*छात्र संघ चुनाव प्रत्यक्ष प्रणाली से कराये जाने को लेकर एनएसयूआई का हल्लाबोल* *राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी की प्रतिमा लगाए जाने पर परहेज क्यों?* भैंसदेही शासकीय महाविद्यालय भैंसदेही में छात्र संघ चुनाव, महात्मा गांधी जी की प्रतिमा लगाने,रोड मरम्मत, केंटीन शुरू करने जैसे मुद्दें को लेकर NSUI ने मोर्चा खोल दिया है। संगठन के कार्यकर्ताओं ने विधानसभा अध्यक्ष निखिल सोनी के नेतृत्व में महामहिम राज्यपाल के नाम महाविद्यालय प्राचार्य को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में बताया कि महाविद्यालय सिर्फ पढ़ाई की जगह नहीं, बल्कि लोकतंत्र की पहली पाठशाला है। जब विद्यार्थियों को अपना प्रतिनिधि चुनने का अधिकार ही नहीं मिलेगा तो लोकतांत्रिक व्यवस्था मजबूत कैसे होगी? संगठन ने मध्यप्रदेश के सभी महाविद्यालयों एवं विश्वविद्यालयों में छात्र संघ चुनाव प्रत्यक्ष प्रणाली से तत्काल कराने की मांग की। ◼️मध्यप्रदेश में कांग्रेस सरकार के दौरान उच्च शिक्षा मंत्री जीतू पटवारी ने सभी महाविद्यालय में महात्मा गांधी जी की प्रतिमा जन भागीदारी मत से लगाए जाने हेतु आदेश किया था लेकिन शासकीय महाविद्यालय भैंसदेही में गांधी स्तंभ बनाए जाने के बावजूद भी आज दिनांक तक राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी की प्रतिमा स्थापित नहीं किए जाने पर एनएसयूआई ने कड़ी नाराजगी जताई। संगठन का आरोप है कि स्तंभ भी जर्जर हालत में है, जालियां और खंभे टूटे पड़े हैं तथा आसपास घास-गंदगी का अंबार लगा हुआ है। NSUI ने मांग की कि गांधी स्तंभ का जीर्णोद्धार कराकर महात्मा गांधी जी की प्रतिमा तत्काल स्थापित की जाए। ◼️महाविद्यालय आने वाली मुख्य सड़क जगह-जगह गड्ढों से भरी हैं ,विद्यार्थियों को रोजाना परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बारिश के दिनों में हालात और भी बदतर हो जाते हैं। विद्यार्थियों को शिक्षा लेने के लिए गड्ढों से होकर गुजरना पड़े, यह किसी भी जिम्मेदार व्यवस्था के लिए शर्मनाक स्थिति है। NSUI ने सड़क की तत्काल मरम्मत एवं आवश्यक निर्माण कार्य कराने की मांग की। ◼️महाविद्यालय परिसर में लाखों रुपये की लागत से कैंटीन भवन बनकर तैयार होने के बावजूद विद्यार्थियों को कैंटीन की सुविधा नहीं मिल रही है। संगठन ने सवाल उठाया कि जब भवन तैयार है, टेंडर प्रक्रिया भी हो चुकी है, तो आखिर कैंटीन शुरू करने में कौन सी बाधा है? दूर-दराज से आने वाले छात्र-छात्राओं को भोजन और नाश्ते के लिए कॉलेज से बाहर जाना पड़ता है। NSUI ने कैंटीन का संचालन तत्काल शुरू कराने की मांग की। NSUI विधनसभा अध्यक्ष निखिल सोनी, ब्लॉक अध्यक्ष देवेश आठवेंकर ने कहा कि भाजपा सरकार प्रत्यक्ष प्रणाली से छात्र संघ चुनाव तुरंत कराये, तारीख घोषित करे और छात्रों को अपना प्रतिनिधि चुनने का लोकतांत्रिक अधिकार दे। छात्र नेता मोहित राठौर, महेश थोटेकर ने सरकार और कॉलेज प्रबंधन पर आरोप लगाया कि महाविद्यालय में जनभागीदारी मद से स्वामी विवेकानंद जी और स्वरस्वती जी की प्रतिमा लगाई गई और भी अन्य कार्य कराये गये लेकिन महात्मा गांधी जी की