उत्तर प्रदेश के कानपुर देहात जिले की सिकंदरा तहसील क्षेत्र में यमुना नदी में प्रतिबंध के बावजूद अवैध रूप से मछलियों का शिकार किए जाने का मामला सामने आया है। गुरुवार दोपहर करीब 2 बजे एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें कुछ लोग यमुना नदी से मछलियां पकड़ते और उन्हें एक वाहन में भरते हुए दिखाई दे रहे हैं। यह अवैध शिकार सिकंदरा तहसील क्षेत्र के भूपैया और जीतामऊ गांव के पास खुलेआम किया जा रहा है। स्थानीय लोगों के अनुसार, जुलाई माह में मछलियों के प्रजनन काल को देखते हुए मत्स्य आखेट पर पूरी तरह प्रतिबंध रहता है, इसके बावजूद शिकारी नियमों की अनदेखी कर लगातार मछलियां पकड़ रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि क्षेत्र के ही दो लोग इन शिकारियों से अवैध रूप से मछलियां पकड़वाकर उनकी बिक्री करवा रहे हैं, जिससे सरकार को राजस्व का नुकसान होने के साथ ही जलीय जीव संरक्षण के नियमों का भी उल्लंघन हो रहा है। वीडियो सामने आने के बाद संबंधित विभागों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों ने प्रशासन और मत्स्य विभाग से इस मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है। हालांकि, इस मामले में संबंधित विभाग की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
उत्तर प्रदेश के कानपुर देहात जिले की सिकंदरा तहसील क्षेत्र में यमुना नदी में प्रतिबंध के बावजूद अवैध रूप से मछलियों का शिकार किए जाने का मामला सामने आया है। गुरुवार दोपहर करीब 2 बजे एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें कुछ लोग यमुना नदी से मछलियां पकड़ते और उन्हें एक वाहन में भरते हुए दिखाई दे रहे हैं। यह अवैध शिकार सिकंदरा तहसील क्षेत्र के भूपैया और जीतामऊ गांव के पास खुलेआम किया जा रहा है। स्थानीय लोगों के अनुसार, जुलाई माह में मछलियों के प्रजनन काल को देखते हुए मत्स्य आखेट पर पूरी तरह प्रतिबंध रहता है, इसके बावजूद शिकारी नियमों की अनदेखी कर लगातार मछलियां पकड़ रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि क्षेत्र के ही दो लोग इन शिकारियों से अवैध रूप से मछलियां पकड़वाकर उनकी बिक्री करवा रहे हैं, जिससे सरकार को राजस्व का नुकसान होने के साथ ही जलीय जीव संरक्षण के नियमों का भी उल्लंघन हो रहा है। वीडियो सामने आने के बाद संबंधित विभागों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों ने प्रशासन और मत्स्य विभाग से इस मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है। हालांकि, इस मामले में संबंधित विभाग की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
- कानपुर देहात के डेरापुर क्षेत्र में रात से लगातार हो रही बारिश के कारण बिजली आपूर्ति पूरी तरह से बाधित हो गई है। बिजली सेवा ठप होने से स्थानीय निवासियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि, इस लगातार हो रही बारिश से लोगों को भीषण गर्मी से बड़ी राहत भी मिली है।1
- उत्तर प्रदेश के कानपुर देहात जिले की सिकंदरा तहसील क्षेत्र में यमुना नदी में प्रतिबंध के बावजूद अवैध रूप से मछलियों का शिकार किए जाने का मामला सामने आया है। गुरुवार दोपहर करीब 2 बजे एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें कुछ लोग यमुना नदी से मछलियां पकड़ते और उन्हें एक वाहन में भरते हुए दिखाई दे रहे हैं। यह अवैध शिकार सिकंदरा तहसील क्षेत्र के भूपैया और जीतामऊ गांव के पास खुलेआम किया जा रहा है। स्थानीय लोगों के अनुसार, जुलाई माह में मछलियों के प्रजनन काल को देखते हुए मत्स्य आखेट पर पूरी तरह प्रतिबंध रहता है, इसके बावजूद शिकारी नियमों की अनदेखी कर लगातार मछलियां पकड़ रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि क्षेत्र के ही दो लोग इन शिकारियों से अवैध रूप से मछलियां पकड़वाकर उनकी बिक्री करवा रहे हैं, जिससे सरकार को राजस्व का नुकसान होने के साथ ही जलीय जीव संरक्षण के नियमों का भी उल्लंघन हो रहा है। वीडियो सामने आने के बाद संबंधित विभागों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों ने प्रशासन और मत्स्य विभाग से इस मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है। हालांकि, इस मामले में संबंधित विभाग की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।1
