वाराणसी में साइबर क्राइम थाना, कमिश्नरेट ने ऑनलाइन बेटिंग और सट्टेबाजी के खिलाफ चलाए गए अभियान में एक बड़े गैंग का पर्दाफाश करते हुए दो मुख्य अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई के दौरान उनके कब्जे से 09 मोबाइल फोन और 12 सिम कार्ड बरामद किए गए हैं। यह कार्रवाई दिनांक 24.06.2026 को प्रतिबिम्ब पोर्टल पर प्रदर्शित एक संदिग्ध मोबाइल नंबर (8756263270) की जांच से शुरू हुई थी। जांच में मिली एक साइबर शिकायत से पता चला कि इंस्टाग्राम आईडी हैक कर एक व्यक्ति से क्यूआर कोड के माध्यम से धनराशि प्राप्त की गई थी। तकनीकी विश्लेषण और इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस के आधार पर, इस मोबाइल नंबर का संबंध ऑनलाइन बेटिंग गतिविधियों से पाया गया। प्राप्त सूचना और मुखबिर की जानकारी पर, साइबर क्राइम थाना की टीम ने दास नगर कॉलोनी, जगतगंज, वाराणसी स्थित एक किराए के कमरे पर दबिश दी। वहां से कानपुर नगर निवासी दीपक सिंह (उम्र लगभग 22 वर्ष) और नवनीत सिंह (उम्र लगभग 25 वर्ष) को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार अभियुक्तों के पास से कुल 09 एंड्रॉयड मोबाइल फोन, 12 सिम कार्ड और 01 एटीएम कार्ड बरामद किए गए। मोबाइल फोन के परीक्षण से ऑनलाइन बेटिंग/सट्टेबाजी से संबंधित डिजिटल साक्ष्य, विभिन्न बैंक खातों के क्यूआर कोड, भुगतान विवरण, यूजर आईडी, बेटिंग पैनल के डैशबोर्ड और प्रचार-प्रसार के लिए उपयोग किए जाने वाले डिजिटल फ्लायर प्राप्त हुए। पूछताछ में अभियुक्तों ने स्वीकार किया कि वे अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर विभिन्न ऑनलाइन बेटिंग वेबसाइटों का संचालन करते थे। वे सोशल मीडिया और व्हाट्सएप के माध्यम से मैचों एवं अन्य खेल प्रतियोगिताओं से संबंधित आकर्षक डिजिटल फ्लायर और संदेश प्रसारित कर लोगों को अपने जाल में फंसाते थे। इच्छुक व्यक्तियों को बेटिंग आईडी और पासवर्ड उपलब्ध कराकर ऑनलाइन सट्टा खिलाया जाता था। बेटिंग में धनराशि जमा कराने के लिए विभिन्न बैंक खातों और मर्चेंट क्यूआर कोड का उपयोग किया जाता था, जबकि जीत/हार के अनुसार धनराशि के भुगतान (Pay-Out) के लिए अलग-अलग पोर्टलों और बैंक खातों का प्रयोग होता था। अभियुक्त पहचान छिपाने के लिए फर्जी अथवा अन्य व्यक्तियों के नाम पर प्राप्त सिम कार्ड और म्यूल बैंक खातों का उपयोग करते थे। अभियुक्तों ने अपने अन्य साथियों प्रवीन उर्फ अक्षय और दिलावर आदि के भी इस कार्य में संलिप्त होने की जानकारी दी है, जिनकी तलाश की जा रही है। बरामद इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और अन्य साक्ष्यों के आधार पर, गिरफ्तार अभियुक्तों के विरुद्ध मु0अ0सं0 22/2026, धारा 318(4), 319(2), 112(2) बीएनएस एवं 3/4 सार्वजनिक जुआ अधिनियम के अंतर्गत अभियोग पंजीकृत कर विधिक कार्यवाही की जा रही है। इस मामले में अन्य आरोपियों, बैंक खातों और ऑनलाइन बेटिंग नेटवर्क के संबंध में विस्तृत जांच अभी भी जारी है।
