Shuru
Apke Nagar Ki App…
कुशीनगर में मोहित मद्धेशिया हत्याकांड का पुलिस ने किया सनसनीखेज खुलासा - पुलिस ने हत्याकांड को अंजाम देने वाले हत्यारे को किया गिरफ्तार - प्रेम प्रसंग में की गई थी युवक की हत्या - मृतक मोहित का हत्यारोपी की पुत्री से था प्रेम प्रसंग - रात में दोनों को आपत्तिजनक स्थिति में देखकर हत्यारोपी ने आपा खो की मोहित की हत्या - लोहे के रॉड से प्रहार कर की थी मोहित की हत्या - हत्या कर फरार हुआ था आरोपी - कसया थाने के चूरामन छपरा गांव में हुई थी घटना।
Aditya pandey
कुशीनगर में मोहित मद्धेशिया हत्याकांड का पुलिस ने किया सनसनीखेज खुलासा - पुलिस ने हत्याकांड को अंजाम देने वाले हत्यारे को किया गिरफ्तार - प्रेम प्रसंग में की गई थी युवक की हत्या - मृतक मोहित का हत्यारोपी की पुत्री से था प्रेम प्रसंग - रात में दोनों को आपत्तिजनक स्थिति में देखकर हत्यारोपी ने आपा खो की मोहित की हत्या - लोहे के रॉड से प्रहार कर की थी मोहित की हत्या - हत्या कर फरार हुआ था आरोपी - कसया थाने के चूरामन छपरा गांव में हुई थी घटना।
More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
- पडरौना में निकली भव्य तिरंगा रैली, देशभक्ति के नारों से गूंजा शहर। जिला प्रशासन के सहयोग से आज पडरौना सदर स्थित महाराणा प्रताप चौक से उच्च माध्यमिक विद्यालय तक भव्य *तिरंगा रैली निकाली गई। रैली रिपोर्टर. अजीत कुमार लोकेशन. कुशीनगर Mo 9517108149 पडरौना में निकली भव्य तिरंगा रैली, देशभक्ति के नारों से गूंजा शहर। जिला प्रशासन के सहयोग से आज पडरौना सदर स्थित महाराणा प्रताप चौक से उच्च माध्यमिक विद्यालय तक भव्य *तिरंगा रैली निकाली गई। रैली में जनप्रतिनिधि गण के साथ स्कूली एवं मदरसे के बच्चों, महिलाओं, वरिष्ठ नागरिकों तथा बड़ी संख्या में आम नागरिकों ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया। रैली में मा0 सांसद विजय कुमार दुबे, विधायक सदर मनीष जायसवाल, खड्डा विधायक विवेकानंद पांडेय, पिछड़ा वर्ग आयोग के सदस्य फूलबदन कुशवाहा, रामकोला विधायक विनय कुमार, फ़ाज़िल नगर विधायक सुरेंद्र सिंह कुशवाहा, सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। मुख्य अतिथि के रूप में एमएलसी ने रैली में सहभागिता की। तिरंगा रैली के दौरान स्कूली एवं मदरसे के बच्चों द्वारा पूरे उत्साह के साथ लगातार देशभक्ति के नारे लगाए गए। हाथों में तिरंगा लेकर चल रहे बच्चों एवं नागरिकों से पूरा वातावरण देशभक्ति और राष्ट्रप्रेम के उल्लास से सराबोर रहा। रैली में बड़ी संख्या में महिलाएं, बच्चे एवं वरिष्ठ नागरिक शामिल हुए। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी, परियोजना निदेशक, जिला समाज कल्याण अधिकारी, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, जिला विद्यालय निरीक्षक सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। रैली का उद्देश्य नागरिकों में राष्ट्रध्वज के प्रति सम्मान, देशभक्ति की भावना एवं राष्ट्रीय एकता की भावना को और अधिक सुदृढ़ करना रहा। रैली के दौरान लोगों ने उत्साहपूर्वक “भारत माता की जय” एवं “वंदे मातरम्” के नारे लगाए।4
