अमेठी जिले में बाइक चोरी की एक वारदात सामने आई है, जहाँ अस्पताल में भर्ती परिजनों को खाना देने गए एक बुजुर्ग की मोटरसाइकिल पलक झपकते ही चोर लेकर फरार हो गया। चोरी की यह पूरी घटना अस्पताल में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है, लेकिन पीड़ित का आरोप है कि घटना के 24 घंटे बीत जाने के बाद भी पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की है। दरअसल, यह मामला मोहनगंज थाना क्षेत्र के अगौना गाँव के निवासी विजय कुमार से जुड़ा है, जिनके एक महीने के बेटे का जायस कस्बे में स्थित चंदा हॉस्पिटल के आईसीयू में पिछले पाँच दिनों से इलाज चल रहा है। मंगलवार की शाम विजय के पिता राकेश कुमार अस्पताल में मौजूद परिवार के अन्य सदस्यों को खाना देने पहुँचे थे। खाना देने के बाद जब राकेश कुमार बाहर निकले तो उनकी बाइक गायब थी। उन्होंने तत्काल अस्पताल के सीसीटीवी कैमरे की जाँच करवाई, जिसमें एक बाइक चोर उनकी मोटरसाइकिल ले जाते हुए स्पष्ट रूप से दिखाई दिया। वीडियो में चोर पहले काफी देर तक मोबाइल पर बात करता नजर आता है और फिर कुछ ही देर में बाइक लेकर फरार हो जाता है। राकेश कुमार ने उसी रात थाने में शिकायत दर्ज कराई, लेकिन उन्हें कोई मदद नहीं मिली। बुधवार की सुबह उनके बेटे विजय कुमार ने भी थाने में बाइक चोरी की लिखित शिकायत की, जिसके बावजूद पुलिसकर्मी घटनास्थल पर जाँच के लिए नहीं पहुँचे और कई घंटे बीत जाने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं की गई है।
अमेठी जिले में बाइक चोरी की एक वारदात सामने आई है, जहाँ अस्पताल में भर्ती परिजनों को खाना देने गए एक बुजुर्ग की मोटरसाइकिल पलक झपकते ही चोर लेकर फरार हो गया। चोरी की यह पूरी घटना अस्पताल में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है, लेकिन पीड़ित का आरोप है कि घटना के 24 घंटे बीत जाने के बाद भी पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की है। दरअसल, यह मामला मोहनगंज थाना क्षेत्र के अगौना गाँव के निवासी विजय कुमार से
जुड़ा है, जिनके एक महीने के बेटे का जायस कस्बे में स्थित चंदा हॉस्पिटल के आईसीयू में पिछले पाँच दिनों से इलाज चल रहा है। मंगलवार की शाम विजय के पिता राकेश कुमार अस्पताल में मौजूद परिवार के अन्य सदस्यों को खाना देने पहुँचे थे। खाना देने के बाद जब राकेश कुमार बाहर निकले तो उनकी बाइक गायब थी। उन्होंने तत्काल अस्पताल के सीसीटीवी कैमरे की जाँच करवाई, जिसमें एक बाइक चोर उनकी मोटरसाइकिल ले जाते हुए स्पष्ट रूप से दिखाई दिया। वीडियो
में चोर पहले काफी देर तक मोबाइल पर बात करता नजर आता है और फिर कुछ ही देर में बाइक लेकर फरार हो जाता है। राकेश कुमार ने उसी रात थाने में शिकायत दर्ज कराई, लेकिन उन्हें कोई मदद नहीं मिली। बुधवार की सुबह उनके बेटे विजय कुमार ने भी थाने में बाइक चोरी की लिखित शिकायत की, जिसके बावजूद पुलिसकर्मी घटनास्थल पर जाँच के लिए नहीं पहुँचे और कई घंटे बीत जाने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं की गई है।
- ऑपरेशन प्रहार के तहत मानिकपुर पुलिस टीम ने अवैध स्मैक और एक वाहन टीवीएस अपाचे मोटरसाइकिल के साथ एक अभियुक्त को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने अभियुक्त के पास से कुल 54.64 ग्राम अवैध स्मैक बरामद की है। इस गिरफ्तारी के संबंध में क्षेत्राधिकारी कुण्डा शिव नारायण वैस ने अग्रिम विधिक कार्यवाही की जानकारी दी।1
