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नरसिंहपुर गोटेगांव रेलवे पुल के पास सड़क हादसा, राहगीर की मौत। गोटेगांव बगासपुर रेलवे पुल के पास लगभग एक घण्टे पहले एक दर्दनाक सड़क हादसा सामने आया है। जानकारी के अनुसार, एक वाहन ने पैदल चल रहे राहगीर को जोरदार टक्कर मार दी। हादसा उस समय हुआ जब राहगीर सड़क पार कर रहा था। टक्कर इतनी भीषण थी कि राहगीर की मौके पर ही मौत होने की खबर सामने आ रही है। घटना के बाद क्षेत्र में हड़कंप मच गया और मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी है। फिलहाल हादसे के कारणों की जांच की जा रही है। मृतक की पहचान विनीत विश्वकर्मा पिता शारदा प्रसाद विश्वकर्मा पटेल वार्ड गोटेगांव के रूप में हुई। *दृश्य आपको विचलित कर सकते हैं*

5 hrs ago
user_कृष्णकांत प्रदीप शर्मा करेली
कृष्णकांत प्रदीप शर्मा करेली
Electrician करेली, नरसिंहपुर, मध्य प्रदेश•
5 hrs ago

नरसिंहपुर गोटेगांव रेलवे पुल के पास सड़क हादसा, राहगीर की मौत। गोटेगांव बगासपुर रेलवे पुल के पास लगभग एक घण्टे पहले एक दर्दनाक सड़क हादसा सामने आया है। जानकारी के अनुसार, एक वाहन ने पैदल चल रहे राहगीर को जोरदार टक्कर मार दी। हादसा उस समय हुआ जब राहगीर सड़क पार कर रहा था। टक्कर इतनी भीषण थी कि राहगीर की मौके पर ही मौत होने की खबर सामने आ रही है। घटना के बाद क्षेत्र में हड़कंप मच गया और मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी है। फिलहाल हादसे के कारणों की जांच की जा रही है। मृतक की पहचान विनीत विश्वकर्मा पिता शारदा प्रसाद विश्वकर्मा पटेल वार्ड गोटेगांव के रूप में हुई। *दृश्य आपको विचलित कर सकते हैं*

More news from मध्य प्रदेश and nearby areas
  • Post by कृष्णकांत प्रदीप शर्मा करेली
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    Post by कृष्णकांत प्रदीप शर्मा करेली
    user_कृष्णकांत प्रदीप शर्मा करेली
    कृष्णकांत प्रदीप शर्मा करेली
    Electrician करेली, नरसिंहपुर, मध्य प्रदेश•
    22 min ago
  • ​डोंगरगांव: डोंगरगांव थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम मेहरा खेड़ा में आज अचानक भीषण आग लग गई। आग की लपटें इतनी तेज थीं कि देखते ही देखते आसपास के क्षेत्र में हड़कंप मच गया। ​डायल 112 और दमकल विभाग की त्वरित कार्रवाई ​घटना की सूचना मिलते ही गाडरवारा से डायल 112 की टीम तत्काल मौके पर पहुंची। इस दौरान टीम में स्टाफ दीपक गौरव और पायलट अरुण रजक मुस्तैदी से तैनात रहे। डायल 112 की टीम ने न केवल स्थिति को संभाला बल्कि राहत कार्यों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हुए फायर ब्रिगेड के साथ समन्वय स्थापित किया। ​कड़ी मशक्कत के बाद पाया काबू ​आग बुझाने के लिए NTPC और CISF के दमकल कर्मियों को बुलाया गया। दमकल कर्मियों, सीआईएसएफ जवानों और डायल 112 के स्टाफ ने मिलकर मोर्चा संभाला। काफी देर तक चली कड़ी मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह से नियंत्रण पा लिया गया। ​जान-माल की सुरक्षा ​डायल 112 के स्टाफ दीपक गौरव और पायलट अरुण रजक की सजगता और दमकल विभाग की सक्रियता से एक बड़ा हादसा होने से बच गया। समय रहते आग पर काबू पा लेने से आसपास की संपत्तियों को कोई बड़ी क्षति नहीं हुई। पुलिस प्रशासन अब आग लगने के कारणों की जांच कर रहा है। ​स्थानीय ग्रामीणों ने इस त्वरित सहायता के लिए गाडरवारा डायल 112 की टीम और दमकल कर्मियों की सराहना की है।