- 70 या 70 वर्ष से अधिक उम्र के सभी वरिष्ठ नागरिक बिना किसी आय सीमा के आयुष्मान कार्ड अनिवार्य 1. 70 या 70 वर्ष से अधिक उम्र के सभी वरिष्ठ नागरिक बिना किसी आय सीमा के आयुष्मान कार्ड अनिवार्य रूप से बनवाएं । 2. आयुष्मान डाटा नाम के अतिरिक्त कोइ त्रुटि होने पर नजदीकी CHC जाकर BDMP पोर्टल से आधार अनुसार संशोधन कराएं । 3. मुखिया के आयुष्मान कार्ड सभी को लाभ नहीं मिलेगा अतः परिवार के प्रत्येक सदस्य का अलग कार्ड बनना जरूरी है। 4. 'Ayushman App' से स्वयं बनाएं या नजदीकी आरोग्य मंदिर / CHC / CSC पर जाएं (आधार और राशन कार्ड साथ लाएं)। हेडिंग1
- कुशीनगर में मोहित मद्धेशिया हत्याकांड का पुलिस ने किया सनसनीखेज खुलासा - पुलिस ने हत्याकांड को अंजाम देने वाले हत्यारे को किया गिरफ्तार - प्रेम प्रसंग में की गई थी युवक की हत्या - मृतक मोहित का हत्यारोपी की पुत्री से था प्रेम प्रसंग - रात में दोनों को आपत्तिजनक स्थिति में देखकर हत्यारोपी ने आपा खो की मोहित की हत्या - लोहे के रॉड से प्रहार कर की थी मोहित की हत्या - हत्या कर फरार हुआ था आरोपी - कसया थाने के चूरामन छपरा गांव में हुई थी घटना।1
- कुशीनगर में आशा कार्यकर्ताओं का प्रदर्शन, 13 सूत्रीय मांगों को लेकर उठाई आवाज1
- “भरत तिवारी एनकाउंटर केस में बिहार सरकार का बड़ा फैसला! परिवार को आर्थिक मदद और एक परिजन को सरकारी नौकरी—जानिए पूरी खबर…” 📝 डिस्क्रिप्शन भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में न्यायिक जांच के बीच बिहार सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। परिवार को आर्थिक सहायता देने और एक परिजन को सरकारी नौकरी देने की घोषणा की गई है। आखिर सरकार ने यह फैसला क्यों लिया और न्यायिक जांच में क्या सामने आया? पूरी जानकारी वीडियो में देखिए। “भरत तिवारी एनकाउंटर केस में बिहार सरकार का बड़ा फैसला! परिवार को आर्थिक मदद और एक परिजन को सरकारी नौकरी—जानिए पूरी खबर…” 📝 डिस्क्रिप्शन भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में न्यायिक जांच के बीच बिहार सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। परिवार को आर्थिक सहायता देने और एक परिजन को सरकारी नौकरी देने की घोषणा की गई है। आखिर सरकार ने यह फैसला क्यों लिया और न्यायिक जांच में क्या सामने आया? पूरी जानकारी वीडियो में देखिए।1
- बैरिया थाना जिला बेतिया पश्चिमी चंपारण मियापुर तिरंगा ही वार्ड नंबर 5 बैटरी टोला यह नाला लगभग 15 साल हो गया जो भी आता है तो बोलता है बन जाएगा बन जाएगा विधायक भी और मुखिया भी जब इलेक्शन आता है तो बोलते हैं बन जाएगा यह पक्का होना चाहिए आरसीबी प्लीज वीडियो को शेयर करो1
- बरही सीएचसी में डॉक्टरों के नहीं पहुंचने से मरीज परेशान, सुबह 8 बजे से करते रहे इंतजार जनसंदेश टाइम्स चौरी चौरा गोरखपुर। विकासखंड ब्रह्मपुर के बरही सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) पर गुरुवार सुबह इलाज के लिए पहुंचे मरीजों को डॉक्टरों का इंतजार करना पड़ा। मरीजों का कहना है कि वे सुबह करीब 8 बजे अस्पताल पहुंच गए थे, लेकिन करीब 9:30 बजे तक डॉक्टरों की मौजूदगी नहीं दिखाई दी। बरही सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर पांच डॉक्टर, दो फार्मासिस्ट, लैब टेक्नीशियन, स्टाफ नर्स समेत अन्य स्वास्थ्यकर्मियों की तैनाती बताई गई है। बावजूद इसके गुरुवार सुबह फार्मासिस्ट, लैब टेक्नीशियन और स्टाफ नर्स को छोड़कर अन्य स्वास्थ्यकर्मी मौके पर मौजूद नहीं मिले। इलाज के लिए पहुंचे प्रभु, दिवाकर, फूलमती समेत दर्जनभर मरीजों ने बताया कि वे सुबह 8 बजे से अस्पताल में डॉक्टर के आने का इंतजार कर रहे थे। काफी समय बीत जाने के बाद भी डॉक्टरों के नहीं पहुंचने से मरीजों और उनके तीमारदारों को