जीएमसीएच बेतिया में वायरल वीडियो से हड़कंप, गार्ड द्वारा एक्स-रे करने का दावा अस्पताल प्रशासन ने दिए जांच के आदेश, 24 घंटे में रिपोर्ट तलब बेतिया से सत्यम श्रीवास्तव की रिपोर्ट बेतिया। पश्चिम चंपारण के गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (जीएमसीएच) बेतिया एक बार फिर विवादों में घिर गया है। सोशल मीडिया पर वायरल एक कथित वीडियो ने अस्पताल की कार्यप्रणाली और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। वायरल वीडियो में दावा किया जा रहा है कि अस्पताल के रेडियोलॉजी विभाग में एक निजी एजेंसी गोस्वामी कंपनी का सुरक्षा गार्ड मरीज का एक्स-रे करता हुआ दिखाई दे रहा है। हालांकि इस वीडियो की आधिकारिक पुष्टि अब तक नहीं हो सकी है। वीडियो सामने आने के बाद इलाके में सनसनी फैल गई है और स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर लोगों के बीच चर्चा तेज हो गई है। बताया जा रहा है कि यह वीडियो किसी मरीज के परिजन द्वारा रिकॉर्ड कर सोशल मीडिया पर साझा किया गया, जिसके बाद यह तेजी से वायरल हो गया। आम तौर पर एक्स-रे जैसी तकनीकी प्रक्रिया प्रशिक्षित रेडियोग्राफर द्वारा की जाती है, ऐसे में वायरल वीडियो में सुरक्षा गार्ड की भूमिका को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो यह मरीजों की सुरक्षा के साथ गंभीर लापरवाही मानी जाएगी। इस मामले पर अस्पताल अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वायरल वीडियो को गंभीरता से लिया गया है। रेडियोलॉजी विभाग और संबंधित एजेंसी को जांच के निर्देश दिए गए हैं तथा 24 घंटे के भीतर विस्तृत रिपोर्ट मांगी गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच में यदि कोई अनियमितता सामने आती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस घटना के बाद एक बार फिर यह सवाल उठने लगा है कि जिले के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल में ऐसी स्थिति क्यों बन रही है। क्या यह स्टाफ की कमी का परिणाम है या फिर निगरानी में लापरवाही? फिलहाल, पूरे मामले की सच्चाई जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगी। जीएमसीएच बेतिया में वायरल वीडियो से हड़कंप, गार्ड द्वारा एक्स-रे करने का दावा अस्पताल प्रशासन ने दिए जांच के आदेश, 24 घंटे में रिपोर्ट तलब बेतिया से सत्यम श्रीवास्तव की रिपोर्ट बेतिया। पश्चिम चंपारण के गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (जीएमसीएच) बेतिया एक बार फिर विवादों में घिर गया है। सोशल मीडिया पर वायरल एक कथित वीडियो ने अस्पताल की कार्यप्रणाली और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। वायरल वीडियो में दावा किया जा रहा है कि अस्पताल के रेडियोलॉजी विभाग में एक निजी एजेंसी गोस्वामी कंपनी का सुरक्षा गार्ड मरीज का एक्स-रे करता हुआ दिखाई दे रहा है। हालांकि इस वीडियो की आधिकारिक पुष्टि अब तक नहीं हो सकी है। वीडियो सामने आने के बाद इलाके में सनसनी फैल गई है और स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर लोगों के बीच चर्चा तेज हो गई है। बताया जा रहा है कि यह वीडियो किसी मरीज के परिजन द्वारा रिकॉर्ड कर सोशल मीडिया पर साझा किया गया, जिसके बाद यह तेजी से वायरल हो गया। आम तौर पर एक्स-रे जैसी तकनीकी प्रक्रिया प्रशिक्षित रेडियोग्राफर द्वारा की जाती है, ऐसे में वायरल वीडियो में सुरक्षा गार्ड की भूमिका को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो यह मरीजों की सुरक्षा के साथ गंभीर लापरवाही मानी जाएगी। इस मामले पर अस्पताल अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वायरल वीडियो को