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एमसीबी में पेयजल संकट से निपटने तैयारी, 30 जून तक नियंत्रण प्रकोष्ठ सक्रिय एमसीबी जिले में ग्रीष्मकालीन पेयजल संकट से निपटने के लिए प्रशासन ने जिला व उपखंड स्तर पर पेयजल नियंत्रण प्रकोष्ठ गठित किया है, जो 30 जून 2026 तक प्रतिदिन सुबह 8 बजे से रात 8 बजे तक सक्रिय रहेगा। इस प्रकोष्ठ के माध्यम से शिकायतों का पंजीकरण, त्वरित निराकरण और निगरानी सुनिश्चित की जाएगी। विभिन्न विकासखंडों में तकनीकी दलों की तैनाती कर हैंडपंप मरम्मत व जल आपूर्ति बनाए रखने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। आमजन के लिए शिकायत पंजी व संपर्क नंबर भी उपलब्ध कराए गए हैं। प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि पेयजल समस्याओं की सूचना तुरंत दें, ताकि समय पर समाधान हो सके।
Ashok Shrivastava Khabar Fast
एमसीबी में पेयजल संकट से निपटने तैयारी, 30 जून तक नियंत्रण प्रकोष्ठ सक्रिय एमसीबी जिले में ग्रीष्मकालीन पेयजल संकट से निपटने के लिए प्रशासन ने जिला व उपखंड स्तर पर पेयजल नियंत्रण प्रकोष्ठ गठित किया है, जो 30 जून 2026 तक प्रतिदिन सुबह 8 बजे से रात 8 बजे तक सक्रिय रहेगा। इस प्रकोष्ठ के माध्यम से शिकायतों का पंजीकरण, त्वरित निराकरण और निगरानी सुनिश्चित की जाएगी। विभिन्न विकासखंडों में तकनीकी दलों की तैनाती कर हैंडपंप मरम्मत व जल आपूर्ति बनाए रखने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। आमजन के लिए शिकायत पंजी व संपर्क नंबर भी उपलब्ध कराए गए हैं। प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि पेयजल समस्याओं की सूचना तुरंत दें, ताकि समय पर समाधान हो सके।
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- Post by Shakchhi🎁 Singh1
- कोरिया जिले में पांडुलिपि विरासत संरक्षण को लेकर चल रहा ‘ज्ञान भारतम राष्ट्रीय पांडुलिपि सर्वेक्षण’ अभियान तेज गति से आगे बढ़ रहा है। अब तक जिले में 93 प्राचीन पांडुलिपियों की पहचान की जा चुकी है, जो क्षेत्र की समृद्ध सांस्कृतिक और ऐतिहासिक धरोहर को दर्शाती हैं। कलेक्टर ने जिले के नागरिकों से इस महत्वपूर्ण अभियान में सक्रिय भागीदारी की अपील की है। उन्होंने कहा कि जिन परिवारों या व्यक्तियों के पास 70 वर्ष या उससे अधिक पुरानी हस्तलिखित पांडुलिपियां उपलब्ध हैं, वे इसकी जानकारी प्रशासन को अवश्य दें, ताकि इन अमूल्य धरोहरों का संरक्षण और दस्तावेजीकरण किया जा सके। कलेक्टर ने यह भी बताया कि सर्वेक्षण कार्य को सुचारु और व्यवस्थित रूप से संचालित करने के लिए प्रशासन द्वारा व्यापक स्तर पर तैयारियां की गई हैं। इस पहल के माध्यम से न केवल ऐतिहासिक धरोहरों को संरक्षित किया जा सकेगा, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए ज्ञान का अमूल्य भंडार भी सुरक्षित रहेगा। जिला प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि वे अपनी पारंपरिक विरासत को संरक्षित करने में सहयोग करें और इस अभियान को सफल बनाने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएं।1
- Post by JIYAUDDIN ANSARI1
- वाराणसी में महिला आरक्षण को लेकर प्रदर्शन, 33% हिस्सेदारी की मांग ने पकड़ा जोर1
- लखनपुर बीईओ कार्यालय में केवाईसी के नाम पर शिक्षकों से तीन हजार की वसूली, एबीओ मनोज तिवारी पर गंभीर आरोप, ट्रांसफर के बाद भी जमे रहने पर कलेक्टर से शिकायत के बाद जांच दल गठित…. लखनपुर । विकासखण्ड शिक्षा कार्यालय लखनपुर में कार्यरत सहायक विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी मनोज कुमार तिवारी पर शिक्षकों ने केवाईसी के नाम पर अवैध वसूली के आरोप लगाए हैं। इस पूरे मामले में विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी की भूमिका भी संदिग्ध मानी जा रही है क्योंकि आरोप है कि उनकी मौन सहमति और संरक्षण के बिना शिक्षकों से खुलेआम वसूली का यह खेल संभव नहीं है। शिक्षकों द्वारा जिला कलेक्टर को सौंपे गए