नवापारा-राजिम में, भाजपा द्वारा नगरीय निकायों में एल्डरमैन की हालिया नियुक्तियों से जैन समाज में गहरा असंतोष और आक्रोश है। समाज के पदाधिकारियों और वरिष्ठजनों का आरोप है कि रायपुर और सरगुजा संभाग के कुल 253 एल्डरमैन पदों पर की गई नियुक्तियों में जैन समाज के एक भी कार्यकर्ता को प्रतिनिधित्व नहीं दिया गया, जिससे समाज स्वयं को पूरी तरह उपेक्षित महसूस कर रहा है। उपलब्ध दस्तावेजों के अनुसार, रायपुर संभाग में 152 और सरगुजा संभाग में 101 एल्डरमैन पदों पर ये नियुक्तियाँ की गई हैं, लेकिन जैन समाज का दावा है कि इनमें उनका एक भी नाम शामिल नहीं है। जैन समाज के वरिष्ठजनों ने इस फैसले पर कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा है कि वर्षों से भाजपा के साथ मजबूती से खड़े रहने के बावजूद यदि उन्हें लगातार उपेक्षित किया जाएगा, तो समाज भविष्य की राजनीतिक रणनीति पर गंभीरता से विचार करने को मजबूर होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि "विश्वास और समर्थन का प्रतिफल उपेक्षा के रूप में स्वीकार नहीं किया जा सकता" और ऐसी स्थिति लंबे समय तक बर्दाश्त नहीं की जाएगी। समाज के प्रतिनिधियों ने यह भी बताया कि केवल जैन समाज ही नहीं, बल्कि ब्राह्मण और अग्रवाल समाज को भी अपेक्षित प्रतिनिधित्व नहीं मिला। रायपुर संभाग के 152 पदों में ब्राह्मण और अग्रवाल समाज से 8-8 प्रतिनिधियों को स्थान मिला, जबकि सरगुजा संभाग के 101 पदों में ब्राह्मण समाज से 10 और अग्रवाल समाज से 3 प्रतिनिधियों की नियुक्ति हुई, फिर भी जैन समाज को दोनों संभागों में एक भी अवसर नहीं दिया गया। इस संबंध में भाजपा का पक्ष जानने के लिए अशोक बजाज ने प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव से संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन उनसे बात नहीं हो सकी। जैन समाज के वरिष्ठजनों का कहना है कि समाज किसी विशेष कृपा की अपेक्षा नहीं करता, बल्कि संगठन में वर्षों से सक्रिय कार्यकर्ताओं को उनके योगदान के अनुरूप सम्मानजनक प्रतिनिधित्व मिलना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि भविष्य में भी यही अनदेखी जारी रही, तो जैन समाज को अपने राजनीतिक विकल्पों पर पुनर्विचार करने के लिए बाध्य होना पड़ेगा।
नवापारा-राजिम में, भाजपा द्वारा नगरीय निकायों में एल्डरमैन की हालिया नियुक्तियों से जैन समाज में गहरा असंतोष और आक्रोश है। समाज के पदाधिकारियों और वरिष्ठजनों का आरोप है कि रायपुर और सरगुजा संभाग के कुल 253 एल्डरमैन पदों पर की गई नियुक्तियों में जैन समाज के एक भी कार्यकर्ता को प्रतिनिधित्व नहीं दिया गया, जिससे समाज स्वयं को पूरी तरह उपेक्षित महसूस कर रहा है। उपलब्ध दस्तावेजों के अनुसार, रायपुर संभाग में 152 और सरगुजा संभाग में 101 एल्डरमैन पदों पर ये नियुक्तियाँ की गई हैं, लेकिन जैन समाज का दावा है कि इनमें उनका एक भी नाम शामिल नहीं है। जैन समाज के वरिष्ठजनों ने इस फैसले पर कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा है कि वर्षों से भाजपा के साथ मजबूती से खड़े रहने के बावजूद यदि उन्हें लगातार उपेक्षित किया जाएगा, तो समाज भविष्य की राजनीतिक रणनीति पर गंभीरता से विचार करने को मजबूर होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि "विश्वास और समर्थन का प्रतिफल उपेक्षा के रूप में स्वीकार नहीं किया जा सकता" और ऐसी स्थिति लंबे समय तक बर्दाश्त नहीं की जाएगी। समाज के प्रतिनिधियों ने यह भी बताया कि केवल जैन समाज ही नहीं, बल्कि ब्राह्मण और अग्रवाल समाज को भी अपेक्षित प्रतिनिधित्व नहीं