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असम के धेमाजी जिले में भारी बारिश के कारण सिमेन नदी पर बना रेलवे पुल का एक हिस्सा ढह गया है। इस घटना से क्षेत्र में आवागमन और रेल संचालन पर गंभीर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है। फिलहाल प्रशासन द्वारा मौके पर स्थिति का जायजा लिया जा रहा है।
Pradeep Singh Rajput 🇮🇳D.N.
असम के धेमाजी जिले में भारी बारिश के कारण सिमेन नदी पर बना रेलवे पुल का एक हिस्सा ढह गया है। इस घटना से क्षेत्र में आवागमन और रेल संचालन पर गंभीर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है। फिलहाल प्रशासन द्वारा मौके पर स्थिति का जायजा लिया जा रहा है।
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- नाजिया इलाही की एक टिप्पणी को लेकर विवाद उत्पन्न हो गया है। इस मामले में, मुस्लिम महिलाओं ने नाजिया इलाही के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।1
- लाखे नगर वार्ड में एक नई सड़क का निर्माण कार्य चल रहा है, जिससे क्षेत्र की तस्वीर बदल रही है। यह विकास कार्य पार्षद अंबर अग्रवाल की देखरेख में किया जा रहा है।1
- स्थानीय नाली की खराब स्थिति के कारण अब वीडियो ब्लॉगिंग करने का निर्णय लिया गया है। इस वीडियो ब्लॉगिंग के माध्यम से समस्या को उजागर करते हुए इसमें हँसी-मज़ाक का पुट भी जोड़ा जाएगा।1
- सोमवार, 29 जून को गण्डई में राष्ट्रीय सघन पल्स पोलियो अभियान का शुभारंभ किया गया। सुबह 9 बजे प्रेस विज्ञप्ति से मिली जानकारी के अनुसार, नगर पंचायत अध्यक्ष लाल टारकेश्वर शाह खुशरो ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गण्डई स्थित पोलियो बूथ का उद्घाटन किया। इस अवसर पर लोगों से अपील की गई कि वे अभियान की सफलता के लिए अपने बच्चों को पोलियो की खुराक अवश्य पिलाएँ। इस कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष प्रियंका खम्मन ताम्रकार ने भी सहभागिता की और बूथ पर पहुँचे बच्चों को पोलियो ड्रॉप पिलाकर अभियान का आरंभ किया। उन्होंने इस दौरान कहा कि पोलियो जैसी गंभीर बीमारी से बच्चों को सुरक्षित रखने के लिए हर बच्चे को पोलियो की अतिरिक्त खुराक दिलाना आवश्यक है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों की उपस्थिति में इस अभियान का संचालन किया गया, जिसमें अभिभावकों से उनके पाँच वर्ष तक के बच्चों को पोलियो की दवा पिलाने का आग्रह किया गया।1
- गरियाबंद जिले के बारूका गांव में महिलाओं ने सामाजिक सुधार और नशामुक्ति की दिशा में एक प्रेरणादायक मिसाल पेश करते हुए अपने गांव को पूरी तरह नशा मुक्त बनाने का संकल्प लिया है। इस साहसिक पहल के लिए जिले के पुलिस अधीक्षक वेदव्रत सिरमौर ने बारूका की महिलाओं को विशेष रूप से सम्मानित किया है। बारूका गांव की महिलाओं ने अवैध शराब की बिक्री, जुआ, सट्टा और अन्य नशीले पदार्थों के सेवन को पूरी तरह बंद करने का बीड़ा उठाया है। इस मुहिम को सशक्त बनाने के लिए पुलिस द्वारा गांव में महिला कमांडो का गठन किया गया है, जिनकी जिम्मेदारी गांव में नशा करने या बेचने वालों पर कड़ी नज़र रखना है। पुलिस अधीक्षक ने महिलाओं की इस सामाजिक पहल की सराहना करते हुए आश्वासन दिया कि पुलिस हर कदम पर उनके साथ खड़ी है और ऐसी मुहिमों से अपराध मुक्त समाज की नींव मजबूत होती है। इस मुहिम को पूरे गांव का समर्थन मिल रहा है, जिसके परिणामस्वरूप गांव के माहौल में सकारात्मक बदलाव आने शुरू हो गए हैं। पुलिस अधीक्षक ने इस बात पर जोर दिया कि किसी भी समाज को नशा मुक्त बनाने में महिलाओं की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होती है, और बारूका गांव की महिलाओं की हिम्मत अन्य गांवों के लिए प्रेरणा स्रोत है। उन्होंने यह भी कहा कि अवैध नशा बेचने वालों के खिलाफ पुलिस सख्त से सख्त कार्यवाही करेगी और महिला समिति को पूरा सुरक्षा कवच देगी। बारूका की महिलाओं ने पुलिस प्रशासन का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रोत्साहन से उनका हौसला दोगुना हो गया है, और अब वे अपने गांव को पूरी तरह से नशा मुक्त और सुरक्षित बनाकर ही दम लेंगी।1