ज्ञापन के अनुसार मनोज कुमार तिवारी का स्थानांतरण काफी समय पहले उनके मूल पदस्थापना स्थल माध्यमिक शाला ढोढाकेसरा के लिए हो चुका है और अगस्त 2025 में वहां नियमित अधिकारी की नियुक्ति भी हो गई है लेकिन इसके बावजूद वे अब तक वहां से कार्यमुक्त नहीं हुए हैं और बीईओ कार्यालय में ही अवैध रूप से जमे हुए हैं। शिकायत में यह उल्लेख किया गया है कि मनोज कुमार तिवारी स्कूलों का भ्रमण कर शिक्षकों को डराने और धमकाने का काम करते हैं जिससे शासकीय और अशासकीय दोनों प्रकार के विद्यालयों के शिक्षक डरे हुए हैं। सबसे गंभीर आरोप पीएफएमएस खातों के संचालन और केवाईसी वेरिफिकेशन को लेकर लगाया गया है। बताया जा रहा है कि स्कूलों के बैंक खातों के सत्यापन के लिए जब शिक्षक कार्यालय पहुंचते हैं तो विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी की सील लगाने के नाम पर प्रति शिक्षक दो से तीन हजार रुपये की अवैध वसूली की जाती है। जो शिक्षक राशि देने से मना करते हैं उन्हें कैश बुक और अन्य वित्तीय दस्तावेजों में खामियां निकालकर कड़ी कार्रवाई करने का डर दिखाया जाता है जिससे पीड़ित शिक्षक मानसिक रूप से प्रताड़ित हो रहे हैं। इस पूरे प्रकरण में बीईओ की भूमिका पर इसलिए सवाल उठ रहे हैं क्योंकि नियमों के विपरीत किसी अधिकारी को लंबे समय तक कार्यमुक्त न करना और उन्हें अपने साथ स्कूलों के भ्रमण पर ले जाना कई संदेह पैदा करता है। शिक्षकों का कहना है कि पूर्व में उच्च अधिकारियों से शिकायत के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई थी जिससे आरोपी के हौसले और बुलंद हो गए थे। हालांकि अब कलेक्टर के निर्देश पर जिला शिक्षा अधिकारी अम्बिकापुर ने मामले की गंभीरता को समझते हुए कड़ा रुख अपनाया है और इस पूरे भ्रष्टाचार की सूक्ष्म जांच के लिए एक विशेष जांच दल का गठन कर दिया है। जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा जारी आदेश के तहत चार सदस्यीय जांच टीम बनाई गई है जिसमें विभिन्न स्कूलों के प्राचार्यों को शामिल किया गया है। इस टीम में रमेश सिंह प्राचार्य जमगंवा को अध्यक्ष बनाया गया है जबकि अरुण कुमार राय प्राचार्य निम्हा, केएम मैथ्यू प्राचार्य पुहपुटरा और भृगुनाथ प्रसाद प्राचार्य लटोरी को सदस्य के रूप में नियुक्त किया गया है। इस उच्च स्तरीय जांच दल को तीन दिनों के भीतर सभी तथ्यों की बारीकी से जांच कर अपनी रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं। जांच शुरू होने से और पीड़ित शिक्षकों को उम्मीद है कि इस बार जांच निष्पक्ष होगी और दोषी अधिकारी के खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्रवाई1
- Post by Dwarika prasad Yadaw1
- किशोरी बालिकाओं को सर्वाइकल कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से बचाने के लिए जिले में ह्यूमन पैपिलोमावायरस (HPV) वैक्सीनेशन अभियान चलाया जा रहा है। कलेक्टर ने अभिभावकों और आमजन से अपील की है कि वे भ्रामक खबरों और अफवाहों पर ध्यान न दें तथा अपनी बेटियों को समय पर वैक्सीन अवश्य लगवाएं। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार HPV संक्रमण सर्वाइकल कैंसर का मुख्य कारण है, जिससे बचाव के लिए यह वैक्सीन बेहद प्रभावी और सुरक्षित मानी जाती है। सरकार द्वारा 14 वर्ष तक की किशोरी बालिकाओं को यह टीका निःशुल्क लगाया जा रहा है। कलेक्टर ने कहा कि कुछ स्थानों पर सोशल मीडिया के माध्यम से गलत जानकारी फैल रही है, जिससे लोगों में भ्रम की स्थिति बन रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह वैक्सीन पूरी तरह सुरक्षित है और देशभर में स्वास्थ्य विशेषज्ञों द्वारा इसकी अनुशंसा की गई है। अभियान के तहत स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में टीकाकरण किया जा रहा है। स्वास्थ्य अमला घर-घर जाकर भी जागरूकता फैला रहा है, ताकि अधिक से अधिक बालिकाएं इस सुविधा का लाभ उठा सकें। जिला प्रशासन ने अभिभावकों से सहयोग की अपील करते हुए कहा है कि वे अपनी बेटियों के बेहतर स्वास्थ्य और सुरक्षित भविष्य के लिए इस पहल में सक्रिय भागीदारी निभाएं।1
