नवादा जिले में राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) द्वारा आयोजित NEET (UG)-2026 परीक्षा के अवसर पर, परीक्षा के स्वच्छ, निष्पक्ष, पारदर्शी और कदाचारमुक्त संचालन को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। जिला पदाधिकारी रवि प्रकाश और पुलिस अधीक्षक अभिनव धीमान ने संयुक्त रूप से विभिन्न परीक्षा केंद्रों का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान, अधिकारियों ने नवादा स्थित के.एल.एस. कॉलेज, कन्हाई इंटर विद्यालय, महिला औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) और राजकीय अभियंत्रण महाविद्यालय का दौरा किया। इस दौरान, सुरक्षा व्यवस्था, प्रवेश द्वार पर अभ्यर्थियों की सघन जांच, पहचान सत्यापन प्रक्रिया, निषिद्ध सामग्रियों की रोकथाम, सीसीटीवी निगरानी और जैमर सहित अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं का गहनता से जायजा लिया गया। जिला पदाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने केन्द्राधीक्षकों, प्रतिनियुक्त दंडाधिकारियों तथा पुलिस पदाधिकारियों को परीक्षा संचालन से संबंधित निर्धारित दिशा-निर्देशों का अक्षरशः अनुपालन सुनिश्चित करने का सख्त निर्देश दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि परीक्षा की शुचिता और विश्वसनीयता बनाए रखना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है तथा किसी भी प्रकार की अनियमितता या कदाचार के प्रति शून्य सहनशीलता की नीति अपनाई जाएगी। अधिकारियों ने परीक्षा केंद्रों के बाहर अभिभावकों और आमजन की गतिविधियों, यातायात व्यवस्था तथा विधि-व्यवस्था की स्थिति का भी अवलोकन किया। संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि वे परीक्षा अवधि के दौरान सतत निगरानी बनाए रखें और किसी भी आकस्मिक परिस्थिति से निपटने के लिए पूर्णतः सतर्क और सजग रहें।
नवादा जिले में राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) द्वारा आयोजित NEET (UG)-2026 परीक्षा के अवसर पर, परीक्षा के स्वच्छ, निष्पक्ष, पारदर्शी और कदाचारमुक्त संचालन को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। जिला पदाधिकारी रवि प्रकाश और पुलिस अधीक्षक अभिनव धीमान ने संयुक्त रूप से विभिन्न परीक्षा केंद्रों का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण
के दौरान, अधिकारियों ने नवादा स्थित के.एल.एस. कॉलेज, कन्हाई इंटर विद्यालय, महिला औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) और राजकीय अभियंत्रण महाविद्यालय का दौरा किया। इस दौरान, सुरक्षा व्यवस्था, प्रवेश द्वार पर अभ्यर्थियों की सघन जांच, पहचान सत्यापन प्रक्रिया, निषिद्ध सामग्रियों की रोकथाम, सीसीटीवी निगरानी और जैमर सहित अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं का गहनता से जायजा लिया गया।
जिला पदाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने केन्द्राधीक्षकों, प्रतिनियुक्त दंडाधिकारियों तथा पुलिस पदाधिकारियों को परीक्षा संचालन से संबंधित निर्धारित दिशा-निर्देशों का अक्षरशः अनुपालन सुनिश्चित करने का सख्त निर्देश दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि परीक्षा की शुचिता और विश्वसनीयता बनाए रखना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है तथा किसी भी प्रकार की अनियमितता या कदाचार के प्रति शून्य
