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जगदीशपुर नगर भाजपा द्वारा डॉक्टर श्यामा प्रसाद मुखर्जी का बलिदान दिवस मनाया गया। इस अवसर पर कई लोग कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे।
नितीश भारद्वाज
जगदीशपुर नगर भाजपा द्वारा डॉक्टर श्यामा प्रसाद मुखर्जी का बलिदान दिवस मनाया गया। इस अवसर पर कई लोग कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे।
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- आरा की धरती से 'सातवीं फेल मुख्यमंत्री' सम्राट चौधरी को भरत भूषण तिवारी द्वारा एक खुली और सीधी चुनौती दी गई है। फर्जी एनकाउंटर और बिहार पुलिस के संदर्भ में, चुनौती देने वालों ने स्पष्ट कहा है कि वे सम्राट चौधरी को अपना पांच साल का कार्यकाल पूरा नहीं करने देंगे।1
- Post by CHANDAN KUMAR1
- आरा शहर में 23 जून 2026 को मुहर्रम की 7वीं तारीख के अवसर पर कर्बला के शहीदों की याद में पारंपरिक "मेहदी का जुलूस" निकाला गया। करीब 200 वर्षों से चली आ रही इस परंपरा में हज़रत इमाम हुसैन (अ.) और उनके 72 साथियों की शहादत को याद किया गया, विशेष रूप से हज़रत क़ासिम (अ.) की शहादत की स्मृति में मातम और नौहाखानी की गई। यह मातमी जुलूस महादेवा महाजन टोली नं.-1 स्थित डिप्टी शेर अली के इमामबाड़ा से स्व. अहमद हुसैन की ओर से शुरू हुआ, जो शहर के विभिन्न मार्गों से होते हुए पुनः इमामबाड़ा पहुंचकर संपन्न हुआ। जुलूस में शामिल लोगों ने हरे वस्त्र धारण कर कर्बला की दर्दनाक घटना को याद करते हुए नौहा पढ़ा और मातम किया, जिससे पूरा माहौल गमगीन हो गया। नौहाख्वान अली हुसैन ने "शाहे कर्बोबला का मातम है, बेकसो बेनवा का मातम है" तथा सैयद रेयाज़ हुसैन ने "आ फ़ातमा के प्यारों को रोएँ, अहमद का घराना लूटा गया" जैसे मार्मिक नौहे पेश किए। इस आयोजन में सैयद आबिद बिलग्रामी, सैयद काज़िम हुसैन, प्रो. सैयद एजाज़ हुसैन, सैयद शब्बीर हसन, डॉ. कौनैन रज़ा, सैयद वारिस बिलग्रामी समेत बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया। वहीं गुड्डू अंसारी, ऊमा शंकर ओझा, अमित रंजन, अंजनी सिन्हा, बीर बहादुर सहित सभी धर्मों के लोगों ने आयोजन में सहयोग कर आपसी भाईचारे की मिसाल पेश की। प्रशासन द्वारा सुरक्षा एवं व्यवस्था के व्यापक इंतजाम किए गए थे, जबकि मीडिया कर्मियों ने जुलूस की लगातार कवरेज कर आयोजन को जन-जन तक पहुंचाया।1
- मुहर्रम की सातवीं तारीख को आरा शहर में कर्बला के शहीदों की याद में एक मातमी जुलूस, जिसे "मेहदी का जुलूस" कहा जाता है, निकाला गया। यह जुलूस महादेवा महाजन टोली नंबर 1 स्थित डिप्टी शेर अली के इमामबाड़ा से स्व. अहमद हुसैन की ओर से शुरू हुआ। यह परंपरा लगभग 200 साल पुरानी है, जो विशेष रूप से कर्बला में हज़रत इमाम हुसैन और उनके 72 साथियों की शहादत के साथ-साथ हज़रत क़ासिम (अ.स.) की याद में निकलती है। हज़रत क़ासिम की शहादत इतनी बेदर्दी से हुई थी कि उनकी लाश के टुकड़े-टुकड़े कर दिए गए थे, जिन्हें इमाम हुसैन ने एक चादर में समेटकर खेमे में लाया था, और सबने उनकी शहादत पर विलाप किया था। यह जुलूस महादेवा रोड, धर्मन चौक, गोपाली चौक, शीश महल चौक, सिंडिकेट इमामबाड़ा, बिचली रोड से होते हुए वापस धर्मन चौक और महादेवा रोड स्थित डिप्टी शेर अली के इमामबाड़ा में समाप्त हुआ। जुलूस में कर्बला के शहीदों की याद में नौहा पढ़ा जाता है और मातम किया जाता है। शिया समाज के लोग विशेष रूप से आज हरे वस्त्र पहनकर इस शोकपूर्ण घटना की याद में मातम और नौहा करते हुए शोक मनाते हैं। इस दुखद घटना की याद में सभी समुदाय के लोग भी जुलूस में शामिल होकर अपना भरपूर सहयोग करते हैं।3