- प्रतापगढ़ के अंतू थाना क्षेत्र अंतर्गत गड़वारा चौकी के शिवराजपुर में एक लावारिस अपाचे बाइक को कुएं से बाहर निकाला गया है। पुलिस ने खतरनाक जहरीली गैस से भरे कुएं से इस बाइक को निकालने के लिए फायर सर्विस की मदद ली, जिसमें गड़वारा चौकी के कांस्टेबल जितेंद्र यादव और विनोद माथुर ने स्थानीय लोगों के सहयोग से महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। कुएं में बाइक गिरने के बाद से ही स्थानीय निवासियों के बीच इसे लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हो रही थीं। अब बाइक को बाहर निकालने के बाद पुलिस इसकी गहन जांच-पड़ताल में जुट गई है।1
- भारत सरकार के 12 वर्ष और उत्तर प्रदेश सरकार के 9 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में रायबरेली के विकास खंड सताव क्षेत्र में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) द्वारा एक विशाल पदयात्रा का आयोजन किया गया। इस पदयात्रा में भाजपा के संगठन मंत्री संजय राय, उत्तर प्रदेश सरकार के राज्यमंत्री दिनेश प्रताप सिंह, हरचंदपुर विधानसभा क्षेत्र के पूर्व विधायक और भाजपा नेता राकेश सिंह, तथा भाजपा जिला अध्यक्ष बुद्धिलाल पासी सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी, कार्यकर्ता और क्षेत्रीय नागरिक शामिल हुए। यात्रा का शुभारंभ माँ गौरा पार्वती मंदिर से हुआ और यह ढकिया चौराहा, कोरिहर, बालादीन का पुरवा, हाजीपुर, कोदे का पुरवा होते हुए पूरे लाल साहब (हाजीपुर) पहुँची, जहाँ पूरे मार्ग में स्थानीय लोगों ने भाजपा नेताओं का फूल-मालाओं से गर्मजोशी से स्वागत किया और सरकार की उपलब्धियों पर चर्चा की। इस अवसर पर राज्यमंत्री दिनेश प्रताप सिंह और पूर्व विधायक राकेश सिंह ने केंद्र एवं प्रदेश सरकार द्वारा संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी जनता को दी। उन्होंने जोर देकर कहा कि सरकार अंतिम व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुँचाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और इसी उद्देश्य से ऐसे जनसंवाद कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। पदयात्रा के समापन पर हाजीपुर स्थित पूरे लाल साहब में एक विशाल चौपाल आयोजित की गई। इस चौपाल में क्षेत्रीय जनता ने अपनी समस्याएँ और माँगें नेताओं के समक्ष रखीं, जिस पर राज्यमंत्री दिनेश प्रताप सिंह, पूर्व विधायक राकेश सिंह और अन्य भाजपा नेताओं ने गंभीरता से ध्यान दिया और उनके शीघ्र समाधान का आश्वासन दिया। रात्रि विश्राम के बाद नेताओं ने पुनः क्षेत्रवासियों से मुलाकात कर उनकी जनसमस्याओं की जानकारी ली और संबंधित अधिकारियों तक मामलों को पहुँचाकर त्वरित निस्तारण कराने का भरोसा दिलाया। भाजपा नेताओं ने स्पष्ट किया कि यह पदयात्रा केवल सरकार की उपलब्धियों को जनता तक पहुँचाने का माध्यम नहीं है, बल्कि जनप्रतिनिधियों और आम जनता के बीच संवाद को मजबूत करने का एक महत्वपूर्ण प्रयास भी है। इस कार्यक्रम में उमड़ी भारी भीड़ ने क्षेत्र में भाजपा की मजबूत पकड़ और जनता के अटूट विश्वास को प्रभावी ढंग से प्रदर्शित किया।1
- उत्तर प्रदेश से जुड़े एक 'दिलेर सिपाही' का वीडियो लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। इस वीडियो में किस मामले या घटना को दिखाया गया है, इसे पूरी तरह से समझने के लिए लोगों से पूरा वीडियो देखने का आग्रह किया गया है।1