प्रतिमा लगाने पर पहरेज क्यों? एनएसयूआई ने चेतावनी दी हैं कि मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो विद्यार्थियों के साथ मिलकर आंदोलन का रास्ता अपनाएगी। इसकी पूरी जवाबदारी शासन-प्रशासन की होगी। कार्यक्रम में युवा नेता मयूर बारस्कर,सूरज गावंडे, गौरव वैष्णव, प्रफुल उइके,राजेश वाड़ीवा,अश्विन धुर्वे,रवि सेलके,जयराम उईके,करण परतें,महेश चिल्हाटे,सागर मालवीय,सूरज बारस्कर, कुमारी शिवानी येवले,वंशिका आलोकर,प्रिती मुंडे,आयुष येवले, भारती मुंडे, रेशमा कंगाले, शारदा आहाके, कुंती उईके, संजना बारस्कर,किरण कवड़े, अंजली कवड़े,अश्विनी धुर्वे, प्रियंका चिल्हाटे, रेणुका बारस्कर, अनुसैईया मौसिक,श्वेता पन्द्राम, कशिश सरियाम, ज्योति मवासे,सलिता सिरसाम, विद्या सिरसाम, निकिता मर्सकोले, ममता सलामे, लता सलामे, मीनाक्षी धुर्वे, राशिका काकोडिया, साक्षी चिल्हाटे,निशा उइके,अजय चौहान, हर्षिता पारिसे, ज्योतिबाला कोषे,गीता सलामे, किरण मर्सकोले,स्वाति भुसुमकर,दर्शना अखंडे, गौरी धुर्वे,संचिता खेड़ले,डिम्पल, दीपाली,परी,सुनीता परते, जितेंद्र जामुनकर,सचिन इरपाचे,संजय कवड़े,संदीप, मधु,आदित्य,पवन इवने,आयुष गावंडे सहित बड़ी संख्या में भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन के पदाधिकारी एवं महाविद्यालय के छात्र-छात्राए मौजूद रहे।
*छात्र संघ चुनाव प्रत्यक्ष प्रणाली से कराये जाने को लेकर एनएसयूआई का हल्लाबोल* *राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी की प्रतिमा लगाए जाने पर परहेज क्यों?* भैंसदेही शासकीय महाविद्यालय भैंसदेही में छात्र संघ चुनाव, महात्मा गांधी जी की प्रतिमा लगाने,रोड मरम्मत, केंटीन शुरू करने जैसे मुद्दें को लेकर NSUI ने मोर्चा खोल दिया है। संगठन के कार्यकर्ताओं ने विधानसभा अध्यक्ष निखिल सोनी के नेतृत्व में महामहिम राज्यपाल के नाम महाविद्यालय प्राचार्य को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में बताया कि महाविद्यालय सिर्फ पढ़ाई की जगह नहीं, बल्कि लोकतंत्र की पहली पाठशाला है। जब विद्यार्थियों को अपना प्रतिनिधि चुनने का अधिकार ही नहीं मिलेगा तो लोकतांत्रिक व्यवस्था मजबूत कैसे होगी? संगठन ने मध्यप्रदेश के सभी महाविद्यालयों एवं विश्वविद्यालयों में छात्र संघ चुनाव प्रत्यक्ष प्रणाली से तत्काल कराने की मांग की। ◼️मध्यप्रदेश में कांग्रेस सरकार के दौरान उच्च शिक्षा मंत्री जीतू पटवारी ने सभी महाविद्यालय में महात्मा गांधी जी की प्रतिमा जन भागीदारी मत से लगाए जाने हेतु आदेश किया था लेकिन शासकीय महाविद्यालय भैंसदेही में गांधी स्तंभ बनाए जाने के बावजूद भी आज दिनांक तक राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी की प्रतिमा स्थापित नहीं किए जाने पर एनएसयूआई ने कड़ी नाराजगी जताई। संगठन का आरोप है कि स्तंभ भी जर्जर हालत में