- जन सुराज ने घोषणा की है कि भरत तिवारी के परिजनों को न्याय दिलवाने तक उनकी लड़ाई निरंतर जारी रहेगी। यह संघर्ष तब तक चलेगा जब तक परिवार को न्याय नहीं मिल जाता।1
- रोहतास जिले में नए जिलाधिकारी दीपक कुमार मिश्रा ने विधिवत अपना पदभार ग्रहण कर लिया है। उन्होंने निवर्तमान जिलाधिकारी उदिता सिंह से प्रभार लिया, जिन्हें सरकार ने नालंदा जिले की नई जिम्मेदारी सौंपी है। पदभार संभालने के बाद, नए जिलाधिकारी दीपक कुमार मिश्रा ने स्पष्ट किया कि उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता सरकार की लोक-कल्याणकारी योजनाओं को लाभार्थियों तक पारदर्शी तरीके से पहुंचाना और जिले में चल रही विकास योजनाओं को समय पर पूरा करना होगा। कार्यभार संभालते ही उन्हें एक्शन मोड में देखा गया, जहाँ उन्होंने कहा कि वर्तमान में मुहर्रम को शांतिपूर्ण, सौहार्दपूर्ण और सुरक्षित माहौल में संपन्न कराना प्रशासन की पहली प्राथमिकता है। इसके लिए उन्होंने जिले में सुरक्षा और विधि-व्यवस्था का अवलोकन भी किया। जिलाधिकारी मिश्रा ने सरकारी योजनाओं का शत-प्रतिशत क्रियान्वयन सुनिश्चित करने और विकास कार्यों में तेजी लाने पर जोर दिया। उन्होंने दोहराया कि मुहर्रम के दौरान जिले में शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखना अत्यंत महत्वपूर्ण है, और प्रशासन का मुख्य उद्देश्य जनता की सेवा करना है।4
- जेडीयू नेता मुकेश सिंह ने मीडिया के साथ खास बातचीत की। हालाँकि, दिए गए विवरण में यह नहीं बताया गया है कि उन्होंने इस बातचीत के क्रम में क्या कहा।1
- भोजपुर में भरत भूषण तिवारी के कथित एनकाउंटर का मामला अब तूल पकड़ चुका है। इस घटना को 'फर्जी एनकाउंटर' बताते हुए इसकी निष्पक्ष जांच की मांग की जा रही है। इसी कड़ी में सीनियर एडवोकेट विशाल तिवारी और नरेंद्र मिश्रा ने भारत के उच्चतम न्यायालय में एक जनहित याचिका (PIL) दायर की है। इस याचिका में स्पष्ट रूप से मामले को फर्जी एनकाउंटर करार देते हुए पुलिस की भूमिका पर सवाल उठाए गए हैं और एक स्वतंत्र व निष्पक्ष जांच की आवश्यकता पर जोर दिया गया है। इस मामले में अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि क्या पुलिसकर्मियों के खिलाफ हत्या की प्राथमिकी (FIR) दर्ज होगी और उच्चतम न्यायालय इस याचिका पर क्या आदेश दे सकता है। ये सभी पहलू आज के एक्सप्लेनर में समझने की कोशिश की जाएगी।1
- हरिद्वार से आए स्वामी आनंद स्वरूप ने भरत एनकाउंटर मामले से जुड़े घटना स्थल का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने भरत की स्मृति में एक प्रतिमा स्थापित करने और सड़क का नामकरण करने की मांग उठाई। स्वामी आनंद स्वरूप ने स्वयं एक ईंट रखकर स्मृति स्थल के निर्माण की घोषणा भी की।1