Shuru
Apke Nagar Ki App…
ई-मीडिया बिहार (eMediaBihar) की ओर से अभिषेक कुमार ने बिहार में पलायन और रोजगार के अवसरों की कमी पर गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने सीधे तौर पर सवाल उठाया है कि राज्य से लोगों का पलायन आखिर कब रुकेगा और बिहार के युवाओं को उनके अपने प्रदेश में रोजगार के अवसर कब उपलब्ध होंगे।
Abhishek Kumar eMedia
ई-मीडिया बिहार (eMediaBihar) की ओर से अभिषेक कुमार ने बिहार में पलायन और रोजगार के अवसरों की कमी पर गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने सीधे तौर पर सवाल उठाया है कि राज्य से लोगों का पलायन आखिर कब रुकेगा और बिहार के युवाओं को उनके अपने प्रदेश में रोजगार के अवसर कब उपलब्ध होंगे।
More news from बिहार and nearby areas
- ई-मीडिया बिहार (eMediaBihar) की ओर से अभिषेक कुमार ने बिहार में पलायन और रोजगार के अवसरों की कमी पर गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने सीधे तौर पर सवाल उठाया है कि राज्य से लोगों का पलायन आखिर कब रुकेगा और बिहार के युवाओं को उनके अपने प्रदेश में रोजगार के अवसर कब उपलब्ध होंगे।1
- रोहतास में सोन नदी के बालू का अवैध तरीके से दोहन कर राजस्व को भारी क्षति पहुँचाई जा रही है, जिसे 'रोहतास का सोना' कहा जाता है। बताया गया है कि बालू माफिया एक ही चालान पर कई गाड़ियों को पास करवाते हैं और उनसे कई चक्कर भी लगवा लिए जाते हैं। इस अवैध कारोबार पर नकेल कसते हुए, बिक्रमगंज के एसडीएम प्रभात कुमार ने जाँच के दौरान कई वाहनों और ट्रकों को पकड़ा है जो बालू के इस अवैध धंधे में संलिप्त थे।1
- lk raja1
- बिहार की राजनीति में एक बार फिर गर्माहट आ गई है, जब मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी को सरकारी बंगला खाली करने को लेकर तीखा बयान दिया है। चौधरी ने साफ शब्दों में कहा है कि सरकारी आवास किसी की बपौती नहीं है और सरकारी संपत्ति पर किसी एक व्यक्ति या परिवार का स्थायी अधिकार नहीं हो सकता। उनके इस बयान को सीधे तौर पर राबड़ी देवी की ओर इशारा माना जा रहा है, जो लंबे समय से सरकारी आवास में रह रही हैं। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के इस बयान के बाद पीरो समेत पूरे भोजपुर जिले में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। गुरुवार शाम करीब 4:00 बजे से ही पीरो क्षेत्र में राजनीतिक चर्चाओं का दौर गरमा गया है। विपक्षी दलों के कार्यकर्ता इस कार्रवाई को राजनीतिक बदले की भावना से प्रेरित बता रहे हैं, वहीं सत्तापक्ष के समर्थक इसे नियम और कानून का पालन करार दे रहे हैं। स्थानीय स्तर पर चाय दुकानों से लेकर चौक-चौराहों तक इस मुद्दे पर तीखी बहस छिड़ी हुई है, जहाँ कुछ लोग इसे 'सिस्टम की सफाई' मान रहे हैं तो कुछ इसे 'राजनीतिक प्रतिशोध' बता रहे हैं। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि बिहार में पहले से ही गर्म राजनीतिक माहौल के बीच यह मुद्दा आने वाले दिनों में और तूल पकड़ सकता है, क्योंकि यह बयान केवल एक टिप्पणी नहीं, बल्कि राज्य की राजनीति में एक नई जंग की शुरुआत बनता दिख रहा है।1
- बक्सर जिले के मुकुंदरा गांव में आज नोखपुर और मुकुंदरा के बीच एक मैच खेला गया, जिसमें नोखपुर ने बाजी मारकर जीत हासिल की। नोखपुर टीम की कप्तानी धनजी ठाकुर उर्फ जंगली ठाकुर ने की। टीम के खिलाड़ियों में गणेश, दीपक, रवि, प्रवीण, नीरज, अभिराज, विशाल, श्यामसुंदर और सोनू पाण्डेय शामिल थे।1
- विश्व पर्यावरण दिवस के उपलक्ष्य में, औरंगाबाद जिले के रफीगंज प्रखंड की कजपा पंचायत के जमीलगंज में शुक्रवार अपराह्न 3 बजे जेपीएल द्वारा एक क्रिकेट टूर्नामेंट का आयोजन किया गया। इस आयोजन को लेकर खिलाड़ियों और खेल प्रेमियों में काफी उत्साह देखा गया। कमेटी के अध्यक्ष गौतम कुमार ने बताया कि इस टूर्नामेंट में कुल 16 टीमें हिस्सा ले रही हैं, जिनमें औरंगाबाद जिले के विभिन्न प्रखंडों की टीमें शामिल हैं। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि टूर्नामेंट का फाइनल मुकाबला शनिवार को आयोजित किया जाएगा। शुक्रवार को खेले गए उद्घाटन मैच में पांडेपुर औरंगाबाद और केशोपुर रफीगंज की टीमें आमने-सामने थीं, जिसमें पांडेपुर की टीम ने रोमांचक मुकाबले में चार रन से जीत दर्ज की। कार्यक्रम का उद्घाटन कजपा पंचायत के मुखिया प्रतिनिधि श्रीकांत यादव, लालू कुमार, छोटू कुमार और रमेश कुमार ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। इस अवसर पर खेल के माध्यम से युवाओं को आगे बढ़ने और आपसी भाईचारा बनाए रखने का संदेश दिया गया। इस आयोजन के दौरान कमेटी के उपाध्यक्ष रिशु कुमार, तेजू कुमार, गौतम कुमार, अजीत कुमार सहित कई गणमान्य लोग और ग्रामीण भी उपस्थित रहे।1
- सालों से चले आ रहे टेंडर प्रबंधन और 40% कमीशन दिए जाने की वजह से पुलों का गिरना एक निश्चित परिणाम बताया गया है। इस गंभीर स्थिति पर सवाल उठाया गया है कि आखिर यह सिलसिला कब बंद होगा।1
- ईमीडिया के अभिषेक कुमार ने बिहार में रोजगार और लोगों के पलायन को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने सीधे तौर पर पूछा है कि आखिर बिहार से लोगों का पलायन कब थमेगा और राज्य के युवाओं को रोजगार कब मिल पाएगा।1