है, जालियां और खंभे टूटे पड़े हैं तथा आसपास घास-गंदगी का अंबार लगा हुआ है। NSUI ने मांग की कि गांधी स्तंभ का जीर्णोद्धार कराकर महात्मा गांधी जी की प्रतिमा तत्काल स्थापित की जाए। ◼️महाविद्यालय आने वाली मुख्य सड़क जगह-जगह गड्ढों से भरी हैं ,विद्यार्थियों को रोजाना परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बारिश के दिनों में हालात और भी बदतर हो जाते हैं। विद्यार्थियों को शिक्षा लेने के लिए गड्ढों से होकर गुजरना पड़े, यह किसी भी जिम्मेदार व्यवस्था के लिए शर्मनाक स्थिति है। NSUI ने सड़क की तत्काल मरम्मत एवं आवश्यक निर्माण कार्य कराने की मांग की। ◼️महाविद्यालय परिसर में लाखों रुपये की लागत से कैंटीन भवन बनकर तैयार होने के बावजूद विद्यार्थियों को कैंटीन की सुविधा नहीं मिल रही है। संगठन ने सवाल उठाया कि जब भवन तैयार है, टेंडर प्रक्रिया भी हो चुकी है, तो आखिर कैंटीन शुरू करने में कौन सी बाधा है? दूर-दराज से आने वाले छात्र-छात्राओं को भोजन और नाश्ते के लिए कॉलेज से बाहर जाना पड़ता है। NSUI ने कैंटीन का संचालन तत्काल शुरू कराने की मांग की। NSUI विधनसभा अध्यक्ष निखिल सोनी, ब्लॉक अध्यक्ष देवेश आठवेंकर ने कहा कि भाजपा सरकार प्रत्यक्ष प्रणाली से छात्र संघ चुनाव
तुरंत कराये, तारीख घोषित करे और छात्रों को अपना प्रतिनिधि चुनने का लोकतांत्रिक अधिकार दे। छात्र नेता मोहित राठौर, महेश थोटेकर ने सरकार और कॉलेज प्रबंधन पर आरोप लगाया कि महाविद्यालय में जनभागीदारी मद से स्वामी विवेकानंद जी और स्वरस्वती जी की प्रतिमा लगाई गई और भी अन्य कार्य कराये गये लेकिन महात्मा गांधी जी की प्रतिमा लगाने पर पहरेज क्यों? एनएसयूआई ने चेतावनी दी हैं कि मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो विद्यार्थियों के साथ मिलकर आंदोलन का रास्ता अपनाएगी। इसकी पूरी जवाबदारी शासन-प्रशासन की होगी। कार्यक्रम में युवा नेता मयूर बारस्कर,सूरज गावंडे, गौरव वैष्णव, प्रफुल उइके,राजेश वाड़ीवा,अश्विन धुर्वे,रवि सेलके,जयराम उईके,करण परतें,महेश चिल्हाटे,सागर मालवीय,सूरज बारस्कर, कुमारी शिवानी येवले,वंशिका आलोकर,प्रिती मुंडे,आयुष येवले, भारती मुंडे, रेशमा कंगाले, शारदा आहाके, कुंती उईके, संजना बारस्कर,किरण कवड़े, अंजली कवड़े,अश्विनी धुर्वे, प्रियंका चिल्हाटे, रेणुका बारस्कर, अनुसैईया मौसिक,श्वेता पन्द्राम, कशिश सरियाम, ज्योति मवासे,सलिता सिरसाम, विद्या सिरसाम, निकिता मर्सकोले, ममता सलामे, लता सलामे, मीनाक्षी धुर्वे, राशिका काकोडिया, साक्षी चिल्हाटे,निशा उइके,अजय चौहान, हर्षिता पारिसे, ज्योतिबाला कोषे,गीता सलामे, किरण मर्सकोले,स्वाति भुसुमकर,दर्शना अखंडे, गौरी धुर्वे,संचिता खेड़ले,डिम्पल, दीपाली,परी,सुनीता परते, जितेंद्र जामुनकर,सचिन इरपाचे,संजय कवड़े,संदीप, मधु,आदित्य,पवन इवने,आयुष गावंडे सहित बड़ी संख्या में भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन के पदाधिकारी एवं महाविद्यालय के छात्र-छात्राए मौजूद रहे।
