पूर्व मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य द्वारा भगवान राम पर दिया गया एक विवादित बयान अब उनके लिए बड़ी मुश्किल बन गया है। मौर्य ने अयोध्या राम मंदिर में हुई कथित चोरी का हवाला देते हुए सवाल उठाया था कि, "जो भगवान राम अपने मंदिर की रक्षा नहीं कर सके, वो आपकी रक्षा क्या करेंगे?" इस बयान ने पूरे देश के हिंदू समाज और साधु-संतों में गहरे गुस्से की आग भड़का दी है। इसी बीच, उत्तर प्रदेश के हाथरस जिले के सिकंदरा राऊ कोतवाली क्षेत्र से एक चौंकाने वाला पलटवार सामने आया है, जिसने इंटरनेट पर सनसनी मचा दी है। पुरदिल नगर के रहने वाले सौरभ उपाध्याय, जो हाथरस कोर्ट में एडवोकेट हैं और 'उपाध्याय बिल्डिंग मैटेरियल' नाम से अपनी फर्म चलाते हैं, मौर्य के इस बयान से बुरी तरह आहत हुए हैं। भगवान राम के अपमान से भड़के इस एडवोकेट ने अपनी फर्म से एक कड़ा इंटरव्यू जारी कर आर-पार का ऐलान किया है। उन्होंने घोषणा की है कि जो कोई भी स्वामी प्रसाद मौर्य के मुंह पर पेशाब करेगा, उसे वह अपनी तरफ से 10 लाख रुपये का नगद इनाम देंगे। इस अनोखे ऐलान ने सोशल मीडिया पर भारी हड़कंप मचा दिया है।
पूर्व मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य द्वारा भगवान राम पर दिया गया एक विवादित बयान अब उनके लिए बड़ी मुश्किल बन गया है। मौर्य ने अयोध्या राम मंदिर में हुई कथित चोरी का हवाला देते हुए सवाल उठाया था कि, "जो भगवान राम अपने मंदिर की रक्षा नहीं कर सके, वो आपकी रक्षा क्या करेंगे?" इस बयान ने पूरे देश के हिंदू समाज और साधु-संतों में गहरे गुस्से की आग भड़का दी है। इसी बीच, उत्तर प्रदेश के हाथरस जिले के सिकंदरा राऊ कोतवाली क्षेत्र से एक चौंकाने वाला पलटवार सामने आया है, जिसने इंटरनेट पर सनसनी मचा दी है। पुरदिल नगर के रहने वाले सौरभ उपाध्याय, जो हाथरस कोर्ट में एडवोकेट हैं और 'उपाध्याय बिल्डिंग मैटेरियल' नाम से अपनी फर्म चलाते हैं, मौर्य के इस बयान से बुरी तरह आहत हुए हैं। भगवान राम के अपमान से भड़के इस एडवोकेट ने अपनी फर्म से एक कड़ा इंटरव्यू जारी कर आर-पार का ऐलान किया है। उन्होंने घोषणा की है कि जो कोई भी स्वामी प्रसाद मौर्य के मुंह पर पेशाब करेगा, उसे वह अपनी तरफ से 10 लाख रुपये का नगद इनाम देंगे। इस अनोखे ऐलान ने सोशल मीडिया पर भारी हड़कंप मचा दिया है।
- GK Aryaनौतनवा, महाराजगंज, उत्तर प्रदेशमंदिर में चोरी और ऊपर से सीनाजोरी 2027 मे बीजेपी सरकार नहीं रहेगा तो फिर कौन किसके मुँह मे पेशाब करेगा ये भी जरूरी है भाई साहब। कम से कम पढ़े लिखे होकर चूतिया जैसी बात नहीं करनी चाहिए थी।10 hrs ago
- एटा जिले के जलेसर तहसील क्षेत्र के गांव पिलखतरा में श्री 1008 मोनी बाबा की 62 दिनों से चल रही अग्नि तपस्या बृहस्पतिवार को सफलतापूर्वक पूर्ण हो गई। इस तपस्या के पूर्ण होने के उपलक्ष्य में शुक्रवार को एक विशाल देशी घी के भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें क्षेत्र और दूर-दराज से पहुंचे हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण कर बाबा का आशीर्वाद प्राप्त किया। इस दौरान पूरे दिन धार्मिक आस्था और भक्ति का माहौल बना रहा। भंडारे में विभिन्न राजनीतिक, सामाजिक और किसान संगठनों के पदाधिकारियों ने भी सहभागिता की, मोनी बाबा का आशीर्वाद लिया और श्रद्धालुओं के साथ प्रसाद ग्रहण किया। इस अवसर पर जिला पंचायत सदस्य मुकेश यादव, जिला पंचायत सदस्य गजेंद्र धनगर, आराम सिंह यादव, सत्य प्रकाश सिंह, आकाश यादव, शनी यादव, पवन ठाकुर, क्षेत्र पंचायत सदस्य वीरेश ठाकुर, ग्राम प्रधान सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन भरत कुमार शर्मा ने किया। आयोजन समिति के सदस्यों ने श्रद्धालुओं के लिए प्रसाद वितरण, पेयजल एवं अन्य सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुचारु रूप से सुनिश्चित कीं। बड़ी संख्या में पहुंचे श्रद्धालुओं ने अत्यंत अनुशासित ढंग से भंडारे में प्रसाद ग्रहण किया। श्रद्धालुओं ने बताया कि मोनी बाबा की 62 दिनों की यह कठिन अग्नि तपस्या जनकल्याण, सुख-समृद्धि और विश्व शांति की भावना को समर्पित थी। तपस्या पूर्ण होने पर आयोजित इस भंडारे में पूरे क्षेत्र की आस्था और श्रद्धा का एक अनूठा संगम देखने को मिला, और यह पूरा कार्यक्रम शांतिपूर्ण तथा धार्मिक वातावरण में संपन्न हुआ।1
