कलेक्टर के प्रतिनिधि के रूप में पहुंचे प्रशासनिक अधिकारियों ने कराया धरना समाप्त, 30 दिवस में जांच का आश्वासन कलेक्टर के प्रतिनिधि के रूप में पहुंचे प्रशासनिक अधिकारियों ने कराया धरना समाप्त, 30 दिवस में जांच का आश्वासन मांगें पूरी न होने पर पुनः आंदोलन या न्यायालय जाने की चेतावनी साईंखेड़ा। नगर परिषद साईंखेड़ा में कथित गुणवत्ताहीन निर्माण कार्यों, वित्तीय अनियमितताओं एवं जनसमस्याओं को लेकर चल रहे धरना प्रदर्शन को सोमवार को प्रशासनिक हस्तक्षेप के बाद समाप्त कराया गया। तहसीलदार अतुल श्रीवास्तव, मुख्य नगर पालिका अधिकारी साईंखेड़ा जेपी रजक तथा थाना स्टाफ कलेक्टर महोदय के प्रतिनिधि के रूप में धरना स्थल पहुंचे और प्रदर्शनकारियों से चर्चा कर ज्ञापन प्राप्त किया। धरना स्थल पर अधिकारियों ने आंदोलनकारियों को आश्वस्त किया कि ज्ञापन में उल्लेखित सभी मांगों एवं शिकायतों पर 30 दिवस के भीतर जांच एवं आवश्यक कार्यवाही की जाएगी। प्रशासन द्वारा समयसीमा दिए जाने के बाद प्रदर्शनकारियों ने धरना स्थगित करने की घोषणा की। प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट किया कि यदि निर्धारित 30 दिवस की अवधि में बस स्टैंड एवं शॉपिंग कॉम्प्लेक्स निर्माण, नगर परिषद भवन, मुक्तिधाम, तालाब संरक्षण, सड़कों की गुणवत्ता, प्रधानमंत्री आवास योजना, स्वच्छ भारत अभियान, खेल मैदान संरक्षण, कृषि उपज मंडी विकास तथा नगर परिषद द्वारा खरीदे गए वाहनों सहित विभिन्न मांगों पर ठोस कार्यवाही नहीं की गई, तो वे पुनः धरने पर बैठने अथवा माननीय न्यायालय के समक्ष जाने के लिए स्वतंत्र होंगे। धरना प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे रंजीत तोमर ने कहा कि जनता लंबे समय से इन मुद्दों पर न्याय की प्रतीक्षा कर रही है। प्रशासन द्वारा दिया गया आश्वासन अंतिम अवसर के रूप में स्वीकार किया गया है। यदि समयसीमा में निष्पक्ष जांच नहीं हुई तो व्यापक जनआंदोलन किया जाएगा। धरना स्थल पर सुजान सिंह राजपूत, सुशांत राय, नितेश तोमर, पत्रकार कमलेश अवधिया, वीरेंद्र पटेल, जय नारायण अग्रवाल, मुन्नीलाल कुशवाहा, गोपाल प्रसाद अग्रवाल सहित अनेक सामाजिक कार्यकर्ता एवं नगरवासी उपस्थित रहे। नगर में इस घटनाक्रम को लेकर व्यापक चर्चा रही ।
कलेक्टर के प्रतिनिधि के रूप में पहुंचे प्रशासनिक अधिकारियों ने कराया धरना समाप्त, 30 दिवस में जांच का आश्वासन कलेक्टर के प्रतिनिधि के रूप में पहुंचे प्रशासनिक अधिकारियों ने कराया धरना समाप्त, 30 दिवस में जांच का आश्वासन मांगें पूरी न होने पर पुनः आंदोलन या न्यायालय जाने की चेतावनी साईंखेड़ा। नगर परिषद साईंखेड़ा में कथित गुणवत्ताहीन निर्माण कार्यों, वित्तीय अनियमितताओं एवं जनसमस्याओं को लेकर चल रहे धरना प्रदर्शन को सोमवार को प्रशासनिक हस्तक्षेप के बाद समाप्त कराया गया। तहसीलदार अतुल श्रीवास्तव, मुख्य नगर पालिका अधिकारी साईंखेड़ा जेपी रजक तथा थाना स्टाफ कलेक्टर महोदय के प्रतिनिधि के रूप में धरना स्थल पहुंचे और प्रदर्शनकारियों से चर्चा कर ज्ञापन प्राप्त किया। धरना स्थल पर अधिकारियों ने आंदोलनकारियों को आश्वस्त किया कि ज्ञापन में उल्लेखित सभी मांगों एवं शिकायतों पर 30 दिवस के भीतर जांच एवं आवश्यक कार्यवाही की जाएगी। प्रशासन द्वारा समयसीमा दिए जाने के बाद प्रदर्शनकारियों ने धरना स्थगित करने की घोषणा की। प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट किया कि यदि
