बाराबंकी में चंद्रशेखर आजाद के काफिले पर हमले के विरोध में जोरदार प्रदर्शन, रवि रावत की रिपोर्ट बाराबंकी। चंद्रशेखर आजाद पर हुए हमले के विरोध में बुधवार को भीम आर्मी और आजाद समाज पार्टी के कार्यकर्ताओं ने बाराबंकी में जोरदार प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में कार्यकर्ता एकत्र होकर नारेबाजी करते हुए जिला अधिकारी कार्यालय की ओर बढ़े। प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस प्रशासन पहले से सतर्क रहा और रास्ते में बैरिकेडिंग लगाकर प्रदर्शनकारियों को रोकने का प्रयास किया। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने चंद्रशेखर आजाद पर हुए हमले के विरोध में नाराजगी जताई और मामले में कार्रवाई की मांग को लेकर आवाज उठाई। जैसे-जैसे प्रदर्शनकारी जिला अधिकारी कार्यालय की ओर बढ़े, पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था और सख्त कर दी। रास्ते में लगाए गए बैरिकेडिंग के जरिए पुलिसकर्मियों ने प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोकने का प्रयास किया। हालांकि, पुलिस प्रशासन की ओर से लगाए गए बैरिकेडिंग के बावजूद प्रदर्शनकारी किसी तरह जिला अधिकारी कार्यालय परिसर तक पहुंच गए। इसके बाद कुछ कार्यकर्ता सीधे कार्यालय के अंदर जाने का प्रयास करने लगे। मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने उन्हें रोकने की कोशिश की। इसी दौरान कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच तीखी नोकझोंक शुरू हो गई। प्रदर्शन के दौरान काफी देर तक मौके पर माहौल गर्म रहा। पुलिसकर्मी प्रदर्शनकारियों को समझाने और स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास करते नजर आए। वहीं, कार्यकर्ता अपनी मांगों को लेकर नारेबाजी करते रहे। जिला अधिकारी कार्यालय परिसर में प्रदर्शनकारियों के पहुंचने के बाद पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया। कार्यकर्ताओं का कहना था कि चंद्रशेखर आजाद पर हुए हमले को लेकर संबंधित लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। इसी मांग को लेकर कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन करते हुए प्रशासन तक अपनी बात पहुंचाने का प्रयास किया। प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं की मौजूदगी के कारण जिला अधिकारी कार्यालय के आसपास भी पुलिस बल तैनात रहा। पुलिस प्रशासन की ओर से प्रदर्शनकारियों को कार्यालय के अंदर जाने से रोकने का प्रयास किया गया। इसी दौरान दोनों पक्षों के बीच बहस और नोकझोंक की स्थिति बनी। पुलिसकर्मियों ने स्थिति को नियंत्रण में रखने का प्रयास जारी रखा। फिलहाल प्रदर्शन के दौरान सामने आए घटनाक्रम को लेकर इलाके में चर्चा बनी हुई है। प्रशासन की ओर से सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सतर्कता बरती गई। प्रदर्शनकारियों ने अपनी मांगों को लेकर आवाज उठाई और चंद्रशेखर आजाद पर हुए हमले के मामले में कार्रवाई की मांग की।