परेशानी का सामना करना पड़ा। मामले को लेकर जिलाधिकारी गोरखपुर दीपक मीणा से वार्ता की गई। उन्होंने कहा, “मैं इसको दिखाता हूं।” मरीजों ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से मामले का संज्ञान लेते हुए अस्पताल में निर्धारित समय पर डॉक्टरों और अन्य स्वास्थ्यकर्मियों की उपस्थिति सुनिश्चित कराने की मांग की है, ताकि दूर-दराज से इलाज के लिए आने वाले मरीजों को समय पर स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिल सके। बरही सीएचसी में डॉक्टरों के नहीं पहुंचने से मरीज परेशान, सुबह 8 बजे से करते रहे इंतजार जनसंदेश टाइम्स चौरी चौरा गोरखपुर। विकासखंड ब्रह्मपुर के बरही सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) पर गुरुवार सुबह इलाज के लिए पहुंचे मरीजों को डॉक्टरों का इंतजार करना पड़ा। मरीजों का कहना है कि वे सुबह करीब 8 बजे अस्पताल पहुंच गए थे, लेकिन करीब 9:30 बजे तक डॉक्टरों की मौजूदगी नहीं दिखाई दी। बरही सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर पांच डॉक्टर, दो फार्मासिस्ट, लैब टेक्नीशियन, स्टाफ नर्स समेत अन्य स्वास्थ्यकर्मियों की तैनाती बताई गई है। बावजूद इसके गुरुवार सुबह फार्मासिस्ट, लैब टेक्नीशियन और स्टाफ नर्स को छोड़कर अन्य स्वास्थ्यकर्मी मौके पर मौजूद नहीं मिले। इलाज के लिए पहुंचे प्रभु, दिवाकर, फूलमती समेत दर्जनभर मरीजों ने बताया कि वे सुबह 8 बजे से अस्पताल में डॉक्टर के आने का इंतजार कर रहे थे। काफी समय बीत जाने के बाद भी डॉक्टरों के नहीं पहुंचने से मरीजों और उनके तीमारदारों को परेशानी का सामना करना पड़ा। मामले को लेकर जिलाधिकारी गोरखपुर दीपक मीणा से वार्ता की गई। उन्होंने कहा, “मैं इसको दिखाता हूं।” मरीजों ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से मामले का संज्ञान लेते हुए अस्पताल में निर्धारित समय पर डॉक्टरों और अन्य स्वास्थ्यकर्मियों की उपस्थिति सुनिश्चित कराने की मांग की है, ताकि दूर-दराज से इलाज के लिए आने वाले मरीजों को समय पर स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिल सके। चौरी चौरा गोरखपुर। विकासखंड ब्रह्मपुर के बरही सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) पर गुरुवार सुबह इलाज के लिए पहुंचे मरीजों को डॉक्टरों का इंतजार करना पड़ा। मरीजों का कहना है कि वे सुबह करीब 8 बजे अस्पताल पहुंच गए थे, लेकिन करीब 9:30 बजे तक डॉक्टरों की मौजूदगी नहीं दिखाई दी। बरही सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर पांच डॉक्टर, दो फार्मासिस्ट, लैब टेक्नीशियन, स्टाफ नर्स समेत अन्य स्वास्थ्यकर्मियों की तैनाती बताई गई है। बावजूद इसके गुरुवार सुबह फार्मासिस्ट, लैब टेक्नीशियन और स्टाफ नर्स को छोड़कर अन्य स्वास्थ्यकर्मी मौके पर मौजूद नहीं मिले। इलाज के लिए पहुंचे प्रभु, दिवाकर, फूलमती समेत दर्जनभर मरीजों ने बताया कि वे सुबह 8 बजे से अस्पताल में डॉक्टर के आने का इंतजार कर रहे थे। काफी समय बीत जाने के बाद भी डॉक्टरों के नहीं पहुंचने से मरीजों और उनके तीमारदारों को परेशानी का सामना करना पड़ा। मामले को लेकर जिलाधिकारी गोरखपुर दीपक मीणा से वार्ता की गई। उन्होंने कहा, “मैं इसको दिखाता हूं।” मरीजों ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से मामले का संज्ञान लेते हुए अस्पताल में निर्धारित समय पर डॉक्टरों और अन्य स्वास्थ्यकर्मियों की उपस्थिति सुनिश्चित कराने की मांग की है, ताकि दूर-दराज से इलाज के लिए आने वाले मरीजों को समय पर स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिल सके।2
