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लखनऊ में अलीगंज अग्निकांड के मामले में निलंबित किए गए एफएसएसओ कमलेंद्र सिंह ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर अपने खिलाफ की गई कार्रवाई को अन्यायपूर्ण करार दिया है। उन्होंने अपने पत्र में स्पष्ट किया है कि उनका कार्यक्षेत्र सीमित है और एनओसी जारी करने सहित सभी महत्वपूर्ण अधिकार मुख्य अग्निशमन अधिकारी (सीएफओ) के पास हैं। कमलेंद्र सिंह ने अग्निशमन दल के घटना स्थल पर देर से पहुंचने के लिए भी सीधे तौर पर सीएफओ को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने मांग की है कि मुख्य अग्निशमन अधिकारी की जवाबदेही तय की जाए और उनके (कमलेंद्र सिंह के) निलंबन पर पुनर्विचार किया जाए।

13 hrs ago
user_Omprakash प्रजापति
Omprakash प्रजापति
Voice of people प्रतापगढ़, प्रतापगढ़, उत्तर प्रदेश•
13 hrs ago

लखनऊ में अलीगंज अग्निकांड के मामले में निलंबित किए गए एफएसएसओ कमलेंद्र सिंह ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर अपने खिलाफ की गई कार्रवाई को अन्यायपूर्ण करार दिया है। उन्होंने अपने पत्र में स्पष्ट किया है कि उनका कार्यक्षेत्र सीमित है और एनओसी जारी करने सहित सभी महत्वपूर्ण अधिकार मुख्य अग्निशमन अधिकारी (सीएफओ) के पास हैं। कमलेंद्र सिंह ने अग्निशमन दल के घटना स्थल पर देर से पहुंचने के लिए भी सीधे तौर पर सीएफओ को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने मांग की है कि मुख्य अग्निशमन अधिकारी की जवाबदेही तय की जाए और उनके (कमलेंद्र सिंह के) निलंबन पर पुनर्विचार किया जाए।

More news from Rae Bareli and nearby areas
  • भारत सरकार के 12 वर्ष और उत्तर प्रदेश सरकार के 9 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में रायबरेली के विकास खंड सताव क्षेत्र में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) द्वारा एक विशाल पदयात्रा का आयोजन किया गया। इस पदयात्रा में भाजपा के संगठन मंत्री संजय राय, उत्तर प्रदेश सरकार के राज्यमंत्री दिनेश प्रताप सिंह, हरचंदपुर विधानसभा क्षेत्र के पूर्व विधायक और भाजपा नेता राकेश सिंह, तथा भाजपा जिला अध्यक्ष बुद्धिलाल पासी सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी, कार्यकर्ता और क्षेत्रीय नागरिक शामिल हुए। यात्रा का शुभारंभ माँ गौरा पार्वती मंदिर से हुआ और यह ढकिया चौराहा, कोरिहर, बालादीन का पुरवा, हाजीपुर, कोदे का पुरवा होते हुए पूरे लाल साहब (हाजीपुर) पहुँची, जहाँ पूरे मार्ग में स्थानीय लोगों ने भाजपा नेताओं का फूल-मालाओं से गर्मजोशी से स्वागत किया और सरकार की उपलब्धियों पर चर्चा की। इस अवसर पर राज्यमंत्री दिनेश प्रताप सिंह और पूर्व विधायक राकेश सिंह ने केंद्र एवं प्रदेश सरकार द्वारा संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी जनता को दी। उन्होंने जोर देकर कहा कि सरकार अंतिम व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुँचाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और इसी उद्देश्य से ऐसे जनसंवाद कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। पदयात्रा के समापन पर हाजीपुर स्थित पूरे लाल साहब में एक विशाल चौपाल आयोजित की गई। इस चौपाल में क्षेत्रीय जनता ने अपनी समस्याएँ और माँगें नेताओं के समक्ष रखीं, जिस पर राज्यमंत्री दिनेश प्रताप सिंह, पूर्व विधायक राकेश सिंह और अन्य भाजपा नेताओं ने गंभीरता से ध्यान दिया और उनके शीघ्र समाधान का आश्वासन दिया। रात्रि विश्राम के बाद नेताओं ने पुनः क्षेत्रवासियों से मुलाकात कर उनकी जनसमस्याओं की जानकारी ली और संबंधित अधिकारियों तक मामलों को पहुँचाकर त्वरित निस्तारण कराने का भरोसा दिलाया। भाजपा नेताओं ने स्पष्ट किया कि यह पदयात्रा केवल सरकार की उपलब्धियों को जनता तक पहुँचाने का माध्यम नहीं है, बल्कि जनप्रतिनिधियों और आम जनता के बीच संवाद को मजबूत करने का एक महत्वपूर्ण प्रयास भी है। इस कार्यक्रम में उमड़ी भारी भीड़ ने क्षेत्र में भाजपा की मजबूत पकड़ और जनता के अटूट विश्वास को प्रभावी ढंग से प्रदर्शित किया।
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    भारत सरकार के 12 वर्ष और उत्तर प्रदेश सरकार के 9 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में रायबरेली के विकास खंड सताव क्षेत्र में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) द्वारा एक विशाल पदयात्रा का आयोजन किया गया। इस पदयात्रा में भाजपा के संगठन मंत्री संजय राय, उत्तर प्रदेश सरकार के राज्यमंत्री दिनेश प्रताप सिंह, हरचंदपुर विधानसभा क्षेत्र के पूर्व विधायक और भाजपा नेता राकेश सिंह, तथा भाजपा जिला अध्यक्ष बुद्धिलाल पासी सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी, कार्यकर्ता और क्षेत्रीय नागरिक शामिल हुए। यात्रा का शुभारंभ माँ गौरा पार्वती मंदिर से हुआ और यह ढकिया चौराहा, कोरिहर, बालादीन का पुरवा, हाजीपुर, कोदे का पुरवा होते हुए पूरे लाल साहब (हाजीपुर) पहुँची, जहाँ पूरे मार्ग में स्थानीय लोगों ने भाजपा नेताओं का फूल-मालाओं से गर्मजोशी से स्वागत किया और सरकार की उपलब्धियों पर चर्चा की।