- PM नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में गूंजा नारा – महिलाओं को 33% आरक्षण कब?1
- अंबिकापुर कल्याण ज्वेलर्स की ‘मासिक धनलक्ष्मी योजना’ के नाम पर शोरूम के कर्मचारी ने ही की लाखों की ठगी, रायपुर से गिरफ्तार सरगुजा जिले में ठगी और धोखाधड़ी के मामले थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। ताजा मामला प्रतिष्ठित ज्वेलरी संस्थान ‘कल्याण ज्वेलर्स’ की निवेश योजना से जुड़ा है, जहाँ एक कर्मचारी ने ही संस्थान के नाम का सहारा लेकर एक ग्राहक के साथ लाखों रुपये की ठगी को अंजाम दिया। इस मामले में डीआईजी एवं एसएसपी सरगुजा के कड़े रुख के बाद गांधीनगर पुलिस ने मुख्य आरोपी को राजधानी रायपुर से गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की है। पुलिस द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक प्रार्थी अविनाश कुमार कल्याणपुर, वर्तमान निवासी मिशन चौक ने थाना गांधीनगर में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। प्रार्थी के अनुसार, वह जुलाई 2025 में बनारस रोड स्थित कल्याण ज्वेलर्स के शोरूम में स्वर्ण स्कीम की जानकारी लेने गया था। वहाँ कार्यरत कर्मचारी राजेश कुमार तिवारी और उसके अन्य साथियों ने उसे ‘कल्याण धनलक्ष्मी स्कीम’ के बारे में विस्तार से बताया। आरोपियों ने प्रार्थी को झांसा दिया कि यदि वह प्रतिमाह नगद राशि जमा करता है, तो जमा की गई राशि के दिन के सोने के भाव के अनुसार उसके नाम पर सोना सुरक्षित रहेगा। प्रार्थी ने उनकी बातों पर विश्वास कर 5000 रुपये मासिक निवेश का खाता खुलवा लिया। आरोपी राजेश तिवारी लगातार प्रार्थी के संपर्क में रहा और उसे अतिरिक्त लाभ का लालच देने लगा। ठगी की शुरुआत 21 अक्टूबर 2025 को हुई, जब आरोपी ने प्रार्थी से 30 हजार रुपये एक क्यूआर कोड के माध्यम से जमा करवाए और महज 10 दिनों में उसे 40 हजार रुपये वापस दिलाकर उसका भरोसा जीत लिया। इसी भरोसे की आड़ में आरोपी ने 11 नवंबर 2025 से 22 दिसंबर 2025 के बीच अलग-अलग किश्तों में कुल 7,59,000 रुपये निवेश के नाम पर जमा करवा लिए। शातिर आरोपी ने यह राशि शोरूम के आधिकारिक खाते के बजाय अपने निजी साथियों के बैंक खातों और क्यूआर कोड पर मंगवाई थी। जब प्रार्थी ने अपना पैसा वापस माँगा, तो उसे केवल 1,87,000 रुपये ही लौटाए गए। बाकी के 5,72,000 रुपये हड़प लिए गए। शोरूम जाने पर वहाँ के प्रबंधन ने भी राजेश तिवारी की अनुपस्थिति का हवाला देकर मामले से पल्ला झाड़ लिया। मामले की गंभीरता को देखते हुए डीआईजी एवं एसएसपी राजेश कुमार अग्रवाल ने गांधीनगर पुलिस को आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी के निर्देश दिए। थाना प्रभारी निरीक्षक प्रवीण कुमार द्विवेदी के नेतृत्व में टीम गठित की गई। पुलिस ने बैंक ट्रांजैक्शन और व्हाट्सएप चैट के तकनीकी साक्ष्यों को खंगाला, जिससे आरोपी के खिलाफ पुख्ता सबूत मिले। पुलिस टीम ने घेराबंदी कर आरोपी राजेश कुमार तिवारी (पिता लक्षमन तिवारी, उम्र 28 वर्ष, निवासी तेन्दुपारा, राधापुर, थाना सीतापुर) को रायपुर से हिरासत में लिया। पूछताछ के दौरान आरोपी ने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया है। उसके पास से वारदात में इस्तेमाल किया गया ‘वन प्लस’ कंपनी का मोबाइल और सिम कार्ड जब्त किया गया है। अन्य आरोपियों की तलाश जारी: पुलिस ने बताया कि इस ठगी के खेल में कुछ अन्य लोग भी शामिल हैं जो फिलहाल फरार हैं। पुलिस की टीमें उनकी तलाश में संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं। गिरफ्तार आरोपी को माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया गया है। इस कार्यवाही में थाना प्रभारी गांधीनगर निरीक्षक प्रवीण कुमार द्विवेदी के साथ आरक्षक अरविंद उपाध्याय, ऋषभ सिंह, घनश्याम देवांगन और मोतीलाल केरकेट्टा की विशेष भूमिका रही।1