भाषा की मर्यादा पर सियासी संग्राम: बांदा में पुतला दहन से फूटा आक्रोश बांदा की सड़कों पर उभरा यह विरोध केवल एक राजनीतिक प्रतिक्रिया नहीं, बल्कि संवाद की मर्यादा और सार्वजनिक भाषा की शालीनता पर उठे गंभीर प्रश्न का प्रतीक है। जब राजनीति में शब्दों की गरिमा क्षीण होती है, तो उसका प्रतिकार भी उतना ही प्रखर रूप लेता है। इसी क्रम में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने असम के मुख्यमंत्री Himanta Biswa Sarma के विवादित बयान के विरोध में अशोक लाट तिराहे पर उनका पुतला दहन किया। जिलाध्यक्ष Rajesh Dixit के नेतृत्व में हुए इस प्रदर्शन में आक्रोश केवल किसी व्यक्ति विशेष के विरुद्ध नहीं था, बल्कि उस प्रवृत्ति के खिलाफ था जो राजनीतिक विमर्श को कटुता और व्यक्तिगत आक्षेपों तक सीमित कर देती है प्रदर्शनकारियों ने इसे लोकतांत्रिक मूल्यों के विरुद्ध बताते हुए कड़ी आपत्ति दर्ज कराई।यह विरोध Ajay Rai के आह्वान पर आयोजित किया गया, जिसमें कार्यकर्ताओं ने यह स्पष्ट किया कि सार्वजनिक जीवन में आसीन नेताओं से संयमित और उत्तरदायी भाषा की अपेक्षा की जाती है खासकर तब, जब टिप्पणी देश के प्रमुख विपक्षी चेहरों—Mallikarjun Kharge और Rahul Gandhi—को लेकर हो, तो उसकी गंभीरता और बढ़ जाती है। यह घटना केवल एक विरोध प्रदर्शन नहीं, बल्कि उस व्यापक चिंता का प्रतिबिंब है कि कहीं राजनीति संवाद की संस्कृति को खोकर केवल आरोप-प्रत्यारोप की कठोर धारा में न बदल जाए।
भाषा की मर्यादा पर सियासी संग्राम: बांदा में पुतला दहन से फूटा आक्रोश बांदा की सड़कों पर उभरा यह विरोध केवल एक राजनीतिक प्रतिक्रिया नहीं, बल्कि संवाद की मर्यादा और सार्वजनिक भाषा की शालीनता पर उठे गंभीर प्रश्न का प्रतीक है। जब राजनीति में शब्दों की गरिमा क्षीण होती है, तो उसका प्रतिकार भी उतना ही प्रखर रूप लेता है। इसी क्रम में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने असम के मुख्यमंत्री Himanta Biswa Sarma के विवादित बयान के विरोध में अशोक लाट तिराहे पर उनका पुतला दहन किया। जिलाध्यक्ष Rajesh Dixit के नेतृत्व में हुए इस प्रदर्शन में आक्रोश केवल किसी व्यक्ति विशेष के विरुद्ध नहीं था, बल्कि उस प्रवृत्ति के खिलाफ था जो राजनीतिक विमर्श को कटुता और व्यक्तिगत आक्षेपों तक सीमित कर देती है प्रदर्शनकारियों ने इसे लोकतांत्रिक मूल्यों के विरुद्ध बताते हुए कड़ी आपत्ति दर्ज कराई।यह विरोध Ajay Rai के आह्वान पर आयोजित किया गया, जिसमें कार्यकर्ताओं ने यह स्पष्ट किया कि सार्वजनिक जीवन में आसीन नेताओं से संयमित और उत्तरदायी भाषा की अपेक्षा की जाती है खासकर तब, जब टिप्पणी देश के प्रमुख विपक्षी चेहरों—Mallikarjun Kharge और Rahul Gandhi—को लेकर हो, तो उसकी गंभीरता और बढ़ जाती है। यह घटना केवल एक विरोध प्रदर्शन नहीं, बल्कि उस व्यापक चिंता का प्रतिबिंब है कि कहीं राजनीति संवाद की संस्कृति को खोकर केवल आरोप-प्रत्यारोप की कठोर धारा में न बदल जाए।
