रायपुर जिले के तिल्दा-नेवरा और आसपास के क्षेत्रों में 23 जून 2026 को आबकारी विभाग ने अवैध शराब कारोबार और मदिरा दुकानों में निर्धारित मूल्य से अधिक कीमत वसूलने (ओवररेटिंग) की लगातार मिल रही शिकायतों के बीच एक बड़ी कार्रवाई की। इस विशेष अभियान के तहत अवैध शराब जब्त की गई, कई आरोपियों को गिरफ्तार किया गया और ओवररेटिंग में संलिप्त पाए गए मदिरा दुकान कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से सेवा से पृथक कर दिया गया। यह कार्रवाई सचिव आबकारी रीना बाबा साहेब कंगाले, आबकारी आयुक्त पदुम सिंह एल्मा, रायपुर कलेक्टर गौरव सिंह के निर्देशों तथा प्रभारी उपायुक्त आबकारी राजेश शर्मा के मार्गदर्शन में संचालित की गई। अभियान के दौरान, मानपुर क्षेत्र के ग्राम तुलसी में प्रकाश सिरमौर के घर पर छापेमारी कर 38 पाव देशी मसाला शराब (शोले) बरामद की गई, जिसकी कुल मात्रा 6.84 बल्क लीटर थी। आरोपी प्रकाश सिरमौर को गिरफ्तार कर उसके विरुद्ध छत्तीसगढ़ आबकारी अधिनियम की धारा 34(1)(क), 34(2) एवं 59(क) के तहत मामला दर्ज किया गया। वहीं, ग्राम कोहका में भी विजय बंजारे और युवराज बंजारे के कब्जे से अवैध मदिरा जब्त की गई, जिन पर धारा 34(1)(ख) के तहत प्रकरण दर्ज हुआ। इन दोनों मामलों में कुल 12.42 बल्क लीटर देशी शराब जब्त की गई। मदिरा दुकानों में ओवररेटिंग की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए आबकारी विभाग ने विशेष जांच अभियान चलाया, जिसमें शिकायतें सही पाई गईं। इसके परिणामस्वरूप, तीन कर्मचारियों के खिलाफ आबकारी अधिनियम की धारा 39(ग) के तहत प्रकरण दर्ज कर उन्हें सेवा से हटा दिया गया। विभाग ने स्पष्ट किया है कि उपभोक्ताओं से अधिक राशि वसूलना कानून का उल्लंघन है और ऐसे मामलों में भविष्य में भी कठोर कार्रवाई जारी रहेगी। आबकारी विभाग की इस कार्रवाई के बीच शराब उपभोक्ताओं में भी लंबे समय से चली आ रही ओवररेटिंग की समस्या को लेकर नाराजगी देखने को मिली है। कई उपभोक्ताओं का कहना है कि पहले जब शराब दुकानों का संचालन निजी ठेकेदारों के माध्यम से होता था, तब ओवररेटिंग की शिकायतें कम आती थीं और गांवों में भी अवैध रूप से बिकने वाली शराब निर्धारित मूल्य के आसपास ही उपलब्ध हो जाती थी। हालांकि, वर्तमान व्यवस्था में कई स्थानों पर निर्धारित मूल्य से अधिक राशि वसूलने की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं। विभाग का कहना है कि लगातार मिल रही शिकायतों और की गई कार्रवाई से यह स्पष्ट है कि ओवररेटिंग की समस्या प्रशासन के संज्ञान में है और इसे रोकने के लिए अभियान चलाया जा रहा है। उक्त प्रकरण आबकारी उपनिरीक्षक मेधा मिश्रा द्वारा पंजीबद्ध किया गया। इस अभियान में आबकारी उपनिरीक्षक अलेक्स एक्का, कमल कुंजाम, आबकारी आरक्षक अमिताभ सिंह ध्रुव, जितेन्द्र मिश्रा, ऋत्विक खोबरागड़े, टीकम तथा वाहन चालक रेवाराम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। आबकारी विभाग ने चेतावनी दी है कि अवैध शराब के निर्माण, भंडारण, परिवहन और बिक्री के साथ-साथ ओवररेटिंग, कालाबाजारी एवं अन्य आर्थिक अनियमितताओं पर लगातार निगरानी रखी जाएगी और इनमें संलिप्त पाए जाने वाले व्यक्तियों तथा कर्मचारियों के खिलाफ भविष्य में भी कठोर एवं निरंतर कार्रवाई की जाएगी। तिल्दा-नेवरा में हुई इस कार्रवाई को अवैध शराब कारोबार और ओवररेटिंग के खिलाफ प्रशासन की एक बड़ी पहल माना जा रहा है, जिससे उपभोक्ताओं को निर्धारित मूल्य पर शराब मिलने और ओवररेटिंग की समस्या पर अंकुश लगने की उम्मीद है।
