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मुहर्रम पर्व को ध्यान में रखते हुए, बिक्रम थाना परिसर में शांति समिति की एक बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक में पर्व के दौरान शांति और व्यवस्था बनाए रखने से संबंधित विषयों पर चर्चा की गई।
BIKKU SINGH
मुहर्रम पर्व को ध्यान में रखते हुए, बिक्रम थाना परिसर में शांति समिति की एक बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक में पर्व के दौरान शांति और व्यवस्था बनाए रखने से संबंधित विषयों पर चर्चा की गई।
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- केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने एक बयान में भरत भूषण तिवारी के एनकाउंटर को सही ठहराया है। उन्होंने इस घटना को लेकर अपनी सहमति और समर्थन व्यक्त किया।1
- मनीषा पटेल ने बीपीएससी (BPSC) परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए एसडीएम (SDM) का पद हासिल किया है। उनकी इस शानदार उपलब्धि से उनके परिवार, गांव और पूरे भोजपुर जिले में गर्व और खुशी का माहौल है। मनीषा पटेल, जो महिला मोर्चा अध्यक्ष एवं दावा पंचायत की मुखिया सुष्मलता कुशवाहा की भतीजी हैं, की यह सफलता बेटियों के लिए एक प्रेरणादायक कहानी बन गई है। उनकी इस उपलब्धि पर हर कोई उन्हें बधाई दे रहा है।1
- जहानाबाद जिले में मुहर्रम पर्व को शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने के उद्देश्य से मंगलवार को समाहरणालय स्थित ग्राम्प्लेक्स भवन में एक संयुक्त बैठक आयोजित की गई। इस बैठक की अध्यक्षता जिलाधिकारी छिरिङ वाई भूटिया और पुलिस अधीक्षक कोटा किरण कुमार ने की, जिसमें शांति समिति के सदस्य, दंडाधिकारी और पुलिस पदाधिकारी शामिल हुए। बैठक में सुरक्षा व्यवस्था, विधि-व्यवस्था और विभिन्न विभागों की तैयारियों की गहन समीक्षा की गई। प्रशासन ने स्पष्ट निर्देश जारी किए कि सभी मुहर्रम जुलूसों के लिए लाइसेंस और पंजीकरण अनिवार्य होगा, और जुलूस केवल निर्धारित समय व तय मार्गों से ही निकाले जाएंगे। इसके साथ ही, ताजिया की ऊँचाई 15 फीट से अधिक नहीं रखने, स्वयंसेवकों के लिए पहचान पत्र अनिवार्य करने तथा प्रत्येक जुलूस में दो वीडियोग्राफरों की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए। डीजे के उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा और घातक हथियारों के प्रदर्शन पर भी रोक लगाई गई है। बिजली, स्वास्थ्य, अग्निशमन, नगर परिषद और पीएचईडी जैसे विभागों को जुलूस मार्गों पर आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने का जिम्मा सौंपा गया है। प्रशासन ने यह चेतावनी भी दी कि किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी, और सभी विभागों को आपसी समन्वय से कानून-व्यवस्था तथा सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखने का आग्रह किया गया।1
- भोजपुर जिले के गड़हनी अंचल में कार्यरत राजस्व कर्मचारी जितेंद्र कुमार को दाखिल-खारिज के एक मामले में रिश्वत लेते हुए निगरानी विभाग की टीम ने रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया है, जिससे सरकारी महकमे में हड़कंप मच गया। जानकारी के अनुसार, गड़हनी अंचल में पदस्थापित जितेंद्र कुमार पर दाखिल-खारिज की प्रक्रिया पूरी कराने के लिए रिश्वत मांगने का आरोप था। शिकायतकर्ता राजेंद्र राम, जो पेशे से शिक्षक हैं, ने अपनी पत्नी के नाम पर खरीदी गई ढाई डिसमिल जमीन के दाखिल-खारिज के लिए आवेदन दिया था। आरोप है कि कर्मचारी जितेंद्र कुमार बिना रिश्वत लिए काम आगे बढ़ाने को तैयार नहीं थे, जिसके बाद राजेंद्र राम ने निगरानी थाना में शिकायत दर्ज कराई। निगरानी विभाग ने शिकायत का सत्यापन किया और आरोप सही पाए गए। सत्यापन के बाद निगरानी विभाग ने राजस्व कर्मचारी के खिलाफ मामला दर्ज कर कार्रवाई की योजना बनाई। इसी क्रम में मंगलवार को निगरानी टीम ने जाल बिछाया और शिकायतकर्ता द्वारा 3,500 