इस अवसर पर राज्यमंत्री दिनेश प्रताप सिंह और पूर्व विधायक राकेश सिंह ने केंद्र एवं प्रदेश सरकार द्वारा संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी जनता को दी। उन्होंने जोर देकर कहा कि सरकार अंतिम व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुँचाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और इसी उद्देश्य से ऐसे जनसंवाद कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है।

पदयात्रा के समापन पर हाजीपुर स्थित पूरे लाल साहब में एक विशाल चौपाल आयोजित की गई। इस चौपाल में क्षेत्रीय जनता ने अपनी समस्याएँ और माँगें नेताओं के समक्ष रखीं, जिस पर राज्यमंत्री दिनेश प्रताप सिंह, पूर्व विधायक राकेश सिंह और अन्य भाजपा नेताओं ने गंभीरता से ध्यान दिया और उनके शीघ्र समाधान का आश्वासन दिया। रात्रि विश्राम के बाद नेताओं ने पुनः क्षेत्रवासियों से मुलाकात कर उनकी जनसमस्याओं की जानकारी ली और संबंधित अधिकारियों तक मामलों को पहुँचाकर त्वरित निस्तारण कराने का भरोसा दिलाया। भाजपा नेताओं ने स्पष्ट किया कि यह पदयात्रा केवल सरकार की उपलब्धियों को जनता तक पहुँचाने का माध्यम नहीं है, बल्कि जनप्रतिनिधियों और आम जनता के बीच संवाद को मजबूत करने का एक महत्वपूर्ण प्रयास भी है। इस कार्यक्रम में उमड़ी भारी भीड़ ने क्षेत्र में भाजपा की मजबूत पकड़ और जनता के अटूट विश्वास को प्रभावी ढंग से प्रदर्शित किया।
    user_आकाश कुमार पत्रकार
    आकाश कुमार पत्रकार
    Local News Reporter Lalganj, Rae Bareli•
    5 hrs ago
  • लखनऊ में अलीगंज अग्निकांड के मामले में निलंबित किए गए एफएसएसओ कमलेंद्र सिंह ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर अपने खिलाफ की गई कार्रवाई को अन्यायपूर्ण करार दिया है। उन्होंने अपने पत्र में स्पष्ट किया है कि उनका कार्यक्षेत्र सीमित है और एनओसी जारी करने सहित सभी महत्वपूर्ण अधिकार मुख्य अग्निशमन अधिकारी (सीएफओ) के पास हैं। कमलेंद्र सिंह ने अग्निशमन दल के घटना स्थल पर देर से पहुंचने के लिए भी सीधे तौर पर सीएफओ को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने मांग की है कि मुख्य अग्निशमन अधिकारी की जवाबदेही तय की जाए और उनके (कमलेंद्र सिंह के) निलंबन पर पुनर्विचार किया जाए।
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    लखनऊ में अलीगंज अग्निकांड के मामले में निलंबित किए गए एफएसएसओ कमलेंद्र सिंह ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर अपने खिलाफ की गई कार्रवाई को अन्यायपूर्ण करार दिया है। उन्होंने अपने पत्र में स्पष्ट किया है कि उनका कार्यक्षेत्र सीमित है और एनओसी जारी करने सहित सभी महत्वपूर्ण अधिकार मुख्य अग्निशमन अधिकारी (सीएफओ) के पास हैं।