- महरौली थाना पुलिस ने रेप और हत्या के एक आरोपी को एनकाउंटर के बाद गिरफ्तार किया है, जिसे एक बड़ी कार्रवाई बताया जा रहा है। थाना एसएचओ रितेश शर्मा की टीम ने इस ऑपरेशन को अंजाम दिया। यह आरोपी एक 11 साल की नाबालिग बच्ची के साथ घिनौना रेप और हत्या का अपराध करने का आरोपी था। सूत्रों के मुताबिक, आरोपी पुलिस हिरासत से भागने की कोशिश कर रहा था, जिसके बाद यह कार्रवाई की गई।1
- अयोध्या के इनायतनगर थाना क्षेत्र स्थित पारा ताजपुर गांव के पूरे शादी का पुरवा निवासी रामचंद्र यादव की पुत्री सुधा यादव (32 वर्ष) को बुधवार शाम उस समय एक सर्प ने डस लिया, जब वह अपने घर के सामने लगी सब्जी की क्यारी से बैंगन तोड़ रही थीं। यह घटना शाम करीब 6:30 बजे हुई, जब सर्प ने महिला के बाएं पैर के पंजे में काट लिया। सर्पदंश से घबराकर सुधा चीखने लगीं। सुधा की आवाज सुनकर परिजन और आसपास के लोग तुरंत मौके पर पहुंचे। घटना की सूचना मिलते ही, परिजनों ने बिना कोई समय गंवाए उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) हैरिंग्टनगंज पहुंचाया। वहां ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक डॉ. विवेक गुप्ता ने तुरंत प्राथमिक उपचार शुरू किया और महिला को चिकित्सकीय निगरानी में रखा। घटना की जानकारी पूरे गांव में फैलते ही हड़कंप मच गया। बड़ी संख्या में परिजन और ग्रामीण अस्पताल पहुंचकर सुधा के स्वास्थ्य की जानकारी लेते रहे। प्रारंभिक उपचार के बाद, चिकित्सकों ने सुधा की स्थिति की गंभीरता को देखते हुए उन्हें बेहतर इलाज के लिए जिला अस्पताल रेफर कर दिया। इस संबंध में डॉ. विवेक गुप्ता ने बताया कि सर्पदंश के मामलों में समय पर अस्पताल पहुंचना अत्यंत महत्वपूर्ण होता है। उन्होंने पुष्टि की कि महिला को आवश्यक उपचार देने के बाद, उनकी हालत को ध्यान में रखते हुए जिला अस्पताल भेजा गया है, जहां विशेषज्ञ चिकित्सकों की देखरेख में उनका इलाज किया जाएगा। इस घटना के बाद से सुधा के परिजनों में चिंता का माहौल बना हुआ है, और ग्रामीण उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना कर रहे हैं।1
- आगामी मुहर्रम पर्व को सकुशल, शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने के उद्देश्य से प्रतापगढ़ पुलिस अधीक्षक दीपक भूकर ने सहायक पुलिस अधीक्षक/क्षेत्राधिकारी नगर प्रशांत राज के साथ थाना कोतवाली नगर क्षेत्रान्तर्गत चिलबिला, प्रमुख बाजारों और आसपास के क्षेत्रों में पैदल गश्त की। इस गश्त के दौरान उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। पैदल गश्त के दौरान, पुलिस अधिकारियों ने आमजन, व्यापारियों और स्थानीय नागरिकों से सीधा संवाद स्थापित किया। उन्होंने सभी से शांति, सौहार्द और आपसी भाईचारा बनाए रखने की अपील की। साथ ही, किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तत्काल पुलिस को देने हेतु लोगों को जागरूक भी किया गया।1