रुपये की रिश्वत राशि देते ही जितेंद्र कुमार को गड़हनी अंचल कार्यालय स्थित उनके दफ्तर से गिरफ्तार कर लिया। निगरानी विभाग के अधिकारी गौतम कुमार ने इस मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि आरोपों की जांच सही पाई गई थी, जिसके बाद विधिसम्मत कार्रवाई की गई। गिरफ्तार राजस्व कर्मचारी जितेंद्र कुमार मूल रूप से औरंगाबाद जिले के आधार बिगहा निवासी बताए जाते हैं। निगरानी विभाग की इस कार्रवाई को भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ी पहल माना जा रहा है। विभाग की टीम आरोपी को पटना ले गई है, जहाँ आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा रही है। इस घटना से अंचल कार्यालय के कर्मचारियों और आम लोगों के बीच खूब चर्चा हो रही है।4
- पटना के जगनपुरा स्थित ELEGENT "THE MIDIAS TOUCH" ने क्षेत्रीय युवाओं के लिए एक सुनहरा अवसर प्रस्तुत किया है। कंपनी ने बेहतरीन ऑफर और स्कीमें जारी की हैं, जिनकी घोषणा प्रोपराइटर राजकुमार वर्मा ने की है।1
- मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने लालू प्रसाद यादव को ‘खलनायक’ बताया है।1
- आरा शहर में 23 जून 2026 को मुहर्रम की 7वीं तारीख के अवसर पर कर्बला के शहीदों की याद में पारंपरिक "मेहदी का जुलूस" निकाला गया। करीब 200 वर्षों से चली आ रही इस परंपरा में हज़रत इमाम हुसैन (अ.) और उनके 72 साथियों की शहादत को याद किया गया, विशेष रूप से हज़रत क़ासिम (अ.) की शहादत की स्मृति में मातम और नौहाखानी की गई। यह मातमी जुलूस महादेवा महाजन टोली नं.-1 स्थित डिप्टी शेर अली के इमामबाड़ा से स्व. अहमद हुसैन की ओर से शुरू हुआ, जो शहर के विभिन्न मार्गों से होते हुए पुनः इमामबाड़ा पहुंचकर संपन्न हुआ। जुलूस में शामिल लोगों ने हरे वस्त्र धारण कर कर्बला की दर्दनाक घटना को याद करते हुए नौहा पढ़ा और मातम किया, जिससे पूरा माहौल गमगीन हो गया। नौहाख्वान अली हुसैन ने "शाहे कर्बोबला का मातम है, बेकसो बेनवा का मातम है" तथा सैयद रेयाज़ हुसैन ने "आ फ़ातमा के प्यारों को रोएँ, अहमद का घराना लूटा गया" जैसे मार्मिक नौहे पेश किए। इस आयोजन में सैयद आबिद बिलग्रामी, सैयद काज़िम हुसैन, प्रो. सैयद एजाज़ हुसैन, सैयद शब्बीर हसन, डॉ. कौनैन रज़ा, सैयद वारिस बिलग्रामी समेत बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया। वहीं गुड्डू अंसारी, ऊमा शंकर ओझा, अमित रंजन, अंजनी सिन्हा, बीर बहादुर सहित सभी धर्मों के लोगों ने आयोजन में सहयोग कर आपसी भाईचारे की मिसाल पेश की। प्रशासन द्वारा सुरक्षा एवं व्यवस्था के व्यापक इंतजाम किए गए थे, जबकि मीडिया कर्मियों ने जुलूस की लगातार कवरेज कर आयोजन को जन-जन तक पहुंचाया।1
- मुहर्रम की सातवीं तारीख को आरा शहर में कर्बला के शहीदों की याद में एक मातमी जुलूस, जिसे "मेहदी का जुलूस" कहा जाता है, निकाला गया। यह जुलूस महादेवा महाजन टोली नंबर 1 स्थित डिप्टी शेर अली के इमामबाड़ा से स्व. अहमद हुसैन की ओर से शुरू हुआ। यह परंपरा लगभग 200 साल पुरानी है, जो विशेष रूप से कर्बला में हज़रत इमाम हुसैन और उनके 72 साथियों की शहादत के साथ-साथ हज़रत क़ासिम (अ.स.) की याद में निकलती है। हज़रत क़ासिम की शहादत इतनी बेदर्दी से हुई थी कि उनकी लाश के टुकड़े-टुकड़े कर दिए गए थे, जिन्हें इमाम हुसैन ने एक चादर में समेटकर खेमे में लाया था, और सबने उनकी शहादत पर विलाप किया था। यह जुलूस महादेवा रोड, धर्मन चौक, गोपाली चौक, शीश महल चौक, सिंडिकेट इमामबाड़ा, बिचली रोड से होते हुए वापस धर्मन चौक और महादेवा रोड स्थित डिप्टी शेर अली के इमामबाड़ा में समाप्त हुआ। जुलूस में कर्बला के शहीदों की याद में नौहा पढ़ा जाता है और मातम किया जाता है। शिया समाज के लोग विशेष रूप से आज हरे वस्त्र पहनकर इस शोकपूर्ण घटना की याद में मातम और नौहा करते हुए शोक मनाते हैं। इस दुखद घटना की याद में सभी समुदाय के लोग भी जुलूस में शामिल होकर अपना भरपूर सहयोग करते हैं।3