रायपुर जिले के तिल्दा-नेवरा और आसपास के क्षेत्रों में 23 जून 2026 को आबकारी विभाग ने अवैध शराब कारोबार और मदिरा दुकानों में निर्धारित मूल्य से अधिक कीमत वसूलने (ओवररेटिंग) की लगातार मिल रही शिकायतों के बीच एक बड़ी कार्रवाई की। इस विशेष अभियान के तहत अवैध शराब जब्त की गई, कई आरोपियों को गिरफ्तार किया गया और ओवररेटिंग में संलिप्त पाए गए मदिरा दुकान कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से सेवा से पृथक कर दिया गया। यह कार्रवाई सचिव आबकारी रीना बाबा साहेब कंगाले, आबकारी आयुक्त पदुम सिंह एल्मा, रायपुर कलेक्टर गौरव सिंह के निर्देशों तथा प्रभारी उपायुक्त आबकारी राजेश शर्मा के मार्गदर्शन में संचालित की गई। अभियान के दौरान, मानपुर क्षेत्र के ग्राम तुलसी में प्रकाश सिरमौर के घर पर छापेमारी कर 38 पाव देशी मसाला शराब (शोले) बरामद की गई, जिसकी कुल मात्रा 6.84 बल्क लीटर थी। आरोपी प्रकाश सिरमौर को गिरफ्तार कर उसके विरुद्ध छत्तीसगढ़ आबकारी अधिनियम की धारा 34(1)(क), 34(2) एवं 59(क) के तहत मामला दर्ज किया गया। वहीं, ग्राम कोहका में भी विजय बंजारे और युवराज बंजारे के कब्जे से अवैध मदिरा जब्त की गई, जिन पर धारा 34(1)(ख) के तहत प्रकरण दर्ज हुआ। इन दोनों मामलों में कुल 12.42 बल्क लीटर देशी शराब जब्त की गई। मदिरा दुकानों में ओवररेटिंग की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए आबकारी विभाग ने विशेष जांच अभियान चलाया, जिसमें शिकायतें सही पाई गईं। इसके परिणामस्वरूप, तीन कर्मचारियों के खिलाफ आबकारी अधिनियम की धारा 39(ग) के तहत प्रकरण दर्ज कर उन्हें सेवा से हटा दिया गया। विभाग ने स्पष्ट किया है कि उपभोक्ताओं से अधिक राशि वसूलना कानून का उल्लंघन है और ऐसे मामलों में भविष्य में भी कठोर कार्रवाई जारी रहेगी। आबकारी विभाग की इस कार्रवाई के बीच शराब उपभोक्ताओं में भी लंबे समय से चली आ रही ओवररेटिंग की समस्या को लेकर नाराजगी देखने को मिली है। कई उपभोक्ताओं का कहना है कि पहले जब शराब दुकानों का संचालन निजी ठेकेदारों के माध्यम से होता था, तब ओवररेटिंग की शिकायतें कम आती थीं और गांवों में भी अवैध रूप से बिकने वाली शराब निर्धारित मूल्य के आसपास ही उपलब्ध हो जाती थी। हालांकि, वर्तमान व्यवस्था में कई स्थानों पर निर्धारित मूल्य से अधिक राशि वसूलने की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं। विभाग का कहना है कि लगातार मिल रही शिकायतों और की गई कार्रवाई से यह स्पष्ट है कि ओवररेटिंग की समस्या प्रशासन के संज्ञान में है और इसे रोकने के लिए अभियान चलाया जा रहा है। उक्त प्रकरण आबकारी उपनिरीक्षक मेधा मिश्रा द्वारा पंजीबद्ध किया गया। इस अभियान में आबकारी उपनिरीक्षक अलेक्स एक्का, कमल कुंजाम, आबकारी आरक्षक अमिताभ सिंह ध्रुव, जितेन्द्र मिश्रा, ऋत्विक खोबरागड़े, टीकम तथा वाहन चालक रेवाराम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। आबकारी विभाग ने चेतावनी दी है कि अवैध शराब के निर्माण, भंडारण, परिवहन और बिक्री के साथ-साथ ओवररेटिंग, कालाबाजारी एवं अन्य आर्थिक अनियमितताओं पर लगातार निगरानी रखी जाएगी और इनमें संलिप्त पाए जाने वाले व्यक्तियों तथा कर्मचारियों के खिलाफ भविष्य में भी कठोर एवं निरंतर कार्रवाई की जाएगी। तिल्दा-नेवरा में हुई इस कार्रवाई को अवैध शराब कारोबार और ओवररेटिंग के खिलाफ प्रशासन की एक बड़ी पहल माना जा रहा है, जिससे उपभोक्ताओं को निर्धारित मूल्य पर शराब मिलने और ओवररेटिंग की समस्या पर अंकुश लगने की उम्मीद है।
- दतान संकुल केंद्र के अंतर्गत आने वाली शासकीय प्राथमिक शाला गुढ़ियारी परा दतान प में शाला प्रवेश उत्सव का कार्य संपन्न हो गया है।4