- प्रतापगढ़ के कोहंड़ौर थाना क्षेत्र में एक मजदूर की मौत के बाद कई गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। मृतक की पत्नी यशोदा ने थाना कोहंड़ौर में एक शिकायती पत्र देते हुए गांव के एक व्यक्ति पर उनके पति को मजदूरी के लिए बुलाकर जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करने, दबाव बनाने और जोखिमपूर्ण कार्य कराने का आरोप लगाया है। शिकायत के अनुसार, काम के दौरान पेड़ से गिरने के बाद गंभीर रूप से घायल हुए मजदूर को समय पर सहायता नहीं मिली, जिसके बाद इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। यशोदा ने आदित्य मिश्रा नामक व्यक्ति को नामजद करते हुए प्राथमिकी दर्ज कर कठोर कानूनी कार्रवाई की मांग की है और मामले में SC/ST एक्ट सहित अन्य गंभीर धाराएं लगाने की गुहार लगाई है। उनके मुताबिक, उनके पति घनश्याम, जो दिहाड़ी मजदूर थे, को 17 जून 2026 की सुबह आदित्य मिश्रा ने कई बार फोन कर बुलाया। जब घनश्याम ने निजी काम करने से मना किया तो आरोपी स्वयं उनके घर पहुंच गया और कथित तौर पर जातिसूचक गालियां देने लगा। आरोप है कि दबाव बनाकर घनश्याम से लकड़ी कटवाने, सफाई कराने और पेड़ की टहनियां कटवाने का काम कराया गया, जिसमें उचित सुरक्षा व्यवस्था नहीं थी। इसी दौरान संतुलन बिगड़ने से घनश्याम नीचे गिर गए, जिससे उनकी कमर और गर्दन में गंभीर चोटें आईं। शिकायत पत्र में यह भी आरोप लगाया गया है कि दुर्घटना दोपहर करीब दो बजे हुई, लेकिन परिजनों को इसकी सूचना शाम पांच से साढ़े पांच बजे के बीच, कई घंटे बाद दी गई। आरोप है कि न तो तुरंत एम्बुलेंस बुलाई गई और न ही घायल को समय पर चिकित्सा सहायता मिली। परिजनों ने घायल मजदूर को पहले प्रतापगढ़ के एक निजी अस्पताल ले जाकर भर्ती कराया, जहां रीढ़ की हड्डी में गंभीर चोट का पता चला। बाद में उन्हें प्रयागराज स्थित स्वरूपरानी नेहरू अस्पताल रेफर किया गया, जहाँ डॉक्टरों ने रीढ़ और सर्वाइकल स्पाइन में गंभीर क्षति की पुष्टि करते हुए स्थायी विकलांगता की आशंका जताई थी। पीड़िता का यह भी आरोप है कि घटना के बाद आरोपी ने इलाज का खर्च उठाने से इनकार कर दिया और मृतक की मजदूरी का भुगतान भी नहीं किया। घनश्याम परिवार के एकमात्र कमाने वाले सदस्य थे, और उनके तीन नाबालिग बच्चे हैं, जिससे परिवार के सामने आजीविका का संकट खड़ा हो गया है। शिकायती पत्र के अनुसार, 22 जून को घनश्याम को लखनऊ PGI रेफर किया गया, लेकिन अस्पताल पहुंचने तक उनकी हालत अत्यंत गंभीर हो चुकी थी और ट्रॉमा सेंटर में उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। इस मौत के बाद मामला केवल एक दुर्घटना न होकर कथित लापरवाही, समय पर मदद न मिलने और जातीय उत्पीड़न के आरोपों के कारण कानूनी एवं सामाजिक बहस का विषय बन गया है। पीड़िता ने कोहंड़ौर पुलिस से निष्पक्ष जांच कर भारतीय न्याय संहिता की प्रासंगिक धाराओं तथा SC/ST एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज करने की मांग की है। हालांकि, ये सभी आरोप शिकायतकर्ता द्वारा लगाए गए हैं, और मामले में पुलिस जांच तथा संबंधित पक्ष का बयान सामने आना बाकी है।1
- लखनऊ में अलीगंज अग्निकांड के मामले में निलंबित किए गए एफएसएसओ कमलेंद्र सिंह ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर अपने खिलाफ की गई कार्रवाई को अन्यायपूर्ण करार दिया है। उन्होंने अपने पत्र में स्पष्ट किया है कि उनका कार्यक्षेत्र सीमित है और एनओसी जारी करने सहित सभी महत्वपूर्ण अधिकार मुख्य अग्निशमन अधिकारी (सीएफओ) के पास हैं। कमलेंद्र सिंह ने अग्निशमन दल के घटना स्थल पर देर से पहुंचने के लिए भी सीधे तौर पर सीएफओ को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने मांग की है कि मुख्य अग्निशमन अधिकारी की जवाबदेही तय की जाए और उनके (कमलेंद्र सिंह के) निलंबन पर पुनर्विचार किया जाए।1