गंभीरता से लिया गया है। रेडियोलॉजी विभाग और संबंधित एजेंसी को जांच के निर्देश दिए गए हैं तथा 24 घंटे के भीतर विस्तृत रिपोर्ट मांगी गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच में यदि कोई अनियमितता सामने आती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस घटना के बाद एक बार फिर यह सवाल उठने लगा है कि जिले के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल में ऐसी स्थिति क्यों बन रही है। क्या यह स्टाफ की कमी का परिणाम है या फिर निगरानी में लापरवाही? फिलहाल, पूरे मामले की सच्चाई जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगी।
जीएमसीएच बेतिया में वायरल वीडियो से हड़कंप, गार्ड द्वारा एक्स-रे करने का दावा अस्पताल प्रशासन ने दिए जांच के आदेश, 24 घंटे में रिपोर्ट तलब बेतिया से सत्यम श्रीवास्तव की रिपोर्ट बेतिया। पश्चिम चंपारण के गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (जीएमसीएच) बेतिया एक बार फिर विवादों में घिर गया है। सोशल मीडिया पर वायरल एक कथित वीडियो ने अस्पताल की कार्यप्रणाली और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। वायरल वीडियो में दावा किया जा रहा है कि अस्पताल के रेडियोलॉजी विभाग में एक निजी एजेंसी गोस्वामी कंपनी का सुरक्षा गार्ड मरीज का एक्स-रे करता हुआ दिखाई दे रहा है। हालांकि इस वीडियो की आधिकारिक पुष्टि अब तक नहीं हो सकी है। वीडियो सामने आने के बाद इलाके में सनसनी फैल गई है और स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर लोगों के बीच चर्चा तेज हो गई है। बताया जा रहा है कि यह वीडियो किसी मरीज के परिजन द्वारा रिकॉर्ड कर सोशल मीडिया पर साझा किया गया, जिसके बाद यह तेजी से वायरल हो गया। आम तौर पर एक्स-रे जैसी तकनीकी प्रक्रिया प्रशिक्षित रेडियोग्राफर द्वारा की जाती है, ऐसे में वायरल वीडियो में सुरक्षा गार्ड की भूमिका को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो यह मरीजों की सुरक्षा के साथ गंभीर लापरवाही मानी जाएगी। इस मामले पर अस्पताल अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वायरल वीडियो को गंभीरता से लिया गया है। रेडियोलॉजी विभाग और संबंधित एजेंसी को जांच के निर्देश दिए गए हैं तथा 24 घंटे के भीतर विस्तृत रिपोर्ट मांगी गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच में यदि कोई अनियमितता सामने आती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस घटना के बाद एक बार फिर यह सवाल उठने लगा है कि जिले के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल में ऐसी स्थिति क्यों बन रही है। क्या यह स्टाफ की कमी का परिणाम है या फिर निगरानी में लापरवाही? फिलहाल, पूरे मामले की सच्चाई जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगी। जीएमसीएच बेतिया में वायरल वीडियो से हड़कंप, गार्ड द्वारा एक्स-रे करने का दावा अस्पताल प्रशासन ने दिए जांच के आदेश, 24 घंटे में रिपोर्ट तलब बेतिया से सत्यम श्रीवास्तव की रिपोर्ट बेतिया। पश्चिम चंपारण के गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (जीएमसीएच) बेतिया एक बार फिर विवादों में घिर गया है। सोशल मीडिया पर वायरल एक कथित वीडियो ने अस्पताल की कार्यप्रणाली और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। वायरल वीडियो में दावा किया जा रहा है कि अस्पताल के रेडियोलॉजी विभाग में एक निजी एजेंसी गोस्वामी कंपनी का सुरक्षा गार्ड मरीज का एक्स-रे करता हुआ दिखाई दे रहा है। हालांकि इस वीडियो की आधिकारिक पुष्टि अब तक नहीं हो सकी है। वीडियो सामने आने के बाद इलाके में सनसनी फैल गई है और