वाराणसी में साइबर क्राइम थाना, कमिश्नरेट ने ऑनलाइन बेटिंग और सट्टेबाजी के खिलाफ चलाए गए अभियान में एक बड़े गैंग का पर्दाफाश करते हुए दो मुख्य अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई के दौरान उनके कब्जे से 09 मोबाइल फोन और 12 सिम कार्ड बरामद किए गए हैं। यह कार्रवाई दिनांक 24.06.2026 को प्रतिबिम्ब पोर्टल पर प्रदर्शित एक संदिग्ध मोबाइल नंबर (8756263270) की जांच से शुरू हुई थी। जांच में मिली एक साइबर शिकायत से पता चला कि इंस्टाग्राम आईडी हैक कर एक व्यक्ति से क्यूआर कोड के माध्यम से धनराशि प्राप्त की गई थी। तकनीकी विश्लेषण और इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस के आधार पर, इस मोबाइल नंबर का संबंध ऑनलाइन बेटिंग गतिविधियों से पाया गया। प्राप्त सूचना और मुखबिर की जानकारी पर, साइबर क्राइम थाना की टीम ने दास नगर कॉलोनी, जगतगंज, वाराणसी स्थित एक किराए के कमरे पर दबिश दी। वहां से कानपुर नगर निवासी दीपक सिंह (उम्र लगभग 22 वर्ष) और नवनीत सिंह (उम्र लगभग 25 वर्ष) को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार अभियुक्तों के पास से कुल 09 एंड्रॉयड मोबाइल फोन, 12 सिम कार्ड और 01 एटीएम कार्ड बरामद किए गए। मोबाइल फोन के परीक्षण से ऑनलाइन बेटिंग/सट्टेबाजी से संबंधित डिजिटल साक्ष्य, विभिन्न बैंक खातों के क्यूआर कोड, भुगतान विवरण, यूजर आईडी, बेटिंग पैनल के डैशबोर्ड और प्रचार-प्रसार के लिए उपयोग किए जाने वाले डिजिटल फ्लायर प्राप्त हुए। पूछताछ में अभियुक्तों ने स्वीकार किया कि वे अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर विभिन्न ऑनलाइन बेटिंग वेबसाइटों का संचालन करते थे। वे सोशल मीडिया और व्हाट्सएप के माध्यम से मैचों एवं अन्य खेल प्रतियोगिताओं से संबंधित आकर्षक डिजिटल फ्लायर और संदेश प्रसारित कर लोगों को अपने जाल में फंसाते थे। इच्छुक व्यक्तियों को बेटिंग आईडी और पासवर्ड उपलब्ध कराकर ऑनलाइन सट्टा खिलाया जाता था। बेटिंग में धनराशि जमा कराने के लिए विभिन्न बैंक खातों और मर्चेंट क्यूआर कोड का उपयोग किया जाता था, जबकि जीत/हार के अनुसार धनराशि के भुगतान (Pay-Out) के लिए अलग-अलग पोर्टलों और बैंक खातों का प्रयोग होता था। अभियुक्त पहचान छिपाने के लिए फर्जी अथवा अन्य व्यक्तियों के नाम पर प्राप्त सिम कार्ड और म्यूल बैंक खातों का उपयोग करते थे। अभियुक्तों ने अपने अन्य साथियों प्रवीन उर्फ अक्षय और दिलावर आदि के भी इस कार्य में संलिप्त होने की जानकारी दी है, जिनकी तलाश की जा रही है। बरामद इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और अन्य साक्ष्यों के आधार पर, गिरफ्तार अभियुक्तों के विरुद्ध मु0अ0सं0 22/2026, धारा 318(4), 319(2), 112(2) बीएनएस एवं 3/4 सार्वजनिक जुआ अधिनियम के अंतर्गत अभियोग पंजीकृत कर विधिक कार्यवाही की जा रही है। इस मामले में अन्य आरोपियों, बैंक खातों और ऑनलाइन बेटिंग नेटवर्क के संबंध में विस्तृत जांच अभी भी जारी है।
