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निनाद राज जयंती समारोह पर नगर में निकली रैली जुलूस के हुआ भब्य स्वागत डिंडोरी निनाद राज जयंती पर भब्य रैली जुलूस
Santosh Ahirwar
निनाद राज जयंती समारोह पर नगर में निकली रैली जुलूस के हुआ भब्य स्वागत डिंडोरी निनाद राज जयंती पर भब्य रैली जुलूस
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- डिंडोरी निनाद राज जयंती पर भब्य रैली जुलूस4
- 🔥 चंद मिनटों में राख हुआ आशियाना, ग्रामीणों की जांबाजी से टली बड़ी त्रासदी 🔥 डिण्डौरी जिले के विकास खण्ड शहपुरा अंतर्गत ग्राम ढोड़ा के बैगा टोला, बिलगड़ा बांध के समीप सोमवार को एक हृदयविदारक घटना ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया। यहां तोसल साहू के घर में अचानक भड़की भीषण आग ने देखते ही देखते पूरे आशियाने को अपनी चपेट में ले लिया। आग इतनी तेजी से फैली कि परिवार को संभलने तक का मौका नहीं मिला और घर में रखा सारा सामान जलकर खाक हो गया। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। लेकिन इस संकट की घड़ी में ग्रामीणों ने अद्भुत साहस और एकजुटता का परिचय दिया। बिना देर किए लोग मौके पर पहुंचे और तीन मोटर पंप की मदद से आग बुझाने में जुट गए। घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद आखिरकार आग पर काबू पाया जा सका, जिससे आसपास के अन्य घरों को बचा लिया गया। इस हादसे में भले ही कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन पीड़ित परिवार को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है। उनका पूरा घर और जीवनभर की पूंजी कुछ ही पलों में राख में बदल गई। ग्रामीणों की मांग: पीड़ित परिवार को तत्काल राहत राशि, खाद्यान्न और आवासीय सहायता उपलब्ध कराई जाए, ताकि वे फिर से अपना जीवन शुरू कर सकें। मानवता की मिसाल: इस घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया कि आपदा की घड़ी में ग्रामीण एकजुट होकर हर मुश्किल का सामना कर सकते हैं।2
- समाचार भारत एक्सप्रेस 📍 जिला डिंडोरी, मध्यप्रदेश 📅 22 मार्च 2026 कंटूर ट्रेंच कार्य में बड़ा फर्जीवाड़ा, हाजिरी में गड़बड़ी का आरोप जिला डिंडोरी के विकासखंड समनापुर अंतर्गत ग्राम पंचायत जाड़ासुरंग के चुरचुटी टेकरी में संचालित कंटूर ट्रेंच कार्य में गंभीर अनियमितताओं का मामला सामने आया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह कार्य चुरचुटी टेकरी में होना स्वीकृत है, लेकिन मेटों द्वारा नियमों का उल्लंघन करते हुए मजदूरों से कार्य अन्य स्थान पर कराया जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक, सुबह सभी मजदूरों को चुरचुटी टेकरी में बुलाकर हाजिरी दर्ज की जाती है, लेकिन इसके बाद करीब 11 बजे उन्हें ऊपर स्थित तालाब में काम करने भेज दिया जाता है। इसके पश्चात शाम करीब 3 बजे मजदूरों को फिर से चुरचुटी टेकरी लाकर दोबारा हाजिरी लगवाई जाती है। हाजिरी में मिलीभगत का आरोप बताया जा रहा है कि कुछ मजदूर मेटों के साथ मिलीभगत कर सुबह की हाजिरी में फोटो खिंचवाकर कार्यस्थल से चले जाते हैं। ऐसे मजदूरों की दूसरी हाजिरी के दौरान फोटो मौजूद नहीं रहती, जिससे पूरी प्रक्रिया पर सवाल उठ रहे हैं। गाइडलाइन का उल्लंघन स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि जिस स्थान के लिए कार्य स्वीकृत है, उसी स्थान पर कार्य कराया जाना चाहिए। लेकिन यहां नियमों को दरकिनार कर अलग स्थान पर काम कराया जा रहा है, जो कि शासन की गाइडलाइन के विपरीत है। जांच की मांग तेज मामले के सामने आने के बाद ग्रामीणों ने संबंधित विभाग से निष्पक्ष जांच की मांग की है। लोगों का कहना है कि दोषियों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए ताकि भविष्य में इस तरह की अनियमितताएं न हो।1
