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नाजिया इलाही की एक टिप्पणी को लेकर विवाद उत्पन्न हो गया है। इस मामले में, मुस्लिम महिलाओं ने नाजिया इलाही के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
Jaideep Sharma
नाजिया इलाही की एक टिप्पणी को लेकर विवाद उत्पन्न हो गया है। इस मामले में, मुस्लिम महिलाओं ने नाजिया इलाही के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
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- देव स्नान पूर्णिमा के पावन अवसर पर भिलाई, छत्तीसगढ़ में महाप्रभु जगन्नाथ, बलभद्र और देवी सुभद्रा का पारंपरिक स्नान यात्रा उत्सव अत्यंत श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया गया। इस दौरान तीनों विग्रहों का 108 पवित्र कलशों के जल से दिव्य स्नान अभिषेक किया गया। मान्यता के अनुसार, इस विशेष स्नान के बाद भगवान कुछ दिनों के लिए अनसर काल में विश्राम करते हैं। इसके पश्चात रथ यात्रा के माध्यम से वे पुनः भक्तों को दर्शन देते हैं। यह पर्व सनातन परंपरा, आस्था और भक्ति का एक महत्वपूर्ण प्रतीक है।1
- दुर्ग जिले की रानीतराई पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा है, जिसने फर्जी भूमि पट्टा और पंचायत प्रमाण पत्र तैयार कर आवास ऋण प्राप्त करने का प्रयास किया था। आरोपी के खिलाफ अपराध पंजीबद्ध कर वैधानिक कार्यवाही की गई है। यह मामला 06 जून 2026 को सामने आया, जब ग्राम पंचायत तेलीगुंडरा की सरपंच श्रीमती हुलेश्वरी साहू ने थाना रानीतराई में लिखित शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के अनुसार, ग्राम तेलीगुंडरा निवासी धनेश्वर कुमार निर्मलकर ने लगभग 1800 वर्गफुट भूमि का फर्जी पट्टा और पंचायत प्रमाण पत्र तैयार करके आधार हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड, न्यू दीपक नगर, दुर्ग में आवास ऋण के लिए आवेदन किया था। जांच के दौरान सरपंच और अन्य गवाहों के बयान दर्ज किए गए। पंचायत अभिलेखों के परीक्षण में यह पुष्टि हुई कि संबंधित पट्टा प्रमाण पत्र ग्राम पंचायत द्वारा कभी जारी नहीं किया गया था, और उस पर अंकित मुहर व प्रमाणीकरण भी वास्तविक नहीं थे। आधार हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड द्वारा आंतरिक परीक्षण में भी दस्तावेजों में विसंगति पाई गई, जिसके बाद ऋण आवेदन को अस्वीकृत कर निरस्त कर दिया गया। विवेचना में पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर थाना रानीतराई में आरोपी धनेश्वर कुमार निर्मलकर, उम्र 40 वर्ष, निवासी ग्राम तेलीगुंडरा, थाना रानीतराई, जिला दुर्ग के विरुद्ध अपराध क्रमांक 71/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4), 62, 338, 336(3), 340(2) के अंतर्गत अपराध पंजीबद्ध किया गया। आरोपी को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, जहाँ से उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया। पुलिस ने आरोपी से फर्जी भूमि पट्टा प्रमाण पत्र, फर्जी पंचायत प्रमाण पत्र और ऋण आवेदन से संबंधित दस्तावेज जब्त किए हैं। इस पूरी कार्यवाही में थाना रानीतराई पुलिस की विवेचना टीम ने शिकायत का गहन परीक्षण करते हुए पंचायत अभिलेखों और संबंधित वित्तीय संस्था से आवश्यक दस्तावेज प्राप्त कर तथ्यात्मक जांच की, जिसके आधार पर आरोपी के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित हुई। दुर्ग पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार के फर्जी दस्तावेज तैयार कर या प्रस्तुत कर अनुचित लाभ प्राप्त करने का प्रयास न करें, क्योंकि ऐसे मामलों में संलिप्त पाए जाने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध कानून के अनुसार कठोर वैधानिक कार्यवाही की जाएगी।2
