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बिक्रम के अख्तियारपुर मंझौली में 36वीं बिहार स्टेट शूटिंग चैंपियनशिप का सफल आयोजन संपन्न हो गया है।
BIKKU SINGH
बिक्रम के अख्तियारपुर मंझौली में 36वीं बिहार स्टेट शूटिंग चैंपियनशिप का सफल आयोजन संपन्न हो गया है।
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- बिक्रम के अख्तियारपुर मंझौली में 36वीं बिहार स्टेट शूटिंग चैंपियनशिप का सफल आयोजन संपन्न हो गया है।1
- पटना के मसौढ़ी थाना क्षेत्र के तुलसीचक गांव में एक युवती के साथ सामूहिक दुष्कर्म की सनसनीखेज घटना सामने आई है, जिससे इलाके में दहशत और आक्रोश का माहौल है। पुलिस ने मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए नामजद दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। जानकारी के अनुसार, यह घटना 20 जून की रात करीब 9 बजे हुई, जब पीड़िता अपने घर से पश्चिम दिशा में शौच के लिए जा रही थी। रास्ते में पहले से मौजूद दो युवकों ने उसे पकड़ लिया। आरोप है कि दोनों आरोपियों ने युवती के हाथ-पैर बांध दिए और मुंह बंद कर उसे सुनसान स्थान पर ले गए। पीड़िता के लिखित आवेदन के मुताबिक, आरोपियों ने बारी-बारी से उसके साथ दुष्कर्म किया और विरोध करने पर मारपीट भी की। घटना को अंजाम देने के बाद उन्होंने पीड़िता को जान से मारने की धमकी दी, यदि उसने किसी को जानकारी दी। आरोपी फरार होने के बाद पीड़िता किसी तरह अपने घर पहुंची और परिजनों को पूरी घटना बताई, जिसके बाद परिजनों ने तत्काल पुलिस को सूचना दी। मसौढ़ी थाना पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए पीड़िता के आवेदन के आधार पर मसौढ़ी थाना कांड संख्या-519/26 दर्ज किया। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित गंभीर धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की। कांड दर्ज होने के तुरंत बाद पुलिस ने छापेमारी कर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मनोज मांझी (पिता- लालचंद मांझी) और मिथलेश मांझी उर्फ भीम (पिता- स्वर्गीय सागर मांझी) के रूप में हुई है, जो दोनों तुलसीचक मुसहरी, थाना मसौढ़ी, जिला पटना के निवासी हैं। पुलिस ने दोनों आरोपियों को न्यायालय में प्रस्तुत करने के बाद न्यायिक हिरासत में भेज दिया है, जबकि मामले के अन्य पहलुओं और साक्ष्यों की जांच जारी है। इस घटना के सामने आने के बाद गांव में लोगों में आक्रोश व्याप्त है और ग्रामीण दोषियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। वहीं, पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की निष्पक्ष एवं त्वरित जांच की जा रही है और पीड़िता को हर संभव कानूनी सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।1
- मुहर्रम की सातवीं तारीख को आरा शहर में कर्बला के शहीदों की याद में एक मातमी जुलूस, जिसे "मेहदी का जुलूस" कहा जाता है, निकाला गया। यह जुलूस महादेवा महाजन टोली नंबर 1 स्थित डिप्टी शेर अली के इमामबाड़ा से स्व. अहमद हुसैन की ओर से शुरू हुआ। यह परंपरा लगभग 200 साल पुरानी है, जो विशेष रूप से कर्बला में हज़रत इमाम हुसैन और उनके 72 साथियों की शहादत के साथ-साथ हज़रत क़ासिम (अ.स.) की याद में निकलती है। हज़रत क़ासिम की शहादत इतनी बेदर्दी से हुई थी कि उनकी लाश के टुकड़े-टुकड़े कर दिए गए थे, जिन्हें इमाम हुसैन ने एक चादर में समेटकर खेमे में लाया था, और सबने उनकी शहादत पर विलाप किया था। यह जुलूस महादेवा रोड, धर्मन चौक, गोपाली चौक, शीश महल चौक, सिंडिकेट इमामबाड़ा, बिचली रोड से होते हुए वापस धर्मन चौक और महादेवा रोड स्थित डिप्टी शेर अली के इमामबाड़ा में समाप्त हुआ। जुलूस में कर्बला के शहीदों की याद में नौहा पढ़ा जाता है और मातम किया जाता है। शिया समाज के लोग विशेष रूप से आज हरे वस्त्र पहनकर इस शोकपूर्ण घटना की याद में मातम और नौहा करते हुए शोक मनाते हैं। इस दुखद घटना की याद में सभी समुदाय के लोग भी जुलूस में शामिल होकर अपना भरपूर सहयोग करते हैं।3