कमलेंद्र सिंह ने अग्निशमन दल के घटना स्थल पर देर से पहुंचने के लिए भी सीधे तौर पर सीएफओ को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने मांग की है कि मुख्य अग्निशमन अधिकारी की जवाबदेही तय की जाए और उनके (कमलेंद्र सिंह के) निलंबन पर पुनर्विचार किया जाए।
    user_Omprakash प्रजापति
    Omprakash प्रजापति
    Voice of people प्रतापगढ़, प्रतापगढ़, उत्तर प्रदेश•
    13 hrs ago
  • अमेठी के कमरौली थाना क्षेत्र में बीती रात एक रिसेप्शन कार्यक्रम के दौरान बच्चों का एक मामूली विवाद खूनी संघर्ष में बदल गया। पूरे मल्हाह बरसंडा गांव में डांस के दौरान एक बच्चे की शर्ट फटने को लेकर शुरू हुआ यह झगड़ा देखते ही देखते परिजनों के बीच मारपीट तक पहुंच गया, जिसमें एक युवक की जान चली गई। मारपीट में ओमप्रकाश चौहान गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें परिजन तुरंत सीएचसी ले गए। इलाज के दौरान डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इस घटना के बाद पूरे गांव में हड़कंप मच गया। कमरौली पुलिस को सूचना मिलते ही वह मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पंचायतनामा के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मृतक की पत्नी श्रीमती सीतापती की तहरीर पर पुलिस ने धारा 191(2), 191(3), 190, 103(1), 109, 351(3) बीएनएस के तहत 6 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। नामजद आरोपियों में सहजराम पुत्र मधऊ, लल्लन पुत्र सहजराम, परसनाथ पुत्र सहजराम, लक्ष्मी पुत्री लल्लन, विष्णु पुत्र सहजराम और बालक लाल पुत्र सहजराम शामिल हैं, जो सभी पूरे मोलना मजरे बरसण्डा के निवासी हैं। पुलिस ने इनमें से चार नामजद अभियुक्तों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है, जबकि अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। थाना प्रभारी ने बताया कि गांव में स्थिति फिलहाल नियंत्रण में है और शांति व्यवस्था कायम है। पुलिस के अनुसार, पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर इस मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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    अमेठी के कमरौली थाना क्षेत्र में बीती रात एक रिसेप्शन कार्यक्रम के दौरान बच्चों का एक मामूली विवाद खूनी संघर्ष में बदल गया। पूरे मल्हाह बरसंडा गांव में डांस के दौरान एक बच्चे की शर्ट फटने को लेकर शुरू हुआ यह झगड़ा देखते ही देखते परिजनों के बीच मारपीट तक पहुंच गया, जिसमें एक युवक की जान चली गई।

मारपीट में ओमप्रकाश चौहान गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें परिजन तुरंत सीएचसी ले गए। इलाज के दौरान डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इस घटना के बाद पूरे गांव में हड़कंप मच गया। कमरौली पुलिस को सूचना मिलते ही वह मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पंचायतनामा के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।