- कानपुर देहात के डेरापुर विकासखंड स्थित गलुवापुर ग्राम पंचायत में विवेकानंद विद्या मंदिर तिराहे के पास महीनों से नालियों की सफाई न होने के कारण गंभीर जलभराव की स्थिति बनी हुई है। गंदा पानी सड़कों पर जमा होने से ग्रामीणों और विद्यालय आने-जाने वाले बच्चों को रोजमर्रा की जिंदगी में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि सफाईकर्मी केवल तिराहे के आसपास कभी-कभार सफाई करते हैं, जबकि गांव के अंदर कई स्थानों पर लंबे समय से नालियों की सफाई नहीं हुई है। इससे नालियां पूरी तरह से चोक हो गई हैं और गंदा पानी सड़कों पर फैल रहा है। इस जलभराव के कारण न केवल भयंकर दुर्गंध फैल रही है, बल्कि मच्छरों का प्रकोप भी तेजी से बढ़ रहा है, जिससे संक्रामक बीमारियों के फैलने का खतरा बना हुआ है। ग्रामीणों ने बताया कि गांव के कई मोहल्लों में नियमित सफाई का अभाव है। प्रशांत, महेंद्र प्रजापति, गुड्डू शुक्ला, वीर सिंह, ज्ञानी दिवाकर और सोनू प्रजापति सहित अन्य ग्रामीणों ने कहा कि जलभराव के कारण पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है और स्कूली बच्चों को सबसे अधिक कठिनाई उठानी पड़ रही है। उन्होंने ग्राम पंचायत और संबंधित अधिकारियों से पूरे गांव की नियमित साफ-सफाई सुनिश्चित करने, बंद नालियों को तत्काल साफ कराने और जलनिकासी की उचित व्यवस्था करने की मांग की है। इस मामले पर, ए डी ओ पंचायत अश्वनी कुमार ने जानकारी दी है कि उन्हें समस्या के बारे में पता चला है और जल्द ही सफाई कराई जाएगी।1
- कानपुर देहात के इंजुआरामपुर गाँव की आम जनता रास्ते की बदहाली और जलभराव से अत्यधिक परेशान है। ग्रामीणों का कहना है कि बरसात के समय निकलने का कोई रास्ता नहीं बचता, और उन्हें जलभराव के बीच से होकर गुजरना पड़ता है। इस गंभीर समस्या के बावजूद, ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि प्रधान जी कोई कार्य नहीं करा रहे हैं; यहाँ न तो कोई खड़ंजा है और न ही पानी निकलने के लिए नली की कोई व्यवस्था है। आम जनता को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। इसी के मद्देनजर, ग्रामीणों ने प्रभारी से निवेदन किया है कि वे नली और खड़ंजे की जांच कर रास्ते की उचित व्यवस्था कराने की कृपा करें।1
- सिकंदरा कस्बे में हरिहरपुर चौराहे के पास स्थित द रॉयल कैफे एंड फैमिली रेस्टोरेंट के संचालक पर अपने तीन साथियों के साथ मिलकर कोचिंग जा रही एक छात्रा का कथित रूप से अपहरण कर उसे कैफे के अंदर एक कमरे में बंद करने का आरोप लगा है। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और छात्रा को सुरक्षित बरामद कर लिया, साथ ही कैफे संचालक को हिरासत में लेकर उससे पूछताछ शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार, सिकंदरा क्षेत्र के एक गांव की निवासी छात्रा गुरुवार को करीब 2 बजे रोजाना की तरह साइकिल से कोचिंग के लिए निकली थी, लेकिन काफी देर तक कोचिंग सेंटर नहीं पहुंची। इस पर कोचिंग संचालक ने छात्रा के परिजनों को सूचित किया। परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की तो छात्रा की साइकिल हरिहरपुर चौराहे पर स्थित द रॉयल कैफे एंड फैमिली रेस्टोरेंट के बाहर खड़ी मिली। इसी दौरान छात्रा की तलाश में उसका एक रिश्तेदार कैफे के अंदर पहुंचा, जहां आरोप है कि उसे भी कमरे में बंद कर दिया गया। जब परिजनों ने कैफे के अंदर जाने का प्रयास किया, तो संचालक अंकित पाल ने उन्हें रोक दिया। इसके बाद परिजनों ने तत्काल पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही सिकंदरा पुलिस टीम मौके पर पहुंची और परिजनों के साथ कैफे के अंदर जाकर कमरे का दरवाजा खुलवाया, जहां से छात्रा को सुरक्षित बाहर निकाला गया। पुलिस के पहुंचने से पहले ही तीन अज्ञात युवक मौके से फरार हो गए, जबकि कैफे संचालक अंकित पाल को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। थाना प्रभारी निरीक्षक जनार्दन प्रताप सिंह ने बताया कि कैफे संचालक से मामले के संबंध में पूछताछ की जा रही है और पूरे प्रकरण की जांच के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।1
