भोजपुर जिले के गड़हनी अंचल में कार्यरत राजस्व कर्मचारी जितेंद्र कुमार को दाखिल-खारिज के एक मामले में रिश्वत लेते हुए निगरानी विभाग की टीम ने रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया है, जिससे सरकारी महकमे में हड़कंप मच गया। जानकारी के अनुसार, गड़हनी अंचल में पदस्थापित जितेंद्र कुमार पर दाखिल-खारिज की प्रक्रिया पूरी कराने के लिए रिश्वत मांगने का आरोप था। शिकायतकर्ता राजेंद्र राम, जो पेशे से शिक्षक हैं, ने अपनी पत्नी के नाम पर खरीदी गई ढाई डिसमिल जमीन के दाखिल-खारिज के लिए आवेदन दिया था। आरोप है कि कर्मचारी जितेंद्र कुमार बिना रिश्वत लिए काम आगे बढ़ाने को तैयार नहीं थे, जिसके बाद राजेंद्र राम ने निगरानी थाना में शिकायत दर्ज कराई। निगरानी विभाग ने शिकायत का सत्यापन किया और आरोप सही पाए गए। सत्यापन के बाद निगरानी विभाग ने राजस्व कर्मचारी के खिलाफ मामला दर्ज कर कार्रवाई की योजना बनाई। इसी क्रम में मंगलवार को निगरानी टीम ने जाल बिछाया और शिकायतकर्ता द्वारा 3,500 रुपये की रिश्वत राशि देते ही जितेंद्र कुमार को गड़हनी अंचल कार्यालय स्थित उनके दफ्तर से गिरफ्तार कर लिया। निगरानी विभाग के अधिकारी गौतम कुमार ने इस मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि आरोपों की जांच सही पाई गई थी, जिसके बाद विधिसम्मत कार्रवाई की गई। गिरफ्तार राजस्व कर्मचारी जितेंद्र कुमार मूल रूप से औरंगाबाद जिले के आधार बिगहा निवासी बताए जाते हैं। निगरानी विभाग की इस कार्रवाई को भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ी पहल माना जा रहा है। विभाग की टीम आरोपी को पटना ले गई है, जहाँ आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा रही है। इस घटना से अंचल कार्यालय के कर्मचारियों और आम लोगों के बीच खूब चर्चा हो रही है।
भोजपुर जिले के गड़हनी अंचल में कार्यरत राजस्व कर्मचारी जितेंद्र कुमार को दाखिल-खारिज के एक मामले में रिश्वत लेते हुए निगरानी विभाग की टीम ने रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया है, जिससे सरकारी महकमे में हड़कंप मच गया। जानकारी के अनुसार, गड़हनी अंचल में पदस्थापित जितेंद्र कुमार पर दाखिल-खारिज की प्रक्रिया पूरी कराने के लिए रिश्वत मांगने का आरोप था। शिकायतकर्ता राजेंद्र राम, जो पेशे से शिक्षक हैं, ने
अपनी पत्नी के नाम पर खरीदी गई ढाई डिसमिल जमीन के दाखिल-खारिज के लिए आवेदन दिया था। आरोप है कि कर्मचारी जितेंद्र कुमार बिना रिश्वत लिए काम आगे बढ़ाने को तैयार नहीं थे, जिसके बाद राजेंद्र राम ने निगरानी थाना में शिकायत दर्ज कराई। निगरानी विभाग ने शिकायत का सत्यापन किया और आरोप सही पाए गए। सत्यापन के बाद निगरानी विभाग ने राजस्व कर्मचारी के खिलाफ मामला दर्ज कर
कार्रवाई की योजना बनाई। इसी क्रम में मंगलवार को निगरानी टीम ने जाल बिछाया और शिकायतकर्ता द्वारा 3,500 रुपये की रिश्वत राशि देते ही जितेंद्र कुमार को गड़हनी अंचल कार्यालय स्थित उनके दफ्तर से गिरफ्तार कर लिया। निगरानी विभाग के अधिकारी गौतम कुमार ने इस मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि आरोपों की जांच सही पाई गई थी, जिसके बाद विधिसम्मत कार्रवाई की गई। गिरफ्तार राजस्व कर्मचारी जितेंद्र
कुमार मूल रूप से औरंगाबाद जिले के आधार बिगहा निवासी बताए जाते हैं। निगरानी विभाग की इस कार्रवाई को भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ी पहल माना जा रहा है। विभाग की टीम आरोपी को पटना ले गई है, जहाँ आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा रही है। इस घटना से अंचल कार्यालय के कर्मचारियों और आम लोगों के बीच खूब चर्चा हो रही है।