- *छात्र संघ चुनाव प्रत्यक्ष प्रणाली से कराये जाने को लेकर एनएसयूआई का हल्लाबोल* *राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी की प्रतिमा लगाए जाने पर परहेज क्यों?* भैंसदेही शासकीय महाविद्यालय भैंसदेही में छात्र संघ चुनाव, महात्मा गांधी जी की प्रतिमा लगाने,रोड मरम्मत, केंटीन शुरू करने जैसे मुद्दें को लेकर NSUI ने मोर्चा खोल दिया है। संगठन के कार्यकर्ताओं ने विधानसभा अध्यक्ष निखिल सोनी के नेतृत्व में महामहिम राज्यपाल के नाम महाविद्यालय प्राचार्य को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में बताया कि महाविद्यालय सिर्फ पढ़ाई की जगह नहीं, बल्कि लोकतंत्र की पहली पाठशाला है। जब विद्यार्थियों को अपना प्रतिनिधि चुनने का अधिकार ही नहीं मिलेगा तो लोकतांत्रिक व्यवस्था मजबूत कैसे होगी? संगठन ने मध्यप्रदेश के सभी महाविद्यालयों एवं विश्वविद्यालयों में छात्र संघ चुनाव प्रत्यक्ष प्रणाली से तत्काल कराने की मांग की। ◼️मध्यप्रदेश में कांग्रेस सरकार के दौरान उच्च शिक्षा मंत्री जीतू पटवारी ने सभी महाविद्यालय में महात्मा गांधी जी की प्रतिमा जन भागीदारी मत से लगाए जाने हेतु आदेश किया था लेकिन शासकीय महाविद्यालय भैंसदेही में गांधी स्तंभ बनाए जाने के बावजूद भी आज दिनांक तक राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी की प्रतिमा स्थापित नहीं किए जाने पर एनएसयूआई ने कड़ी नाराजगी जताई। संगठन का आरोप है कि स्तंभ भी जर्जर हालत में है, जालियां और खंभे टूटे पड़े हैं तथा आसपास घास-गंदगी का अंबार लगा हुआ है। NSUI ने मांग की कि गांधी स्तंभ का जीर्णोद्धार कराकर महात्मा गांधी जी की प्रतिमा तत्काल स्थापित की जाए। ◼️महाविद्यालय आने वाली मुख्य सड़क जगह-जगह गड्ढों से भरी हैं ,विद्यार्थियों को रोजाना परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बारिश के दिनों में हालात और भी बदतर हो जाते हैं। विद्यार्थियों को शिक्षा लेने के लिए गड्ढों से होकर गुजरना पड़े, यह किसी भी जिम्मेदार व्यवस्था के लिए शर्मनाक स्थिति है। NSUI ने सड़क की तत्काल मरम्मत एवं आवश्यक निर्माण कार्य कराने की मांग की। ◼️महाविद्यालय परिसर में लाखों रुपये की लागत से कैंटीन भवन बनकर तैयार होने के बावजूद विद्यार्थियों को कैंटीन की सुविधा नहीं मिल रही है। संगठन ने सवाल उठाया कि जब भवन तैयार है, टेंडर प्रक्रिया भी हो चुकी है, तो आखिर कैंटीन शुरू करने में कौन सी बाधा है? दूर-दराज से आने वाले छात्र-छात्राओं को भोजन और नाश्ते के लिए कॉलेज से बाहर जाना पड़ता है। NSUI ने कैंटीन का संचालन तत्काल शुरू कराने की मांग की। NSUI विधनसभा अध्यक्ष निखिल सोनी, ब्लॉक अध्यक्ष देवेश आठवेंकर ने कहा कि भाजपा सरकार प्रत्यक्ष प्रणाली से छात्र संघ चुनाव तुरंत कराये, तारीख घोषित करे और छात्रों को अपना प्रतिनिधि चुनने का लोकतांत्रिक अधिकार दे। छात्र नेता मोहित राठौर, महेश थोटेकर ने सरकार और कॉलेज प्रबंधन पर आरोप लगाया कि महाविद्यालय में जनभागीदारी मद से स्वामी विवेकानंद जी और स्वरस्वती जी की प्रतिमा लगाई गई और भी अन्य कार्य कराये गये लेकिन महात्मा गांधी जी की प्रतिमा लगाने पर पहरेज क्यों? एनएसयूआई ने चेतावनी दी हैं कि मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो विद्यार्थियों के साथ मिलकर आंदोलन का रास्ता अपनाएगी। इसकी पूरी जवाबदारी शासन-प्रशासन की होगी। कार्यक्रम में युवा नेता मयूर बारस्कर,सूरज गावंडे, गौरव वैष्णव, प्रफुल उइके,राजेश वाड़ीवा,अश्विन धुर्वे,रवि सेलके,जयराम उईके,करण परतें,महेश चिल्हाटे,सागर मालवीय,सूरज