टीकमगढ़ जिले की जनपद पंचायत बल्देवगढ़ में शासन द्वारा आयोजित जनसुनवाई के दौरान अव्यवस्थाओं के कारण ग्रामीणों में भारी नाराजगी है। चौबारा ग्राम पंचायत कार्यालय में मंगलवार को ताला लटका मिला, जिसका वीडियो बनाकर ग्रामीणों ने सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। वहीं, सरकनपुर के समीप स्थित हीरापुर पंचायत कार्यालय तो खुला मिला, लेकिन वहां पंचायत सचिव रुद्र प्रताप सिंह सुबह करीब साढ़े 11 बजे तक अनुपस्थित थे, जिससे वहां पहुंचे ग्रामीणों को लंबा इंतजार करना पड़ा। कार्यालय पहुंचे कोमल रैकवार ने बताया कि वह अपना संबल कार्ड बनवाने के लिए पिछले 15 दिनों से लगातार पंचायत कार्यालय के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन सचिव के नहीं मिलने के कारण उनका काम अब तक लंबित है। ग्रामीणों का कहना है कि जनसुनवाई जैसे महत्वपूर्ण दिन पर अधिकारियों और कर्मचारियों की गैर-मौजूदगी शासन की मंशा पर पानी फेर रही है और आम जनता को अनावश्यक परेशानी झेलनी पड़ रही है। इस स्थिति से नाराज ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और जनपद पंचायत के अधिकारियों से मामले की जांच कर दोषियों पर कार्रवाई करने की मांग की है। साथ ही, उन्होंने प्रत्येक मंगलवार को जनसुनवाई के दौरान पंचायत कार्यालयों में कर्मचारियों की अनिवार्य उपस्थिति सुनिश्चित करने की गुहार लगाई है।
टीकमगढ़ जिले की जनपद पंचायत बल्देवगढ़ में शासन द्वारा आयोजित जनसुनवाई के दौरान अव्यवस्थाओं के कारण ग्रामीणों में भारी नाराजगी है। चौबारा ग्राम पंचायत कार्यालय में मंगलवार को ताला लटका मिला, जिसका वीडियो बनाकर ग्रामीणों ने सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। वहीं, सरकनपुर के समीप स्थित हीरापुर पंचायत कार्यालय तो खुला मिला, लेकिन वहां पंचायत सचिव रुद्र प्रताप सिंह सुबह करीब साढ़े 11 बजे तक अनुपस्थित थे, जिससे वहां पहुंचे ग्रामीणों को लंबा इंतजार करना पड़ा। कार्यालय पहुंचे कोमल रैकवार ने बताया कि वह अपना संबल कार्ड बनवाने के लिए पिछले 15 दिनों से लगातार पंचायत कार्यालय के
चक्कर काट रहे हैं, लेकिन सचिव के नहीं मिलने के कारण उनका काम अब तक लंबित है। ग्रामीणों का कहना है कि जनसुनवाई जैसे महत्वपूर्ण दिन पर अधिकारियों और कर्मचारियों की गैर-मौजूदगी शासन की मंशा पर पानी फेर रही है और आम जनता को अनावश्यक परेशानी झेलनी पड़ रही है। इस स्थिति से नाराज ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और जनपद पंचायत के अधिकारियों से मामले की जांच कर दोषियों पर कार्रवाई करने की मांग की है। साथ ही, उन्होंने प्रत्येक मंगलवार को जनसुनवाई के दौरान पंचायत कार्यालयों में कर्मचारियों की अनिवार्य उपस्थिति सुनिश्चित करने की गुहार लगाई है।