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    ​डोंगरगांव: डोंगरगांव थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम मेहरा खेड़ा में आज अचानक भीषण आग लग गई। आग की लपटें इतनी तेज थीं कि देखते ही देखते आसपास के क्षेत्र में हड़कंप मच गया।
​डायल 112 और दमकल विभाग की त्वरित कार्रवाई
​घटना की सूचना मिलते ही गाडरवारा से डायल 112 की टीम तत्काल मौके पर पहुंची। इस दौरान टीम में स्टाफ दीपक गौरव और पायलट अरुण रजक मुस्तैदी से तैनात रहे। डायल 112 की टीम ने न केवल स्थिति को संभाला बल्कि राहत कार्यों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हुए फायर ब्रिगेड के साथ समन्वय स्थापित किया।
​कड़ी मशक्कत के बाद पाया काबू
​आग बुझाने के लिए NTPC और CISF के दमकल कर्मियों को बुलाया गया। दमकल कर्मियों, सीआईएसएफ जवानों और डायल 112 के स्टाफ ने मिलकर मोर्चा संभाला। काफी देर तक चली कड़ी मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह से नियंत्रण पा लिया गया।
​जान-माल की सुरक्षा
​डायल 112 के स्टाफ दीपक गौरव और पायलट अरुण रजक की सजगता और दमकल विभाग की सक्रियता से एक बड़ा हादसा होने से बच गया। समय रहते आग पर काबू पा लेने से आसपास की संपत्तियों को कोई बड़ी क्षति नहीं हुई। पुलिस प्रशासन अब आग लगने के कारणों की जांच कर रहा है।
​स्थानीय ग्रामीणों ने इस त्वरित सहायता के लिए गाडरवारा डायल 112 की टीम और दमकल कर्मियों की सराहना की है।
    user_अरुण रजक
    अरुण रजक
    Narsinghpur, Madhya Pradesh•
    1 hr ago
  • एंकर - डंफर और बाइक में भीषण टक्कर के बाद 2 बाइक सवारों की मौके पर मौत जिनके शव आज सोमवार को पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिए गए । सोमवार सुबह करीब 9 बजे शांतिदूत तिराहे पर उस समय तनावपूर्ण स्थिति बन गई, जब मृतकों के परिजनों और स्थानीय ग्रामीणों ने शव सड़क पर रखकर चक्काजाम कर दिया। परिजनों का साफ कहना है कि जब तक प्रशासन की ओर से उन्हें लिखित आश्वासन नहीं मिलता, तब तक न चक्काजाम हटेगा और न ही अंतिम संस्कार किया जाएगा। उनका कहना है कि यह सिर्फ विरोध नहीं, बल्कि न्याय की मांग है। सवालों के घेरे में प्रशासन स्थानीय लोगों ने प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि इस मार्ग पर लंबे समय से भारी वाहनों का दबाव बना हुआ है, लेकिन प्रशासन और संबंधित विभागों ने लगातार अनदेखी की। लोगों का मानना है कि यदि समय रहते अलग लेन, ट्रैफिक नियंत्रण और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए होते, तो यह दर्दनाक हादसा टल सकता था। लोगों का कहना है— “हादसा डंपर ने किया, लेकिन जिम्मेदार लापरवाह व्यवस्था है।” गुस्से में जनता, सड़क पर उतरा जनसैलाब घटना के बाद क्षेत्र में भारी आक्रोश देखने