मिला। रायपुर संभाग के 152 पदों में ब्राह्मण और अग्रवाल समाज से 8-8 प्रतिनिधियों को स्थान मिला, जबकि सरगुजा संभाग के 101 पदों में ब्राह्मण समाज से 10 और अग्रवाल समाज से 3 प्रतिनिधियों की नियुक्ति हुई, फिर भी जैन समाज को दोनों संभागों में एक भी अवसर नहीं दिया गया। इस संबंध में भाजपा का पक्ष जानने के लिए अशोक बजाज ने प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव से संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन उनसे बात नहीं हो सकी। जैन समाज के वरिष्ठजनों का कहना है कि समाज किसी विशेष कृपा की अपेक्षा नहीं करता, बल्कि संगठन में वर्षों से सक्रिय कार्यकर्ताओं को उनके योगदान के अनुरूप सम्मानजनक प्रतिनिधित्व मिलना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि भविष्य में भी यही अनदेखी जारी रही, तो जैन समाज को अपने राजनीतिक विकल्पों पर पुनर्विचार करने के लिए बाध्य होना पड़ेगा।
- तिल्दा-नेवरा में सहकारिता सप्ताह के अवसर पर जिला सहकारी केंद्रीय बैंक मर्यादित, शाखा तिल्दा और प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों तिल्दा तथा तुलसी में किसान हितैषी जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। इन कार्यक्रमों का मुख्य उद्देश्य किसानों को सहकारिता विभाग की विभिन्न योजनाओं, बैंकिंग सुविधाओं और कृषि से जुड़ी सेवाओं की विस्तृत जानकारी देकर उन्हें अधिकतम लाभ पहुँचाना था। कार्यक्रम की शुरुआत जिला सहकारी केंद्रीय बैंक, शाखा तिल्दा में ध्वजारोहण के साथ हुई। बैंक अधिकारियों ने उपस्थित किसानों को कृषि ऋण, फसल ऋण, बैंकिंग सेवाओं और सहकारिता विभाग की विभिन्न योजनाओं के बारे में जानकारी दी। साथ ही, किसानों को समय पर ऋण भुगतान करने, आधुनिक कृषि पद्धतियों को अपनाने और सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने के लिए प्रोत्साहित किया गया। इसी कड़ी में, प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति तिल्दा और तुलसी में किसान सम्मेलन आयोजित कर किसानों को उर्वरक वितरण व्यवस्था, ऋण सुविधाओं, सहकारी योजनाओं तथा कृषि विकास से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। अधिकारियों ने किसानों से समितियों के माध्यम से संचालित इन योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाने का आग्रह भी किया। इन कार्यक्रमों में जिला सहकारी केंद्रीय बैंक के शाखा प्रबंधक शोभाराम साहू, सहायक लेखापाल मनीष दुबे, तिल्दा समिति के अध्यक्ष मनहरण वर्मा, समिति प्रभारी भूवन साहू, सीईओ शशांक बल्लेवार, नरसिंग वर्मा, गुलाब आदिल, महेश शर्मा सहित बैंक एवं समिति के अधिकारी-कर्मचारी, बड़ी संख्या में किसान और क्षेत्र के गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। सहकारिता सप्ताह के तहत आयोजित इन कार्यक्रमों के माध्यम से किसानों को सहकारी व्यवस्था से जोड़ने, सरकारी योजनाओं के प्रति जागरूक करने और कृषि क्षेत्र को और अधिक सशक्त बनाने का संदेश दिया गया।3
- नवापारा-राजिम में, भाजपा द्वारा नगरीय निकायों में एल्डरमैन की हालिया नियुक्तियों से जैन समाज में गहरा असंतोष और आक्रोश है। समाज के पदाधिकारियों और वरिष्ठजनों का आरोप है कि रायपुर और सरगुजा संभाग के कुल 253 एल्डरमैन पदों पर की गई नियुक्तियों में जैन समाज के एक भी कार्यकर्ता को प्रतिनिधित्व नहीं दिया गया, जिससे समाज स्वयं को पूरी तरह उपेक्षित महसूस कर रहा है। उपलब्ध दस्तावेजों के अनुसार, रायपुर संभाग में 152 और सरगुजा संभाग में 101 एल्डरमैन पदों पर ये नियुक्तियाँ की गई हैं, लेकिन जैन समाज का दावा है