बाराबंकी में चंद्रशेखर आजाद के काफिले पर हमले के विरोध में जोरदार प्रदर्शन, रवि रावत की रिपोर्ट बाराबंकी। चंद्रशेखर आजाद पर हुए हमले के विरोध में बुधवार को भीम आर्मी और आजाद समाज पार्टी के कार्यकर्ताओं ने बाराबंकी में जोरदार प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में कार्यकर्ता एकत्र होकर नारेबाजी करते हुए जिला अधिकारी कार्यालय की ओर बढ़े। प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस प्रशासन पहले से सतर्क रहा और रास्ते में बैरिकेडिंग लगाकर प्रदर्शनकारियों को रोकने का प्रयास किया। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने चंद्रशेखर आजाद पर हुए हमले के विरोध में नाराजगी जताई और मामले में कार्रवाई की मांग को लेकर आवाज उठाई। जैसे-जैसे प्रदर्शनकारी जिला अधिकारी कार्यालय की ओर बढ़े, पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था और सख्त कर दी। रास्ते में लगाए गए बैरिकेडिंग के जरिए पुलिसकर्मियों ने प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोकने का प्रयास किया। हालांकि, पुलिस प्रशासन की ओर से लगाए गए बैरिकेडिंग के बावजूद प्रदर्शनकारी किसी तरह जिला अधिकारी कार्यालय परिसर तक पहुंच गए। इसके बाद कुछ कार्यकर्ता सीधे कार्यालय के अंदर जाने का प्रयास करने लगे। मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने उन्हें रोकने की कोशिश की। इसी दौरान कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच तीखी नोकझोंक शुरू हो गई। प्रदर्शन के दौरान काफी देर तक मौके पर माहौल गर्म रहा। पुलिसकर्मी प्रदर्शनकारियों को समझाने और स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास करते नजर आए। वहीं, कार्यकर्ता अपनी मांगों को लेकर नारेबाजी करते रहे। जिला अधिकारी कार्यालय परिसर में प्रदर्शनकारियों के पहुंचने के बाद पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया। कार्यकर्ताओं का कहना था कि चंद्रशेखर आजाद पर हुए हमले को लेकर संबंधित लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। इसी मांग को लेकर कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन करते हुए प्रशासन तक अपनी बात पहुंचाने का प्रयास किया। प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं की मौजूदगी के कारण जिला अधिकारी कार्यालय के आसपास भी पुलिस बल तैनात रहा। पुलिस प्रशासन की ओर से प्रदर्शनकारियों को कार्यालय के अंदर जाने से रोकने का प्रयास किया गया। इसी दौरान दोनों पक्षों के बीच बहस और नोकझोंक की स्थिति बनी। पुलिसकर्मियों ने स्थिति को नियंत्रण में रखने का प्रयास जारी रखा। फिलहाल प्रदर्शन के दौरान सामने आए घटनाक्रम को लेकर इलाके में चर्चा बनी हुई है। प्रशासन की ओर से सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सतर्कता बरती गई। प्रदर्शनकारियों ने अपनी मांगों को लेकर आवाज उठाई और चंद्रशेखर आजाद पर हुए हमले के मामले में कार्रवाई की मांग की।
- बाराबंकी में चंद्रशेखर आजाद के काफिले पर हमले के विरोध में जोरदार प्रदर्शन, वह त रवि रावत की रिपोर्ट बाराबंकी में नगीना सांसद और आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के राष्ट्रीय अध्यक्ष चंद्रशेखर आजाद के काफिले पर बाराबंकी में हुई कथित पत्थरबाजी और हमले के विरोध में बुधवार को पार्टी कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। जिलाध्यक्ष देशराज गौतम के नेतृत्व में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता गन्ना कार्यालय पर जुटे। यहां नारेबाजी के बाद कार्यकर्ता कलेक्ट्रेट की ओर बढ़ने लगे। पुलिस ने उन्हें रोकने का प्रयास किया तो धक्का-मुक्की शुरू हो गई। घटना की रिपोर्ट में भी डीएम कार्यालय के बाहर पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प की पुष्टि की गई है। कार्यकर्ता नारेबाजी करते