मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निर्देश पर बरेला ब्लॉक कांग्रेस ने ग्राम पंचायत धनपुरी के गाड़रखेड़ा में "पोल खोल-हल्ला बोल" आंदोलन की शुरुआत की है। इस दौरान कांग्रेस नेताओं ने चौपाल (जन-अदालत) लगाकर ग्रामीणों की समस्याओं को सुना और भारतीय जनता पार्टी (BJP) सरकार की नीतियों की तीखी आलोचना की। आंदोलन के दौरान कांग्रेस ने चार प्रमुख मुद्दे उठाए: नल-जल योजना में भ्रष्टाचार, जिसके कारण ग्रामीणों को पीने के पानी के लिए तरसना पड़ रहा है; रसोई गैस, राशन और खाद्य तेल के बढ़ते दामों से पैदा हुई महंगाई की मार; डीजल-पेट्रोल की बढ़ती कीमतों के कारण किसानों की खेती की लागत में वृद्धि, जिससे उनकी बदहाली बढ़ रही है; और गांवों में अवैध शराब की बिक्री से युवा पीढ़ी की बर्बादी। कांग्रेस नेताओं ने स्पष्ट कहा है कि जिस सरकार में जनता को पीने का पानी तक न मिले, उसे सत्ता में बने रहने का कोई हक नहीं है, और यह लड़ाई सड़क से लेकर सदन तक लड़ी जाएगी। इस आंदोलन का नेतृत्व बरेला ब्लॉक अध्यक्ष मुकेश रघुवर पटेल, जिला उपाध्यक्ष सतेंद्र गर्ग, जिला सचिव विजय जैन, और किसान कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष योगेश पटेल सहित अन्य वरिष्ठ पदाधिकारियों ने किया। कांग्रेस ने चेतावनी दी है कि यह आंदोलन अब राज्य की हर ग्राम पंचायत तक पहुंचेगा।
मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निर्देश पर बरेला ब्लॉक कांग्रेस ने ग्राम पंचायत धनपुरी के गाड़रखेड़ा में "पोल खोल-हल्ला बोल" आंदोलन की शुरुआत की है। इस दौरान कांग्रेस नेताओं ने चौपाल (जन-अदालत) लगाकर ग्रामीणों की समस्याओं को सुना और भारतीय जनता पार्टी (BJP) सरकार की नीतियों की तीखी आलोचना की। आंदोलन के दौरान
कांग्रेस ने चार प्रमुख मुद्दे उठाए: नल-जल योजना में भ्रष्टाचार, जिसके कारण ग्रामीणों को पीने के पानी के लिए तरसना पड़ रहा है; रसोई गैस, राशन और खाद्य तेल के बढ़ते दामों से पैदा हुई महंगाई की मार; डीजल-पेट्रोल की बढ़ती कीमतों के कारण किसानों की खेती की लागत में वृद्धि, जिससे
उनकी बदहाली बढ़ रही है; और गांवों में अवैध शराब की बिक्री से युवा पीढ़ी की बर्बादी। कांग्रेस नेताओं ने स्पष्ट कहा है कि जिस सरकार में जनता को पीने का पानी तक न मिले, उसे सत्ता में बने रहने का कोई हक नहीं है, और यह लड़ाई सड़क से लेकर सदन
तक लड़ी जाएगी। इस आंदोलन का नेतृत्व बरेला ब्लॉक अध्यक्ष मुकेश रघुवर पटेल, जिला उपाध्यक्ष सतेंद्र गर्ग, जिला सचिव विजय जैन, और किसान कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष योगेश पटेल सहित अन्य वरिष्ठ पदाधिकारियों ने किया। कांग्रेस ने चेतावनी दी है कि यह आंदोलन अब राज्य की हर ग्राम पंचायत तक पहुंचेगा।
- Ajay athyaपथरिया, दमोह, मध्य प्रदेश😡16 hrs ago
- मंडला से बरेला और जबलपुर के बीच भारी मात्रा में ओवरलोड रेत से भरे हाइवा और डंपर बेखौफ होकर सड़कों पर दौड़ रहे हैं। इन वाहनों में क्षमता से कहीं अधिक रेत भरी होती है और उनका परिवहन भी बिना तिरपाल के किया जाता है। सड़कों पर लगातार गिरती रेत आम राहगीरों की जान को खतरे में डाल रही है और दुर्घटनाओं का कारण बन रही है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि यह पूरा खेल खनिज विभाग, आरटीओ और पुलिस प्रशासन की आँखों के सामने लगातार जारी है, बावजूद इसके कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है। प्रशासन की इस चुप्पी के पीछे क्या वजह है, यह एक बड़ा सवाल बना हुआ है। हिंदुस्तान समाचार की इस विशेष रिपोर्ट में इस स्थिति पर चिंता व्यक्त की गई है।1
- नागपुर बाईपास पर लम्हेटा से चौघड़ा के बीच एक भीषण सड़क हादसा हुआ है। इस दुर्घटना में एक अज्ञात वाहन ने टू-व्हीलर को जोरदार टक्कर मारी और मौके से फरार हो गया, जिससे टू-व्हीलर सवार की हालत बेहद गंभीर बनी हुई है। यह घटना अभी की ताजा खबर है, और जानकारी मिली है कि घायल व्यक्ति कोई परिचित है। इस गंभीर हादसे के बाद लोगों से अपील की गई है कि वे वाहन बहुत संभाल कर और सावधानी से चलाएं।1