स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर लोगों के बीच चर्चा तेज हो गई है। बताया जा रहा है कि यह वीडियो किसी मरीज के परिजन द्वारा रिकॉर्ड कर सोशल मीडिया पर साझा किया गया, जिसके बाद यह तेजी से वायरल हो गया। आम तौर पर एक्स-रे जैसी तकनीकी प्रक्रिया प्रशिक्षित रेडियोग्राफर द्वारा की जाती है, ऐसे में वायरल वीडियो में सुरक्षा गार्ड की भूमिका को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो यह मरीजों की सुरक्षा के साथ गंभीर लापरवाही मानी जाएगी। इस मामले पर अस्पताल अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वायरल वीडियो को गंभीरता से लिया गया है। रेडियोलॉजी विभाग और संबंधित एजेंसी को जांच के निर्देश दिए गए हैं तथा 24 घंटे के भीतर विस्तृत रिपोर्ट मांगी गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच में यदि कोई अनियमितता सामने आती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस घटना के बाद एक बार फिर यह सवाल उठने लगा है कि जिले के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल में ऐसी स्थिति क्यों बन रही है। क्या यह स्टाफ की कमी का परिणाम है या फिर निगरानी में लापरवाही? फिलहाल, पूरे मामले की सच्चाई जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगी।
- आज मजदूर दिवस के दिन मेरे बड़े बेटे मृत्यंजय राज का जन्मदिन घर परिवार में बहुत सुन्दर ढंग से मनाया गया। 01.05.2026.1
- पश्चिम चंपारण के बेतिया स्थित बलिराम भवन के सभागार में अंतर्राष्ट्रीय मजदूर दिवस के अवसर पर एक भव्य और विचारोत्तेजक कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जहां श्रमिक एकता, सम्मान और संघर्ष का सशक्त संदेश देखने को मिला। कार्यक्रम की शुरुआत शहीद वेदी पर माल्यार्पण के साथ हुई, जिसमें मजदूर आंदोलन में अपने प्राणों की आहुति देने वाले शहीद मजदूरों और नेताओं को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इस दौरान पूरे सभागार में सम्मान और गर्व का वातावरण व्याप्त रहा। इसके बाद विभिन्न क्षेत्रों में कार्यरत मजदूरों को उनके समर्पण, जिम्मेदारी और श्रम के प्रति निष्ठा के लिए सम्मानित किया गया। फूलमाला और अंगवस्त्र देकर उन्हें मंच से सम्मानित किया गया, जिससे श्रमिकों का मनोबल और उत्साह बढ़ा। सम्मान पाने वालों में रिक्शा मजदूर सुभाष महतो, कृष्णा साह, गनेश राम, किरित चौधरी, जहुर मियाँ, नगीना प्रसाद, रसोईया नेत्री सुनिता देवी, सीमा देवी, रबेया खातून, खेत मजदूर सुबह मियाँ, पोलदार संघ के भूटकुन महतो, रसोईया संघ के नेता लालबाबु राम, रामाश्रय हजरा, शंभु नाथ मिश्र, खेत मजदूर नेता वीरन यादव और जिले के प्रसिद्ध कवि अरुण गोपाल शामिल रहे। इन सभी को सम्मानित कर यह संदेश दिया गया कि समाज के निर्माण में मजदूरों की भूमिका सबसे अहम है और उनका योगदान कभी भुलाया नहीं जा सकता। कार्यक्रम की अध्यक्षता कृष्ण नन्दन सिंह ने की, जबकि एटक प्रभारी ओम प्रकाश क्रांति ने अपने संबोधन में मजदूर दिवस के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए वर्तमान समय में मजदूर संगठनों के सामने खड़ी चुनौतियों को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि आज के दौर में श्रमिकों के अधिकारों पर कई तरह के दबाव बन रहे हैं और नए कानूनों के जरिए मजदूरों को कमजोर करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि भारत जैसे देश में, जहां मजदूरों ने अपने संघर्ष और बलिदान से आजादी की नींव रखी है, वहां का मजदूर कभी भी कारपोरेट ताकतों या उनके समर्थक तंत्र के सामने झुकने वाला नहीं है। ओम प्रकाश क्रांति ने मजदूर संगठनों से आह्वान