मध्य प्रदेश में इंसानियत को झकझोर देने वाली घटना सामने आई है। उमरिया के कोतवाली थाना क्षेत्र के ग्राम मकरघरा में पांच दिन से लापता युवक का शव नाले के पास जमीन में दफन मिला है। शव मिलने के बाद इलाके में सनसनी फैल गई।मृतक की पहचान 30 वर्षीय गोचरण सिंह पिता टेकचंद सिंह के रूप में हुई है, जो पेशे से ड्राइवर बताया जा रहा है। गोचरण 5 सितंबर से लापता था और परिजनों ने कोतवाली थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई थी। इसी बीच नदी किनारे से गुजर रहे एक चरवाहे को तेज दुर्गंध महसूस हुई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने संदिग्ध स्थान पर खुदाई कराई, जहां जमीन के अंदर से गोचरण का शव बरामद हुआ। मौके से फावड़ा मिलने की भी बात सामने आई है। शव दफन मिलने के बाद परिजनों ने हत्या की आशंका जताई है। हालांकि पुलिस ने अभी हत्या की पुष्टि नहीं की है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया है। अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट से मौत की वास्तविक वजह सामने आने की उम्मीद है। पुलिस युवक के लापता होने से लेकर शव मिलने तक की पूरी कड़ी खंगाल रही है और हत्या, हादसे समेत सभी संभावित पहलुओं पर जांच कर रही है। सबसे बड़ा सवाल—आखिर गोचरण की मौत कैसे हुई और उसका शव नदी किनारे जमीन में किसने दफन किया?
मध्य प्रदेश में इंसानियत को झकझोर देने वाली घटना सामने आई है। उमरिया के कोतवाली थाना क्षेत्र के ग्राम मकरघरा में पांच दिन से लापता युवक का शव नाले के पास जमीन में दफन मिला है। शव मिलने के बाद इलाके में सनसनी फैल गई।मृतक की पहचान 30 वर्षीय गोचरण सिंह पिता टेकचंद सिंह के रूप में हुई है, जो पेशे से ड्राइवर बताया जा रहा है। गोचरण 5 सितंबर से लापता था और परिजनों ने कोतवाली थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई थी। इसी बीच नदी किनारे से गुजर रहे एक चरवाहे को तेज दुर्गंध महसूस हुई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने संदिग्ध स्थान पर खुदाई कराई, जहां जमीन के अंदर से गोचरण का शव बरामद हुआ। मौके से फावड़ा मिलने की भी बात सामने आई है। शव दफन मिलने के बाद परिजनों ने हत्या की आशंका जताई है। हालांकि पुलिस ने अभी हत्या की पुष्टि नहीं की है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया है। अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट से मौत की वास्तविक वजह सामने आने की उम्मीद है। पुलिस युवक के लापता होने से लेकर शव मिलने तक की पूरी कड़ी खंगाल रही है और हत्या, हादसे समेत सभी संभावित पहलुओं पर जांच कर रही है। सबसे बड़ा सवाल—आखिर गोचरण की मौत कैसे हुई और उसका शव नदी किनारे जमीन में किसने दफन किया?