- जबलपुर मंडल में रेलवे द्वारा कुल 5000 पौधे लगाए गए हैं। लगाए गए इन सभी पौधों की लगातार निगरानी की जा रही है।1
- जबलपुर संस्कारधानी में भारतीय जन चेतना शक्ति पार्टी ने अपने स्थापना दिवस के अवसर पर दीनदयाल बस स्टैंड से आधार ताल बिरसा मुंडा चौराहे तक एक भव्य पदयात्रा का आयोजन किया। इस पदयात्रा में हजारों की संख्या में पार्टी कार्यकर्ता शामिल हुए, जो दीनदयाल बस स्टैंड से शुरू होकर आधार ताल के मुख्य चौराहे पर समाप्त हुई। पदयात्रा के समापन के बाद, वहीं पर एक आम सभा भी आयोजित की गई। इस अवसर पर, पार्टी के केंद्रीय मंत्री प्रचार प्रसार प्रमुख महोदय ने वर्तमान सरकार की नीतियों पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि ये नीतियां लोकतंत्र और प्रजातंत्र को हानि पहुँचा रही हैं। उन्होंने यह भी बताया कि आम जनता महंगाई से बुरी तरह परेशान है और सरकार विभिन्न मुद्दों से ध्यान भटकाकर केवल अपने राजनीतिक स्वार्थों की पूर्ति कर रही है। भारतीय जन चेतना शक्ति पार्टी का यह प्रदर्शन और सभा विभिन्न सारगर्भित विषयों पर केंद्रित थी, और पार्टी को विश्वास है कि इससे पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ-साथ आम जनता को भी निश्चित रूप से लाभ प्राप्त होगा। इस पूरे आयोजन में पार्टी के पदाधिकारी और कार्यकर्ता बड़ी संख्या में मौजूद रहे।4
- dinari khamariya mp ,,,,,,,,,,@341@,,,,,,,,,,,,,,,,,,,1
- मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निर्देश पर बरेला ब्लॉक कांग्रेस ने ग्राम पंचायत धनपुरी के गाड़रखेड़ा में "पोल खोल-हल्ला बोल" आंदोलन की शुरुआत की है। इस दौरान कांग्रेस नेताओं ने चौपाल (जन-अदालत) लगाकर ग्रामीणों की समस्याओं को सुना और भारतीय जनता पार्टी (BJP) सरकार की नीतियों की तीखी आलोचना की। आंदोलन के दौरान कांग्रेस ने चार प्रमुख मुद्दे उठाए: नल-जल योजना में भ्रष्टाचार, जिसके कारण ग्रामीणों को पीने के पानी के लिए तरसना पड़ रहा है; रसोई गैस, राशन और खाद्य तेल के बढ़ते दामों से पैदा हुई महंगाई की मार; डीजल-पेट्रोल की बढ़ती कीमतों के कारण किसानों की खेती की लागत में वृद्धि, जिससे उनकी बदहाली बढ़ रही है; और गांवों में अवैध शराब की बिक्री से युवा पीढ़ी की बर्बादी। कांग्रेस नेताओं ने स्पष्ट कहा है कि जिस सरकार में जनता को पीने का पानी तक न मिले, उसे सत्ता में बने रहने का कोई हक नहीं है, और यह लड़ाई सड़क से लेकर सदन तक लड़ी जाएगी। इस आंदोलन का नेतृत्व बरेला ब्लॉक अध्यक्ष मुकेश रघुवर पटेल, जिला उपाध्यक्ष सतेंद्र गर्ग, जिला सचिव विजय जैन, और किसान कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष योगेश पटेल सहित अन्य वरिष्ठ पदाधिकारियों ने किया। कांग्रेस ने चेतावनी दी है कि यह आंदोलन अब राज्य की हर ग्राम पंचायत तक पहुंचेगा।4
- जबलपुर के ग्राम कुड़रिया में एक दर्दनाक हादसा हो गया, जहां 6 वर्षीय श्लोक काछी की करंट लगने से मौत हो गई। बताया गया है कि यह घटना घर के पास लगे बिजली खंभे की स्टे तार में अचानक करंट उतर आने के कारण हुई, जिसकी चपेट में आकर मासूम श्लोक ने अपनी जान गंवा दी। परिजनों के अनुसार, श्लोक शौच के लिए घर के बाहर गया था। जब वह काफी देर तक वापस नहीं लौटा, तो उसकी तलाश की गई और वह बिजली के खंभे के पास बेहोश हालत में मिला। उसे तत्काल अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इस घटना से ग्रामीणों में गहरा आक्रोश है। उनका आरोप है कि बिजली खंभे में पहले भी करंट आने की शिकायत बिजली विभाग को दी गई थी, लेकिन इस समस्या का समाधान नहीं किया गया। अब ग्रामीण जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। फिलहाल, पुलिस ने इस मामले में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। साथ ही, बिजली विभाग के अधिकारियों को भी इस दुखद घटना की सूचना दे दी गई है।1