- जहानाबाद जिले के काको प्रखंड स्थित पिंजोरा गांव की शिखा कुमारी ने बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) की परीक्षा में सहायक अनुसंधान अधिकारी (एआरओ) के पद पर चयनित होकर पूरे इलाके और जिले का नाम रोशन किया है। सीमित संसाधनों और साधारण पारिवारिक पृष्ठभूमि से आने के बावजूद उनकी यह सफलता क्षेत्र के लिए प्रेरणा बन गई है। शिखा के पिता दयानंद कुमार गांव में निजी शिक्षक हैं, जबकि उनकी माता प्रतिमा कुमारी आंगनबाड़ी सेविका के रूप में कार्यरत हैं। सीमित आय के बावजूद, शिखा के माता-पिता ने उनकी शिक्षा में कोई कमी नहीं आने दी। उनकी मेहनत और परिवार के सहयोग के दम पर ही शिखा ने यह महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। शिखा बचपन से ही एक मेधावी छात्रा रही हैं, जिन्होंने अपनी प्रारंभिक और स्कूली शिक्षा जवाहर नवोदय विद्यालय, जहानाबाद से पूरी की। इसके बाद उन्होंने पटना विश्वविद्यालय के मगध महिला कॉलेज से स्नातक की डिग्री प्राप्त की। पढ़ाई के दौरान उन्हें विशेष रुचि हिंदी साहित्य में भी थी, जिसने उनके व्यक्तित्व और सोच को नई दिशा दी। परिवार में शुरू से ही शिक्षा का माहौल रहा है; उनके भाई विकास कुमार ने भी सिमुलतला आवासीय विद्यालय से पढ़ाई के बाद इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल की और वर्तमान में इंजीनियर के तौर पर कार्यरत हैं। शिखा की इस सफलता की खबर मिलते ही पिंजोरा गांव में खुशी की लहर दौड़ गई, और ग्रामीणों तथा शुभचिंतकों ने उनके घर पहुंचकर बधाई दी। लोगों का कहना है कि शिखा ने न केवल अपने माता-पिता का सम्मान बढ़ाया है, बल्कि ग्रामीण क्षेत्र की अन्य बेटियों के लिए भी एक नई मिसाल कायम की है। शिखा ने अपनी इस उपलब्धि का श्रेय अपने माता-पिता के त्याग, भाई के मार्गदर्शन और अपने गुरुजनों के सहयोग को दिया है। उनकी यह सफलता इस बात का प्रमाण है कि दृढ़ संकल्प और कड़ी मेहनत से कोई भी बाधा बड़ी नहीं होती।1
- बिहार के लखीसराय से नीट परीक्षा को लेकर एक बड़े खुलासे का दावा किया गया है, जहाँ कथित तौर पर कुछ अभ्यर्थियों की जगह दूसरे छात्रों को परीक्षा में बैठाने की एक सुनियोजित साजिश रची गई थी। इस पूरे मामले में एक मेडिकल छात्र की भूमिका उजागर हुई है, जिसने कथित तौर पर 40 लाख रुपये लेकर इस धोखाधड़ी के नेटवर्क को संचालित किया। जानकारी के अनुसार, लखीसराय में आयोजित नीट परीक्षा के दौरान यह योजना बनाई गई थी कि कुछ परीक्षार्थियों के स्थान पर दूसरे व्यक्ति परीक्षा देंगे। जांच एजेंसियों को संदेह है कि इस कार्य के लिए एक बड़ी रकम का लेन-देन किया गया था और एक संगठित गिरोह सक्रिय रूप से इस साजिश में शामिल था। बताया गया है कि मेडिकल की पढ़ाई कर रहा एक छात्र ही इस पूरे नेटवर्क का हिस्सा था और उसने ही कथित तौर पर 40 लाख रुपये लेकर परीक्षार्थियों के बदले दूसरे छात्रों को परीक्षा में बैठाने की योजना बनाई थी।1
- दावा गांव की होनहार बेटी मनीषा पटेल ने BPSC परीक्षा में 90वां रैंक हासिल कर SDM बनकर एक नया इतिहास रच दिया है। उनकी इस शानदार सफलता से पूरे गांव, पंचायत और भोजपुर जिले में खुशी का माहौल छा गया है, जिससे जिले का मान भी बढ़ा है। मनीषा की यह कड़ी मेहनत और लगन आज हजारों युवाओं, खासकर बेटियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गई है, जो सही मायने में 'बेटी का गौरव' हैं।1
- तिरहुत प्रमंडल के एमएलसी ब्रजवासी ने शिक्षक के अधिकारों से जुड़े मुद्दे पर सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने इस मामले को लेकर सरकार की नीतियों और कार्यप्रणाली पर जमकर भड़ास निकाली।1
- बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी पर एक बड़ी बात कही है। यह टिप्पणी राज्य के राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गई है।1