बारस्कर, कुमारी शिवानी येवले,वंशिका आलोकर,प्रिती मुंडे,आयुष येवले, भारती मुंडे, रेशमा कंगाले, शारदा आहाके, कुंती उईके, संजना बारस्कर,किरण कवड़े, अंजली कवड़े,अश्विनी धुर्वे, प्रियंका चिल्हाटे, रेणुका बारस्कर, अनुसैईया मौसिक,श्वेता पन्द्राम, कशिश सरियाम, ज्योति मवासे,सलिता सिरसाम, विद्या सिरसाम, निकिता मर्सकोले, ममता सलामे, लता सलामे, मीनाक्षी धुर्वे, राशिका काकोडिया, साक्षी चिल्हाटे,निशा उइके,अजय चौहान, हर्षिता पारिसे, ज्योतिबाला कोषे,गीता सलामे, किरण मर्सकोले,स्वाति भुसुमकर,दर्शना अखंडे, गौरी धुर्वे,संचिता खेड़ले,डिम्पल, दीपाली,परी,सुनीता परते, जितेंद्र जामुनकर,सचिन इरपाचे,संजय कवड़े,संदीप, मधु,आदित्य,पवन इवने,आयुष गावंडे सहित बड़ी संख्या में भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन के पदाधिकारी एवं महाविद्यालय के छात्र-छात्राए मौजूद रहे।3
- आठनेर के महाराष्ट्र सीमावर्ती क्षेत्र में घुम रहे शेर का महाराष्ट्र सिरजगांव में संयुक्त टीम ने किया रेस्क्यू, ग्रामीणों ने ली राहत की सांस आदमखोर शेर को आठनेर और महाराष्ट्र की संयुक्त टीम ने सिरगांव क्षेत्र से कड़ी मशक्कत के बाद रेस्क्यू किया। जिसके बाद ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों ने राहत की सांस ली। बताया जा रहा है कि आदमखोर शेर ने पशुओं और महिला को अपना शिकार बनाया था। एक्सन में आए बैतूल एसपी ने टीम गठित कर सीमावर्ती क्षेत्र में भेजी थी आठनेर पुलिस वन विभाग की इस कार्य में सरहानीय भूमिका रही।1
- मनोहर अग्रवाल आदमखोर ,शेर,का हुआ रेस्क्यू ग्रामीणों ने ली रहती सांस1
- मध्यप्रदेश महाराष्ट्र के सीमावर्ती क्षेत्र में आदमखोर शेर ने मचाया हड़कंप1
- मनोहर अग्रवाल बैतूल के आठनेर दाभोना गांव में महाराष्ट्र से आदम खोर शेर की एंट्री सावधान1
- आठनेर में शेर का आतंक: वन विभाग ने पकड़ा महाराष्ट्र में बच्ची की जान लेने वाले वनराज की बैतूल में दस्तक के बाद दहशत, शाम करीब 4 बजे व्यक्ति पर हमला, मौत आठनेर में शेर का आतंक: वन विभाग ने पकड़ा महाराष्ट्र में बच्ची की जान लेने वाले शेर की बैतूल में दस्तक के बाद दहशत, शाम करीब 4 बजे व्यक्ति पर हमला, मौत बैतूल। महाराष्ट्र में बच्ची की जान लेने के बाद बैतूल जिले के आठनेर क्षेत्र में पहुंचे शेर ने सोमवार शाम एक और जान ले ली। आठनेर क्षेत्र में शेर के आतंक से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। जानकारी के अनुसार, सोमवार शाम करीब 4 बजे शेर ने एक व्यक्ति पर हमला कर दिया, जिसमें उसकी मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। लगातार निगरानी और सर्चिंग के बाद वन विभाग की टीम ने शेर को पकड़ लिया है। शेर के पकड़े जाने के बाद प्रशासन ने राहत की सांस ली है, हालांकि घटना के बाद आसपास के गांवों में भय का माहौल बना हुआ है। महाराष्ट्र से पहुंचा था शेर बताया जा रहा है कि महाराष्ट्र के अमरावती ग्रामीण क्षेत्र में इसी शेर के हमले में एक बच्ची की मौत हुई थी। इसके बाद 6 सितंबर को सिराजगांव क्षेत्र में एक गाय और उसके बछड़े को भी शेर द्वारा शिकार बनाए जाने की सूचना सामने आई थी। इसके बाद