कि इनमें उनका एक भी नाम शामिल नहीं है। जैन समाज के वरिष्ठजनों ने इस फैसले पर कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा है कि वर्षों से भाजपा के साथ मजबूती से खड़े रहने के बावजूद यदि उन्हें लगातार उपेक्षित किया जाएगा, तो समाज भविष्य की राजनीतिक रणनीति पर गंभीरता से विचार करने को मजबूर होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि "विश्वास और समर्थन का प्रतिफल उपेक्षा के रूप में स्वीकार नहीं किया जा सकता" और ऐसी स्थिति लंबे समय तक बर्दाश्त नहीं की जाएगी। समाज के प्रतिनिधियों ने यह भी बताया कि केवल जैन समाज ही नहीं, बल्कि ब्राह्मण और अग्रवाल समाज को भी अपेक्षित प्रतिनिधित्व नहीं मिला। रायपुर संभाग के 152 पदों में ब्राह्मण और अग्रवाल समाज से 8-8 प्रतिनिधियों को स्थान मिला, जबकि सरगुजा संभाग के 101 पदों में ब्राह्मण समाज से 10 और अग्रवाल समाज से 3 प्रतिनिधियों की नियुक्ति हुई, फिर भी जैन समाज को दोनों संभागों में एक भी अवसर नहीं दिया गया। इस संबंध में भाजपा का पक्ष जानने के लिए अशोक बजाज ने प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव से संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन उनसे बात नहीं हो सकी। जैन समाज के वरिष्ठजनों का कहना है कि समाज किसी विशेष कृपा की अपेक्षा नहीं करता, बल्कि संगठन में वर्षों से सक्रिय कार्यकर्ताओं को उनके योगदान के अनुरूप सम्मानजनक प्रतिनिधित्व मिलना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि भविष्य में भी यही अनदेखी जारी रही, तो जैन समाज को अपने राजनीतिक विकल्पों पर पुनर्विचार करने के लिए बाध्य होना पड़ेगा।1
- मध्य प्रदेश के शहडोल में यातायात पुलिस के पूर्व हेड कांस्टेबल विवेकानंद तिवारी की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। पुलिस अब उनके द्वारा सोशल मीडिया के माध्यम से किए गए वित्तीय लेनदेन और उनकी पत्नी के आय के स्रोतों की गहन जांच कर रही है। तिवारी को 3 जून को निलंबित किया गया था। निलंबन का कारण 15 दिनों तक बिना किसी पूर्व सूचना के ड्यूटी से अनुपस्थित रहना और वर्दी में रहते हुए व्यक्तिगत लाभ के लिए वीडियो बनाना बताया गया था। इस निलंबन के बाद, उन्होंने 15 जून को पुलिस विभाग से इस्तीफा दे दिया और वर्तमान में सड़क सुरक्षा व जनजागरूकता फैलाने का कार्य कर रहे हैं। अब इस पूरे प्रकरण में जांच का दायरा बढ़ाया गया है, जिसमें पुलिस विशेष रूप से तिवारी द्वारा सोशल मीडिया के जरिए किए गए सभी वित्तीय लेनदेनों और उनकी पत्नी के आय के विभिन्न स्रोतों की पड़ताल कर रही है।1
- दुर्ग जिले की रानीतराई पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा है, जिसने फर्जी भूमि पट्टा और पंचायत प्रमाण पत्र तैयार कर आवास ऋण प्राप्त करने का प्रयास किया था। आरोपी के खिलाफ अपराध पंजीबद्ध कर वैधानिक कार्यवाही की गई है। यह मामला 06 जून 2026 को सामने आया, जब ग्राम पंचायत तेलीगुंडरा की सरपंच श्रीमती हुलेश्वरी साहू ने थाना रानीतराई में लिखित शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के अनुसार, ग्राम तेलीगुंडरा निवासी धनेश्वर कुमार निर्मलकर ने लगभग 1800 वर्गफुट भूमि का फर्जी पट्टा और पंचायत प्रमाण पत्र तैयार करके आधार हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड, न्यू दीपक नगर, दुर्ग में आवास ऋण के लिए आवेदन किया था। जांच के दौरान सरपंच और अन्य गवाहों के बयान दर्ज किए गए। पंचायत अभिलेखों के परीक्षण में यह पुष्टि हुई कि संबंधित पट्टा प्रमाण पत्र ग्राम पंचायत द्वारा कभी जारी नहीं किया