मृतक की पत्नी श्रीमती सीतापती की तहरीर पर पुलिस ने धारा 191(2), 191(3), 190, 103(1), 109, 351(3) बीएनएस के तहत 6 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। नामजद आरोपियों में सहजराम पुत्र मधऊ, लल्लन पुत्र सहजराम, परसनाथ पुत्र सहजराम, लक्ष्मी पुत्री लल्लन, विष्णु पुत्र सहजराम और बालक लाल पुत्र सहजराम शामिल हैं, जो सभी पूरे मोलना मजरे बरसण्डा के निवासी हैं। पुलिस ने इनमें से चार नामजद अभियुक्तों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है, जबकि अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।

थाना प्रभारी ने बताया कि गांव में स्थिति फिलहाल नियंत्रण में है और शांति व्यवस्था कायम है। पुलिस के अनुसार, पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर इस मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी।
    user_Aditya Mishra
    Aditya Mishra
    पत्रकार अमेठी, अमेठी, उत्तर प्रदेश•
    9 hrs ago
  • उत्तर प्रदेश के अमेठी जनपद अंतर्गत हरिहरपुर करैया ग्राम सभा में विकास कार्यों को लेकर ग्रामीणों की कोई सुनवाई नहीं हो रही है, जिससे स्थानीय लोग बेहद परेशान हैं। ग्रामीणों का कहना है कि विकास संबंधी मुद्दों पर उनकी गुहार पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। इस स्थिति के कारण अमेठी जनपद के ग्रामीण क्षेत्रों का बुरा हाल है, और लोग लगातार उपेक्षा का सामना कर रहे हैं।
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    उत्तर प्रदेश के अमेठी जनपद अंतर्गत हरिहरपुर करैया ग्राम सभा में विकास कार्यों को लेकर ग्रामीणों की कोई सुनवाई नहीं हो रही है, जिससे स्थानीय लोग बेहद परेशान हैं। ग्रामीणों का कहना है कि विकास संबंधी मुद्दों पर उनकी गुहार पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। इस स्थिति के कारण अमेठी जनपद के ग्रामीण क्षेत्रों का बुरा हाल है, और लोग लगातार उपेक्षा का सामना कर रहे हैं।
    user_Durga Prasad Tiwari
    Durga Prasad Tiwari
    गौरीगंज, अमेठी, उत्तर प्रदेश•
    10 hrs ago
  • प्रतापगढ़ जिले में नाली की व्यवस्था को लेकर किसी प्रकार की अव्यवस्था नहीं है।
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    प्रतापगढ़ जिले में नाली की व्यवस्था को लेकर किसी प्रकार की अव्यवस्था नहीं है।
    user_Suraj Kumar
    Suraj Kumar
    Kunda, Pratapgarh•
    14 hrs ago
  • प्रतापगढ़ के कोहंड़ौर थाना क्षेत्र में एक मजदूर की मौत के बाद कई गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। मृतक की पत्नी यशोदा ने थाना कोहंड़ौर में एक शिकायती पत्र देते हुए गांव के एक व्यक्ति पर उनके पति को मजदूरी के लिए बुलाकर जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करने, दबाव बनाने और जोखिमपूर्ण कार्य कराने का आरोप लगाया है। शिकायत के अनुसार, काम के दौरान पेड़ से गिरने के बाद गंभीर रूप से घायल हुए मजदूर को समय पर सहायता नहीं मिली, जिसके बाद इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। यशोदा ने आदित्य मिश्रा नामक व्यक्ति को नामजद