आरा शहर में 23 जून 2026 को मुहर्रम की 7वीं तारीख के अवसर पर कर्बला के शहीदों की याद में पारंपरिक "मेहदी का जुलूस" निकाला गया। करीब 200 वर्षों से चली आ रही इस परंपरा में हज़रत इमाम हुसैन (अ.) और उनके 72 साथियों की शहादत को याद किया गया, विशेष रूप से हज़रत क़ासिम (अ.) की शहादत की स्मृति में मातम और नौहाखानी की गई। यह मातमी जुलूस महादेवा महाजन टोली नं.-1 स्थित डिप्टी शेर अली के इमामबाड़ा से स्व. अहमद हुसैन की ओर से शुरू हुआ, जो शहर के विभिन्न मार्गों से होते हुए पुनः इमामबाड़ा पहुंचकर संपन्न हुआ। जुलूस में शामिल लोगों ने हरे वस्त्र धारण कर कर्बला की दर्दनाक घटना को याद करते हुए नौहा पढ़ा और मातम किया, जिससे पूरा माहौल गमगीन हो गया। नौहाख्वान अली हुसैन ने "शाहे कर्बोबला का मातम है, बेकसो बेनवा का मातम है" तथा सैयद रेयाज़ हुसैन ने "आ फ़ातमा के प्यारों को रोएँ, अहमद का घराना लूटा गया" जैसे मार्मिक नौहे पेश किए। इस आयोजन में सैयद आबिद बिलग्रामी, सैयद काज़िम हुसैन, प्रो. सैयद एजाज़ हुसैन, सैयद शब्बीर हसन, डॉ. कौनैन रज़ा, सैयद वारिस बिलग्रामी समेत बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया। वहीं गुड्डू अंसारी, ऊमा शंकर ओझा, अमित रंजन, अंजनी सिन्हा, बीर बहादुर सहित सभी धर्मों के लोगों ने आयोजन में सहयोग कर आपसी भाईचारे की मिसाल पेश की। प्रशासन द्वारा सुरक्षा एवं व्यवस्था के व्यापक इंतजाम किए गए थे, जबकि मीडिया कर्मियों ने जुलूस की लगातार कवरेज कर आयोजन को जन-जन तक पहुंचाया।
आरा शहर में 23 जून 2026 को मुहर्रम की 7वीं तारीख के अवसर पर कर्बला के शहीदों की याद में पारंपरिक "मेहदी का जुलूस" निकाला गया। करीब 200 वर्षों से चली आ रही इस परंपरा में हज़रत इमाम हुसैन (अ.) और उनके 72 साथियों की शहादत को याद किया गया, विशेष रूप से हज़रत क़ासिम (अ.) की शहादत की स्मृति में मातम और नौहाखानी की गई। यह मातमी जुलूस महादेवा महाजन टोली नं.-1 स्थित डिप्टी शेर अली के इमामबाड़ा से स्व. अहमद हुसैन की ओर से शुरू हुआ, जो शहर के विभिन्न मार्गों से होते हुए पुनः इमामबाड़ा पहुंचकर संपन्न हुआ। जुलूस में शामिल लोगों ने हरे वस्त्र धारण कर कर्बला की दर्दनाक घटना को याद करते हुए नौहा पढ़ा और मातम किया, जिससे पूरा माहौल गमगीन हो गया। नौहाख्वान अली हुसैन ने "शाहे कर्बोबला का मातम है, बेकसो बेनवा का मातम है" तथा सैयद रेयाज़ हुसैन ने "आ फ़ातमा के प्यारों को रोएँ, अहमद का घराना लूटा गया" जैसे मार्मिक नौहे पेश किए। इस आयोजन में सैयद आबिद बिलग्रामी, सैयद काज़िम हुसैन, प्रो. सैयद एजाज़ हुसैन, सैयद शब्बीर हसन, डॉ. कौनैन रज़ा, सैयद वारिस बिलग्रामी समेत बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया। वहीं गुड्डू अंसारी, ऊमा शंकर ओझा, अमित रंजन, अंजनी सिन्हा, बीर बहादुर सहित सभी धर्मों के लोगों ने आयोजन में सहयोग कर आपसी भाईचारे की मिसाल पेश की। प्रशासन द्वारा सुरक्षा एवं व्यवस्था के व्यापक इंतजाम किए गए थे, जबकि मीडिया कर्मियों ने जुलूस की लगातार कवरेज कर आयोजन को जन-जन तक पहुंचाया।
- Ashim Prasadआरा, भोजपुर, बिहार🤝4 hrs ago