हुए डीएम कार्यालय की ओर बढ़ रहे थे। कार्यालय से कुछ दूरी पहले पुलिस ने उन्हें रोकने की कोशिश की। इस दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच कहासुनी के बाद धक्का-मुक्की होने लगी। स्थिति बिगड़ने पर पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोकने के लिए हल्का बल प्रयोग किया। गमले टूटे, कक्ष के बाहर तक पहुंचे कार्यकर्ता प्रदर्शनकारियों के आगे बढ़ने के दौरान डीएम कार्यालय के बाहर रखे कुछ गमले टूट गए। इसके बावजूद कार्यकर्ता पीछे नहीं हटे और डीएम कार्यालय के कक्ष के बाहर तक पहुंच गए। पुलिस ने उन्हें धक्का देकर परिसर से बाहर किया, जिसके बाद स्थिति शांत हुई कार्यकर्ताओं ने चंद्रशेखर आजाद के काफिले पर कथित हमले के मामले में कार्रवाई की मांग की। पार्टी की ओर से घटना की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग लगातार उठाई जा रही है। 13 सितंबर को बाराबंकी में चंद्रशेखर आजाद के काफिले पर पथराव और वाहनों को नुकसान पहुंचने की रिपोर्ट सामने आई थी। कलेक्ट्रेट में पुलिस बल तैनात प्रदर्शन के दौरान स्थिति को देखते हुए कलेक्ट्रेट परिसर में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया। पुलिस अधिकारियों ने मौके पर स्थिति संभाली और प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोका। बाद में स्थिति सामान्य हो गई।1
- तालाब में डूबने से एक बालक को मौत, परिवार मचा हाहा कार1
- किसानों ने सौंपा 13 सूत्रीय ज्ञापन, चेताया आंदोलन भारतीय किसान यूनियन ने उपजिलाधिकारी बिसवां को सौंपा 13 सूत्रीय ज्ञापन, किसानों और ग्रामीणों की समस्याओं को लेकर आंदोलन की चेतावनी बिसवां (सीतापुर): भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) की मासिक पंचायत बुधवार को तहसील परिसर बिसवां में आयोजित की गई। बैठक के उपरांत किसान नेताओं ने क्षेत्र की जनसमस्याओं और किसानों के मुद्दों को लेकर उपजिलाधिकारी (SDM) बिसवां को 13 सूत्रीय ज्ञापन सौंपा। भारतीय किसान यूनियन टिकैत के जिलाध्यक्ष मयंक सिंह चौहान ने कहा की ऑनलाइन खाद व्यवस्था बंद कराई जाए। ज्ञापन सौंपने के दौरान भारतीय किसान यूनियन के जिला मीडिया प्रभारी शुभम रस्तोगी ने कार्यकर्ताओं और किसानों को संबोधित करते हुए कहा, "आप लोग मेरा साथ दीजिए, मुझे अच्छी तरह पता है कि अधिकारियों से किस तरह काम निकलवाना है।" उन्होंने विश्वास दिलाया कि संगठन किसानों के हक की लड़ाई पूरी मजबूती से लड़ेगा। ज्ञापन में उठाई गईं प्रमुख मांगें: खाद एवं खाद बुकिंग: सहकारी समितियों में खाद आपूर्ति का समय नोटिस बोर्ड पर दर्ज किया जाए और किसानों द्वारा की गई बुकिंग में कोई कटौती न की जाए। बाढ़ व जलभराव की समस्याः बाढ़ प्रभावित किसानों की धान की फसल नष्ट होने पर राजस्व विभाग से सर्वे कराकर तत्काल मुआवजा दिया जाए। सड़क व निर्माण कार्य: बाछेपुर गांव से यादवपुरवा मार्ग पर जलभराव की समस्या दूर की जाए तथा ग्राम त्यौंला मजरा पुरवा में इंटरलॉकिंग कार्य कराया जाए। Devkalia मजरा कटयापुरवा में अधूरी पड़ी सड़क का निर्माण पूरा कराया जाए। स्वास्थ्य एवं बिजली सेवाएं: बिसवां सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) में शासन के नियमों का उल्लंघन कर वर्षों से जमे अधीक्षक के तबादले/व्यवस्था सुधार की मांग की गई। साण्डा पावर हाउस से रात में होने वाली बिजली रोस्टिंग बंद करने और बाढ़ क्षेत्रों में दवा का छिड़काव कराने की मांग