करते हुए प्राथमिकी दर्ज कर कठोर कानूनी कार्रवाई की मांग की है और मामले में SC/ST एक्ट सहित अन्य गंभीर धाराएं लगाने की गुहार लगाई है। उनके मुताबिक, उनके पति घनश्याम, जो दिहाड़ी मजदूर थे, को 17 जून 2026 की सुबह आदित्य मिश्रा ने कई बार फोन कर बुलाया। जब घनश्याम ने निजी काम करने से मना किया तो आरोपी स्वयं उनके घर पहुंच गया और कथित तौर पर जातिसूचक गालियां देने लगा। आरोप है कि दबाव बनाकर घनश्याम से लकड़ी कटवाने, सफाई कराने और पेड़ की टहनियां कटवाने का काम कराया गया, जिसमें उचित सुरक्षा व्यवस्था नहीं थी। इसी दौरान संतुलन बिगड़ने से घनश्याम नीचे गिर गए, जिससे उनकी कमर और गर्दन में गंभीर चोटें आईं। शिकायत पत्र में यह भी आरोप लगाया गया है कि दुर्घटना दोपहर करीब दो बजे हुई, लेकिन परिजनों को इसकी सूचना शाम पांच से साढ़े पांच बजे के बीच, कई घंटे बाद दी गई। आरोप है कि न तो तुरंत एम्बुलेंस बुलाई गई और न ही घायल को समय पर चिकित्सा सहायता मिली। परिजनों ने घायल मजदूर को पहले प्रतापगढ़ के एक निजी अस्पताल ले जाकर भर्ती कराया, जहां रीढ़ की हड्डी में गंभीर चोट का पता चला। बाद में उन्हें प्रयागराज स्थित स्वरूपरानी नेहरू अस्पताल रेफर किया गया, जहाँ डॉक्टरों ने रीढ़ और सर्वाइकल स्पाइन में गंभीर क्षति की पुष्टि करते हुए स्थायी विकलांगता की आशंका जताई थी। पीड़िता का यह भी आरोप है कि घटना के बाद आरोपी ने इलाज का खर्च उठाने से इनकार कर दिया और मृतक की मजदूरी का भुगतान भी नहीं किया। घनश्याम परिवार के एकमात्र कमाने वाले सदस्य थे, और उनके तीन नाबालिग बच्चे हैं, जिससे परिवार के सामने आजीविका का संकट खड़ा हो गया है। शिकायती पत्र के अनुसार, 22 जून को घनश्याम को लखनऊ PGI रेफर किया गया, लेकिन अस्पताल पहुंचने तक उनकी हालत अत्यंत गंभीर हो चुकी थी और ट्रॉमा सेंटर में उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। इस मौत के बाद मामला केवल एक दुर्घटना न होकर कथित लापरवाही, समय पर मदद न मिलने और जातीय उत्पीड़न के आरोपों के कारण कानूनी एवं सामाजिक बहस का विषय बन गया है। पीड़िता ने कोहंड़ौर पुलिस से निष्पक्ष जांच कर भारतीय न्याय संहिता की प्रासंगिक धाराओं तथा SC/ST एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज करने की मांग की है। हालांकि, ये सभी आरोप शिकायतकर्ता द्वारा लगाए गए हैं, और मामले में पुलिस जांच तथा संबंधित पक्ष का बयान सामने आना बाकी है।
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    प्रतापगढ़ के कोहंड़ौर थाना क्षेत्र में एक मजदूर की मौत के बाद कई गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। मृतक की पत्नी यशोदा ने थाना कोहंड़ौर में एक शिकायती पत्र देते हुए गांव के एक व्यक्ति पर उनके पति को मजदूरी के लिए बुलाकर जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करने, दबाव बनाने और जोखिमपूर्ण कार्य कराने का आरोप लगाया है। शिकायत के अनुसार, काम के दौरान पेड़ से गिरने के बाद गंभीर रूप से घायल हुए मजदूर को समय पर सहायता नहीं मिली, जिसके बाद इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।