- वाराणसी में साइबर क्राइम थाना, कमिश्नरेट ने ऑनलाइन बेटिंग और सट्टेबाजी के खिलाफ चलाए गए अभियान में एक बड़े गैंग का पर्दाफाश करते हुए दो मुख्य अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई के दौरान उनके कब्जे से 09 मोबाइल फोन और 12 सिम कार्ड बरामद किए गए हैं। यह कार्रवाई दिनांक 24.06.2026 को प्रतिबिम्ब पोर्टल पर प्रदर्शित एक संदिग्ध मोबाइल नंबर (8756263270) की जांच से शुरू हुई थी। जांच में मिली एक साइबर शिकायत से पता चला कि इंस्टाग्राम आईडी हैक कर एक व्यक्ति से क्यूआर कोड के माध्यम से धनराशि प्राप्त की गई थी। तकनीकी विश्लेषण और इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस के आधार पर, इस मोबाइल नंबर का संबंध ऑनलाइन बेटिंग गतिविधियों से पाया गया। प्राप्त सूचना और मुखबिर की जानकारी पर, साइबर क्राइम थाना की टीम ने दास नगर कॉलोनी, जगतगंज, वाराणसी स्थित एक किराए के कमरे पर दबिश दी। वहां से कानपुर नगर निवासी दीपक सिंह (उम्र लगभग 22 वर्ष) और नवनीत सिंह (उम्र लगभग 25 वर्ष) को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार अभियुक्तों के पास से कुल 09 एंड्रॉयड मोबाइल फोन, 12 सिम कार्ड और 01 एटीएम कार्ड बरामद किए गए। मोबाइल फोन के परीक्षण से ऑनलाइन बेटिंग/सट्टेबाजी से संबंधित डिजिटल साक्ष्य, विभिन्न बैंक खातों के क्यूआर कोड, भुगतान विवरण, यूजर आईडी, बेटिंग पैनल के डैशबोर्ड और प्रचार-प्रसार के लिए उपयोग किए जाने वाले डिजिटल फ्लायर प्राप्त हुए। पूछताछ में अभियुक्तों ने स्वीकार किया कि वे अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर विभिन्न ऑनलाइन बेटिंग वेबसाइटों का संचालन करते थे। वे सोशल मीडिया और व्हाट्सएप के माध्यम से मैचों एवं अन्य खेल प्रतियोगिताओं से संबंधित आकर्षक डिजिटल फ्लायर और संदेश प्रसारित कर लोगों को अपने जाल में फंसाते थे। इच्छुक व्यक्तियों को बेटिंग आईडी और पासवर्ड उपलब्ध कराकर ऑनलाइन सट्टा खिलाया जाता था। बेटिंग में धनराशि जमा कराने के लिए विभिन्न बैंक खातों और मर्चेंट क्यूआर कोड का उपयोग किया जाता था, जबकि जीत/हार के अनुसार धनराशि के भुगतान (Pay-Out) के लिए अलग-अलग पोर्टलों और बैंक खातों का प्रयोग होता था। अभियुक्त पहचान छिपाने के लिए फर्जी अथवा अन्य व्यक्तियों के नाम पर प्राप्त सिम कार्ड और म्यूल बैंक खातों का उपयोग करते थे। अभियुक्तों ने अपने अन्य साथियों प्रवीन उर्फ अक्षय और दिलावर आदि के भी इस कार्य में संलिप्त होने की जानकारी दी है, जिनकी तलाश की जा रही है। बरामद इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और अन्य साक्ष्यों के आधार पर, गिरफ्तार अभियुक्तों के विरुद्ध मु0अ0सं0 22/2026, धारा 318(4), 319(2), 112(2) बीएनएस एवं 3/4 सार्वजनिक जुआ अधिनियम के अंतर्गत अभियोग पंजीकृत कर विधिक कार्यवाही की जा रही है। इस मामले में अन्य आरोपियों, बैंक खातों और ऑनलाइन बेटिंग नेटवर्क के संबंध में विस्तृत जांच अभी भी जारी है।1