- टीकमगढ़ क्षेत्र के ग्रामीण युवाओं और निवासियों से खेतों में जल निकासी की उचित व्यवस्था सुनिश्चित करने की अपील की गई है। लगातार हो रही भारी बारिश के मद्देनजर किसानों को अपने खेतों की जल निकासी (ड्रेनेज) पर विशेष ध्यान देने की सलाह दी गई है। खेतों में लंबे समय तक पानी भरा रहने की स्थिति में फसल को भारी नुकसान होने और उत्पादन प्रभावित होने की आशंका जताई गई है। समय रहते जल निकासी की व्यवस्था कर अपनी मेहनत की फसल को सुरक्षित रखने का आग्रह किया गया है, क्योंकि 'सतर्क किसान, सुरक्षित फसल' ही बचाव का एकमात्र उपाय है।1
- टीकमगढ़ जिले की जनपद पंचायत बल्देवगढ़ में शासन द्वारा आयोजित जनसुनवाई के दौरान अव्यवस्थाओं के कारण ग्रामीणों में भारी नाराजगी है। चौबारा ग्राम पंचायत कार्यालय में मंगलवार को ताला लटका मिला, जिसका वीडियो बनाकर ग्रामीणों ने सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। वहीं, सरकनपुर के समीप स्थित हीरापुर पंचायत कार्यालय तो खुला मिला, लेकिन वहां पंचायत सचिव रुद्र प्रताप सिंह सुबह करीब साढ़े 11 बजे तक अनुपस्थित थे, जिससे वहां पहुंचे ग्रामीणों को लंबा इंतजार करना पड़ा। कार्यालय पहुंचे कोमल रैकवार ने बताया कि वह अपना संबल कार्ड बनवाने के लिए पिछले 15 दिनों से लगातार पंचायत कार्यालय के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन सचिव के नहीं मिलने के कारण उनका काम अब तक लंबित है। ग्रामीणों का कहना है कि जनसुनवाई जैसे महत्वपूर्ण दिन पर अधिकारियों और कर्मचारियों की गैर-मौजूदगी शासन की मंशा पर पानी फेर रही है और आम जनता को अनावश्यक परेशानी झेलनी पड़ रही है। इस स्थिति से नाराज ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और जनपद पंचायत के अधिकारियों से मामले की जांच कर दोषियों पर कार्रवाई करने की मांग की है। साथ ही, उन्होंने प्रत्येक मंगलवार को जनसुनवाई के दौरान पंचायत कार्यालयों में कर्मचारियों की अनिवार्य उपस्थिति सुनिश्चित करने की गुहार लगाई है।2
- मध्य प्रदेश के पन्ना जिले में बदहाली की तस्वीरें सामने आई हैं, जहाँ अस्पताल परिसर में पानी भर जाने के कारण अस्पताल परिसर किसी स्विमिंग पूल में तब्दील होता नजर आ रहा है। स्थानीय स्तर पर अस्पताल की इस दुर्दशा का वीडियो साझा करते हुए अव्यवस्थाओं पर सवाल उठाए गए हैं।1
- टीकमगढ़ जिले में अपर्याप्त मूंग खरीदी को लेकर किसानों में गहरा आक्रोश व्याप्त है। इसी विरोध में, भारतीय किसान संघ के प्रांतीय आह्वान पर जिले की सभी नौ तहसीलों में तहसीलदार के माध्यम से भारत सरकार के माननीय केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान और मुख्यमंत्री मोहन यादव के नाम एक ज्ञापन सौंपा गया है। इस ज्ञापन में ग्रीष्मकालीन मूंग और उड़द की फसल को समर्थन मूल्य पर बेचने की तत्काल अनुमति देने की मांग की गई है। किसानों ने विशेष रूप से खरीदी सीमा को लेकर अपनी चिंता व्यक्त की है, जहाँ ग्रीष्मकालीन मूंग की खरीदी मात्र 1.25 क्विंटल प्रति एकड़ निर्धारित की गई है। किसानों का तर्क है कि यह सीमा न्यायसंगत नहीं है, क्योंकि उनका वास्तविक उत्पादन 4 से 5 क्विंटल प्रति एकड़ होता है। उन्होंने अनुरोध किया है कि खरीदी की