यशोदा ने आदित्य मिश्रा नामक व्यक्ति को नामजद करते हुए प्राथमिकी दर्ज कर कठोर कानूनी कार्रवाई की मांग की है और मामले में SC/ST एक्ट सहित अन्य गंभीर धाराएं लगाने की गुहार लगाई है। उनके मुताबिक, उनके पति घनश्याम, जो दिहाड़ी मजदूर थे, को 17 जून 2026 की सुबह आदित्य मिश्रा ने कई बार फोन कर बुलाया। जब घनश्याम ने निजी काम करने से मना किया तो आरोपी स्वयं उनके घर पहुंच गया और कथित तौर पर जातिसूचक गालियां देने लगा। आरोप है कि दबाव बनाकर घनश्याम से लकड़ी कटवाने, सफाई कराने और पेड़ की टहनियां कटवाने का काम कराया गया, जिसमें उचित सुरक्षा व्यवस्था नहीं थी। इसी दौरान संतुलन बिगड़ने से घनश्याम नीचे गिर गए, जिससे उनकी कमर और गर्दन में गंभीर चोटें आईं।

शिकायत पत्र में यह भी आरोप लगाया गया है कि दुर्घटना दोपहर करीब दो बजे हुई, लेकिन परिजनों को इसकी सूचना शाम पांच से साढ़े पांच बजे के बीच, कई घंटे बाद दी गई। आरोप है कि न तो तुरंत एम्बुलेंस बुलाई गई और न ही घायल को समय पर चिकित्सा सहायता मिली। परिजनों ने घायल मजदूर को पहले प्रतापगढ़ के एक निजी अस्पताल ले जाकर भर्ती कराया, जहां रीढ़ की हड्डी में गंभीर चोट का पता चला। बाद में उन्हें प्रयागराज स्थित स्वरूपरानी नेहरू अस्पताल रेफर किया गया, जहाँ डॉक्टरों ने रीढ़ और सर्वाइकल स्पाइन में गंभीर क्षति की पुष्टि करते हुए स्थायी विकलांगता की आशंका जताई थी। पीड़िता का यह भी आरोप है कि घटना के बाद आरोपी ने इलाज का खर्च उठाने से इनकार कर दिया और मृतक की मजदूरी का भुगतान भी नहीं किया। घनश्याम परिवार के एकमात्र कमाने वाले सदस्य थे, और उनके तीन नाबालिग बच्चे हैं, जिससे परिवार के सामने आजीविका का संकट खड़ा हो गया है।

शिकायती पत्र के अनुसार, 22 जून को घनश्याम को लखनऊ PGI रेफर किया गया, लेकिन अस्पताल पहुंचने तक उनकी हालत अत्यंत गंभीर हो चुकी थी और ट्रॉमा सेंटर में उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। इस मौत के बाद मामला केवल एक दुर्घटना न होकर कथित लापरवाही, समय पर मदद न मिलने और जातीय उत्पीड़न के आरोपों के कारण कानूनी एवं सामाजिक बहस का विषय बन गया है। पीड़िता ने कोहंड़ौर पुलिस से निष्पक्ष जांच कर भारतीय न्याय संहिता की प्रासंगिक धाराओं तथा SC/ST एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज करने की मांग की है। हालांकि, ये सभी आरोप शिकायतकर्ता द्वारा लगाए गए हैं, और मामले में पुलिस जांच तथा संबंधित पक्ष का बयान सामने आना बाकी है।
    user_विनय कुमार कनौजिया पत्रकार
    विनय कुमार कनौजिया पत्रकार
    Dancer प्रतापगढ़, प्रतापगढ़, उत्तर प्रदेश•
    3 hrs ago
  • प्रतापगढ़ के मानिकपुर थाना क्षेत्र के अलुवा माई गांव स्थित एक वाटर पार्क में नहाने के दौरान एक मासूम बच्ची की डूबने से दर्दनाक मौत हो गई है। इस हृदयविदारक हादसे के बाद पीड़ित परिवार में कोहराम मच गया और पूरे क्षेत्र में शोक की लहर फैल गई है। मृत बच्ची की पहचान सान्या केसरवानी (पुत्री सुशील केसरवानी) के रूप में हुई है, जो अपने परिवार के साथ वाटर पार्क घूमने आई थी। मिली जानकारी के अनुसार, नहाते समय सान्या अचानक गहरे पानी में चली गई और डूबने लगी। मौके पर मौजूद लोगों ने उसे किसी तरह बाहर निकाला, लेकिन तब तक उसकी हालत बेहद गंभीर हो चुकी थी। परिजन उसे तुरंत नजदीकी अस्पताल ले गए, जहाँ चिकित्सकों ने परीक्षण के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। सान्या अपने माता-पिता की तीन बेटियों में से एक थी, और उसकी असमय मौत से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। इस घटना के बाद परिजनों और स्थानीय लोगों ने वाटर पार्क प्रबंधन पर सुरक्षा मानकों की अनदेखी का गंभीर आरोप लगाया है। उनका कहना है कि बच्ची को लाइफ जैकेट तक उपलब्ध नहीं कराई गई थी, जबकि ऐसे जलक्रीड़ा स्थलों पर यह अनिवार्य सुरक्षा मानक है। इसके साथ ही, मौके पर पर्याप्त लाइफगार्ड और निगरानी स्टाफ की तैनाती न होने पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुँची और मामले की छानबीन शुरू कर दी है। पीड़ित परिवार ने हादसे की निष्पक्ष जांच कराने और लापरवाही बरतने वाले जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। इस दुखद घटना ने एक बार फिर सार्वजनिक वाटर पार्कों और जलक्रीड़ा स्थलों पर सुरक्षा मानकों की अनदेखी को उजागर कर दिया है, जिससे स्थानीय निवासियों ने प्रशासन से भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए इन स्थलों की सुरक्षा व्यवस्था की कड़ी समीक्षा करने और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर शिकंजा कसने की अपील की है।
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    प्रतापगढ़ के मानिकपुर थाना क्षेत्र के अलुवा माई गांव स्थित एक वाटर पार्क में नहाने के दौरान एक मासूम बच्ची की डूबने से दर्दनाक मौत हो गई है। इस हृदयविदारक हादसे के बाद पीड़ित परिवार में कोहराम मच गया और पूरे क्षेत्र में शोक की लहर फैल गई है। मृत बच्ची की पहचान सान्या केसरवानी (पुत्री सुशील केसरवानी) के रूप में हुई है, जो अपने परिवार के साथ वाटर पार्क घूमने आई थी।

