टीकमगढ़ के सुभाषपुरम कॉलोनी वार्ड-18 में नगर पालिका की लापरवाही के कारण एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। इलाके में पिछले तीन महीने से अंडरग्राउंड नाले का काम अधूरा पड़ा है, जिसका चैंबर खुला हुआ था। रविवार को हुई बारिश के कारण सड़क पर पानी भर गया, जिससे यह गड्ढा दिखाई नहीं दिया और एक युवक अपनी बाइक समेत सीधे उसमें जा गिरा। आसपास मौजूद स्थानीय लोगों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए युवक को सुरक्षित बाहर निकाल लिया, जिससे उसकी जान बच गई। घटना के बाद सूचना पाकर मौके पर पहुंची नगर पालिका की टीम ने जेसीबी की मदद से पानी में डूबी बाइक को बाहर निकलवाया। स्थानीय लोगों ने नगर पालिका की कार्यप्रणाली पर कड़े सवाल उठाए हैं। लोगों का कहना है कि बरसात से पहले काम पूरा करने के दावे किए गए थे, लेकिन तीन महीने बीतने के बाद भी चैंबर खुले पड़े हैं और वहां कोई सुरक्षा घेरा या बैरिकेडिंग नहीं की गई है। निवासियों ने मांग की है कि अधूरे काम को तत्काल पूरा किया जाए और खुले चैंबरों के पास सुरक्षा इंतजाम किए जाएं, अन्यथा भविष्य में कोई बड़ा हादसा हो सकता है।
टीकमगढ़ के सुभाषपुरम कॉलोनी वार्ड-18 में नगर पालिका की लापरवाही के कारण एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। इलाके में पिछले तीन महीने से अंडरग्राउंड नाले का काम अधूरा पड़ा है, जिसका चैंबर खुला हुआ था। रविवार को हुई बारिश के कारण सड़क पर पानी भर गया, जिससे यह गड्ढा दिखाई नहीं दिया और एक युवक अपनी बाइक समेत सीधे उसमें जा गिरा। आसपास मौजूद स्थानीय लोगों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए युवक को सुरक्षित बाहर निकाल लिया, जिससे उसकी जान बच गई। घटना के बाद सूचना पाकर मौके पर पहुंची नगर पालिका की टीम ने जेसीबी की मदद से पानी में डूबी बाइक को बाहर निकलवाया। स्थानीय लोगों ने नगर पालिका की कार्यप्रणाली पर कड़े सवाल उठाए हैं। लोगों का कहना है कि बरसात से पहले काम पूरा करने के दावे किए गए थे, लेकिन तीन महीने बीतने के बाद भी चैंबर खुले पड़े हैं और वहां कोई सुरक्षा घेरा या बैरिकेडिंग नहीं की गई है। निवासियों ने मांग की है कि अधूरे काम को तत्काल पूरा किया जाए और खुले चैंबरों के पास सुरक्षा इंतजाम किए जाएं, अन्यथा भविष्य में कोई बड़ा हादसा हो सकता है।
- टीकमगढ़ जिले के अजनौर निवासी स्नेक सेवर अमर सिंह लोधी ने छतरपुर जिले के पुतरीखेरा (घुवारा) गांव से एक विशाल अजगर का सुरक्षित रेस्क्यू किया है। यह अजगर 12 फीट लंबा और 25 किलोग्राम वजनी था। इस रेस्क्यू ऑपरेशन में अमर सिंह लोधी को दीपक यादव, राजेश (रानू) प्रजापति और अन्य लोगों का सहयोग मिला। सफलतापूर्वक पकड़े जाने के बाद, इस अजगर को सुरक्षित रूप से जंगल में छोड़ दिया गया है।1
- टीकमगढ़ क्षेत्र के ग्रामीण युवाओं और निवासियों से खेतों में जल निकासी की उचित व्यवस्था सुनिश्चित करने की अपील की गई है। लगातार हो रही भारी बारिश के मद्देनजर किसानों को अपने खेतों की जल निकासी (ड्रेनेज) पर विशेष ध्यान देने की सलाह दी गई है। खेतों में लंबे समय तक पानी भरा रहने की स्थिति में फसल को भारी नुकसान होने और उत्पादन प्रभावित होने की आशंका जताई गई है। समय रहते जल निकासी की व्यवस्था कर अपनी मेहनत की फसल को सुरक्षित रखने का आग्रह किया गया है, क्योंकि 'सतर्क किसान, सुरक्षित फसल' ही बचाव का एकमात्र उपाय है।1