इस सीमा को बढ़ाकर न्यूनतम 5 क्विंटल प्रति एकड़ करने का आदेश जारी किया जाए। साथ ही, मांग की गई है कि किसान भाइयों की सुविधा के अनुसार खरीदी केंद्र बनाए जाएं, क्योंकि वर्तमान केंद्र असुविधाजनक हैं। ज्ञापन में उन किसानों के पंजीयन का मुद्दा भी उठाया गया है, जिनकी गिरदावरी या पंजीयन नहीं हुए हैं, जिससे वे खरीदी से वंचित हो रहे हैं। इस समस्या के समाधान के लिए ऐसे किसानों के लिए पंजीयन की एक नई तिथि निर्धारित करने का आग्रह किया गया है। भारतीय किसान संघ ने शत-प्रतिशत उपार्जन की स्वीकृति की भी मांग की है, ताकि किसानों की पूरी 100 प्रतिशत मूंग और उड़द समर्थन मूल्य पर खरीदी जा सके। विशेष रूप से, टीकमगढ़ जिले को ग्रीष्मकालीन मूंग उपार्जन से वंचित रखा गया है, जबकि यहाँ पर्याप्त उत्पादन हुआ है; इसलिए जिले में भी इसकी खरीदी शुरू करने की मांग की गई है। मुख्य ज्ञापन के बाद, तहसीलों की स्थानीय समस्याओं को लेकर एक और ज्ञापन तहसीलदारों को सौंपा गया, जिसमें कृषि विभाग, राजस्व विभाग, जल संसाधन विभाग और विद्युत विभाग से संबंधित विभिन्न शिकायतें शामिल थीं। इन सभी ज्ञापन कार्यक्रमों में भारतीय किसान संघ के जिला, तहसील और ग्राम स्तर के पदाधिकारी तथा बड़ी संख्या में किसान बंधु मौजूद रहे।1
- गुरुवार को कलेक्टर विवेक श्रोति जतारा के दौरे पर पहुँचे, जहाँ उन्होंने जतारा में बनने वाले सिविल अस्पताल के लिए ज़मीन चिन्हित करने हेतु राजस्व अमले के साथ उपयोगी भूमि का निरीक्षण किया। इससे पहले सिविल अस्पताल के लिए मत्स्य विभाग की जो ज़मीन चिन्हित की गई थी, उस पर ठेकेदार द्वारा तकनीकी समस्या के कारण निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका था। इसके चलते लंबे समय से सिविल अस्पताल के लिए ज़मीन नहीं मिल पा रही थी। नई ज़मीन की तलाश में कलेक्टर, एसडीएम, तहसीलदार और पूरे राजस्व अमले ने पॉलिटेक्निक के सामने खाली पड़ी ज़मीन का मुआयना किया, जिसे अब सिविल अस्पताल के लिए चिन्हित किया जा रहा है। कलेक्टर ने बताया कि जल्द ही अस्पताल के लिए ज़मीन चिन्हित कर काम शुरू कर दिया जाएगा। इस भ्रमण के दौरान कलेक्टर श्रोति ने रेस्ट हाउस पहुँचकर स्थानीय जनप्रतिनिधियों से भी मुलाकात की और क्षेत्र की जनसमस्याओं पर बातचीत की। उन्होंने यह भी बताया कि बेरवार गाँव में सड़क पर पानी के भराव की समस्या को ठीक करने के लिए प्रधानमंत्री ग्राम सड़क के अधिकारियों को सूचित कर दिया गया है। इसके अतिरिक्त, कलेक्टर ने जानकारी दी कि जतारा में नए एसडीएम की तैनाती हुई है, जो लंबित राजस्व प्रकरणों, नामांतरण और बंटवारे के मामलों को समय सीमा में निपटाएंगे।1
- टीकमगढ़ जिले के जतारा थाना परिसर में एक युवक द्वारा कथित तौर पर आत्महत्या का प्रयास करने की घटना सामने आई है, जिससे इलाके में हड़कंप मच गया है। इस घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस मामले के सामने आने के बाद पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए जा रहे हैं।1