रखी गई। अन्य मांगें: राशन कार्ड में यूनिट बढ़ाने के नाम पर हो रही अवैध वसूली पर रोक, बाछेपुर के प्राथमिक विद्यालय में तत्काल शौचालय व बाउंडीवॉल का निर्माण कराने और मनरेगामजदूरों का बकाया भुगतान जल्द कराने की मांग शामिल है। किसान नेताओं ने स्पष्ट किया कि यदि समय रहते इन मांगों पर उचित कार्रवाई नहीं की गई, तो भारतीय किसान यूनियन बिसवां तहसील में धरना-प्रदर्शन करने को बाध्य होगी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन व प्रशासन की होगी। इस दौरान तहसील अध्यक्ष शिवराज सिंह पटेल, प्रमोद कुमार वर्मा, सुशील राज, अहमद रज़ा, राममिलन यादव, कपिल वर्मा, अफसर नेता और आशाराम भारती समेत संगठन के कई प्रमुख पदाधिकारी व किसान मौजूद रहे। किसानों ने सौंपा 13 सूत्रीय ज्ञापन, चेताया आंदोलन भारतीय किसान यूनियन ने उपजिलाधिकारी बिसवां को सौंपा 13 सूत्रीय ज्ञापन, किसानों और ग्रामीणों की समस्याओं को लेकर आंदोलन की चेतावनी बिसवां (सीतापुर): भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) की मासिक पंचायत बुधवार को तहसील परिसर बिसवां में आयोजित की गई। बैठक के उपरांत किसान नेताओं ने क्षेत्र की जनसमस्याओं और किसानों के मुद्दों को लेकर उपजिलाधिकारी (SDM) बिसवां को 13 सूत्रीय ज्ञापन सौंपा। भारतीय किसान यूनियन टिकैत के जिलाध्यक्ष मयंक सिंह चौहान ने कहा की ऑनलाइन खाद व्यवस्था बंद कराई जाए। ज्ञापन सौंपने के दौरान भारतीय किसान यूनियन के जिला मीडिया प्रभारी शुभम रस्तोगी ने कार्यकर्ताओं और किसानों को संबोधित करते हुए कहा, "आप लोग मेरा साथ दीजिए, मुझे अच्छी तरह पता है कि अधिकारियों से किस तरह काम निकलवाना है।" उन्होंने विश्वास दिलाया कि संगठन किसानों के हक की लड़ाई पूरी मजबूती से लड़ेगा। ज्ञापन में उठाई गईं प्रमुख मांगें: खाद एवं खाद बुकिंग: सहकारी समितियों में खाद आपूर्ति का समय नोटिस बोर्ड पर दर्ज किया जाए और किसानों द्वारा की गई बुकिंग में कोई कटौती न की जाए। बाढ़ व जलभराव की समस्याः बाढ़ प्रभावित किसानों की धान की फसल नष्ट होने पर राजस्व विभाग से सर्वे कराकर तत्काल मुआवजा दिया जाए। सड़क व निर्माण कार्य: बाछेपुर गांव से यादवपुरवा मार्ग पर जलभराव की समस्या दूर की जाए तथा ग्राम त्यौंला मजरा पुरवा में इंटरलॉकिंग कार्य कराया जाए। Devkalia मजरा कटयापुरवा में अधूरी पड़ी सड़क का निर्माण पूरा कराया जाए। स्वास्थ्य एवं बिजली सेवाएं: बिसवां सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) में शासन के नियमों का उल्लंघन कर वर्षों से जमे अधीक्षक के तबादले/व्यवस्था सुधार की मांग की गई। साण्डा पावर हाउस से रात में होने वाली बिजली रोस्टिंग बंद करने और बाढ़ क्षेत्रों में दवा का छिड़काव कराने की मांग रखी गई। अन्य मांगें: राशन कार्ड में यूनिट बढ़ाने के नाम पर हो रही अवैध वसूली पर रोक, बाछेपुर के प्राथमिक विद्यालय में तत्काल शौचालय व बाउंडीवॉल का निर्माण कराने और मनरेगामजदूरों का बकाया भुगतान जल्द कराने की मांग शामिल है। किसान नेताओं ने स्पष्ट किया कि यदि समय रहते इन मांगों पर उचित कार्रवाई नहीं की गई, तो भारतीय किसान यूनियन बिसवां तहसील में धरना-प्रदर्शन करने को बाध्य होगी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन व प्रशासन की होगी। इस दौरान तहसील अध्यक्ष शिवराज सिंह पटेल, प्रमोद कुमार वर्मा, सुशील राज, अहमद रज़ा, राममिलन यादव, कपिल वर्मा, अफसर नेता और आशाराम भारती समेत संगठन के कई प्रमुख पदाधिकारी व किसान मौजूद रहे।3