को मिला और बड़ी संख्या में लोग सड़क पर उतर आए। चक्काजाम के चलते वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया। मौके पर पहुंचे अधिकारी स्थिति को संभालने में जुटे रहे, लेकिन आक्रोशित परिजन बिना लिखित भरोसे के मानने को तैयार नहीं दिखे। क्षेत्र में तनावपूर्ण माहौल बना हुआ है और लोग प्रशासन से लगातार सवाल कर रहे हैं— मौतों के बाद ही क्यों जागता है सिस्टम? क्या हर बार न्याय के लिए शव सड़क पर रखना पड़ेगा? जनता का आरोप स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि प्रशासन पहले ही संवेदनशीलता दिखाता, तो आज परिजनों को सड़क पर उतरकर न्याय की मांग नहीं करनी पड़ती। लोग अब सिर्फ मुआवजा नहीं, बल्कि जवाबदेही और सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। अब बड़ा सवाल क्या प्रशासन समय रहते कोई ठोस कदम उठाएगा या फिर लोगों का आक्रोश और बढ़ेगा? रिपोर्टर - आकाश चौहान
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    एंकर - डंफर और बाइक में भीषण टक्कर के बाद 2 बाइक सवारों की मौके पर मौत 
जिनके  शव आज सोमवार को पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिए गए ।
सोमवार सुबह करीब 9 बजे शांतिदूत तिराहे पर उस समय तनावपूर्ण स्थिति बन गई, जब मृतकों के परिजनों और स्थानीय ग्रामीणों ने शव सड़क पर रखकर चक्काजाम कर दिया।
परिजनों का साफ कहना है कि जब तक प्रशासन की ओर से उन्हें लिखित आश्वासन नहीं मिलता, तब तक न चक्काजाम हटेगा और न ही अंतिम संस्कार किया जाएगा। उनका कहना है कि यह सिर्फ विरोध नहीं, बल्कि न्याय की मांग है।
सवालों के घेरे में प्रशासन
स्थानीय लोगों ने प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि इस मार्ग पर लंबे समय से भारी वाहनों का दबाव बना हुआ है, लेकिन प्रशासन और संबंधित विभागों ने लगातार अनदेखी की।
लोगों का मानना है कि यदि समय रहते अलग लेन, ट्रैफिक नियंत्रण और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए होते, तो यह दर्दनाक हादसा टल सकता था।
लोगों का कहना है—
“हादसा डंपर ने किया, लेकिन जिम्मेदार लापरवाह व्यवस्था है।”
गुस्से में जनता, सड़क पर उतरा जनसैलाब
घटना के बाद क्षेत्र में भारी आक्रोश देखने को मिला और बड़ी संख्या में लोग सड़क पर उतर आए। चक्काजाम के चलते वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया।
मौके पर पहुंचे अधिकारी स्थिति को संभालने में जुटे रहे, लेकिन आक्रोशित परिजन बिना लिखित भरोसे के मानने को तैयार नहीं दिखे।
क्षेत्र में तनावपूर्ण माहौल बना हुआ है और लोग प्रशासन से लगातार सवाल कर रहे हैं—
मौतों के बाद ही क्यों जागता है सिस्टम?
क्या हर बार न्याय के लिए शव सड़क पर रखना पड़ेगा?
जनता का आरोप
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि प्रशासन पहले ही संवेदनशीलता दिखाता, तो आज परिजनों को सड़क पर उतरकर न्याय की मांग नहीं करनी पड़ती।
लोग अब सिर्फ मुआवजा नहीं, बल्कि जवाबदेही और सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
अब बड़ा सवाल
क्या प्रशासन समय रहते कोई ठोस कदम उठाएगा या फिर लोगों का आक्रोश और बढ़ेगा?