किया कि वे एकजुट होकर श्रमिकों के अधिकारों की रक्षा के लिए जुझारू संघर्ष करें और हर स्तर पर मजदूरों की आवाज को बुलंद करें। उन्होंने दिल्ली-एनसीआर में गिरफ्तार मजदूर नेताओं की रिहाई की मांग को भी जोरदार तरीके से उठाया और सरकार से श्रमिक संगठनों के साथ सम्मानजनक वार्ता करने की अपील की। पूरे कार्यक्रम के दौरान श्रमिक एकता, अधिकारों की रक्षा और सामाजिक न्याय के लिए संघर्ष का संकल्प दोहराया गया। यह आयोजन न सिर्फ मजदूर दिवस का उत्सव बना, बल्कि आने वाले समय में श्रमिक आंदोलन को और मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम भी साबित हुआ, जहां हर मजदूर ने अपने हक के लिए लड़ने और समाज के नव निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प लिया।1
- Hamare gaw jo road hai ushka ishati bhut kharab hai ushe thik Kara dijiye bhanachak word no 124
- पश्चिम चंपारण के बेतिया स्थित बलिराम भवन के सभागार में अंतर्राष्ट्रीय मजदूर दिवस के अवसर पर एक भव्य और विचारोत्तेजक कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जहां श्रमिक एकता, सम्मान और संघर्ष का सशक्त संदेश देखने को मिला। कार्यक्रम की शुरुआत शहीद वेदी पर माल्यार्पण के साथ हुई, जिसमें मजदूर आंदोलन में अपने प्राणों की आहुति देने वाले शहीद मजदूरों और नेताओं को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इस दौरान पूरे सभागार में सम्मान और गर्व का वातावरण व्याप्त रहा। इसके बाद विभिन्न क्षेत्रों में कार्यरत मजदूरों को उनके समर्पण, जिम्मेदारी और श्रम के प्रति निष्ठा के लिए सम्मानित किया गया। फूलमाला और अंगवस्त्र देकर उन्हें मंच से सम्मानित किया गया, जिससे श्रमिकों का मनोबल और उत्साह बढ़ा। सम्मान पाने वालों में रिक्शा मजदूर सुभाष महतो, कृष्णा साह, गनेश राम, किरित चौधरी, जहुर मियाँ, नगीना प्रसाद, रसोईया नेत्री सुनिता देवी, सीमा देवी, रबेया खातून, खेत मजदूर सुबह मियाँ, पोलदार संघ के भूटकुन महतो, रसोईया संघ के नेता लालबाबु राम, रामाश्रय हजरा, शंभु नाथ मिश्र, खेत मजदूर नेता वीरन यादव और जिले के प्रसिद्ध कवि अरुण गोपाल शामिल रहे। इन सभी को सम्मानित कर यह संदेश दिया गया कि समाज के निर्माण में मजदूरों की भूमिका सबसे अहम है और उनका योगदान कभी भुलाया नहीं जा सकता। कार्यक्रम की अध्यक्षता कृष्ण नन्दन सिंह ने की, जबकि एटक प्रभारी ओम प्रकाश क्रांति ने अपने संबोधन में मजदूर दिवस के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए वर्तमान समय में मजदूर संगठनों के सामने खड़ी चुनौतियों को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि आज के दौर में श्रमिकों के अधिकारों पर कई तरह के दबाव बन रहे हैं और नए कानूनों के जरिए मजदूरों को कमजोर करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि भारत जैसे देश में, जहां मजदूरों ने अपने संघर्ष और बलिदान से आजादी की नींव रखी है, वहां का मजदूर कभी भी कारपोरेट ताकतों या उनके समर्थक तंत्र के सामने झुकने वाला नहीं है। ओम प्रकाश क्रांति ने मजदूर संगठनों से आह्वान किया कि वे एकजुट होकर श्रमिकों के अधिकारों की रक्षा के लिए जुझारू संघर्ष करें और हर स्तर पर मजदूरों की आवाज को बुलंद करें। उन्होंने दिल्ली-एनसीआर में गिरफ्तार मजदूर नेताओं की रिहाई की मांग को भी जोरदार तरीके से उठाया और सरकार से श्रमिक संगठनों के साथ सम्मानजनक वार्ता करने की अपील की। पूरे कार्यक्रम के दौरान श्रमिक एकता, अधिकारों की रक्षा और सामाजिक न्याय के लिए संघर्ष का संकल्प दोहराया गया। यह आयोजन न सिर्फ मजदूर दिवस का उत्सव बना, बल्कि आने वाले समय में श्रमिक आंदोलन को और मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम भी साबित हुआ, जहां हर मजदूर ने अपने हक के लिए लड़ने और समाज के नव निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प लिया।4