- टीकमगढ़ जिले की जनपद पंचायत बल्देवगढ़ में शासन द्वारा आयोजित जनसुनवाई के दौरान अव्यवस्थाओं के कारण ग्रामीणों में भारी नाराजगी है। चौबारा ग्राम पंचायत कार्यालय में मंगलवार को ताला लटका मिला, जिसका वीडियो बनाकर ग्रामीणों ने सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। वहीं, सरकनपुर के समीप स्थित हीरापुर पंचायत कार्यालय तो खुला मिला, लेकिन वहां पंचायत सचिव रुद्र प्रताप सिंह सुबह करीब साढ़े 11 बजे तक अनुपस्थित थे, जिससे वहां पहुंचे ग्रामीणों को लंबा इंतजार करना पड़ा। कार्यालय पहुंचे कोमल रैकवार ने बताया कि वह अपना संबल कार्ड बनवाने के लिए पिछले 15 दिनों से लगातार पंचायत कार्यालय के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन सचिव के नहीं मिलने के कारण उनका काम अब तक लंबित है। ग्रामीणों का कहना है कि जनसुनवाई जैसे महत्वपूर्ण दिन पर अधिकारियों और कर्मचारियों की गैर-मौजूदगी शासन की मंशा पर पानी फेर रही है और आम जनता को अनावश्यक परेशानी झेलनी पड़ रही है। इस स्थिति से नाराज ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और जनपद पंचायत के अधिकारियों से मामले की जांच कर दोषियों पर कार्रवाई करने की मांग की है। साथ ही, उन्होंने प्रत्येक मंगलवार को जनसुनवाई के दौरान पंचायत कार्यालयों में कर्मचारियों की अनिवार्य उपस्थिति सुनिश्चित करने की गुहार लगाई है।2
- मध्य प्रदेश के पन्ना जिले में बदहाली की तस्वीरें सामने आई हैं, जहाँ अस्पताल परिसर में पानी भर जाने के कारण अस्पताल परिसर किसी स्विमिंग पूल में तब्दील होता नजर आ रहा है। स्थानीय स्तर पर अस्पताल की इस दुर्दशा का वीडियो साझा करते हुए अव्यवस्थाओं पर सवाल उठाए गए हैं।1
- गुरुवार को कलेक्टर विवेक श्रोति जतारा के दौरे पर पहुँचे, जहाँ उन्होंने जतारा में बनने वाले सिविल अस्पताल के लिए ज़मीन चिन्हित करने हेतु राजस्व अमले के साथ उपयोगी भूमि का निरीक्षण किया। इससे पहले सिविल अस्पताल के लिए मत्स्य विभाग की जो ज़मीन चिन्हित की गई थी, उस पर ठेकेदार द्वारा तकनीकी समस्या के कारण निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका था। इसके चलते लंबे समय से सिविल अस्पताल के लिए ज़मीन नहीं मिल पा रही थी। नई ज़मीन की तलाश में कलेक्टर, एसडीएम, तहसीलदार और पूरे राजस्व अमले ने पॉलिटेक्निक के सामने खाली पड़ी ज़मीन का मुआयना किया, जिसे अब सिविल अस्पताल के लिए चिन्हित किया जा रहा है। कलेक्टर ने बताया कि जल्द ही अस्पताल के लिए ज़मीन चिन्हित कर काम शुरू कर दिया जाएगा। इस भ्रमण के दौरान कलेक्टर श्रोति ने रेस्ट हाउस पहुँचकर स्थानीय जनप्रतिनिधियों से भी मुलाकात की और क्षेत्र की जनसमस्याओं पर बातचीत की। उन्होंने यह भी बताया कि बेरवार गाँव में सड़क पर पानी के भराव की समस्या को ठीक करने के लिए प्रधानमंत्री ग्राम सड़क के अधिकारियों को सूचित कर दिया गया है। इसके अतिरिक्त, कलेक्टर ने जानकारी दी कि जतारा में नए एसडीएम की तैनाती हुई है, जो लंबित राजस्व प्रकरणों, नामांतरण और बंटवारे के मामलों को समय सीमा में निपटाएंगे।1
- टीकमगढ़ के सुभाषपुरम कॉलोनी वार्ड-18 में नगर पालिका की लापरवाही के कारण एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। इलाके में पिछले तीन महीने से अंडरग्राउंड नाले का काम अधूरा पड़ा है, जिसका चैंबर खुला हुआ था। रविवार को हुई बारिश के कारण सड़क पर पानी भर गया, जिससे यह गड्ढा दिखाई नहीं दिया और एक युवक अपनी बाइक समेत सीधे उसमें जा गिरा। आसपास मौजूद स्थानीय लोगों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए युवक को सुरक्षित बाहर निकाल लिया, जिससे उसकी जान बच गई। घटना के बाद सूचना पाकर मौके पर पहुंची नगर पालिका की टीम ने जेसीबी की मदद से पानी में डूबी बाइक को बाहर निकलवाया। स्थानीय लोगों ने नगर पालिका की कार्यप्रणाली पर कड़े सवाल उठाए हैं। लोगों का कहना है कि बरसात से पहले काम पूरा करने के दावे किए गए थे, लेकिन तीन महीने बीतने के बाद भी चैंबर खुले पड़े हैं और वहां कोई सुरक्षा घेरा या बैरिकेडिंग नहीं की गई है। निवासियों ने मांग की है कि अधूरे काम को तत्काल पूरा किया जाए और खुले चैंबरों के पास सुरक्षा इंतजाम किए जाएं, अन्यथा भविष्य में कोई बड़ा हादसा हो सकता है।1