रिपोर्टर - आकाश चौहान
    user_News Chandra Shekher Sonu
    News Chandra Shekher Sonu
    नरसिंहपुर, नरसिंहपुर, मध्य प्रदेश•
    1 hr ago
  • नरसिंहपुर से सतीश विश्वकर्मा की रिपोर्टस्काई इंडिया टीवी चैनल समर कैंप' नहीं, 'संस्कार कैंप': 15 साल के 7 बच्चे गुरु के साथ निकले मां नर्मदा की पैदल परिक्रमा पर 7 से 8 बच्चे, उम्र महज 15 साल अपने गुरु के साथ मां नर्मदा की पैदल परिक्रमा पर निकले हैं। कंधे पर झोला, हाथ में लाठी, पैरों में छाले, पर चेहरे पर नर्मदे हर की चमक।
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    नरसिंहपुर से सतीश विश्वकर्मा की रिपोर्टस्काई इंडिया टीवी चैनल
समर कैंप' नहीं, 'संस्कार कैंप': 15 साल के 7 बच्चे गुरु के साथ निकले मां नर्मदा की पैदल 
परिक्रमा पर
7 से 8 बच्चे, उम्र महज 15 साल अपने गुरु के साथ मां नर्मदा की पैदल परिक्रमा पर निकले हैं। कंधे पर झोला, हाथ में लाठी, पैरों में छाले, पर चेहरे पर नर्मदे हर  की चमक।
    user_Satish Vishwakarma
    Satish Vishwakarma
    Photographer नरसिंहपुर, नरसिंहपुर, मध्य प्रदेश•
    2 hrs ago
  • कलेक्टर के प्रतिनिधि के रूप में पहुंचे प्रशासनिक अधिकारियों ने कराया धरना समाप्त, 30 दिवस में जांच का आश्वासन मांगें पूरी न होने पर पुनः आंदोलन या न्यायालय जाने की चेतावनी साईंखेड़ा। नगर परिषद साईंखेड़ा में कथित गुणवत्ताहीन निर्माण कार्यों, वित्तीय अनियमितताओं एवं जनसमस्याओं को लेकर चल रहे धरना प्रदर्शन को सोमवार को प्रशासनिक हस्तक्षेप के बाद समाप्त कराया गया। तहसीलदार अतुल श्रीवास्तव, मुख्य नगर पालिका अधिकारी साईंखेड़ा जेपी रजक तथा थाना स्टाफ कलेक्टर महोदय के प्रतिनिधि के रूप में धरना स्थल पहुंचे और प्रदर्शनकारियों से चर्चा कर ज्ञापन प्राप्त किया। धरना स्थल पर अधिकारियों ने आंदोलनकारियों को आश्वस्त किया कि ज्ञापन में उल्लेखित सभी मांगों एवं शिकायतों पर 30 दिवस के भीतर जांच एवं आवश्यक कार्यवाही की जाएगी। प्रशासन द्वारा समयसीमा दिए जाने के बाद प्रदर्शनकारियों ने धरना स्थगित करने की घोषणा की। प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट किया कि यदि निर्धारित 30 दिवस की अवधि में बस स्टैंड एवं शॉपिंग कॉम्प्लेक्स निर्माण, नगर परिषद भवन, मुक्तिधाम, तालाब संरक्षण, सड़कों की गुणवत्ता, प्रधानमंत्री आवास योजना, स्वच्छ भारत अभियान, खेल मैदान संरक्षण, कृषि उपज मंडी विकास तथा नगर परिषद द्वारा खरीदे गए वाहनों सहित विभिन्न मांगों पर ठोस कार्यवाही नहीं की गई, तो वे पुनः धरने पर बैठने अथवा माननीय न्यायालय के समक्ष जाने के लिए स्वतंत्र होंगे। धरना प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे रंजीत तोमर ने कहा कि जनता लंबे समय से इन मुद्दों पर न्याय की प्रतीक्षा कर रही है। प्रशासन द्वारा दिया गया आश्वासन अंतिम अवसर के रूप में स्वीकार किया गया है। यदि समयसीमा में निष्पक्ष जांच नहीं हुई तो व्यापक जनआंदोलन किया जाएगा। धरना स्थल पर सुजान सिंह राजपूत, सुशांत राय, नितेश तोमर, पत्रकार कमलेश अवधिया, वीरेंद्र पटेल, जय नारायण अग्रवाल, मुन्नीलाल कुशवाहा, गोपाल प्रसाद अग्रवाल सहित अनेक सामाजिक कार्यकर्ता एवं नगरवासी उपस्थित रहे। नगर में इस घटनाक्रम को लेकर व्यापक चर्चा रही ।