- *प्रतापगढ़ । प्रयागराज-लखनऊ रेलवे लाइन पर खिदिरपुर के पास ट्रेन की चपेट में आने से बकरियों की मौत संयोग रहा कि महिलाएं बाल बाल बच गई।* *प्रतापगढ़ । प्रयागराज-लखनऊ रेलवे लाइन पर खिदिरपुर के पास ट्रेन की चपेट में आने से बकरियों की मौत संयोग रहा कि महिलाएं बाल बाल बच गई।*1
- प्रधानमंत्री के जन्मदिवस पर सेवा संकल्प अभियान के तहत जिला अस्पताल में रक्तदान शिविर एवं फल वितरण कार्यक्रम का शुभारंभ बाराबंकी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के जन्मदिवस के अवसर पर सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत जिला अस्पताल, बाराबंकी में रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि राज्यमंत्री सतीश शर्मा द्वारा किया गया। इस अवसर पर राज्यमंत्री ने रक्तदान शिविर का उद्घाटन करने के साथ ही अस्पताल में भर्ती मरीजों एवं उनके परिजनों को फल वितरित किए। राज्यमंत्री ने कहा कि सेवा समाज के प्रति हमारी जिम्मेदारी, संवेदनशीलता और सामूहिक दायित्व का प्रतीक है। जरूरतमंदों की सहायता करना ही जनसेवा का मूल उद्देश्य है। सेवा संकल्प अभियान के माध्यम से समाज में सेवा एवं करुणा की भावना को सुदृढ़ करने, विकसित भारत-2047 के संकल्प को जनभागीदारी के साथ आगे बढ़ाने तथा केंद्र एवं राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ प्रत्येक पात्र नागरिक तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।उन्होंने कहा कि रक्तदान जैसे पुनीत कार्यों में अधिक से अधिक लोगों की सहभागिता सुनिश्चित की जानी चाहिए, जिससे जरूरतमंद मरीजों को समय पर रक्त उपलब्ध कराया जा सके। उन्होंने अभियान के उद्देश्यों को व्यापक स्तर पर जन-जन तक पहुंचाने तथा सामाजिक सहभागिता को बढ़ावा देने पर जोर दिया।कार्यक्रम में राज्य अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष बैजनाथ रावत,एमएलसी इंजी अवनीश सिंह,एमएलसी अंगद सिंह, विधायक दिनेश रावत, जिला पंचायत प्रशासक श्रीमती राजरानी रावत, सीएमओ डॉ रंजन गौतम, क्षेत्रीय मंत्री भाजपा श्रीमती पूजा मिश्रा,जिलाध्यक्ष राम सिंह वर्मा सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवंगणमान्यजन उपस्थित रहे।1
- *5 बच्चों की सास का 20 साल छोटे दामाद पर दिल आ गया* *रातभर पंचायत चली, लेकिन दोनों को अलग नहीं कर पाई* *अब दोनों ने एकसाथ रहने का ऐलान कर दिया है* *मामला मैनपुरी, उत्तर प्रदेश का है।*1
- बाराबंकी में चंद्रशेखर आजाद के काफिले पर हमले के विरोध में जोरदार प्रदर्शन, रवि रावत की रिपोर्ट बाराबंकी। चंद्रशेखर आजाद पर हुए हमले के विरोध में बुधवार को भीम आर्मी और आजाद समाज पार्टी के कार्यकर्ताओं ने बाराबंकी में जोरदार प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में कार्यकर्ता एकत्र होकर नारेबाजी करते हुए जिला अधिकारी कार्यालय की ओर बढ़े। प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस प्रशासन पहले से सतर्क रहा और रास्ते में बैरिकेडिंग लगाकर प्रदर्शनकारियों को रोकने का प्रयास किया। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने चंद्रशेखर आजाद पर हुए हमले के विरोध में नाराजगी जताई और मामले में कार्रवाई की मांग को लेकर आवाज उठाई। जैसे-जैसे प्रदर्शनकारी जिला अधिकारी कार्यालय की ओर बढ़े, पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था और सख्त कर दी। रास्ते में लगाए गए बैरिकेडिंग के जरिए पुलिसकर्मियों ने प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोकने का प्रयास किया। हालांकि, पुलिस प्रशासन की ओर से लगाए गए बैरिकेडिंग के बावजूद प्रदर्शनकारी किसी तरह जिला अधिकारी कार्यालय परिसर तक पहुंच गए। इसके बाद कुछ कार्यकर्ता सीधे कार्यालय के अंदर जाने का प्रयास करने लगे। मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने उन्हें रोकने की कोशिश की। इसी दौरान कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच तीखी नोकझोंक शुरू हो गई। प्रदर्शन के दौरान काफी देर तक मौके पर माहौल गर्म रहा। पुलिसकर्मी प्रदर्शनकारियों को समझाने और स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास करते नजर आए। वहीं, कार्यकर्ता अपनी मांगों को लेकर नारेबाजी करते रहे। जिला अधिकारी कार्यालय परिसर में प्रदर्शनकारियों के पहुंचने के बाद पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया। कार्यकर्ताओं का कहना था कि चंद्रशेखर आजाद पर हुए हमले को लेकर संबंधित लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। इसी मांग को लेकर कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन करते हुए प्रशासन तक अपनी बात पहुंचाने का प्रयास किया। प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं की मौजूदगी के कारण जिला अधिकारी कार्यालय के आसपास भी पुलिस बल तैनात रहा। पुलिस प्रशासन की ओर से प्रदर्शनकारियों को कार्यालय के अंदर जाने से रोकने का प्रयास किया गया। इसी दौरान दोनों पक्षों के बीच बहस और नोकझोंक की स्थिति बनी। पुलिसकर्मियों ने स्थिति को नियंत्रण में रखने का प्रयास जारी रखा। फिलहाल प्रदर्शन के दौरान सामने आए घटनाक्रम को लेकर इलाके में चर्चा बनी हुई है। प्रशासन की ओर से सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सतर्कता बरती गई। प्रदर्शनकारियों ने अपनी मांगों को लेकर आवाज उठाई और चंद्रशेखर आजाद पर हुए हमले के मामले में कार्रवाई की मांग की।1
- सदरपुर में दो हादसे, तालाब और खंती में डूबने से दो किशोरों की मौत।। सदरपुर (सीतापुर): सदरपुर थाना क्षेत्र में गुरुवार को अलग-अलग स्थानों पर पानी में डूबने से दो किशोरों की मौत हो गई। पहली घटना पोखराकलां में हुई, जबकि दूसरी घटना शमशाबाद के लोनि गांव में सामने आई। पोखराकलां निवासी आठ वर्षीय धैर्य वर्मा पुत्र आशीष कुमार गुरुवार सुबह तालाब किनारे स्थित मंदिर परिसर में खेल रहा था। इसी दौरान उसका खिलौना मंदिर के किनारे तालाब में जलकुंभी के बीच गिर गया। खिलौना उठाने के लिए आगे बढ़ने पर अचानक उसका पैर फिसल गया और वह गहरे पानी में चला गया। आसपास मौजूद लोगों ने उसे बाहर निकाला, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। वहीं दूसरी घटना शमशाबाद के ग्राम लोनि में हुई। यहां निवासी 15 वर्षीय प्रेम पुत्र सुमेरीलाल गुरुवार सुबह शौच के लिए घर से निकला था। बताया गया कि सड़क किनारे से गुजरते समय उसका पैर फिसल गया और वह लाल के खेत के किनारे बनी गहरी खंती में भरे पानी में जा गिरा। पानी में डूबने से उसकी मौत हो गई। दोनों घटनाओं की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और आवश्यक कार्रवाई शुरू की। थानाध्यक्ष आशुतोष मिश्र ने बताया कि दोनों घटनाओं की जानकारी मिली है। जांच कराकर आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।1