- बरसात के मौसम में भी मुरूम एवं रेत अवैध खनन और परिवहन का सिलसिला जोरों पर *मुरूम के अवैध खनन का खेल, दिन-रात दौड़ रही ट्रैक्टर-ट्रालियां* *सूखा खलौंद, सेहरा टोला और बरबसपुर क्षेत्र में धड़ल्ले से उत्खनन का आरोप* *ग्रामीणों ने कार्रवाई नहीं होने पर उठाए सवाल* बिरसिंहपुर पाली। उमरिया जिले के बिरसिंहपुर पाली क्षेत्र में मुरूम के कथित अवैध खनन और परिवहन का मामला सामने आया है। स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि सूखा खलौंद, सेहरा टोला और बरबसपुर सहित आसपास के क्षेत्रों में जेसीबी मशीनों से मुरूम की खुदाई कर ट्रैक्टर-ट्रालियों और डंपरों के माध्यम से इसकी सप्लाई की जा रही है। ग्रामीणों के मुताबिक यह गतिविधि दिन के साथ-साथ रात के समय भी जारी रहती है। बताया जा रहा है कि सड़क निर्माण, भवन निर्माण और अन्य निर्माण कार्यों में मुरूम की मांग का फायदा उठाकर कथित तौर पर बिना वैध अनुमति खनन किया जा रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई स्थानों पर पहाड़ियों और खेतों से मुरूम निकालने के कारण प्राकृतिक भू-भाग में बदलाव आ रहा है। यदि समय रहते इस पर रोक नहीं लगाई गई तो इसका असर पर्यावरण के साथ-साथ कृषि भूमि पर भी पड़ सकता है। *रात में जेसीबी से खुदाई का आरोप* ग्रामीणों के अनुसार, कुछ स्थानों पर रात के अंधेरे में जेसीबी मशीनों से मुरूम की खुदाई की जाती है और इसके बाद ट्रैक्टर-ट्रालियों के जरिए निर्माण स्थलों तक पहुंचाया जाता है। ग्रामीणों का यह भी कहना है कि लगातार भारी वाहनों की आवाजाही से गांवों की सड़कों की स्थिति खराब हो रही है। धूल के कारण राहगीरों, ग्रामीणों और स्कूली बच्चों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। *राजस्व नुकसान का भी सवाल* अवैध खनन और परिवहन की स्थिति में शासन को रॉयल्टी एवं अन्य शुल्क के रूप में मिलने वाले राजस्व के नुकसान की आशंका भी जताई जा रही है। ग्रामीणों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने मांग की है कि प्रशासन संबंधित क्षेत्रों में मौके का निरीक्षण कर यह स्पष्ट करे कि जहां से मुरूम निकाली जा रही है, वहां वैध अनुमति और आवश्यक दस्तावेज मौजूद हैं या नहीं। *शिकायतों के बावजूद कार्रवाई पर सवाल* स्थानीय लोगों का कहना है कि अवैध खनन और परिवहन की शिकायतें संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाई गई हैं, लेकिन प्रभावी कार्रवाई दिखाई नहीं दे रही है। इसी कारण कथित खनन कारोबार से जुड़े लोगों के हौसले बढ़ने की बात कही जा रही है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि सूखा खलौंद, सेहरा टोला और बरबसपुर क्षेत्र में विशेष जांच अभियान चलाकर खनन स्थलों का भौतिक सत्यापन कराया जाए। साथ ही जेसीबी मशीनों और मुरूम परिवहन में लगे वाहनों के दस्तावेजों की जांच कर नियम विरुद्ध गतिविधि पाए जाने पर संबंधितों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। *अधिकारियों के जवाब का इंतजार* मामले को लेकर खनिज विभाग के अधिकारियों से संपर्क कर उनका पक्ष जानने का प्रयास किया गया, लेकिन खबर लिखे जाने तक स्पष्ट जवाब नहीं मिल सका। जिला प्रशासन की ओर से शिकायत मिलने पर जांच और नियमानुसार कार्रवाई की बात कही गई है। अब सवाल यह है कि यदि क्षेत्र में बिना अनुमति मुरूम का उत्खनन और परिवहन हो रहा है तो जिम्मेदार विभाग इसकी निगरानी क्यों नहीं कर पा रहा है? ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे मामले को लेकर आंदोलन का रास्ता अपनाएंगे।2