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    कलेक्टर के प्रतिनिधि के रूप में पहुंचे प्रशासनिक अधिकारियों ने कराया धरना समाप्त, 30 दिवस में जांच का आश्वासन
मांगें पूरी न होने पर पुनः आंदोलन या न्यायालय जाने की चेतावनी
साईंखेड़ा। नगर परिषद साईंखेड़ा में कथित गुणवत्ताहीन निर्माण कार्यों, वित्तीय अनियमितताओं एवं जनसमस्याओं को लेकर चल रहे धरना प्रदर्शन को सोमवार को प्रशासनिक हस्तक्षेप के बाद समाप्त कराया गया। तहसीलदार अतुल श्रीवास्तव, मुख्य नगर पालिका अधिकारी साईंखेड़ा जेपी रजक तथा थाना स्टाफ कलेक्टर महोदय के प्रतिनिधि के रूप में धरना स्थल पहुंचे और प्रदर्शनकारियों से चर्चा कर ज्ञापन प्राप्त किया।
धरना स्थल पर अधिकारियों ने आंदोलनकारियों को आश्वस्त किया कि ज्ञापन में उल्लेखित सभी मांगों एवं शिकायतों पर 30 दिवस के भीतर जांच एवं आवश्यक कार्यवाही की जाएगी। प्रशासन द्वारा समयसीमा दिए जाने के बाद प्रदर्शनकारियों ने धरना स्थगित करने की घोषणा की।
प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट किया कि यदि निर्धारित 30 दिवस की अवधि में बस स्टैंड एवं शॉपिंग कॉम्प्लेक्स निर्माण, नगर परिषद भवन, मुक्तिधाम, तालाब संरक्षण, सड़कों की गुणवत्ता, प्रधानमंत्री आवास योजना, स्वच्छ भारत अभियान, खेल मैदान संरक्षण, कृषि उपज मंडी विकास तथा नगर परिषद द्वारा खरीदे गए वाहनों सहित विभिन्न मांगों पर ठोस कार्यवाही नहीं की गई, तो वे पुनः धरने पर बैठने अथवा माननीय न्यायालय के समक्ष जाने के लिए स्वतंत्र होंगे।
धरना प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे रंजीत तोमर ने कहा कि जनता लंबे समय से इन मुद्दों पर न्याय की प्रतीक्षा कर रही है। प्रशासन द्वारा दिया गया आश्वासन अंतिम अवसर के रूप में स्वीकार किया गया है। यदि समयसीमा में निष्पक्ष जांच नहीं हुई तो व्यापक जनआंदोलन किया जाएगा।
धरना स्थल पर सुजान सिंह राजपूत, सुशांत राय, नितेश तोमर, पत्रकार कमलेश अवधिया, वीरेंद्र पटेल, जय नारायण अग्रवाल, मुन्नीलाल कुशवाहा, गोपाल प्रसाद अग्रवाल सहित अनेक सामाजिक कार्यकर्ता एवं नगरवासी उपस्थित रहे।
नगर में इस घटनाक्रम को लेकर व्यापक चर्चा रही ।
    user_Ranjeet Tomar
    Ranjeet Tomar
    पत्रकार Narsimhapur, Narsinghpur•
    2 hrs ago
  • गौ सम्मान दिवस के अवसर पर गौवंश की सुरक्षा और संवर्धन को लेकर नरसिंहपुर में बड़ी पहल की गई। साधु संतों और विभिन्न सामाजिक और गौ-भक्त संगठनों के कार्यकर्ताओं ने एकजुट होकर सोमवार प्रधानमंत्री के नाम एक ज्ञापन एसडीएम को सौंपा। ज्ञापन सौंपते समय कार्यकर्ताओं ने कहा कि गाय भारतीय संस्कृति का आधार है। केवल दिवस मनाने से गौवंश सुरक्षित नहीं होगा, इसके लिए ठोस कानून और अलग मंत्रालय की सख्त आवश्यकता है। गौ माता को राष्ट्रीय माता घोषित करने की मांग भी शामिल रही
