के लोहिया चौक में मंगलवार रात्रि 9 बजे से शीतला अष्टमी के अवसर पर डांडिया नृत्य का आयोजन हुआ जिसमें गजानन महाराज की जय के एंव लोक गायन,ढोलक कसीयों में के साथ में शहर के युवाओं एवं छोटे बच्चों के द्वारा विभिन्न प्रकार के रूप एवं गोल घेरे में बनाकर डांडिया नृत्य कर रहें थे जहां पर चारों तरफ से इस डांडिया नृत्य को देखने का आनंद लें रहें थे2