- दहेज की मांग बनी मौत की वजह: विवाहिता की हत्या के बाद पंखे से लटकाया शव वायरल #Tags: #BettiahNews #Majhaulia #DowryDeath #CrimeNews #BiharCrime #JusticeForGuddiya #BreakingNews #DowrySystem #WomenSafety #PoliceInvestigation #GroundReport #ViralNews2
- नाबालिग से दुष्कर्म मामले में सख्त फैसला, दोषी को 20 साल की सजा पोक्सो कोर्ट ने सुनाया निर्णय, 66 हजार जुर्माना व पीड़िता को 3 लाख मुआवजा बेतिया से सत्यम श्रीवास्तव की रिपोर्ट बेतिया। बेतिया व्यवहार न्यायालय ने नाबालिग से दुष्कर्म के एक गंभीर मामले में कड़ा फैसला सुनाते हुए दोषी को 20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। रेप एवं पोक्सो एक्ट के विशेष न्यायाधीश अरविंद कुमार गुप्ता ने नामजद अभियुक्त निर्गुण राम को दोषी करार देते हुए यह सजा सुनाई। अदालत ने दोषी पर 66 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना नहीं देने की स्थिति में अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। दोषी निर्गुण राम बगहा पुलिस जिला के पटखौली थाना क्षेत्र अंतर्गत तीजा नगर वार्ड संख्या 1 का निवासी है। अदालत ने पीड़िता के हित को ध्यान में रखते हुए बिहार पीड़ित प्रतिकर योजना के तहत 3 लाख रुपये की सहायता राशि देने का भी आदेश दिया है। न्यायालय सूत्रों के अनुसार, घटना 9 जनवरी 2025 की है। दिन के करीब 11 बजे एक नाबालिग बच्ची साग तोड़ने के लिए खेत में गई थी। इसी दौरान आरोपी ने उसे जबरन पकड़कर दुष्कर्म किया। घटना के बाद पीड़िता की मां ने बगहा महिला थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। इस मामले की सुनवाई स्पीडी ट्रायल के तहत की गई और करीब एक वर्ष के भीतर सभी साक्ष्यों एवं गवाहों की सुनवाई पूरी करते हुए अदालत ने दोषी को कठोर सजा सुनाई, जिससे समाज में एक कड़ा संदेश गया है।1
- rasti me pani lagni ke waja se logo ko jani ani me bhut dikkat ho raha hii1
- पश्चिम चंपारण जिले के चनपटिया प्रखंड क्षेत्र में स्थित मिश्रौली पेट्रोल पंप के समीप 30 अप्रैल की रात एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया, जब एक चलती स्कॉर्पियो कार अचानक आग का गोला बन गई। बताया जा रहा है कि यह वाहन मधुबनी से बारात लेकर लोरिया की ओर जा रहा था, तभी अचानक शॉर्ट सर्किट के कारण कार में आग भड़क उठी और देखते ही देखते लपटों ने पूरे वाहन को अपनी चपेट में ले लिया। घटना का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें साफ देखा जा सकता है कि चालक आग बुझाने की कोशिश कर रहा है, वहीं कार में सवार करीब छह लोग अपनी जान बचाने के लिए तुरंत गाड़ी से कूदकर बाहर निकलते हैं। हादसे के दौरान मौके पर मौजूद स्थानीय लोगों ने तत्परता दिखाते हुए मदद शुरू की और आग पर काबू पाने का प्रयास किया। सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीम भी घटनास्थल पर पहुंची, लेकिन तब तक स्थानीय लोगों की मदद से आग काफी हद तक नियंत्रित की जा चुकी थी। इस पूरे घटनाक्रम में सबसे राहत की बात यह रही कि किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई, हालांकि वाहन पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। यह घटना एक बार फिर से वाहन सुरक्षा और मेंटेनेंस को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती है, साथ ही आपात स्थिति में सतर्कता और स्थानीय सहयोग की अहमियत को भी उजागर करती है।1