- पनपथा बफर में तेंदुए की दर्दनाक मौत कुएँ मे गिरने से हुई मौत उमरिया । बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के पनपथा बफर परिक्षेत्र अंतर्गत ग्राम महरोई में एक चार वर्षीय नर तेंदुए की कुएं में गिरकर हुई मौत ने वन्यजीव सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जंगल के राजा कहे जाने वाले इस दुर्लभ वन्यजीव का इस तरह असहाय होकर दम तोड़ना न केवल पीड़ादायक है बल्कि जिम्मेदार व्यवस्थाओं की अनदेखी का भी प्रमाण है। शनिवार को सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और तेंदुए के शव को बाहर निकाला। औपचारिकता के तहत डॉग स्क्वाड एवं मेटल डिटेक्टर से जांच कराई गई लेकिन सच्चाई यह है कि खुले और असुरक्षित कुएं लगातार वन्यजीवों के लिए मौत का जाल बनते जा रहे हैं जिस पर अब तक ठोस कार्रवाई नहीं हो पाई है। शव परीक्षण में मृत्यु का कारण डूबना बताया गया जिससे स्पष्ट है कि यह हादसा पूरी तरह मानवीय लापरवाही का परिणाम है। इसके बाद राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण के प्रतिनिधि एवं प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में तेंदुए का अंतिम संस्कार कर दिया गया लेकिन बड़ा सवाल अब भी कायम है—आखिर कब तक इस तरह वन्यजीव यूं ही असुरक्षित ढांचों की भेंट चढ़ते रहेंगे? ग्रामीण क्षेत्रों में सैकड़ों खुले कुएं बिना मुंडेर और सुरक्षा के मौजूद हैं जो न सिर्फ वन्यजीवों बल्कि इंसानों के लिए भी खतरा बने हुए हैं। यदि समय रहते इन पर सुरक्षा उपाय नहीं किए गए तो ऐसे हादसे भविष्य में और बढ़ सकते हैं। यह घटना प्रशासन और वन विभाग के लिए चेतावनी है कि केवल कागजी कार्यवाही से काम नहीं चलेगा बल्कि जमीनी स्तर पर ठोस कदम उठाने होंगे ताकि जंगल की इस अमूल्य धरोहर को बचाया जा सके।2
- शिव सिंह राजपूत दहिया जर्नलिस्ट अमरपाटन सतना मध्य प्रदेश भोपाल 99747788631
- शहडोल। बुढार वितरण केंद्र अंतर्गत ग्राम गिरवा में सोमवार को राजस्व वसूली के दौरान बिजली विभाग की टीम पर जानलेवा हमला हुआ। कनिष्ठ अभियंता (JE) विकाश गोन्दुडे की खड़ी शासकीय बोलेरो को एक कार चालक ने तेज रफ्तार से टक्कर मार दी। घटना के समय JE वाहन में ही मौजूद थे और बाल-बाल बच गए। जानकारी के अनुसार आरोपी पवन यादव ने कार (MP18C6225) से सरकारी वाहन को निशाना बनाया और टक्कर के बाद फरार हो गया। पीछा करने पर उसके साथी नितिन रजक ने लाठी लेकर कर्मचारियों को धमकाया कि दोबारा बिरुहुली क्षेत्र में आने पर गाड़ी चढ़ा देगा। मामले को गंभीरता से लेते हुए अमलाई पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ BNS की धाराओं 281, 132, 351(3) और 324(4) के तहत केस दर्ज कर लिया है। पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी है। JE ने कहा कि ऐसी घटनाएं कर्मचारियों का मनोबल गिराती हैं।....1
- शहडोल जिला में अवैध रेत खनन का तांडव जारी, प्रशासन की कार्यवाही पर उठे सवाल नरवर बिजौरी में रेत माफियाओं का तांडव, ऐसा लगता शासन प्रशासन इन्हें मौन स्वीकृति दे दी गई है शहडोल। नरवर बिजौरी क्षेत्र में अवैध रेत उत्खनन का मामला लगातार गंभीर होता जा रहा है। स्थानीय लोगों के अनुसार, जिले में अभी तक रेत का वैध ठेका नहीं हुआ है, इसके बावजूद खुलेआम रेत का अवैध खनन और परिवहन जारी है। बताया जा रहा है कि नरवर बिजौरी क्षेत्र से प्रतिदिन लगभग 20 से 25 डंपर (डगी) रेत का अवैध परिवहन किया जा रहा है। इस अवैध गतिविधि से शासन को भारी राजस्व हानि हो रही है, लेकिन इसके बावजूद संबंधित विभागों द्वारा कोई ठोस कार्यवाही नहीं की जा रही है। स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि रेत माफियाओं के हौसले इतने बुलंद हो चुके हैं कि उन्हें प्रशासन का कोई डर नहीं रह गया है। प्रशासन की निष्क्रियता के चलते यह अवैध कारोबार दिन-प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है। हाल ही में इस अवैध खनन से जुड़ा एक बड़ा हादसा भी सामने आया। दो दिन पहले रेत से भरा एक ट्रैक्टर पलट गया, जिसमें दो नाबालिग मजदूर सवार थे। दोनों की हालत गंभीर बताई जा रही है। इस घटना ने अवैध खनन में बाल मजदूरी और सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना यह है कि प्रशासन इस पूरे मामले को कितनी गंभीरता से लेता है और अवैध रेत खनन में लिप्त माफियाओं के खिलाफ क्या कार्रवाई करता है।1
- डिंडोरी अमर पुर ब्लॉक में अवैधानिक रूप से बोर खनन के सुचना पर जिला प्रशासन ने युवक को एक हजार के चैक इनाम चेम्बर में दी4