- बिजली आपूर्ति को लेकर किए जा रहे 20 घंटे के दावों के विपरीत, एक स्थानीय निवासी ने अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए कहा है कि उन्हें केवल 4.5 मिनट ही बिजली मिल पाती है। उनका कहना है कि इस भीषण गर्मी में बच्चे बेहाल हो रहे हैं और कम से कम दोपहर के समय तो बिजली मिलनी चाहिए। नगला सरदार थाना दादों क्षेत्र से मिली जानकारी के अनुसार, किसी शादी या अन्य समारोह के दौरान भी बिजली काट दी जाती है, जिसके कारण डीजे बंद हो जाते हैं और गरीब लोग भारी परेशानी का सामना करते हैं। इस गंभीर समस्या के समाधान के लिए तत्काल हस्तक्षेप की अपील की गई है।1
- डबल इंजन सरकार ने पारदर्शी, उत्तरदायी और संवेदनशील शासन के माध्यम से जन-आकांक्षाओं की पूर्ति के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है। इसी क्रम में, मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी महाराज ने आज @GorakhnathMndr परिसर में आयोजित 'जनता दर्शन' कार्यक्रम में विभिन्न जनपदों से आए लोगों की समस्याएं सुनीं। मुख्यमंत्री ने इन समस्याओं के शीघ्र निवारण हेतु संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए।1
- दिल्ली में पिछले चुनाव के दौरान, भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने यह नारा दिया था कि 'जो राम को लाए हैं, उन्हें सत्ता में लाइए'।1
- जौनपुर के केराकत क्षेत्र में एक अंग्रेजी शराब ठेके पर ग्राहकों से एमआरपी (अधिकतम खुदरा मूल्य) से अधिक कीमत वसूलने का मामला सामने आया है। आरोप है कि मुफ़्तीगंज चौकी क्षेत्र के उदीयासन स्थित इस ठेके पर शराब की प्रति बोतल पर ₹10 से ₹20 तक अतिरिक्त कीमत वसूली जा रही थी। बताया गया है कि जब एक ग्राहक ने इस अधिक वसूली का विरोध किया, तो ठेके पर मौजूद सेल्समैन ने उसके साथ अभद्रता की, मारपीट की और उसे धमकी भी दी। इस घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसके बाद मामला गरमा गया है। पीड़ित ग्राहक ने केराकत थाने में शिकायत दर्ज कराते हुए निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्यवाही की मांग की है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि क्षेत्र में लंबे समय से शराब की अधिक कीमत वसूली की शिकायतें मिलती रही हैं, और उनका मानना है कि यदि समय पर प्रभावी कार्यवाही की गई होती, तो ऐसी घटना सामने नहीं आती। पुलिस ने शिकायत प्राप्त कर मामले की जांच शुरू कर दी है, और वायरल वीडियो की भी पड़ताल की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद ही इस पूरे प्रकरण की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।1
- सासनी में मोहर्रम की दसवीं तारीख के अवसर पर शुक्रवार को ताजिया जुलूस पूरे भक्तिभाव और शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ। नगला भूरा से शुरू हुआ मुख्य जुलूस विभिन्न मार्गों से होता हुआ बस स्टैंड पहुंचा, जिसके बाद इसे कर्बला ले जाकर सुपुर्द-ए-खाक किया गया। इसके अतिरिक्त, कस्बे के कस्सावान मोहल्ले से भी एक अन्य ताजिया जुलूस बस स्टैंड तक निकाला गया। इस दौरान अकीदतमंदों ने नम आँखों से मातम मनाया और धार्मिक परंपराओं का पालन करते हुए अपनी श्रद्धा अर्पित की। स्थानीय प्रशासन ने मोहर्रम के मद्देनजर कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पूरी तरह सतर्कता बरती। कस्बे के महत्वपूर्ण तिराहों और चौराहों पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया, वहीं अतिरिक्त पुलिसकर्मियों को भी सुरक्षा की कड़ी निगरानी के लिए ड्यूटी पर लगाया गया था। प्रशासन ने अराजक तत्वों पर पैनी नजर रखते हुए स्पष्ट चेतावनी जारी की थी कि किसी भी प्रकार की अव्यवस्था को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जुलूस के दौरान तलवार प्रदर्शन और तेज आवाज में डीजे बजाने पर पूर्ण प्रतिबंध प्रभावी रहा। इस शांतिपूर्ण आयोजन के लिए प्रशासनिक स्तर पर व्यापक तैयारियां की गई थीं, जिसमें रूट डायवर्जन की व्यवस्था भी शामिल थी। एसडीएम नीरज शर्मा और प्रभारी निरीक्षक विपिन चौधरी ने सुबह से ही स्वयं क्षेत्र का लगातार भ्रमण किया और चप्पे-चप्पे पर कानून-व्यवस्था का जायजा लिया। प्रशासनिक अधिकारियों की इस मुस्तैदी और कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के कारण ताजिया जुलूस बिना किसी बाधा के शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सका।3
- अलीगढ़ में मोहर्रम के अवसर पर शाहजमाल कर्बला में एक अनोखी पहल की गई, जहाँ पहली बार रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में कुल 200 लोगों ने रक्तदान किया।1
- यौम-ए-आशूरा, यानी मुहर्रम की दसवीं तारीख के अवसर पर, सासनी कस्बा में हजरत इमाम हुसैन और कर्बला के 72 शहीदों की याद में मुख्य मातमी जुलूस अकीदत, एहतराम और बेहद गमगीन माहौल के बीच निकाला गया। इस दौरान पूरा सासनी कस्बा इमाम हुसैन की शहादत के गम में डूबा हुआ नजर आया और चारों तरफ ‘या हुसैन, या हुसैन’ की गूंज सुनाई देती रही। अकीदतमंदों ने नम आँखों से कर्बला के शहीदों को अपना पुरसा पेश किया। जुमे के दिन मुहल्ला कस्साबान के नूरी मस्जिद के पास स्थित इमाम चौक पर ताजिये रखे गए, जहाँ पूरी रात मर्सिए पढ़े गए। मुहर्रम की दसवीं तारीख को शहर और अलग-अलग स्थानों से ताजिया जुलूस करीब चार बजे निकला। यह परंपरागत जुलूस मोहल्ला कस्साबान से शुरू होकर मोहल्ला विष्णुपंुरी, आगरा अलीगढ़ राजमार्ग, प्रकाश एकाडमी, जामा मस्जिद, बच्चा पार्क, सेंट्रल बैंक, शहीद पार्क और बस स्टैंड होते हुए कर्बला पहुँचा, जहाँ ताजियों को सुपुर्द-ए-खाक किया गया। बस स्टैंड पर नगला भूरा के लोगों ने मातम मनाते हुए लाठी-डंडे और तलवारबाजी का हैरतअंगेज प्रदर्शन किया। जगह-जगह युवाओं की टोलियों ने मातमी धुनों पर सीना पीटकर और नौहाख्वानी पढ़कर कर्बला के दर्दनाक मंजर को याद किया। अजादार अपने हाथों में विशेष अलम थामे हुए थे, जिन्हें कर्बला में हक की लड़ाई का प्रतीक माना जाता है। गांव भूरा नगला, बिजलीघर और अन्य कई गाँवों से उठे ताजिये भी बस स्टैंड पहुँचे और वहाँ से कस्बा के ताजियों में शामिल होकर कर्बला पहुँचे। कस्बा के निकट बिजहारी में स्थित हजरत अलाउद्दीन हसन बिलाली के सज्जादा गद्दीनशीन डॉ. इरशाद हसन शाह बिलाली ने बताया कि मुहर्रम इस्लामी कैलेंडर का पहला महीना है। यूँ तो मुहर्रम के महीने को पैगम्बर मुहम्मद के नवासे हजरत इमाम हुसैन की शहादत की वजह से याद किया जाता है, लेकिन इस महीने की इमाम हुसैन की शहादत से पहले से भी इस्लाम धर्म में खास अहमियत है। उन्होंने यह भी बताया कि मुहर्रम उन चार महीनों में से एक है, जिन्हें अल्लाह तबारक व-तआला ने हुरमत यानी इज्जत वाला महीना बताया है। कर्बला पहुँचकर गमगीन माहौल और नम आँखों के बीच सभी ताजियों को सुपुर्द-ए-खाक किया गया। इस दौरान सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए एसडीएम नीरज शर्मा, प्रशासनिक अफसरों के साथ सासनी कोतवाली प्रभारी निरीक्षक श्रीमती विपिन चौधरी के नेतृत्व में भारी पुलिस बल और पीएसी के जवान जुलूस के निर्धारित रूट पर तैनात रहे।4