- मध्य प्रदेश में इंसानियत को झकझोर देने वाली घटना सामने आई है। उमरिया के कोतवाली थाना क्षेत्र के ग्राम मकरघरा में पांच दिन से लापता युवक का शव नाले के पास जमीन में दफन मिला है। शव मिलने के बाद इलाके में सनसनी फैल गई।मृतक की पहचान 30 वर्षीय गोचरण सिंह पिता टेकचंद सिंह के रूप में हुई है, जो पेशे से ड्राइवर बताया जा रहा है। गोचरण 5 सितंबर से लापता था और परिजनों ने कोतवाली थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई थी। इसी बीच नदी किनारे से गुजर रहे एक चरवाहे को तेज दुर्गंध महसूस हुई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने संदिग्ध स्थान पर खुदाई कराई, जहां जमीन के अंदर से गोचरण का शव बरामद हुआ। मौके से फावड़ा मिलने की भी बात सामने आई है। शव दफन मिलने के बाद परिजनों ने हत्या की आशंका जताई है। हालांकि पुलिस ने अभी हत्या की पुष्टि नहीं की है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया है। अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट से मौत की वास्तविक वजह सामने आने की उम्मीद है। पुलिस युवक के लापता होने से लेकर शव मिलने तक की पूरी कड़ी खंगाल रही है और हत्या, हादसे समेत सभी संभावित पहलुओं पर जांच कर रही है। सबसे बड़ा सवाल—आखिर गोचरण की मौत कैसे हुई और उसका शव नदी किनारे जमीन में किसने दफन किया?1
- उमरिया उमरिया के सब्जी मंडी स्थित कोलकाता बाजार में देर रात में आग लगने से हड़कंप बताया जा रहा है कि आज लगभग रात के 2:00 बजे लगी है देखते ही देखते एक दर्जन दुकानों को अपनी लपेट में ले लिया है और इससे एक दर्ज दुकान का सामान जलकर नष्ट होचुका है 1 मुकेश कुमार के संवाददाता की खास रिपोर्ट 1 उमरिया मध्य प्रदेश उमरिया आग की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीम तत्काल मौके पर पहुंची और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। समय रहते आग बुझा लिए जाने से 100 से अधिक अन्य दुकानों को आग की चपेट में आने से बचा लिया गया। फिलहाल आग से लाखों रुपये के नुकसान की आशंका जताई जा रही है। हालांकि आग किन परिस्थितियों में लगी, यह हादसा था या किसी ने आग लगाई—इन तमाम सवालों का जवाब पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा।3
- उमरिया के सब्जी मंडी स्थित कलकत्ता सेल बाजार में देर रात भीषण आग लगने से हड़कंप मच गया। मध्य प्रदेश उमरिया के सब्जी मंडी स्थित कलकत्ता सेल बाजार में देर रात भीषण आग लगने से हड़कंप मच गया। बताया जा रहा है कि रात करीब 2 बजे अचानक आग लग गई। देखते ही देखते आग ने करीब एक दर्जन दुकानों को अपनी चपेट में ले लिया, जिससे दुकानों में रखा सामान जलकर नष्ट हो गया। आग की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीम तत्काल मौके पर पहुंची और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। समय रहते आग बुझा लिए जाने से 100 से अधिक अन्य दुकानों को आग की चपेट में आने से बचा लिया गया। फिलहाल आग से लाखों रुपये के नुकसान की आशंका जताई जा रही है। हालांकि आग किन परिस्थितियों में लगी, यह हादसा था या किसी ने आग लगाई—इन तमाम सवालों का जवाब पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा।1
- कलकत्ता बाजार में देर रात भीषण आग, एक दर्जन दुकानें चपेट में कलकत्ता बाजार में देर रात भीषण आग, एक दर्जन दुकानें चपेट में उमरिया। सब्जी मंडी स्थित कलकत्ता बाजार में देर रात करीब 2 बजे अचानक भीषण आग लग गई। देखते ही देखते आग ने करीब एक दर्जन दुकानों को अपनी चपेट में ले लिया। दुकानों में रखा सामान जलकर नष्ट हो गया। आग से लाखों रुपये के नुकसान की आशंका जताई जा रही है। सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। समय रहते आग बुझा लिए जाने से 100 से अधिक अन्य दुकानों को आग की चपेट में आने से बचा लिया गया। आग लगने से मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। आग किन परिस्थितियों में लगी, यह हादसा था या किसी ने आग लगाई, इसका खुलासा पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगा।1