- खरोरा और आसपास के क्षेत्रों में धड़ल्ले से हो रहे धर्मांतरण के विरोध में सर्व हिन्दू समाज के बैनर तले खरोरा स्थित दक्षिण मुखी हनुमान मंदिर परिसर में एक बड़ी बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में सैकड़ों की संख्या में उपस्थित लोगों ने धर्मांतरण और प्रार्थना सभाओं पर प्रतिबंध की मांग को लेकर जोरदार हुंकार भरी। उल्लेखनीय है कि खरोरा सहित ग्रामीण क्षेत्रों में धर्मांतरण के मामलों में अचानक वृद्धि हुई है, जिसके कारण कई स्थानों पर विवाद की स्थिति उत्पन्न हो रही है। ईसाई मिशनरियों पर आरोप है कि वे प्रार्थना सभाओं में गैर-ईसाई समुदाय के लोगों को आमंत्रित कर उन्हें हिन्दू धर्म के खिलाफ भड़काते हैं और धर्मांतरित करते हैं। पिछले दिनों 24 जून को समीपस्थ ग्राम मांठ में भी धर्मांतरण की घटना पर बड़ा विवाद हुआ था, जहाँ ईसाई पास्टरों और हिन्दुओं के बीच टकराव की स्थिति बन गई थी। पुलिस के हस्तक्षेप से कोई अप्रिय घटना नहीं हुई, लेकिन ग्रामीणों की शिकायत पर पुलिस ने रायपुर के पास्टर शुशांत ज्ञानिक और पीयूष पटेल पर कार्रवाई की थी। इस घटना के बाद से ही हिन्दू समाज धर्मांतरण को लेकर आक्रोशित नजर आ रहा है। बैठक के दौरान, रायपुर जिला पंचायत के अध्यक्ष नवीन अग्रवाल ने धर्मांतरण को समाज और राष्ट्र के लिए गंभीर खतरा बताते हुए सभी से दलगत विचारों से ऊपर उठकर धर्मांतरण के खिलाफ एकजुट होने की अपील की। वरिष्ठ समाजसेवी राजीव अग्रवाल ने बताया कि ईसाई पास्टर गरीब और असहाय तबके के लोगों को आसानी से निशाना बनाते हैं; पहले उनके दुःख-दर्द दूर करने का भरोसा देते हैं और फिर उन्हें धर्मांतरित कर देते हैं। उन्होंने लोगों से इन ईसाई मिशनरियों, पास्टरों और उनके प्रार्थना प्रलोभनों से दूरी बनाए रखने का आग्रह किया। पूर्व नपं अध्यक्ष अनिल सोनी ने नगर के वार्डों में धर्मांतरण विरोधी समितियां बनाने और अवैध धर्मांतरण गतिविधियों पर नजर रखने की बात कही। युवा समाजसेवी बब्लू भाटिया ने युवाओं से इन पास्टरों पर नजर रखने और धर्मांतरण में संलिप्तता पाए जाने पर उन्हें सबक सिखाने की अपील की। इस बैठक में सेवानिवृत्त शिक्षक सिताराम यादव, भागवताचार्य संतोष गांगुली, श्रीमती रश्मि वर्मा, श्रीमती सोना वर्मा, सुरेन्द्र वर्मा, तोरण ठाकुर, जोगिंदर सलूजा, विकास ठाकुर, राम बाबू मंडल, राजा भाटिया, सुमीत सेन और जयप्रकाश वर्मा सहित कई अन्य लोगों ने भी सभा को संबोधित करते हुए धर्मांतरण का पुरजोर विरोध किया और घर-घर जाकर लोगों के बीच जनजागरण अभियान चलाने का आह्वान किया। सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि आसपास के गांवों में समितियां गठित की जाएंगी, जिनके माध्यम से लोगों में धर्मांतरण के प्रति जागरूकता लाई जाएगी। साथ ही, बाहरी ईसाई पादरी और पास्टरों की गतिविधियों पर निगरानी रखने तथा अवैध प्रार्थना सभाओं को बंद कराने का संकल्प लिया गया।4
- देव स्नान पूर्णिमा के पावन अवसर पर भिलाई, छत्तीसगढ़ में महाप्रभु जगन्नाथ, बलभद्र और देवी सुभद्रा का पारंपरिक स्नान यात्रा उत्सव अत्यंत श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया गया। इस दौरान तीनों विग्रहों का 108 पवित्र कलशों के जल से दिव्य स्नान अभिषेक किया गया। मान्यता के अनुसार, इस विशेष स्नान के बाद भगवान कुछ दिनों के लिए अनसर काल में विश्राम करते हैं। इसके पश्चात रथ यात्रा के माध्यम से वे पुनः भक्तों को दर्शन देते हैं। यह पर्व सनातन परंपरा, आस्था और भक्ति का एक महत्वपूर्ण प्रतीक है।1
- राजनांदगांव जिले में बिजली कटौती के खिलाफ कांग्रेस द्वारा आयोजित एक धरना कार्यक्रम विवादों में घिर गया है। यह आरोप लगाया गया है कि इसी कार्यक्रम के दौरान माइक और लाइट जैसी व्यवस्थाओं को चलाने के लिए चोरी की बिजली का इस्तेमाल किया गया।1
- छत्तीसगढ़ में गायकों से जुड़े विवाद ने एक बार फिर तूल पकड़ लिया है, जब एक महिला ने इंस्टाग्राम के माध्यम से उन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। इन आरोपों में अश्लील कार्यक्रमों से संबंधित विवाद भी शामिल हैं, जो अक्सर समय-समय पर सुर्खियां बटोरते रहे हैं। वर्तमान में, महिला द्वारा लगाए गए ये आरोप खासी चर्चा का विषय बने हुए हैं।1