- कानपुर देहात के झींझक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में गुरुवार को नगर पालिका स्थित सीएचसी में जलजनित और मच्छरजनित रोगों की रोकथाम के लिए जागरूकता और प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। चिकित्सा अधीक्षक डॉ. पीयूष त्रिपाठी के मार्गदर्शन में हुए इस आयोजन में झींझक ब्लॉक की कुल 121 आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को संचारी रोग नियंत्रण का प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण के दौरान आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया सहित विभिन्न मौसमी बीमारियों की पहचान, रोकथाम और बचाव के उपायों के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। विशेषज्ञों ने उनसे गांवों में जाकर लोगों को जलभराव रोकने, नियमित साफ-सफाई बनाए रखने, स्वच्छ वातावरण अपनाने, पूरी बांह के कपड़े पहनने और सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग करने सहित मच्छरों से बचाव के अन्य तरीकों के प्रति जागरूक करने का आग्रह किया। प्रशिक्षकों ने इस बात पर जोर दिया कि आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां ग्रामीण परिवारों के सीधे संपर्क में रहती हैं, जिससे वे स्वास्थ्य विभाग की योजनाओं और जन जागरूकता संदेशों को प्रभावी ढंग से आमजन तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। इस प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य उन्हें व्यावहारिक जानकारी देकर गांव-गांव में संचारी रोग नियंत्रण अभियान को और अधिक मजबूत बनाना है। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में आरबीएसके के डॉ. दीपक, डॉ. निडा, नेत्र परीक्षण अधिकारी डॉ. बी.के. गोस्वामी, एएनएम सरोज द्विवेदी, जिला समन्वयक रमन द्विवेदी और झींझक ब्लॉक समन्वयक शिवभान ने प्रशिक्षण प्रदान किया। कार्यक्रम का समन्वय खंड सामुदायिक प्रक्रिया प्रबंधक दिविजय सिंह द्वारा किया गया। इस दौरान गुरुवार को 3 बजे डॉ. बी.के. गोस्वामी ने कहा कि संचारी रोगों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए जन जागरूकता ही सबसे कारगर माध्यम है और इसमें आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है।1
- सिकंदरा तहसील क्षेत्र में बुधवार सुबह मौसम ने अचानक करवट ली, जिसके बाद सुबह से शाम करीब 4 बजे तक रुक-रुक कर रिमझिम बारिश जारी रही। इस लगातार बारिश के कारण कई क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति बाधित रही, जिससे लोगों को कुछ परेशानी का सामना करना पड़ा। हालांकि, इस बारिश ने किसानों के चेहरों पर खुशी लौटा दी है। खेतों को पर्याप्त नमी मिलने के बाद किसानों ने तत्काल धान की रोपाई का काम शुरू कर दिया है। किसानों के अनुसार, समय पर हुई यह वर्षा धान की खेती के लिए अनुकूल परिस्थितियां बना रही है और उनकी सिंचाई संबंधी चिंताएँ भी काफी हद तक कम हो गई हैं। वहीं, लगातार पड़ रही उमस भरी गर्मी से भी आम लोगों को बड़ी राहत मिली है। बारिश के बाद मौसम सुहाना हो गया, जिससे क्षेत्र के निवासियों ने सुकून महसूस किया।1
- असलनापुर निवासी 28 वर्षीय ज्ञान सिंह, जो कि स्व. हुलाशी के पुत्र थे, गुरुवार सुबह करीब 11 बजे अपने खेत पर गए थे। खेत में काम करने के दौरान उन्हें अचानक चक्कर आया और वे वहीं गिर पड़े। जब तक उनके स्वजन उन्हें संभाल पाते, ज्ञान सिंह की मौत हो चुकी थी। इस दुखद घटना की खबर मिलते ही पूरे परिवार में मातम छा गया। मृतक की पत्नी प्रिया, पुत्र गोपाल और कार्तिक, तथा मां राजरानी का रो-रोकर बुरा हाल है, जिससे परिजनों में कोहराम मच गया है।2