- थाना शहपुरा का भ्रमण किया गया। इस दौरान उन्होंने थाना क्षेत्र में घटित अपराधों एवं आमजन से प्राप्त शिकायतों के त्वरित निराकरण के लिए थाना प्रभारी को आवश्यक निर्देश दिए। जनविश्वास अभियान के तहत शहपुरा थाना क्षेत्र में पुलिस की व्यापक कार्यवाही डिण्डौरी, 11 सितम्बर 2026 मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देशानुसार प्रदेशभर में संचालित जनविश्वास अभियान के तहत पुलिस विभाग द्वारा आमजन की शिकायतों के त्वरित निराकरण एवं जनता और पुलिस के बीच बेहतर संवाद स्थापित करने के लिए निरंतर कार्यवाही की जा रही है। इसी क्रम में पुलिस अधीक्षक डिण्डौरी श्री आशीष खरे द्वारा 27 अगस्त 2026 को थाना शहपुरा का भ्रमण किया गया। इस दौरान उन्होंने थाना क्षेत्र में घटित अपराधों एवं आमजन से प्राप्त शिकायतों के त्वरित निराकरण के लिए थाना प्रभारी को आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने थाना के अधिकारी-कर्मचारियों की बैठक लेकर 11 सितम्बर 2026 को ग्राम गुतलवाह में आयोजित जनविश्वास शिविर में पुलिस विभाग से संबंधित आमजन की समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर त्वरित निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। पुलिस अधीक्षक के निर्देशों के पालन में अनुविभागीय अधिकारी पुलिस श्री अजय तिवारी के मार्गदर्शन तथा थाना प्रभारी शहपुरा श्री अनुराग जामदार के नेतृत्व में पुलिस अधिकारी-कर्मचारियों द्वारा अभियान के तहत विभिन्न मामलों में प्रभावी कार्यवाही की गई। अभियान अवधि में सीएम हेल्पलाइन की 10 शिकायतों, एसपीसीसी की 16 शिकायतों का निराकरण, 29 अपराधों का निकाल, 09 मर्ग प्रकरणों में कार्यवाही तथा 04 गुम इंसानों को दस्तयाब किया गया, जिनमें 03 महिलाएं एवं 01 पुरुष शामिल हैं। इसके अतिरिक्त लोक अदालत के 134 समंस/नोटिस तामील, 02 स्थायी वारंट एवं 07 गिरफ्तारी वारंट की कार्यवाही की गई। इसी प्रकार आबकारी एक्ट के तहत 10 प्रकरण, सट्टा एक्ट का 01 प्रकरण तथा मोटर व्हीकल एक्ट के तहत 52 कार्यवाहियां की गईं। धारा 129 बीएनएसएस (110) के तहत 01, धारा 170 बीएनएसएस (151) के तहत 02 तथा धारा 126, 135(3) बीएनएसएस (107/116) के तहत 61 कार्यवाहियां की गईं। ग्राम गुतलवाह में आयोजित जनविश्वास शिविर के दौरान प्राप्त पुलिस विभाग से संबंधित शिकायतों का भी मौके पर त्वरित निराकरण किया गया। पुलिस विभाग द्वारा की जा रही इस कार्यवाही का उद्देश्य आमजन में सुरक्षा एवं विश्वास की भावना को मजबूत करना तथा नागरिकों को अपनी समस्याएं पुलिस के समक्ष निर्भीक होकर रखने के लिए बेहतर वातावरण उपलब्ध कराना है।1
- कोलकाता बाजार में देर रात आग का तांडव, लाखों के कपड़े जलने की आशंका उमरिया जिला मुख्यालय की सब्जी मंडी में इन दिनों सजा कोलकाता बाजार देर रात आग की लपटों से घिर गया। देखते ही देखते आग ने करीब एक दर्जन दुकानों को अपनी चपेट में ले लिया। मंडी में मौजूद लोगों और आसपास के व्यापारियों में हड़कंप मच गया। गनीमत रही कि समय रहते फायर ब्रिगेड मौके पर पहुंच गई और आग को 100 से अधिक अन्य दुकानों तक फैलने से रोक लिया गया। कोलकाता बाजार में हर साल कोलकाता से बड़ी संख्या में व्यापारी कपड़े लेकर पहुंचते हैं। व्यापारी कुछ दिनों के लिए यहां अस्थायी दुकानें लगाकर सस्ते दामों पर कपड़ों की बिक्री करते हैं। यही वजह है कि बाजार में खरीदारी के लिए बड़ी संख्या में ग्राहक पहुंचते हैं और बाजार में काफी