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“अंबिकापुर में कार्यक्रम का भुगतान न मिलने का कथावाचक ने लगाया आरोप, सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो” “अंबिकापुर में कार्यक्रम का भुगतान न मिलने का कथावाचक ने लगाया आरोप, सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो”

1 hr ago
user_Pooja Jaiswal Journalist
Pooja Jaiswal Journalist
Voice of people खरसिया, रायगढ़, छत्तीसगढ़•
1 hr ago

“अंबिकापुर में कार्यक्रम का भुगतान न मिलने का कथावाचक ने लगाया आरोप, सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो” “अंबिकापुर में कार्यक्रम का भुगतान न मिलने का कथावाचक ने लगाया आरोप, सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो”

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  • “अंबिकापुर में कार्यक्रम का भुगतान न मिलने का कथावाचक ने लगाया आरोप, सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो”
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    “अंबिकापुर में कार्यक्रम का भुगतान न मिलने का कथावाचक ने लगाया आरोप, सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो”
    user_Pooja Jaiswal Journalist
    Pooja Jaiswal Journalist
    Voice of people खरसिया, रायगढ़, छत्तीसगढ़•
    1 hr ago
  • बालकों में मजदूरों ने दिखाई ताकत,अमित जोगी ने लगाई दहाड़,खटिया खड़ी आंदोलन में अमित जोगी के साथ शामिल हुए अर्जुन राठौर।
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    बालकों में मजदूरों ने दिखाई ताकत,अमित जोगी ने लगाई दहाड़,खटिया खड़ी आंदोलन में अमित जोगी के साथ शामिल हुए अर्जुन राठौर।
    user_Bhupendra lahare
    Bhupendra lahare
    Farmer मलखरोदा, सक्ती, छत्तीसगढ़•
    1 hr ago
  • Post by Gautam karsh
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    Post by Gautam karsh
    user_Gautam karsh
    Gautam karsh
    Farmer Malkharoda, Sakti•
    4 hrs ago
  • Post by पत्रकारिकता
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    Post by पत्रकारिकता
    user_पत्रकारिकता
    पत्रकारिकता
    सारंगढ़, सारंगढ़ बिलाईगढ़, छत्तीसगढ़•
    1 hr ago
  • Post by SK Kashyapपत्रकार रींवापार
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    Post by SK Kashyapपत्रकार रींवापार
    user_SK Kashyapपत्रकार रींवापार
    SK Kashyapपत्रकार रींवापार
    Farmer बारपाली, कोरबा, छत्तीसगढ़•
    7 hrs ago
  • ™️
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    ™️
    user_User5961
    User5961
    बरमकेला, सारंगढ़ बिलाईगढ़, छत्तीसगढ़•
    20 hrs ago
  • चार पिकअप में 20 गौवंश पकड़ाए, पुलिस जांच में जुटी — कवरेज के दौरान पत्रकार को फोटो-वीडियो लेने से रोका धरमजयगढ़ - धरमजयगढ़ थाना क्षेत्र में चार पिकअप वाहनों में करीब 20 नग गौवंश को ले जाते हुए पाए जाने के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सभी वाहनों को थाने लाकर संबंधित लोगों से पूछताछ शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार प्रत्येक पिकअप वाहन में चार से पांच गौवंश को अत्यंत सघन तरीके से लादकर ले जाया जा रहा था। स्थानीय पत्रकारों एवं जागरूक नागरिकों ने जब यह दृश्य देखा तो इसकी सूचना तत्काल पुलिस को दी। सूचना मिलते ही पुलिस ने सक्रियता दिखाते हुए चारों पिकअप वाहनों को धरमजयगढ़ थाने लाकर जांच प्रारंभ कर दी। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि गौवंश को तस्करी के उद्देश्य से ले जाया जा रहा था या किसान इन्हें निजी उपयोग के लिए एक स्थान से दूसरे स्थान ले जा रहे थे। पुलिस द्वारा दस्तावेजों की जांच और संबंधित लोगों से पूछताछ की जा रही है। जांच के बाद ही पूरे मामले की वास्तविकता सामने आ सकेगी। इसी दौरान मामले की कवरेज करने पहुंचे एक पत्रकार को थाने परिसर में फोटो और वीडियो लेने से रोके जाने की स्थिति भी बनी। बताया जाता है कि थाने के वीडियो और फोटो लेने के लिए अनुमति लेने की बात कही गई, जिस पर कुछ समय के लिए माहौल गर्म हो गया था। हालांकि बाद में सूझबूझ से स्थिति को शांत करा लिया गया। यहाँ बताना लाजिमी है कि पत्रकार द्वारा थाने के डिस्प्ले बोर्ड का वीडियो फोटो लिया जा रहा था न कि किसी पुलिस कर्मी या अधिकारी का, फिर भी मीडिया को रोका जाना समझ से परे है ! इस संबंध में उच्च अधिकारियों को भी पूरे घटनाक्रम की जानकारी दे दी गई है, जिस पर संबंधित अधिकारी द्वारा मामले को संज्ञान में लेने का आश्वासन दिया गया है। गूगल फॉर्म में अनुभव किया साझा घटनाक्रम के बाद संबंधित पत्रकार ने अपने अनुभव को साझा करते हुए एक गूगल फॉर्म के माध्यम से अपना अनुभव दर्ज किया। इसमें उन्होंने समाचार कवरेज के दौरान उत्पन्न हुई स्थिति का उल्लेख करते हुए कहा कि इस प्रकार की परिस्थितियां मीडिया और प्रशासन के बीच अनावश्यक तनाव की स्थिति उत्पन्न करती हैं। नियम स्पष्ट करने का सुझाव पत्रकार ने सुझाव कॉलम में यह भी उल्लेख किया है कि यदि थाने परिसर में मीडिया द्वारा फोटो या वीडियो बनाने से संबंधित कोई नियमावली लागू है तो उसे स्पष्ट रूप से सूचना बोर्ड पर चस्पा किया जाना चाहिए, ताकि पत्रकारों और आम नागरिकों को पहले से इसकी जानकारी मिल सके और भविष्य में इस प्रकार की स्थिति निर्मित न हो। कहाँ गये गौरक्षक? इस घटना ने एक बड़ा सवाल भी खड़ा कर दिया है कि गौवंश की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध बताए जाने वाले गौरक्षक आखिर इस तरह के मामलों में कहाँ हैं। जिस प्रकार चार पिकअप वाहनों में ठूंस-ठूंस कर गौवंश को ले जाया जा रहा था, उसने कई शंकाओं को जन्म दिया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि मीडिया और नागरिक सक्रिय न रहें तो इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति होती रह सकती है। आरोप यह भी लग रहे हैं कि कई बार जिम्मेदार लोग अपनी जिम्मेदारी से मुंह मोड़ लेते हैं या आवाज उठाने वालों को नियमों का हवाला देकर चुप कराने की कोशिश करते हैं।
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    चार पिकअप में 20 गौवंश पकड़ाए, पुलिस जांच में जुटी — कवरेज के दौरान पत्रकार को फोटो-वीडियो लेने से रोका 
धरमजयगढ़ - धरमजयगढ़ थाना क्षेत्र में चार पिकअप वाहनों में करीब 20 नग गौवंश को ले जाते हुए पाए जाने के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सभी वाहनों को थाने लाकर संबंधित लोगों से पूछताछ शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार प्रत्येक पिकअप वाहन में चार से पांच गौवंश को अत्यंत सघन तरीके से लादकर ले जाया जा रहा था। स्थानीय पत्रकारों एवं जागरूक नागरिकों ने जब यह दृश्य देखा तो इसकी सूचना तत्काल पुलिस को दी। सूचना मिलते ही पुलिस ने सक्रियता दिखाते हुए चारों पिकअप वाहनों को धरमजयगढ़ थाने लाकर जांच प्रारंभ कर दी।
फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि गौवंश को तस्करी के उद्देश्य से ले जाया जा रहा था या किसान इन्हें निजी उपयोग के लिए एक स्थान से दूसरे स्थान ले जा रहे थे। पुलिस द्वारा दस्तावेजों की जांच और संबंधित लोगों से पूछताछ की जा रही है। जांच के बाद ही पूरे मामले की वास्तविकता सामने आ सकेगी।
इसी दौरान मामले की कवरेज करने पहुंचे एक पत्रकार को थाने परिसर में फोटो और वीडियो लेने से रोके जाने की स्थिति भी बनी। बताया जाता है कि थाने के वीडियो और फोटो लेने के लिए अनुमति लेने की बात कही गई, जिस पर कुछ समय के लिए माहौल गर्म हो गया था। हालांकि बाद में सूझबूझ से स्थिति को शांत करा लिया गया। यहाँ बताना लाजिमी है कि पत्रकार द्वारा थाने के डिस्प्ले बोर्ड का वीडियो फोटो लिया जा रहा था न कि किसी पुलिस कर्मी या अधिकारी का, फिर भी मीडिया को रोका जाना समझ से परे है !
इस संबंध में उच्च अधिकारियों को भी पूरे घटनाक्रम की जानकारी दे दी गई है, जिस पर संबंधित अधिकारी द्वारा मामले को संज्ञान में लेने का आश्वासन दिया गया है।
गूगल फॉर्म में अनुभव किया साझा
घटनाक्रम के बाद संबंधित पत्रकार ने अपने अनुभव को साझा करते हुए एक गूगल फॉर्म के माध्यम से अपना अनुभव दर्ज किया। इसमें उन्होंने समाचार कवरेज के दौरान उत्पन्न हुई स्थिति का उल्लेख करते हुए कहा कि इस प्रकार की परिस्थितियां मीडिया और प्रशासन के बीच अनावश्यक तनाव की स्थिति उत्पन्न करती हैं।
नियम स्पष्ट करने का सुझाव
पत्रकार ने सुझाव कॉलम में यह भी उल्लेख किया है कि यदि थाने परिसर में मीडिया द्वारा फोटो या वीडियो बनाने से संबंधित कोई नियमावली लागू है तो उसे स्पष्ट रूप से सूचना बोर्ड पर चस्पा किया जाना चाहिए, ताकि पत्रकारों और आम नागरिकों को पहले से इसकी जानकारी मिल सके और भविष्य में इस प्रकार की स्थिति निर्मित न हो।
कहाँ गये गौरक्षक?
इस घटना ने एक बड़ा सवाल भी खड़ा कर दिया है कि गौवंश की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध बताए जाने वाले गौरक्षक आखिर इस तरह के मामलों में कहाँ हैं। जिस प्रकार चार पिकअप वाहनों में ठूंस-ठूंस कर गौवंश को ले जाया जा रहा था, उसने कई शंकाओं को जन्म दिया है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि मीडिया और नागरिक सक्रिय न रहें तो इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति होती रह सकती है। आरोप यह भी लग रहे हैं कि कई बार जिम्मेदार लोग अपनी जिम्मेदारी से मुंह मोड़ लेते हैं या आवाज उठाने वालों को नियमों का हवाला देकर चुप कराने की कोशिश करते हैं।
    user_ऋषभ तिवारी
    ऋषभ तिवारी
    पत्रकार Udaipur (Dharamjaigarh), Raigarh•
    18 hrs ago
  • "नेहरू पार्क गार्डन के पास गंदगी से खतरा, निगम से तुरंत कार्रवाई की अपील"
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    "नेहरू पार्क गार्डन के पास गंदगी से खतरा, निगम से तुरंत कार्रवाई की अपील"
    user_Pooja Jaiswal Journalist
    Pooja Jaiswal Journalist
    Voice of people खरसिया, रायगढ़, छत्तीसगढ़•
    10 hrs ago
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