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- हमीरपुर। सुमेरपुर कस्बे के वार्ड संख्या 16 विवेकानंद नगर में देवगांव मार्ग किनारे नगर पंचायत द्वारा बनाया गया जल निकासी का नाला एक दबंग के अतिक्रमण के सामने आकर ठहर गया है। अगर यह अतिक्रमण नहीं हटाया गया तो पानी निकासी के लिए नगर पंचायत द्वारा खर्च किए गए 80 लाख पानी में डूब जाएंगे। स्थानीय लोगों ने इसकी शिकायत जिलाधिकारी से करके समस्या के समाधान की मांग की है। शिकायत के निस्तारण के प्रकरण को नगर पंचायत ने पीडब्ल्यूडी का मामला बताकर पल्ला झाड़ लिया है। अब देखना यह है कि पीडब्ल्यूडी इस प्रकरण में क्या कदम उठाता है। कस्बे के वार्ड संख्या 16 में बस्ती के जल निकासी के ठोस प्रबंधन के लिए नगर पंचायत ने 80 लाख की भारी भरकम राशि व्यय करके 800 मीटर लम्बा नाला बनवाया था। इसका 770 मीटर कार्य पूर्ण हो गया है। देवगांव मार्ग किनारे बनाए गए इस नाले को राधे-राधे पैलेस के समीप आकर रोक दिया गया है क्योंकि राधे-राधे पैलेश की बाउंड्री वाल को पीडब्ल्यूडी की जमीन को कब्जा करके बनाया गया है। नगर पंचायत इस बाउंड्री वाल पर हाथ नहीं लगाना चाहती है। इसकी शिकायत वार्ड के निवासी रामजीवन शुक्ला, रमेश चंद्र आदि ने जिलाधिकारी से की है। जिलाधिकारी ने जांच के आदेश दिए थे नगर पंचायत ने जांच रिपोर्ट में स्पष्ट किया कि मामला पीडब्ल्यूडी की जमीन का है। लिहाजा कार्यवाही भी पीडब्ल्यूडी ही कर सकता है। इस तरह से बड़ी खूबसूरती के साथ नगर पंचायत ने शिकायत की गेंद को पीडब्ल्यूडी की ओर डाल दिया। पीडब्ल्यूडी के सहायक अभियंता मुनेंद्र प्रताप यादव ने बताया कि कब्जा धारक को नोटिस भेजा गया है। नोटिस का अभी तक जवाब नहीं मिला है। जवाब मिलने के बाद अतिक्रमण हटाने की कार्यवाही की जाएगी। जमीन पीडब्ल्यूडी की है यह नापजोख में स्पष्ट हो गया है। अगर अतिक्रमण कर्ता अतिक्रमण को नोटिस की समयावधि के तहत नहीं हटाता है तो प्रशासन के सहयोग से इसको हटाकर नाले के निर्माण का मार्ग प्रशस्त कर दिया जाएगा।1
- हमीरपुर - संदिग्ध परिस्थितियों में अधेड़ का मिला शव, बेतवा पुल के नीचे पड़ा मिला अधेड़ का शव, देर रात पुल से नीचे कूदने की आशंका, सूचना पर स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची, शव को कब्जे में लेकर पुलिस अधेड़ की शिनाख्त के प्रयास में जुटी, सदर कोतवाली क्षेत्र के बेतवा पुल की कोठी नं 1 के पास की घटना।4