- कुशीनगर में आशा कार्यकत्रियों का गुस्सा उस वक्त फूट पड़ा, जब अपनी आठ सूत्रीय मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहीं कार्यकत्रियों को सीएमओ से मुलाकात नहीं हो सकी। आक्रोशित आशा कार्यकत्रियों ने सीएमओ कार्यालय के मुख्य गेट पर ताला जड़ दिया। में आशाओं ने सीएमओ कार्यालय पर जड़ा ताला कुशीनगर में आशाओं ने सीएमओ कार्यालय पर जड़ा कुशीनगर में आशा कार्यकत्रियों का गुस्सा उस वक्त फूट पड़ा, जब अपनी आठ सूत्रीय मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहीं कार्यकत्रियों को सीएमओ से मुलाकात नहीं हो सकी। आक्रोशित आशा कार्यकत्रियों ने सीएमओ कार्यालय के मुख्य गेट पर ताला जड़ दिया। करीब आधे घंटे तक कार्यालय का आवागमन पूरी तरह ठप रहा। इस दौरान कार्यकत्रियों ने सीएमओ के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। वीओ: कुशीनगर जिला मुख्यालय पर गुरुवार को आशा कार्यकत्रियों ने अपनी आठ सूत्रीय मांगों को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपने के बाद कार्यकत्रियां सीएमओ कार्यालय पहुंचीं और कार्यालय के नीचे बैठकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। काफी देर तक प्रदर्शन के बाद भी जब सीएमओ ज्ञापन लेने नीचे नहीं पहुंचे तो आशा कार्यकत्रियों का आक्रोश बढ़ गया। आक्रोशित कार्यकत्रियों ने सीएमओ कार्यालय के मुख्य गेट का चैनल बंद कर उस पर ताला जड़ दिया और गेट के सामने ही धरने पर बैठ गईं। करीब आधे घंटे तक गेट बंद रहने से कार्यालय में आने-जाने वाला रास्ता पूरी तरह बाधित रहा। कार्यालय के अंदर मौजूद कर्मचारी और फरियादी बाहर नहीं निकल सके, जबकि बाहर मौजूद लोग अंदर नहीं जा पाए। प्रदर्शन के दौरान आशा कार्यकत्रियों ने सीएमओ साहब हाय-हाय,सीएमओ साहब नीचे आओ तानाशाही नहीं चलेगी और हमसे जो टकराएगा, वो चूर-चूर हो जाएगा जैसे नारे लगाए। नारेबाजी से सीएमओ कार्यालय परिसर गूंज उठा। गेट खोलने को लेकर कुछ लोगों और प्रदर्शनकारियों के बीच कहासुनी भी हुई। आशा कार्यकत्रियों की प्रमुख मांगों में आधार भुगतान बढ़ाकर 10 हजार रुपये प्रतिमाह करना, लंबित प्रोत्साहन राशि का भुगतान, आयुष्मान और आभा आईडी के कार्य का भुगतान, विभिन्न स्वास्थ्य अभियानों की प्रोत्साहन राशि 500 रुपये प्रतिदिन करना, पांच लाख रुपये का चिकित्सा बीमा और 10 लाख रुपये का दुर्घटना बीमा शामिल है। इसके साथ ही चार माह के मातृत्व अवकाश और जीपीएफ-पेंशन से संबंधित कमेटी गठन की मांग भी की गई है। यूनियन का कहना है कि छह फरवरी 2026 को स्वास्थ्य मंत्री और यूनियन प्रतिनिधियों के बीच कई मांगों को लेकर सहमति बनी थी, लेकिन इसके बावजूद मांगों को पूरी तरह लागू नहीं किया गया। कार्यकत्रियों ने चेतावनी दी है कि मांगें पूरी नहीं हुईं तो आंदोलन को और बड़े स्तर पर ले जाया जाएगा। वहीं सीएमओ का कहना है कि आशा कार्यकत्रियों के कार्यालय पहुंचने के समय उनकी ऑनलाइन मीटिंग चल रही थी, इसलिए वह तत्काल नीचे नहीं आ सके। मीटिंग खत्म होते ही उन्होंने कार्यकत्रियों का ज्ञापन लिया और उन्हें कार्यालय के ऊपर बुलाकर उनकी समस्याएं सुनीं। सीएमओ ने नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया, जिसके बाद स्थिति सामान्य हुई। बाइट: सीएमओ डॉ चंद्रप्रकाश कुशीनगर बाइट: जिला अध्यक्ष रीता पटेल कुशीनगर4