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    गौ सम्मान दिवस के अवसर पर गौवंश की सुरक्षा और संवर्धन को लेकर नरसिंहपुर में बड़ी पहल की गई। साधु संतों और विभिन्न सामाजिक और गौ-भक्त संगठनों के कार्यकर्ताओं ने एकजुट होकर सोमवार प्रधानमंत्री के नाम एक ज्ञापन एसडीएम को सौंपा। ज्ञापन सौंपते समय कार्यकर्ताओं ने कहा कि गाय भारतीय संस्कृति का आधार है। केवल दिवस मनाने से गौवंश सुरक्षित नहीं होगा, इसके लिए ठोस कानून और अलग मंत्रालय की सख्त आवश्यकता है। गौ माता को राष्ट्रीय माता घोषित करने की मांग भी शामिल रही
    user_SATISH DUBEY
    SATISH DUBEY
    पत्रकार Narsimhapur, Narsinghpur•
    3 hrs ago
  • लोकेशन गाडरवारा रिपोर्टर आशीष कुमार दुबे ​गाडरवारा में मौत का तांडव: डंपर के कहर से 3 दिन में 4 जानें गईं, आक्रोशित परिजनों का शांतिदूत तिराहे पर चक्का जाम ​नरसिंहपुर (गाडरवारा): नरसिंहपुर जिले के गाडरवारा में हाइवा डंपरों की रफ्तार और उनकी बेलगाम कार्यशैली ने एक बार फिर खूनी खेल खेला है। पिछले 3 दिनों में डंपरों की चपेट में आने से चार लोगों की दर्दनाक मौत हो चुकी है, जिसके बाद पूरे शहर में भारी आक्रोश व्याप्त है। सड़कों पर बेखौफ दौड़ रहे ओवरलोड और फ्लाई ऐश ले जा रहे एनटीपीसी (NTPC) के बेतरतीब वाहनों के खिलाफ अब जनता का सब्र टूट गया है। इस सिलसिलेवार मौतों से आक्रोशित परिजनों और स्थानीय नागरिकों ने शहर के प्रमुख 'शांतिदूत तिराहे' पर स्टेट हाइवे को पूरी तरह जाम कर दिया है। प्रदर्शनकारी दो युवकों के शवों को बीच सड़क पर रखकर न्याय की गुहार लगा रहे हैं। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि वे तब तक नहीं हटेंगे जब तक प्रशासन भारी वाहनों पर सख्त लगाम और दोषियों के खिलाफ ठोस कार्रवाई का आश्वासन नहीं देता। इस दुखद घटना ने कई परिवारों को उजड़ दिया है। मृतकों में ऐसे भी लोग शामिल हैं, जिनकी मौत के बाद अब उनके परिवार के सामने भरण-पोषण का संकट खड़ा हो गया है। एक हृदयविदारक दृश्य प्रदर्शन स्थल पर देखने को मिला, जहाँ बिन मां की दो बेटियां अपने पिता की मौत के बाद न्याय के लिए बिलख रही हैं। उनकी चीखें प्रशासन की संवेदनहीनता पर सवाल खड़े कर रही हैं। ​ लोगों का आरोप है कि महज 2 दिनों में एक ही डंपर द्वारा तीन लोगों की जान लिए जाने के बाद भी प्रशासन मूकदर्शक बना रहा। स्थानीय लोगों ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि एनटीपीसी के वाहनों की ओवरलोडिंग और तेज रफ्तार को रोकने में प्रशासन पूरी तरह नाकाम रहा है, जिसके कारण आए दिन निर्दोष लोग अपनी जान गंवा रहे हैं। ​प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग घटनास्थल पर बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। प्रदर्शनकारी मांग कर रहे हैं कि: ​एनटीपीसी के बेलगाम वाहनों का संचालन तत्काल नियंत्रित किया जाए। ​दोषी वाहन चालकों और संबंधित ट्रांसपोर्टर्स पर हत्या का मामला दर्ज कर सख्त कार्रवाई हो। ​फिलहाल, प्रशासनिक अधिकारी प्रदर्शनकारियों को समझाने और जाम खुलवाने का प्रयास कर रहे हैं। खबर लिखे जाने तक तनाव की स्थिति बनी हुई है।