सहनशीलता की नीति अपनाई जाएगी। अधिकारियों ने परीक्षा केंद्रों के बाहर अभिभावकों और आमजन की गतिविधियों, यातायात व्यवस्था तथा विधि-व्यवस्था की स्थिति का भी अवलोकन किया। संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि वे परीक्षा अवधि के दौरान सतत निगरानी बनाए रखें और किसी भी आकस्मिक परिस्थिति से निपटने के लिए पूर्णतः सतर्क और सजग रहें।
- दिल्ली के स्वतंत्र विचारक और समाजसेवी विजय प्रधान ने, जिन्हें 'दिल्ली का शेर' भी कहा जा रहा है, बिहार की स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। रिपोर्टर संजय वर्मा के माध्यम से 'आज की सच्ची खबर' में बताया गया कि विजय प्रधान पिछले लगभग दो महीनों से बिहार में रहकर राज्य के विकास और गरीबों की समस्याओं को राष्ट्रीय स्तर तक पहुँचाने का कार्य कर रहे हैं। इसी कड़ी में, उन्होंने पावापुरी से लेकर पीएमसीएच पटना तक विभिन्न अस्पतालों का जायजा लिया, मरीजों और उनके परिजनों की समस्याओं को सुना, और स्वास्थ्य सेवाओं में मौजूद कमियों को उजागर कर सुधार की मुहिम शुरू करने का दावा किया है। विजय प्रधान ने आरोप लगाया कि आजादी के 79 वर्षों बाद भी बिहार की स्वास्थ्य व्यवस्था अपेक्षित स्तर तक नहीं पहुँच सकी है, जिसके कारण गरीब लोग इलाज के लिए दूसरे राज्यों में पलायन करने को मजबूर हैं। उन्होंने कहा कि राज्य में पर्याप्त आधुनिक अस्पतालों और गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधाओं का अभाव है। इसके साथ ही, अस्पतालों की सीमित संख्या, डॉक्टरों का असहयोगात्मक व्यवहार, तथा आवश्यक दवाइयों और जांच सुविधाओं की कमी भी एक बड़ी समस्या है। प्रधान ने बताया कि अधिकांश मरीजों को दवाइयां और जांच सेवाएं अस्पताल के बाहर से लेनी पड़ती हैं। उन्होंने राज्य सरकार, स्वास्थ्य विभाग और जनप्रतिनिधियों की जवाबदेही तय करने की बात कही। विजय प्रधान के अनुसार, यदि बिहार के 40 सांसद और 243 विधायक अपने-अपने क्षेत्रों की स्वास्थ्य सुविधाओं के प्रति गंभीरता से कार्य करते, तो स्थिति कहीं बेहतर हो सकती थी। उन्होंने बिहार के स्वास्थ्य विभाग के आधुनिकीकरण, प्रत्येक जिले में बेहतर अस्पतालों की स्थापना और गरीबों को सुलभ तथा गुणवत्तापूर्ण इलाज उपलब्ध कराने की मांग की है। प्रधान ने भरोसा दिलाया कि स्वास्थ्य व्यवस्था में सुधार की इस मुहिम को राज्य सरकार और केंद्र सरकार तक मजबूती से पहुँचाया जाएगा।1
- एक पति की पत्नी करीब एक महीने से घर से लापता थी। पति ने उसकी तलाश में दो-तीन लोगों के खिलाफ पुलिस में रिपोर्ट भी दर्ज करवाई थी, लेकिन इसके बावजूद उसका कोई पता नहीं चल सका। लगभग एक महीने बाद, पति को अचानक यह सूचना मिली कि उसकी पत्नी किसी के साथ घूम रही है। यह जानकारी मिलते ही पति और उसके परिवार के लोग तुरंत मौके पर पहुंचे और पत्नी को पकड़ लिया।1
- पकरीबरावां में धर्मेंद्र यादव ने अपने जन्मदिन के अवसर पर वृक्षारोपण करके एक अनूठी पहल की है। इस कार्य से उन्होंने एक मिसाल पेश की।1
- गया शहर के माडनपुर बाईपास निवासी इंदु भूषण प्रसाद के पुत्र शेषांक सिन्हा ने बीपीएससी 70वीं परीक्षा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। उन्होंने इस परीक्षा में 208वीं रैंक प्राप्त की है, जिसके परिणामस्वरूप वे डीएसपी (DSP) पद पर चयनित होकर एक नया इतिहास रच चुके हैं। शेषांक की इस सफलता से उनके पूरे परिवार और क्षेत्र में खुशी की लहर दौड़ गई है।1
- एक खदान से एक मोटरसाइकिल बरामद की गई है। इस मामले में एक युवक की पहचान दशरथ यादव के रूप में हुई है, जो विनोद यादव के पुत्र बताए जा रहे हैं। जानकारी के अनुसार, युवक चंदवारा थाना क्षेत्र के उरमा का रहने वाला है।1
- अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर, नवादा के नवलेश प्रसाद अपनी असाधारण स्मरण शक्ति को लेकर चर्चा में आए हैं। उन्होंने दावा किया है कि उन्हें बिहार के कई पदाधिकारियों के मोबाइल नंबर, सरकारी वाहनों के नंबर, और अधिकारियों के बैच नंबर तक पूरी तरह याद हैं। प्रसाद के अनुसार, इन सभी जानकारियों को याद रखने के लिए उन्हें किसी किताब, कॉपी या अन्य दस्तावेज़ की आवश्यकता नहीं पड़ती। नवलेश प्रसाद ने अपनी इस विलक्षण स्मरण शक्ति का श्रेय वर्षों से किए जा रहे नियमित योग, ध्यान और मानसिक अनुशासन को दिया है। उनका कहना है कि इन अभ्यासों के कारण उनकी एकाग्रता और याददाश्त में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। वह मानते हैं कि योग केवल शारीरिक स्वास्थ्य के लिए ही नहीं, बल्कि मस्तिष्क को तीव्र और सक्रिय बनाने का भी एक प्रभावी तरीका है। उन्होंने आज के डिजिटल युग में छोटी-छोटी जानकारियों के लिए मोबाइल और इंटरनेट पर बढ़ती निर्भरता पर भी प्रकाश डाला। इसके विपरीत, प्रसाद का मानना है कि योग और ध्यान व्यक्ति की मानसिक क्षमताओं को विकसित करके स्मरण शक्ति को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, जिससे याद रखने की क्षमता कई गुना बढ़ाई जा सकती है। योग दिवस के अवसर पर, नवलेश प्रसाद ने युवाओं, छात्रों और आम नागरिकों से प्रतिदिन योग करने की अपील की। उन्होंने जोर दिया कि स्वस्थ शरीर और तेज दिमाग जीवन में सफलता की आधारशिला हैं, और योग तनाव कम करने के साथ-साथ आत्मविश्वास, एकाग्रता और मानसिक संतुलन को भी सशक्त करता है। उनकी इस अद्भुत स्मरण शक्ति और योग के संदेश ने स्थानीय लोगों को बहुत प्रभावित किया है, और यह क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है।2
- बिहार के गया जिले के टिकारी में, हरियाणा की विशेष PCPNDT टीम ने राज स्कूल के समीप स्थित 'शिवशक्ति अल्ट्रासाउंड' सेंटर पर छापेमारी की है। यह कार्रवाई लिंग जांच के खिलाफ की गई, जिसके तहत अवैध रूप से भ्रूण लिंग परीक्षण का भंडाफोड़ हुआ है। छापेमारी के बाद इस सेंटर को सील कर दिया गया है।1
- अहमदाबाद के गीता मंदिर इलाके में स्थित एक गैस एजेंसी में गैस रिसाव के बाद भीषण आग लग गई, जिसके परिणामस्वरूप कई एलपीजी सिलेंडरों में विस्फोट हुआ। इस घटना में एजेंसी मालिक सहित कुल तीन लोग घायल हुए हैं। आग लगते ही पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और आसपास के निवासियों ने अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सुरक्षित स्थानों की ओर दौड़ लगाई। सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की कई गाड़ियाँ मौके पर पहुँचीं और काफी मशक्कत के बाद आग पर सफलतापूर्वक काबू पाया गया। अधिकारियों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए घटनास्थल से बड़ी संख्या में सिलेंडरों को सुरक्षित बाहर निकाला, जिससे एक संभावित बड़े और अधिक विनाशकारी हादसे को टाल दिया गया। प्रारंभिक जाँच में इस दुर्घटना का कारण गैस रिफिलिंग के दौरान हुए गैस रिसाव को माना जा रहा है। प्रशासन ने इस मामले की गहन जाँच शुरू कर दी है और गैस एजेंसी में सुरक्षा मानकों की विस्तृत समीक्षा की जा रही है। वहीं, स्थानीय लोगों ने भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति को रोकने के लिए संबंधित अधिकारियों से कड़े और प्रभावी कदम उठाने की मांग की है।1