शेर के बैतूल जिले की सीमा में पहुंचने की जानकारी मिली थी। आठनेर थाना क्षेत्र के दाभोना में शेर दिखाई देने और उसका वीडियो सामने आने के बाद वन विभाग तथा पुलिस ने ग्रामीणों को सतर्क किया था। ग्रामीणों से जंगल और खेतों की ओर अकेले नहीं जाने तथा रात में विशेष सावधानी बरतने की अपील की गई थी। शेर पकड़े जाने के बाद राहत शेर के पकड़े जाने के बाद वन विभाग द्वारा आगे की प्रक्रिया की जा रही है। प्रशासन ने ग्रामीणों से अफवाहों पर ध्यान नहीं देने और वन विभाग के निर्देशों का पालन करने की अपील की है। हालांकि मृतक व्यक्ति की पहचान, घटना की सटीक जगह और शेर को पकड़ने की कार्रवाई से जुड़ी विस्तृत आधिकारिक जानकारी का इंतजार है।4
- नाबालिक से घर में घुसकर छेड़छाड़ करने वाले दो आरोपी गिरफ्तार बैतूल बाजार पुलिस की कार्यवाही1
- घर में घुसकर नाबालिग से छेड़छाड़ करने वाले दो आरोपी गिरफ्तार बैतूल बाजार पुलिस की कार्रवाई, न्यायालय के आदेश पर दोनों आरोपी जिला जेल भेजे गए बैतूल। घर में घुसकर नाबालिग बालिका से छेड़छाड़ करने के मामले में फरार चल रहे दो आरोपियों को बैतूल बाजार पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। दोनों आरोपियों को विशेष न्यायालय बैतूल में पेश किया गया, जहां से वारंट जारी होने के बाद उन्हें जिला जेल बैतूल भेज दिया गया। पुलिस के अनुसार 2 मार्च 2026 को नाबालिग बालिका ने थाना बैतूल बाजार में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 1 मार्च को विजय बाडेकर एवं नीतेश बारमासे उसके घर में घुस आए और उसके साथ जबरदस्ती बुरी नीयत से छेड़छाड़ की। रिपोर्ट पर थाना बैतूल बाजार में अपराध क्रमांक 72/2026 के तहत धारा 74, 75(1)(ii), 331(4) बीएनएस एवं धारा 7/8 पॉक्सो एक्ट में प्रकरण दर्ज कर विवेचना शुरू की गई। घटना के बाद से दोनों आरोपी फरार चल रहे थे। पुलिस टीम द्वारा लगातार आरोपियों की तलाश एवं पतारसी की जा रही थी। इसी क्रम में पुलिस ने 6 सितंबर 2026 को दोनों आरोपियों को अभिरक्षा में लेकर पूछताछ की। पूछताछ के बाद दोनों को विधिवत गिरफ्तार कर उनके परिजनों को गिरफ्तारी की सूचना दी गई। इसके बाद आरोपियों को विशेष न्यायालय बैतूल के समक्ष पेश किया गया, जहां से वारंट जारी होने पर दोनों को जिला जेल भेज दिया गया। गिरफ्तार आरोपी: 1. विजय पिता राजकुमार बाडेकर (23 वर्ष), निवासी ग्राम भरकावाड़ी, हाल खडला। 2. नीतेश पिता रामजी बारमासे (23 वर्ष), निवासी खडला। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक बैतूल वीरेन्द्र जैन के निर्देशन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कमलेश खरपुसे एवं एसडीओपी बैतूल सुश्री अन्नपूर्णा सिरसाम के मार्गदर्शन में की गई। पुलिस टीम की सराहनीय भूमिका: कार्रवाई में थाना प्रभारी बैतूल बाजार निरीक्षक विजय सिंह ठाकुर, उप निरीक्षक नरेन्द्र ठाकुर, सहायक उप निरीक्षक मुलायम सिंह मौर्य, सहायक उप निरीक्षक रमन धुर्वे, सहायक उप निरीक्षक अशोक झरबड़े, प्रधान आरक्षक 34 प्रहलाद, आरक्षक 666 कमल चौरे, आरक्षक 675 लीलाधर एवं महिला आरक्षक 456 संजू धुर्वे की महत्वपूर्ण एवं सराहनीय भूमिका रही।2