- खैरागढ़ में एसबीआई आरसेटी द्वारा संचालित 'ए हेल्प' (पशु सखी प्रशिक्षण कार्यक्रम 2026, 27) के तहत प्रशिक्षणार्थियों के लिए एक शैक्षणिक भ्रमण का आयोजन किया गया। 29 जून सोमवार को सुबह 10 बजे मिली जानकारी अनुसार, इस भ्रमण के दौरान पशु सखियों ने शासकीय पशु चिकित्सालय का दौरा किया और पशुपालन, पशु स्वास्थ्य सेवाओं तथा टीकाकरण से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी हासिल की। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में पशुपालकों को बेहतर सेवाएं प्रदान करने के लिए प्रशिक्षित पशु सखियों की क्षमताओं को विकसित करना है। इस अवसर पर आरसेटी के अधिकारी, प्रशिक्षक और सभी प्रशिक्षणार्थी उपस्थित रहे।1
- स्थानीय नाली की खराब स्थिति के कारण अब वीडियो ब्लॉगिंग करने का निर्णय लिया गया है। इस वीडियो ब्लॉगिंग के माध्यम से समस्या को उजागर करते हुए इसमें हँसी-मज़ाक का पुट भी जोड़ा जाएगा।1
- नवापारा-राजिम में, भाजपा द्वारा नगरीय निकायों में एल्डरमैन की हालिया नियुक्तियों से जैन समाज में गहरा असंतोष और आक्रोश है। समाज के पदाधिकारियों और वरिष्ठजनों का आरोप है कि रायपुर और सरगुजा संभाग के कुल 253 एल्डरमैन पदों पर की गई नियुक्तियों में जैन समाज के एक भी कार्यकर्ता को प्रतिनिधित्व नहीं दिया गया, जिससे समाज स्वयं को पूरी तरह उपेक्षित महसूस कर रहा है। उपलब्ध दस्तावेजों के अनुसार, रायपुर संभाग में 152 और सरगुजा संभाग में 101 एल्डरमैन पदों पर ये नियुक्तियाँ की गई हैं, लेकिन जैन समाज का दावा है कि इनमें उनका एक भी नाम शामिल नहीं है। जैन समाज के वरिष्ठजनों ने इस फैसले पर कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा है कि वर्षों से भाजपा के साथ मजबूती से खड़े रहने के बावजूद यदि उन्हें लगातार उपेक्षित किया जाएगा, तो समाज भविष्य की राजनीतिक रणनीति पर गंभीरता से विचार करने को मजबूर होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि "विश्वास और समर्थन का प्रतिफल उपेक्षा के रूप में स्वीकार नहीं किया जा सकता" और ऐसी स्थिति लंबे समय तक बर्दाश्त नहीं की जाएगी। समाज के प्रतिनिधियों ने यह भी बताया कि केवल जैन समाज ही नहीं, बल्कि ब्राह्मण और अग्रवाल समाज को भी अपेक्षित प्रतिनिधित्व नहीं मिला। रायपुर संभाग के 152 पदों में ब्राह्मण और अग्रवाल समाज से 8-8 प्रतिनिधियों को स्थान मिला, जबकि सरगुजा संभाग के 101 पदों में ब्राह्मण समाज से 10 और अग्रवाल समाज से 3 प्रतिनिधियों की नियुक्ति हुई, फिर भी जैन समाज को दोनों संभागों में एक भी अवसर नहीं दिया गया। इस संबंध में भाजपा का पक्ष जानने के लिए अशोक बजाज ने प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव से संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन उनसे बात नहीं हो सकी। जैन समाज के वरिष्ठजनों का कहना है कि समाज किसी विशेष कृपा की अपेक्षा नहीं करता, बल्कि संगठन में वर्षों से सक्रिय कार्यकर्ताओं को उनके योगदान के अनुरूप सम्मानजनक प्रतिनिधित्व मिलना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि भविष्य में भी यही अनदेखी जारी रही, तो जैन समाज को अपने राजनीतिक विकल्पों पर पुनर्विचार करने के लिए बाध्य होना पड़ेगा।1