निर्धारित 30 दिवस की अवधि में बस स्टैंड एवं शॉपिंग कॉम्प्लेक्स निर्माण, नगर परिषद भवन, मुक्तिधाम, तालाब संरक्षण, सड़कों की गुणवत्ता, प्रधानमंत्री आवास योजना, स्वच्छ भारत अभियान, खेल मैदान संरक्षण, कृषि उपज मंडी विकास तथा नगर परिषद द्वारा खरीदे गए वाहनों सहित विभिन्न मांगों पर ठोस कार्यवाही नहीं की गई, तो वे पुनः धरने पर बैठने अथवा माननीय न्यायालय के समक्ष जाने के लिए स्वतंत्र होंगे। धरना प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे रंजीत तोमर ने कहा कि जनता लंबे समय से इन मुद्दों पर न्याय की प्रतीक्षा कर रही है। प्रशासन द्वारा दिया गया आश्वासन अंतिम अवसर के रूप में स्वीकार किया गया है। यदि समयसीमा में निष्पक्ष जांच नहीं हुई तो व्यापक जनआंदोलन किया जाएगा। धरना स्थल पर सुजान सिंह राजपूत, सुशांत राय, नितेश तोमर, पत्रकार कमलेश अवधिया, वीरेंद्र पटेल, जय नारायण अग्रवाल, मुन्नीलाल कुशवाहा, गोपाल प्रसाद अग्रवाल सहित अनेक सामाजिक कार्यकर्ता एवं नगरवासी उपस्थित रहे। नगर में इस घटनाक्रम को लेकर व्यापक चर्चा रही ।
- समर कैंप' नहीं, यह 'संस्कार कैंप': 15 साल के नन्हे पथिक, गुरु के साथ निकले 3000 किमी की नर्मदा परिक्रमा पर नरसिहपुर। जहाँ आज की पीढ़ी गर्मी की छुट्टियों में महंगे समर कैंपों में स्विमिंग, पेंटिंग और गैजेट्स के बीच अपना समय बिताती है, वहीं 15 साल की उम्र के 7 बच्चों ने एक ऐसा मार्ग चुना है जो उनके भविष्य की नींव को 'संस्कारों' से सींच रहा है। कंधे पर झोला, हाथ में लाठी और पैरों में छाले लिए ये नन्हे पथिक अपने गुरु के सानिध्य में माँ नर्मदा की पैदल परिक्रमा पर निकले हैं। छुट्टी नहीं, यह है तपस्या 45 डिग्री की तपती दोपहरी, ऊबड़-खाबड़ रास्ते और मीलों का सफर—ये बच्चे किसी सुख-सुविधा की तलाश में नहीं, बल्कि 'मैया' की भक्ति में लीन हैं। इन बच्चों के चेहरों पर जो चमक है, वह एसी-कूलर के कमरों में नहीं मिलती। 'नर्मदे हर' के जयकारे के साथ कदम-दर-कदम बढ़ती यह यात्रा केवल परिक्रमा नहीं, बल्कि एक कठिन तपस्या है, जिसे इन बच्चों ने स्वेच्छा से चुना है। बचपन में ठाना, जो बड़े उम्र में सोचते हैं आमतौर पर लोग जीवन की भागदौड़ के बाद रिटायरमेंट के समय चार धाम की यात्रा का संकल्प लेते हैं, लेकिन इन बच्चों ने 15 साल की कच्ची उम्र में ही 3000 किलोमीटर की दुर्गम परिक्रमा का संकल्प लेकर सबको हैरान कर दिया है। अमरकंटक से शुरू हुई यह यात्रा दादा महाराज मंदिर होते हुए अब माँ के तटों के साथ-साथ आगे बढ़ रही है। सोच बदल दी इन नन्हे पथिकों ने इन बच्चों ने समाज को एक नई दिशा दिखाई है। जहाँ हम और आप गर्मियों की छुट्टियों में शिमला, मनाली जैसे हिल स्टेशनों का सपना देखते हैं, वहीं इन बच्चों ने भौतिक सुखों को त्यागकर माँ नर्मदा के दर्शन और उनके प्रति कृतज्ञता को अपने जीवन का लक्ष्य बनाया है। यह 'संस्कार कैंप' न केवल इन बच्चों के साहस को दर्शाता है, बल्कि यह भी बताता है कि यदि सही मार्गदर्शन (गुरु) और संकल्प शक्ति हो, तो कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। यह यात्रा आने वाली पीढ़ी के लिए एक प्रेरणा है कि धर्म, आस्था और अनुशासन का मार्ग ही जीवन का सच्चा 'कैंप' है।1
- Post by कृष्णकांत प्रदीप शर्मा करेली1
- कार कि टक्कर से सड़क किनारे खड़े एक व्यक्ति की मौत जांच में जुटी पुलिस1
- Post by Kailash gupta tv 242
- Post by Shrikant Dubay पत्रकार1
- Post by Dharmendra sahu1
- गोटेगांव बगासपुर रेलवे पुल के पास एक दर्दनाक सड़क हादसा सामने आया है। सोमवार मिली जानकारी के अनुसार, एक कार ने पैदल चल रहे राहगीर को जोरदार टक्कर मार दी। हादसा उस समय हुआ जब राहगीर सड़क पार कर रहा था। टक्कर इतनी भीषण थी कि राहगीर की मौके पर ही मौत होने की खबर सामने आ रही है। घटना के बाद क्षेत्र में हड़कंप मच गया और मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी है। मृतक की पहचान विनीत विश्वकर्मा पिता शारदा प्रसाद विश्वकर्मा पटेल वार्ड के रूप में हुई।पुलिस हादसे के कारणों की जांच में जुटी हुई हैं।1
- Post by कृष्णकांत प्रदीप शर्मा करेली1
- गोटेगांव में दुर्घटना के बाद सोशल मीडिया पर विडियों तेजी से हो रहा वायरल1