- मुहर्रम की सातवीं तारीख को आरा शहर में कर्बला के शहीदों की याद में एक मातमी जुलूस, जिसे "मेहदी का जुलूस" कहा जाता है, निकाला गया। यह जुलूस महादेवा महाजन टोली नंबर 1 स्थित डिप्टी शेर अली के इमामबाड़ा से स्व. अहमद हुसैन की ओर से शुरू हुआ। यह परंपरा लगभग 200 साल पुरानी है, जो विशेष रूप से कर्बला में हज़रत इमाम हुसैन और उनके 72 साथियों की शहादत के साथ-साथ हज़रत क़ासिम (अ.स.) की याद में निकलती है। हज़रत क़ासिम की शहादत इतनी बेदर्दी से हुई थी कि उनकी लाश के टुकड़े-टुकड़े कर दिए गए थे, जिन्हें इमाम हुसैन ने एक चादर में समेटकर खेमे में लाया था, और सबने उनकी शहादत पर विलाप किया था। यह जुलूस महादेवा रोड, धर्मन चौक, गोपाली चौक, शीश महल चौक, सिंडिकेट इमामबाड़ा, बिचली रोड से होते हुए वापस धर्मन चौक और महादेवा रोड स्थित डिप्टी शेर अली के इमामबाड़ा में समाप्त हुआ। जुलूस में कर्बला के शहीदों की याद में नौहा पढ़ा जाता है और मातम किया जाता है। शिया समाज के लोग विशेष रूप से आज हरे वस्त्र पहनकर इस शोकपूर्ण घटना की याद में मातम और नौहा करते हुए शोक मनाते हैं। इस दुखद घटना की याद में सभी समुदाय के लोग भी जुलूस में शामिल होकर अपना भरपूर सहयोग करते हैं।3
- Post by CHANDAN KUMAR1
- जगदीशपुर नगर भाजपा द्वारा डॉक्टर श्यामा प्रसाद मुखर्जी का बलिदान दिवस मनाया गया। इस अवसर पर कई लोग कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे।1
- मुहर्रम पर्व को ध्यान में रखते हुए, बिक्रम थाना परिसर में शांति समिति की एक बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक में पर्व के दौरान शांति और व्यवस्था बनाए रखने से संबंधित विषयों पर चर्चा की गई।1
- सोमवार को नगर परिषद बिहटा में नमस्ते योजना के तहत सफाई मित्रों के लिए एक प्रशिक्षण सह क्षमता संवर्धन कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य सुरक्षित एवं यंत्रीकृत सफाई व्यवस्था को बढ़ावा देना था। कार्यशाला के दौरान, राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी वित्त एवं विकास निगम (एनएसकेएफडीसी) की टीम ने दृश्य प्रस्तुतीकरण के माध्यम से हाथ से मैला ढोने की प्रथा के उन्मूलन, स्वच्छता कार्यों के यंत्रीकरण और नमस्ते योजना के विभिन्न प्रावधानों पर विस्तृत जानकारी दी। प्रशिक्षकों ने स्पष्ट किया कि जोखिमपूर्ण परिस्थितियों में सुरक्षित तरीके से कार्य करने के लिए सफाई मित्रों को आधुनिक तकनीक और सुरक्षा उपायों से जोड़ना ही इस योजना का प्रमुख लक्ष्य है। इस अवसर पर, सफाई मित्रों को व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण (पीपीई) किट के महत्व और उसके सही उपयोग के बारे में बताया गया, साथ ही उन्हें सुरक्षा किट का वितरण भी किया गया। स्वच्छता कार्यों से जुड़े कर्मियों की सुरक्षा, सम्मान और कार्यकुशलता को बढ़ाने के उद्देश्य से यह कार्यशाला आयोजित की गई।1
- सारण के वरीय पुलिस अधीक्षक श्री विनीत कुमार के निर्देश पर मंगलवार को रिविलगंज थाना क्षेत्र में आगामी मुहर्रम पर्व के मद्देनजर विधि-व्यवस्था और शांति बनाए रखने के उद्देश्य से एक संयुक्त फ्लैग मार्च निकाला गया। इस मार्च में अंचलाधिकारी रिविलगंज, थानाध्यक्ष और थाना के पदाधिकारी एवं कर्मी शामिल थे।1
- जेडीयू नेता मुकेश सिंह ने मीडिया के साथ खास बातचीत की। हालाँकि, दिए गए विवरण में यह नहीं बताया गया है कि उन्होंने इस बातचीत के क्रम में क्या कहा।1
- प्रशांत किशोर 24 जून, 2026 (बुधवार) को सुबह 10:30 बजे भोजपुर जिले के शाहपुर प्रखंड स्थित बिलौटी गाँव पहुँचेंगे। वे वहाँ भरत भूषण तिवारी के परिवार से मुलाकात करेंगे। प्रशांत किशोर का यह दौरा पुलिस द्वारा की गई हत्या के विरोध में आयोजित 'सर्व समाज महापंचायत' में शामिल होने के लिए है।1
- मोहर्रम पर्व को ध्यान में रखते हुए जनता बाजार थाना में शांति समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में थाना प्रभारी जय हिंद यादव ने सभी उपस्थित सदस्यों से आगामी मोहर्रम के दौरान क्षेत्र में आपसी सौहार्द और शांति बनाए रखने की अपील की।1