- मुहर्रम की सातवीं तारीख को आरा शहर में कर्बला के शहीदों की याद में एक मातमी जुलूस, जिसे "मेहदी का जुलूस" कहा जाता है, निकाला गया। यह जुलूस महादेवा महाजन टोली नंबर 1 स्थित डिप्टी शेर अली के इमामबाड़ा से स्व. अहमद हुसैन की ओर से शुरू हुआ। यह परंपरा लगभग 200 साल पुरानी है, जो विशेष रूप से कर्बला में हज़रत इमाम हुसैन और उनके 72 साथियों की शहादत के साथ-साथ हज़रत क़ासिम (अ.स.) की याद में निकलती है। हज़रत क़ासिम की शहादत इतनी बेदर्दी से हुई थी कि उनकी लाश के टुकड़े-टुकड़े कर दिए गए थे, जिन्हें इमाम हुसैन ने एक चादर में समेटकर खेमे में लाया था, और सबने उनकी शहादत पर विलाप किया था। यह जुलूस महादेवा रोड, धर्मन चौक, गोपाली चौक, शीश महल चौक, सिंडिकेट इमामबाड़ा, बिचली रोड से होते हुए वापस धर्मन चौक और महादेवा रोड स्थित डिप्टी शेर अली के इमामबाड़ा में समाप्त हुआ। जुलूस में कर्बला के शहीदों की याद में नौहा पढ़ा जाता है और मातम किया जाता है। शिया समाज के लोग विशेष रूप से आज हरे वस्त्र पहनकर इस शोकपूर्ण घटना की याद में मातम और नौहा करते हुए शोक मनाते हैं। इस दुखद घटना की याद में सभी समुदाय के लोग भी जुलूस में शामिल होकर अपना भरपूर सहयोग करते हैं।3
- Post by CHANDAN KUMAR1
- ब्रह्मपुर प्रखंड प्रमुख प्रतिनिधि दुर्गा चरण मिश्रा ने भरत तिवारी एनकाउंटर मामले पर अपनी बात रखी है। उनका बयान सामने आया है, जिसे सुना जा सकता है।1
- मुहर्रम पर्व को ध्यान में रखते हुए, बिक्रम थाना परिसर में शांति समिति की एक बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक में पर्व के दौरान शांति और व्यवस्था बनाए रखने से संबंधित विषयों पर चर्चा की गई।1
- सोमवार को नगर परिषद बिहटा में नमस्ते योजना के तहत सफाई मित्रों के लिए एक प्रशिक्षण सह क्षमता संवर्धन कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य सुरक्षित एवं यंत्रीकृत सफाई व्यवस्था को बढ़ावा देना था। कार्यशाला के दौरान, राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी वित्त एवं विकास निगम (एनएसकेएफडीसी) की टीम ने दृश्य प्रस्तुतीकरण के माध्यम से हाथ से मैला ढोने की प्रथा के उन्मूलन, स्वच्छता कार्यों के यंत्रीकरण और नमस्ते योजना के विभिन्न प्रावधानों पर विस्तृत जानकारी दी। प्रशिक्षकों ने स्पष्ट किया कि जोखिमपूर्ण परिस्थितियों में सुरक्षित तरीके से कार्य करने के लिए सफाई मित्रों को आधुनिक तकनीक और सुरक्षा उपायों से जोड़ना ही इस योजना का प्रमुख लक्ष्य है। इस अवसर पर, सफाई मित्रों को व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण (पीपीई) किट के महत्व और उसके सही उपयोग के बारे में बताया गया, साथ ही उन्हें सुरक्षा किट का वितरण भी किया गया। स्वच्छता कार्यों से जुड़े कर्मियों की सुरक्षा, सम्मान और कार्यकुशलता को बढ़ाने के उद्देश्य से यह कार्यशाला आयोजित की गई।1
- सारण के वरीय पुलिस अधीक्षक श्री विनीत कुमार के निर्देश पर मंगलवार को रिविलगंज थाना क्षेत्र में आगामी मुहर्रम पर्व के मद्देनजर विधि-व्यवस्था और शांति बनाए रखने के उद्देश्य से एक संयुक्त फ्लैग मार्च निकाला गया। इस मार्च में अंचलाधिकारी रिविलगंज, थानाध्यक्ष और थाना के पदाधिकारी एवं कर्मी शामिल थे।1
- जगदीशपुर नगर भाजपा द्वारा डॉक्टर श्यामा प्रसाद मुखर्जी का बलिदान दिवस मनाया गया। इस अवसर पर कई लोग कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे।1
- प्रशांत किशोर 24 जून, 2026 (बुधवार) को सुबह 10:30 बजे भोजपुर जिले के शाहपुर प्रखंड स्थित बिलौटी गाँव पहुँचेंगे। वे वहाँ भरत भूषण तिवारी के परिवार से मुलाकात करेंगे। प्रशांत किशोर का यह दौरा पुलिस द्वारा की गई हत्या के विरोध में आयोजित 'सर्व समाज महापंचायत' में शामिल होने के लिए है।1
- मोहर्रम पर्व को ध्यान में रखते हुए जनता बाजार थाना में शांति समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में थाना प्रभारी जय हिंद यादव ने सभी उपस्थित सदस्यों से आगामी मोहर्रम के दौरान क्षेत्र में आपसी सौहार्द और शांति बनाए रखने की अपील की।1