- छत्तीसगढ़ के बेमेतरा में एक सनसनीखेज घटना सामने आई है, जहाँ एक चौराहे को खून से लाल कर दिया गया। जानकारी के अनुसार, फरसे के ताबड़तोड़ वार से एक 50 वर्षीय व्यक्ति की मौत हो गई है।1
- खरोरा और आसपास के क्षेत्रों में धड़ल्ले से हो रहे धर्मांतरण के विरोध में सर्व हिन्दू समाज के बैनर तले खरोरा स्थित दक्षिण मुखी हनुमान मंदिर परिसर में एक बड़ी बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में सैकड़ों की संख्या में उपस्थित लोगों ने धर्मांतरण और प्रार्थना सभाओं पर प्रतिबंध की मांग को लेकर जोरदार हुंकार भरी। उल्लेखनीय है कि खरोरा सहित ग्रामीण क्षेत्रों में धर्मांतरण के मामलों में अचानक वृद्धि हुई है, जिसके कारण कई स्थानों पर विवाद की स्थिति उत्पन्न हो रही है। ईसाई मिशनरियों पर आरोप है कि वे प्रार्थना सभाओं में गैर-ईसाई समुदाय के लोगों को आमंत्रित कर उन्हें हिन्दू धर्म के खिलाफ भड़काते हैं और धर्मांतरित करते हैं। पिछले दिनों 24 जून को समीपस्थ ग्राम मांठ में भी धर्मांतरण की घटना पर बड़ा विवाद हुआ था, जहाँ ईसाई पास्टरों और हिन्दुओं के बीच टकराव की स्थिति बन गई थी। पुलिस के हस्तक्षेप से कोई अप्रिय घटना नहीं हुई, लेकिन ग्रामीणों की शिकायत पर पुलिस ने रायपुर के पास्टर शुशांत ज्ञानिक और पीयूष पटेल पर कार्रवाई की थी। इस घटना के बाद से ही हिन्दू समाज धर्मांतरण को लेकर आक्रोशित नजर आ रहा है। बैठक के दौरान, रायपुर जिला पंचायत के अध्यक्ष नवीन अग्रवाल ने धर्मांतरण को समाज और राष्ट्र के लिए गंभीर खतरा बताते हुए सभी से दलगत विचारों से ऊपर उठकर धर्मांतरण के खिलाफ एकजुट होने की अपील की। वरिष्ठ समाजसेवी राजीव अग्रवाल ने बताया कि ईसाई पास्टर गरीब और असहाय तबके के लोगों को आसानी से निशाना बनाते हैं; पहले उनके दुःख-दर्द दूर करने का भरोसा देते हैं और फिर उन्हें धर्मांतरित कर देते हैं। उन्होंने लोगों से इन ईसाई मिशनरियों, पास्टरों और उनके प्रार्थना प्रलोभनों से दूरी बनाए रखने का आग्रह किया। पूर्व नपं अध्यक्ष अनिल सोनी ने नगर के वार्डों में धर्मांतरण विरोधी समितियां बनाने और अवैध धर्मांतरण गतिविधियों पर नजर रखने की बात कही। युवा समाजसेवी बब्लू भाटिया ने युवाओं से इन पास्टरों पर नजर रखने और धर्मांतरण में संलिप्तता पाए जाने पर उन्हें सबक सिखाने की अपील की। इस बैठक में सेवानिवृत्त शिक्षक सिताराम यादव, भागवताचार्य संतोष गांगुली, श्रीमती रश्मि वर्मा, श्रीमती सोना वर्मा, सुरेन्द्र वर्मा, तोरण ठाकुर, जोगिंदर सलूजा, विकास ठाकुर, राम बाबू मंडल, राजा भाटिया, सुमीत सेन और जयप्रकाश वर्मा सहित कई अन्य लोगों ने भी सभा को संबोधित करते हुए धर्मांतरण का पुरजोर विरोध किया और घर-घर जाकर लोगों के बीच जनजागरण अभियान चलाने का आह्वान किया। सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि आसपास के गांवों में समितियां गठित की जाएंगी, जिनके माध्यम से लोगों में धर्मांतरण के प्रति जागरूकता लाई जाएगी। साथ ही, बाहरी ईसाई पादरी और पास्टरों की गतिविधियों पर निगरानी रखने तथा अवैध प्रार्थना सभाओं को बंद कराने का संकल्प लिया गया।4