चहल-पहल रहती है। लेकिन देर रात लगी आग ने व्यापारियों की मेहनत पर पानी फेर दिया। आग की लपटें उठती देख आसपास के लोगों ने इसकी सूचना फायर ब्रिगेड को दी। दमकल कर्मियों ने मौके पर पहुंचकर आग बुझाने का मोर्चा संभाला। काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। व्यापारियों के अनुसार, आग की चपेट में आई दुकानों में बड़ी मात्रा में कपड़े और अन्य सामग्री रखी थी। प्रारंभिक अनुमान के मुताबिक लाखों रुपए का कपड़ा और अन्य सामान जलने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि वास्तविक नुकसान का आकलन संबंधित अधिकारियों और व्यापारियों की जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। सबसे बड़ी राहत यह रही कि आग आसपास की 100 से अधिक दुकानों तक नहीं पहुंच सकी। यदि आग कुछ देर और फैलती तो कोलकाता बाजार में बड़े नुकसान की स्थिति बन सकती थी। फिलहाल आग लगने के कारणों का स्पष्ट पता नहीं चल पाया है। शॉर्ट सर्किट समेत अन्य संभावित कारणों की जांच की जा सकती है। घटना ने अस्थायी बाजारों में आग से सुरक्षा के इंतजामों पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। राहत की बात यह है कि इस घटना में किसी बड़ी जनहानि की सूचना नहीं है।2
- नदी किनारे दफन मिला लापता युवक का शव, हत्या के आरोप से मचा हड़कंप उमरिया। जिले में एक लापता युवक का शव नदी किनारे जमीन में दफन मिलने के बाद सनसनी फैल गई। कोतवाली थाना क्षेत्र के मगरघरा गांव से 5 सितंबर से लापता 30 वर्षीय गो चरण सिंह का शव 9 सितंबर को संदिग्ध परिस्थितियों में बरामद हुआ। शव जमीन के अंदर दफन था। परिजनों ने युवक की हत्या कर शव को छिपाने के लिए दफन किए जाने का आरोप लगाया है। पुलिस ने शव को बाहर निकलवाकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा है और मामले की जांच शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार, गो चरण सिंह के लापता होने के बाद से परिजन लगातार उसकी तलाश कर रहे थे। गांव और आसपास के इलाकों में खोजबीन के बावजूद युवक का कोई पता नहीं चल सका था। इसी बीच नदी किनारे से गुजर रहे एक चरवाहे को एक स्थान से तेज दुर्गंध महसूस हुई। संदेह होने पर चरवाहे ने इसकी सूचना पुलिस को दी। सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और संदिग्ध स्थान की जांच शुरू की। दुर्गंध वाले स्थान पर जमीन की खुदाई कराई गई तो अंदर से एक युवक का शव बरामद हुआ। शव की पहचान लापता गो चरण सिंह के रूप में होने के बाद पुलिस ने परिजनों को इसकी सूचना दी। शव जमीन में दफन मिलने की खबर फैलते ही क्षेत्र में लोगों की भीड़ जुट गई और मामले को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर युवक की मौत कैसे हुई और उसका शव नदी किनारे जमीन में किसने दफन किया। युवक पांच सितंबर से लापता था और चार दिन बाद उसका शव इस तरह बरामद होना मामले को और संदिग्ध बना रहा है। परिजनों ने आशंका जताई है कि युवक की हत्या करने के बाद शव को सुनसान स्थान पर ले जाकर दफन किया गया। हालांकि, पुलिस की ओर से अभी हत्या की पुष्टि नहीं की गई है। पुलिस का कहना है कि मौत की वास्तविक वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। पुलिस आसपास के इलाके में पूछताछ कर रही है और युवक के लापता होने से लेकर शव बरामद होने तक की परिस्थितियों को खंगाल रही है। फिलहाल पुलिस हत्या, हादसा और अन्य संभावित पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच आगे बढ़ा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि युवक की मौत किन परिस्थितियों में हुई और शव को नदी किनारे जमीन में किसने दफन किया। मामले ने इलाके में कई सवाल खड़े कर दिए हैं।3