गया था, और उस पर अंकित मुहर व प्रमाणीकरण भी वास्तविक नहीं थे। आधार हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड द्वारा आंतरिक परीक्षण में भी दस्तावेजों में विसंगति पाई गई, जिसके बाद ऋण आवेदन को अस्वीकृत कर निरस्त कर दिया गया। विवेचना में पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर थाना रानीतराई में आरोपी धनेश्वर कुमार निर्मलकर, उम्र 40 वर्ष, निवासी ग्राम तेलीगुंडरा, थाना रानीतराई, जिला दुर्ग के विरुद्ध अपराध क्रमांक 71/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4), 62, 338, 336(3), 340(2) के अंतर्गत अपराध पंजीबद्ध किया गया। आरोपी को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, जहाँ से उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया। पुलिस ने आरोपी से फर्जी भूमि पट्टा प्रमाण पत्र, फर्जी पंचायत प्रमाण पत्र और ऋण आवेदन से संबंधित दस्तावेज जब्त किए हैं। इस पूरी कार्यवाही में थाना रानीतराई पुलिस की विवेचना टीम ने शिकायत का गहन परीक्षण करते हुए पंचायत अभिलेखों और संबंधित वित्तीय संस्था से आवश्यक दस्तावेज प्राप्त कर तथ्यात्मक जांच की, जिसके आधार पर आरोपी के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित हुई। दुर्ग पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार के फर्जी दस्तावेज तैयार कर या प्रस्तुत कर अनुचित लाभ प्राप्त करने का प्रयास न करें, क्योंकि ऐसे मामलों में संलिप्त पाए जाने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध कानून के अनुसार कठोर वैधानिक कार्यवाही की जाएगी।2
- छत्तीसगढ़ के करतला विकासखंड में ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत उल्लास नवभारत साक्षरता कार्यक्रम को प्रभावी ढंग से लागू करने के उद्देश्य से 22 और 23 जून 2026 को विभिन्न जोनों में प्रशिक्षण और सक्रिय कार्यकर्ताओं की मासिक बैठकें आयोजित की गईं। इन बैठकों का मुख्य लक्ष्य कार्यकर्ताओं को असाक्षर व्यक्तियों की पहचान, सर्वेक्षण, ऑनलाइन प्रविष्टि, अध्यापन व्यवस्था और स्वयंसेवी शिक्षकों की भूमिका से अवगत कराना था। 22 जून को बरपाली, तुमान और करतला जोन में आयोजित प्रशिक्षण सत्रों में उल्लास परीक्षा, सर्वेक्षण प्रक्रिया, कक्षा संचालन के तरीके, परीक्षा में पात्रता के नियम तथा स्वयंसेवी शिक्षकों को मिलने वाले बोनस अंक और प्रमाण-पत्रों के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। इस दौरान सभी प्रतिभागियों को साक्षरता की शपथ भी दिलाई गई, जिसमें प्रत्येक प्रशिक्षण स्थल पर 50 से 70 ग्रामीण आजीविका मिशन के कार्यकर्ता उपस्थित रहे। इन सत्रों में ग्रामीण आजीविका मिशन के ब्लॉक प्रभारी सुरेश निर्मलकर, विकासखंड परियोजना अधिकारी लोकनाथ सेन, बरपाली जोन की बीआरपी अनीता पोया, करतला जोन की बीआरपी आशा जांगड़े और तुमान जोन की बीआरपी दीपिका निर्मलकर की प्रमुख उपस्थिति रही। वहीं, 23 जून को सोहागपुर जोन में हुई मासिक बैठक सह प्रशिक्षण में असाक्षरों के चिन्हांकन, ऑनलाइन सर्वे की प्रक्रिया, अध्यापन व्यवस्था, स्वयंसेवी शिक्षकों की महत्वपूर्ण भूमिका और विद्यार्थियों को मिलने वाले लाभों पर विस्तार से चर्चा की गई। विकासखंड परियोजना अधिकारी लोकनाथ सेन ने बताया कि विकासखंड को चार जोनों में बांटा गया है और प्रत्येक जोन से सर्वाधिक असाक्षरों का सर्वेक्षण करने वाले तीन-तीन सक्रिय कार्यकर्ताओं को सम्मानित किया जाएगा। संकुल समन्वयक संजय चौहान ने दिव्यांगजनों की पहचान कर उन्हें साक्षरता अभियान से जोड़ने और उनकी अलग सूची तैयार करने पर विशेष बल दिया, जबकि क्षेत्रीय समन्वयक प्रतिमा एक्का ने बैठक के सफल आयोजन के लिए सोहागपुर जोन की बीआरपी अनीता यादव को सम्मानित किया। इस कार्यक्रम में सोहागपुर जोन के समिति पदाधिकारियों समेत 70 से अधिक महिला कार्यकर्ताओं ने भाग लिया और अपने-अपने क्षेत्र के प्रत्येक असाक्षर व्यक्ति को साक्षर बनाने का संकल्प लिया।1