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    लोकेशन गाडरवारा 
रिपोर्टर आशीष कुमार दुबे 
​गाडरवारा में मौत का तांडव: डंपर के कहर से 3 दिन में 4 जानें गईं, आक्रोशित परिजनों का शांतिदूत तिराहे पर चक्का जाम
​नरसिंहपुर (गाडरवारा):
नरसिंहपुर जिले के गाडरवारा में हाइवा डंपरों की रफ्तार और उनकी बेलगाम कार्यशैली ने एक बार फिर खूनी खेल खेला है। पिछले 3 दिनों में डंपरों की चपेट में आने से चार लोगों की दर्दनाक मौत हो चुकी है, जिसके बाद पूरे शहर में भारी आक्रोश व्याप्त है। सड़कों पर बेखौफ दौड़ रहे ओवरलोड और फ्लाई ऐश ले जा रहे एनटीपीसी (NTPC) के बेतरतीब वाहनों के खिलाफ अब जनता का सब्र टूट गया है। इस सिलसिलेवार मौतों से आक्रोशित परिजनों और स्थानीय नागरिकों ने शहर के प्रमुख 'शांतिदूत तिराहे' पर स्टेट हाइवे को पूरी तरह जाम कर दिया है। प्रदर्शनकारी दो युवकों के शवों को बीच सड़क पर रखकर न्याय की गुहार लगा रहे हैं। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि वे तब तक नहीं हटेंगे जब तक प्रशासन भारी वाहनों पर सख्त लगाम और दोषियों के खिलाफ ठोस कार्रवाई का आश्वासन नहीं देता।
इस दुखद घटना ने कई परिवारों को उजड़ दिया है। मृतकों में ऐसे भी लोग शामिल हैं, जिनकी मौत के बाद अब उनके परिवार के सामने भरण-पोषण का संकट खड़ा हो गया है। एक हृदयविदारक दृश्य प्रदर्शन स्थल पर देखने को मिला, जहाँ बिन मां की दो बेटियां अपने पिता की मौत के बाद न्याय के लिए बिलख रही हैं। उनकी चीखें प्रशासन की संवेदनहीनता पर सवाल खड़े कर रही हैं।
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लोगों का आरोप है कि महज 2 दिनों में एक ही डंपर द्वारा तीन लोगों की जान लिए जाने के बाद भी प्रशासन मूकदर्शक बना रहा। स्थानीय लोगों ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि एनटीपीसी के वाहनों की ओवरलोडिंग और तेज रफ्तार को रोकने में प्रशासन पूरी तरह नाकाम रहा है, जिसके कारण आए दिन निर्दोष लोग अपनी जान गंवा रहे हैं।
​प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग
घटनास्थल पर बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। प्रदर्शनकारी मांग कर रहे हैं कि:
​एनटीपीसी के बेलगाम वाहनों का संचालन तत्काल नियंत्रित किया जाए।
​दोषी वाहन चालकों और संबंधित ट्रांसपोर्टर्स पर हत्या का मामला दर्ज कर सख्त कार्रवाई हो।
​फिलहाल, प्रशासनिक अधिकारी प्रदर्शनकारियों को समझाने और जाम खुलवाने का प्रयास कर रहे हैं। खबर लिखे जाने तक तनाव की स्थिति बनी हुई है।
    user_पत्रकार आशीष कुमार दुबे
    पत्रकार आशीष कुमार दुबे
    Media and information sciences faculty नरसिंहपुर, नरसिंहपुर, मध्य प्रदेश•
    3 hrs ago
  • Post by कृष्णकांत प्रदीप शर्मा करेली
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    Post by कृष्णकांत प्रदीप शर्मा करेली
    user_कृष्णकांत प्रदीप शर्मा करेली
    कृष्णकांत प्रदीप शर्मा करेली
    Electrician करेली, नरसिंहपुर, मध्य प्रदेश•
    39 min ago
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