- चोरी की वारदात का सीसीटीवी फुटेज आया सामने #महोबा शहर में दिनदहाड़े चोरी की वारदात से हड़कंप मच गया। शहर कोतवाली क्षेत्र के पठा तिराहे के पास स्थित विश्वकर्मा मेडिकल स्टोर से चोर ने मौका पाकर 27 हजार रुपये पार कर दिए। बताया गया कि मेडिकल स्टोर संचालक थोड़ी देर के लिए लघुशंका हेतु बाहर गए थे। इसी दौरान दुकान पर निगरानी न होने का फायदा उठाते हुए चोर ने गुल्लक में रखी नकदी पर हाथ साफ कर दिया और मौके से फरार हो गया। घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के व्यापारियों में रोष फैल गया। पीड़ित ने तुरंत पुलिस को सूचना दी, जिस पर शहर कोतवाली पुलिस हरकत में आई। जांच के दौरान संदेह के आधार पर एक युवक को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। पुलिस का कहना है कि मामले की गहन जांच की जा रही है और जल्द ही पूरी घटना का खुलासा किया जाएगा। वहीं, दिनदहाड़े हुई इस चोरी ने इलाके की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। #ikvnews #mahobainsight #नितेन्द्रझां Mahoba Insight IndiaKhoz Vichar1
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- हमीरपुर। सुमेरपुर कस्बे के मध्य से गुजरे नेशनल हाईवे 34 की पटरी में हुए अतिक्रमण तथा आए दिन लगने वाले जाम को मुख्यमंत्री ने संज्ञान लेकर अधिकारियों को कार्यवाही के कड़े निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री के आदेश का पालन सुनिश्चित कराने के लिए थानाध्यक्ष ने शुक्रवार को स्वत: मोर्चा संभाला और थाना चौराहा से लेकर बस स्टॉप तक की दुकानदारो को सख्त हिदायत देकर अतिक्रमण हटाने के लिए कहा लेकिन कमाल की बात यह रही कि थानाध्यक्ष के सख्त आदेश के चलते दुकानदारों ने उनके सामने तो अतिक्रमण हटा लिया लेकिन जैसे ही मौके से हटे लोगों ने पुनः कब्जा जमा लिया। थानाध्यक्ष योगेश तिवारी ने बताया कि मुख्यमंत्री ने अतिक्रमण के चलते जाम की समस्या गंभीरता से लेकर आला अफसरों को कार्यवाही के सख्त निर्देश दिए हैं। उसी क्रम में अतिक्रमण हटवाने के लिए सड़क पर उतरे। उनका यह अभियान निरंतर 20 दिन तक चलेगा। अगर इसके बाद हाईवे पर अतिक्रमण करने वाले नहीं मानेंगे तो उन्हें अब कानून का पाठ पढ़ाकर सबक सिखाते हुए कार्यवाही की जाएगी। थानाध्यक्ष की इस सख्त हिदायत का फिलहाल अतिक्रमण करने वालों में कोई असर नहीं हुआ है। उन्होंने पुलिस के हटते ही फिर से कील कांटा लगाकर हाईवे की पटरी में अतिक्रमण कर लिया।1
- थाना ललपुरा इलाके में देशी शराब ठेके में दर्जनों महिलाओं ने की जमकर तोड़ थोड़, आक्रोशित दर्जनों ग्रामीण महिलाओं ने शराब ठेके पर की जमकर पत्थर बाजी, महिलाओ की पत्थर बाजी के बाद सेल्स मैन जान बचाकर भगा, महिलाओं ने देशी शराब ठेके के लगभग 23 पेटी शराब बाहर फेंकी और डंडों और पैरो से मार कर बहा दिया, ग्रामीण महिलाओं की मांग गांव के बाहर जाए शराब ठेका , शराब ठेका खुलने के बाद से गांव की महिलाओं को आने - जाने में होती है दिक्कत, आबकारी अधिकारी बोले कि शराब ठेके मालिक द्वारा दी जायेगी तहरीर और कार्यवाही कराई जाएगी, थाना ललपुर के प्रभारी राकेश सरोज बोले कि देशी शराब ठेके में नहीं हुई कोई घटना, मामला थाना ललपुरा इलाके के सहुरापुर गांव का ।3