- सम्राट चौधरी के क्षेत्र में काम करने वाले डिलीवरी बॉय का दर्द सामने आया है, जहाँ युवा 10 हजार रुपये की मामूली नौकरी के साथ अपने भविष्य को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं और उन्हें किसी भी तरह की सुरक्षा भी नहीं मिल रही है। इन मेहनतकश युवाओं को भीषण गर्मी में पसीना बहाते हुए काम करते देखकर और उनकी इस मजबूरी को जानकर किसी का भी दिल कांप उठेगा।1
- मुंगेर जिले के तारापुर नगर पंचायत के वार्ड संख्या 5 में प्रशासनिक लापरवाही का एक बड़ा मामला सामने आया है। सिंचाई विभाग से अनुमंडल अस्पताल को जोड़ने वाली मुख्य सड़क पर पिछले 24 घंटों से अधिक समय से पेयजल की मुख्य पाइपलाइन फटी हुई है, जिसके कारण लगातार पानी बह रहा है। इस गंभीर समस्या के चलते पूरी सड़क जलमग्न हो गई है, जिससे वहां से गुजरने वाले मरीजों और आम जनता को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय निवासियों के अनुसार, यह पाइपलाइन बुधवार सुबह करीब 7:00 बजे से ही तेज रिसाव कर रही है, और देखते ही देखते साफ पानी सड़क पर फैलकर मार्ग को एक तालाब में बदल चुका है। हैरानी की बात यह है कि घटना के इतने घंटे बीत जाने के बाद भी नगर पंचायत प्रशासन या संबंधित सिंचाई विभाग द्वारा पाइपलाइन की मरम्मत के लिए कोई कदम नहीं उठाया गया है। अधिकारियों की इस अनदेखी के कारण एक तरफ जहां हजारों लीटर कीमती पानी बर्बाद हो रहा है, वहीं दूसरी तरफ आम जनजीवन पूरी तरह से पंगु हो गया है और लोगों को जलजमाव से बेहाल होना पड़ रहा है।1
- मुंगेर में हुए एक फायरिंग कांड का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। इस मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तारी के दौरान इन आरोपियों के पास से एक देसी कट्टा भी बरामद किया गया है।1
- ताजिया जुलूस के दौरान पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। इस कार्रवाई में एक एक्सयूवी (XUV) गाड़ी से 269 लीटर विदेशी शराब बरामद की गई है।1
- खगड़िया जिले के मड़ैया में ताजिया जुलूस के दौरान जमकर बवाल हुआ, जिसमें पुलिस के वाहन पर पथराव भी किया गया। प्रशासन ने इस घटना को डीजे से जुड़ा विवाद बताया है, यह स्पष्ट करते हुए कि इसमें कोई सांप्रदायिक एंगल नहीं है।4
- मुंगेर के बेटवान बाजार स्थित साईं डॉरमेट्री होटल में AC और नॉन-AC डॉरमेट्री तथा कमरे उपलब्ध हैं। यहाँ AC डॉरमेट्री का किराया ₹350, जबकि नॉन-AC डॉरमेट्री का किराया ₹200 निर्धारित है। कमरों की बात करें तो, AC कमरे ₹1000 में और नॉन-AC कमरे ₹600 में उपलब्ध हैं। होटल ग्राहकों को मुफ्त Wi-Fi की सुविधा भी प्रदान करता है।1
- मधेपुरा जिले में मुहर्रम पर्व को शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न कराने के उद्देश्य से सिंहेश्वर पुलिस पूरी तरह अलर्ट मोड में है। इसी क्रम में, पुलिस ने एक फ्लैग मार्च का आयोजन किया है, जिसके माध्यम से असामाजिक तत्वों को एक कड़ा संदेश दिया गया है।1