- गरियाबंद पुलिस सरदार वल्लभ भाई पटेल की 150वीं जयंती के अवसर पर एक व्यापक जन जागरूकता अभियान चला रही है, जिसके तहत गाँव-गाँव और हाट-बाजारों में लोगों को विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर जागरूक किया जा रहा है। यह पहल गरियाबंद पुलिस अधीक्षक वेदव्रत सिरमौर के दिशा-निर्देशन और मार्गदर्शन में समस्त थाना क्षेत्रों में संचालित की जा रही है। इसी कड़ी में, आज थाना पांडुका, थाना फिंगेश्वर और थाना मैनपुर की पुलिस टीम द्वारा ग्रामीणों को कानूनी अधिकारों, आत्मरक्षा, डिजिटल सुरक्षा, डायल 112 के उपयोग, नशे के दुष्प्रभावों और यातायात नियमों जैसे विभिन्न महत्वपूर्ण पहलुओं पर जागरूक किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य आमजनों को इन विषयों पर सजग बनाना है। कार्यक्रम में उपस्थित पुलिस अधिकारियों ने वर्तमान में बढ़ रहे साइबर अपराधों के प्रति ग्रामीणों को सचेत किया। उन्होंने सोशल मीडिया जैसे फेसबुक, इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप का उपयोग करते समय बरती जाने वाली सावधानियों पर विस्तार से जानकारी दी और सभी को समझाया कि वे किसी भी अपरिचित व्यक्ति से अपनी निजी जानकारी या तस्वीरें साझा न करें। महिलाओं और बालिकाओं से संबंधित अपराधों पर भी कड़ी चर्चा की गई, जिसमें पुलिस टीम ने आपातकालीन स्थिति से निपटने के तरीके सिखाए। छत्तीसगढ़ पुलिस की विशेष पहल 'अभिव्यक्ति ऐप' के महत्व को बताते हुए उपस्थित महिलाओं के मोबाइल में यह ऐप डाउनलोड कराया गया। साथ ही, आपातकालीन सेवा डायल 112 के त्वरित उपयोग के बारे में भी जागरूकता फैलाई गई। सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से यातायात नियमों का पालन करने, हेलमेट लगाने और नशे की हालत व कम उम्र में वाहन न चलाने की समझाइश दी गई। इसके अतिरिक्त, समाज में बढ़ रहे नशे के दुष्प्रभावों पर प्रकाश डालते हुए युवाओं को नशे से दूर रहने की विशेष सलाह दी गई। गरियाबंद पुलिस द्वारा संचालित यह जागरूकता कार्यक्रम आगे भी जारी रहेगा।1
- छत्तीसगढ़ के बेमेतरा में एक सनसनीखेज घटना सामने आई है, जहाँ एक चौराहे को खून से लाल कर दिया गया। जानकारी के अनुसार, फरसे के ताबड़तोड़ वार से एक 50 वर्षीय व्यक्ति की मौत हो गई है।1
- महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर (औरंगाबाद) स्थित एक प्री-स्कूल में 23 महीने के एक मासूम बच्चे पर कथित तौर पर दूसरे बच्चे ने हमला कर दिया, जिससे हर माता-पिता को झकझोर देने वाली घटना सामने आई है। इस दर्दनाक वाकये में बच्चे के शरीर पर 17 से अधिक काटने के निशान मिले हैं। आरोप है कि यह हमला करीब 30 मिनट तक चला, क्योंकि उस दौरान बच्चों की निगरानी के लिए कोई भी स्टाफ सदस्य मौजूद नहीं था। इसी अवधि में मासूम को कई बार काटा और मारा गया। परिवार का आरोप है कि स्कूल ने शुरुआत में इन चोटों को मामूली बताया था, और बाद में सीसीटीवी फुटेज को लेकर भी कई सवाल खड़े हुए हैं। घटना की शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है, वहीं शिक्षा विभाग ने भी स्कूल की कार्यप्रणाली की गहन जांच शुरू कर दी है। यह मामला बच्चों की सुरक्षा में जरा-सी लापरवाही के गंभीर परिणामों का एक भयावह उदाहरण बन गया है।1