मिली जानकारी के अनुसार, नहाते समय सान्या अचानक गहरे पानी में चली गई और डूबने लगी। मौके पर मौजूद लोगों ने उसे किसी तरह बाहर निकाला, लेकिन तब तक उसकी हालत बेहद गंभीर हो चुकी थी। परिजन उसे तुरंत नजदीकी अस्पताल ले गए, जहाँ चिकित्सकों ने परीक्षण के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। सान्या अपने माता-पिता की तीन बेटियों में से एक थी, और उसकी असमय मौत से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

इस घटना के बाद परिजनों और स्थानीय लोगों ने वाटर पार्क प्रबंधन पर सुरक्षा मानकों की अनदेखी का गंभीर आरोप लगाया है। उनका कहना है कि बच्ची को लाइफ जैकेट तक उपलब्ध नहीं कराई गई थी, जबकि ऐसे जलक्रीड़ा स्थलों पर यह अनिवार्य सुरक्षा मानक है। इसके साथ ही, मौके पर पर्याप्त लाइफगार्ड और निगरानी स्टाफ की तैनाती न होने पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं।

घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुँची और मामले की छानबीन शुरू कर दी है। पीड़ित परिवार ने हादसे की निष्पक्ष जांच कराने और लापरवाही बरतने वाले जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। इस दुखद घटना ने एक बार फिर सार्वजनिक वाटर पार्कों और जलक्रीड़ा स्थलों पर सुरक्षा मानकों की अनदेखी को उजागर कर दिया है, जिससे स्थानीय निवासियों ने प्रशासन से भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए इन स्थलों की सुरक्षा व्यवस्था की कड़ी समीक्षा करने और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर शिकंजा कसने की अपील की है।
    user_अजीत मिश्रा
    अजीत मिश्रा
    Local News Reporter कुंडा, प्रतापगढ़, उत्तर प्रदेश•
    21 hrs ago
  • लखनऊ के अलीगंज में एक अत्यंत हृदय विदारक घटना सामने आई है, जहाँ 15 छात्र जलकर राख हो गए हैं। इस भीषण हादसे में कई अन्य बच्चे भी घायल होकर अस्पताल में भर्ती हैं। इस घटना से प्रभावित हुए बच्चों के परिजनों की दुनिया उजड़ गई है। चैनल दर्शकों से इस वीडियो को ज़्यादा से ज़्यादा लाइक और शेयर करने की अपील कर रहा है, ताकि यह जानकारी सभी तक पहुँच सके, साथ ही चैनल को सब्सक्राइब करने का भी आग्रह किया गया है।
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    लखनऊ के अलीगंज में एक अत्यंत हृदय विदारक घटना सामने आई है, जहाँ 15 छात्र जलकर राख हो गए हैं। इस भीषण हादसे में कई अन्य बच्चे भी घायल होकर अस्पताल में भर्ती हैं। इस घटना से प्रभावित हुए बच्चों के परिजनों की दुनिया उजड़ गई है। चैनल दर्शकों से इस वीडियो को ज़्यादा से ज़्यादा लाइक और शेयर करने की अपील कर रहा है, ताकि यह जानकारी सभी तक पहुँच सके, साथ ही चैनल को सब्सक्राइब करने का भी आग्रह किया गया है।
    user_HIMANSHU PAL
    HIMANSHU PAL
    Soraon, प्रयागराज, उत्तर प्रदेश•
    8 hrs ago
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