- गरियाबंद पुलिस सरदार वल्लभ भाई पटेल की 150वीं जयंती के अवसर पर एक व्यापक जन जागरूकता अभियान चला रही है, जिसके तहत गाँव-गाँव और हाट-बाजारों में लोगों को विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर जागरूक किया जा रहा है। यह पहल गरियाबंद पुलिस अधीक्षक वेदव्रत सिरमौर के दिशा-निर्देशन और मार्गदर्शन में समस्त थाना क्षेत्रों में संचालित की जा रही है। इसी कड़ी में, आज थाना पांडुका, थाना फिंगेश्वर और थाना मैनपुर की पुलिस टीम द्वारा ग्रामीणों को कानूनी अधिकारों, आत्मरक्षा, डिजिटल सुरक्षा, डायल 112 के उपयोग, नशे के दुष्प्रभावों और यातायात नियमों जैसे विभिन्न महत्वपूर्ण पहलुओं पर जागरूक किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य आमजनों को इन विषयों पर सजग बनाना है। कार्यक्रम में उपस्थित पुलिस अधिकारियों ने वर्तमान में बढ़ रहे साइबर अपराधों के प्रति ग्रामीणों को सचेत किया। उन्होंने सोशल मीडिया जैसे फेसबुक, इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप का उपयोग करते समय बरती जाने वाली सावधानियों पर विस्तार से जानकारी दी और सभी को समझाया कि वे किसी भी अपरिचित व्यक्ति से अपनी निजी जानकारी या तस्वीरें साझा न करें। महिलाओं और बालिकाओं से संबंधित अपराधों पर भी कड़ी चर्चा की गई, जिसमें पुलिस टीम ने आपातकालीन स्थिति से निपटने के तरीके सिखाए। छत्तीसगढ़ पुलिस की विशेष पहल 'अभिव्यक्ति ऐप' के महत्व को बताते हुए उपस्थित महिलाओं के मोबाइल में यह ऐप डाउनलोड कराया गया। साथ ही, आपातकालीन सेवा डायल 112 के त्वरित उपयोग के बारे में भी जागरूकता फैलाई गई। सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से यातायात नियमों का पालन करने, हेलमेट लगाने और नशे की हालत व कम उम्र में वाहन न चलाने की समझाइश दी गई। इसके अतिरिक्त, समाज में बढ़ रहे नशे के दुष्प्रभावों पर प्रकाश डालते हुए युवाओं को नशे से दूर रहने की विशेष सलाह दी गई। गरियाबंद पुलिस द्वारा संचालित यह जागरूकता कार्यक्रम आगे भी जारी रहेगा।1
- रायपुर से लगे नकटी गांव में प्रशासन ने तड़के करीब 3 बजे भारी पुलिस बल की मौजूदगी में एक बड़ी बुलडोजर कार्रवाई शुरू की है। इस अभियान में अब तक 30 से 40 मकानों को गिराया जा चुका है, जबकि लगभग 85 अन्य मकानों पर कार्रवाई अभी भी जारी है, जिससे इलाके में भारी तनाव की स्थिति बनी हुई है। इस कार्रवाई के दौरान ग्रामीणों और पुलिस बल के बीच तीखी झड़प हुई, जिसमें पथराव भी शामिल था। अपने आशियानों को उजड़ता देख कई महिलाएं और बुजुर्ग रोते-बिलखते नजर आए। ग्रामीणों का आरोप है कि उन्हें इस कार्रवाई के लिए प्रशासन द्वारा मात्र 48 घंटे का नोटिस दिया गया था। ग्रामीणों ने प्रशासन से यह बड़ा सवाल उठाया है कि अगर उनकी जमीन पर कब्जा अवैध था, तो उन्हें सालों से 'प्रधानमंत्री आवास योजना', बिजली और अन्य सरकारी सुविधाएं क्यों प्रदान की जा रही थीं? फिलहाल, पूरे इलाके में भारी पुलिस बल तैनात है और बुलडोजर कार्रवाई जारी है।1