- कलेक्टर कुंदन कुमार के निर्देश पर मुंगेली जिले में अवैध शराब के खिलाफ कार्रवाई को तेज करते हुए आबकारी विभाग की लोरमी टीम ने ग्राम मनोहरपुर-खपरीडीह में छापा मारा। इस कार्रवाई के दौरान, टीम ने लेखराम साहू नामक आरोपी को 14.580 लीटर देशी मदिरा प्लेन के साथ पकड़ा। सहायक आबकारी अधिकारी रविन्द्र पाण्डेय के मार्गदर्शन में हुई इस कार्रवाई के बाद, आरोपी लेखराम साहू के खिलाफ आबकारी अधिनियम की धारा 34(1)(क), 34(2) और 59(क) के तहत मामला दर्ज कर उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।1
- बिलासपुर के बिल्हा विधायक धरमलाल कौशिक ने एक महत्वपूर्ण बयान दिया है, जिसमें उन्होंने कहा कि "जो आदमी खुद बीमार रहेगा, ना खुद काम का है ना परिवार का है।" विधायक कौशिक का यह बयान बिलासपुर में सामने आया।1
- गरियाबंद पुलिस ने किसानों के हितों की रक्षा तथा आवश्यक कृषि सामग्री की कालाबाजारी और अवैध परिवहन पर अंकुश लगाने के अपने अभियान के तहत एक बड़ी कार्रवाई की है। इस कार्रवाई में देवभोग थाना क्षेत्र के तेतलखुटी गाँव में अवैध रूप से ले जाई जा रही 126 क्विंटल डीएपी (DAP) खाद और उसे ढोने वाले मेंटाडोर आइशर वाहन को जब्त किया गया, जिसकी कुल कीमत ₹8.78 लाख आंकी गई है। मुखबिर की सूचना पर देवभोग पुलिस ने तत्काल घेराबंदी कर मेंटाडोर आइशर वाहन क्रमांक CG 07 CK 3719 को रोका और उसकी जाँच की। वाहन से डीएपी खाद की कुल 280 बोरियाँ बरामद हुईं, जिनमें प्रत्येक में लगभग 45 किलोग्राम खाद थी, यानी कुल 12,600 किलोग्राम (126 क्विंटल) खाद जब्त की गई। इस खाद का अनुमानित बाजार मूल्य ₹3,78,000/- है। वाहन चालक युधिष्ठिर दनता (पिता भोट राम दनता, उम्र 42 वर्ष, निवासी इन्दागांव, थाना इन्दागांव, जिला गरियाबंद, छत्तीसगढ़) से जब परिवहन संबंधी वैध दस्तावेज माँगे गए, तो वह संतोषजनक प्रमाण प्रस्तुत नहीं कर सका। इसके बाद पुलिस ने डीएपी खाद और ₹5,00,000/- अनुमानित कीमत वाले मेंटाडोर वाहन को जब्त कर लिया। पुलिस ने इस प्रकरण में कुल ₹8,78,000/- मूल्य की संपत्ति जब्त की है और इसकी सूचना संबंधित कृषि विभाग को भेज दी गई है। वर्तमान में खाद के स्रोत, उसके गंतव्य स्थान और इस अवैध परिवहन में शामिल अन्य व्यक्तियों की भूमिका की विस्तृत जाँच चल रही है, जिसके आधार पर दोषियों के विरुद्ध नियमानुसार कड़ी वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। गरियाबंद पुलिस ने किसानों के हितों के संरक्षण और कालाबाजारी पर नियंत्रण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए यह अपील भी की है कि यदि किसी को भी खाद, बीज या अन्य कृषि सामग्री के अवैध भंडारण, कालाबाजारी या अवैध परिवहन की जानकारी मिले, तो वे तुरंत निकटतम पुलिस थाने या संबंधित विभाग को सूचित करें; सूचना देने वाले की पहचान पूर्णतः गोपनीय रखी जाएगी।1
- टाउनशिप में मकान खाली करने के नोटिस को लेकर विधायक देवेन्द्र ने अपना कड़ा विरोध जताया है और आंदोलन की चेतावनी दी है। यह नोटिस टाउनशिप सेक्टर एरिया में स्थित कंपनी के सभी क्वाटरों को खाली कराने के उद्देश्य से भेजा जा रहा है। इस मुद्दे के कारण प्रभावित परिवारों में गंभीर चिंता का माहौल है, वहीं यह मामला राजनीतिक हलकों में भी चर्चा का एक प्रमुख विषय बना हुआ है।1
- बिलासपुर यातायात पुलिस ने कानून के सभी के लिए समान होने के सिद्धांत को एक बार फिर व्यवहार में साबित करते हुए, शहर के कलेक्टर कार्यालय चौक के पास नो-पार्किंग क्षेत्र में खड़े एक प्रशासनिक चारपहिया वाहन के खिलाफ कार्रवाई की है। यातायात पुलिस ने नियमों के उल्लंघन को गंभीरता से लेते हुए उस वाहन को क्रेन की मदद से हटवाकर मल्टीलेवल पार्किंग में खड़ा कराया और उसका ऑनलाइन चालान भी जारी किया। इस कार्रवाई से यह स्पष्ट संदेश दिया गया कि नियमों के उल्लंघन पर किसी को भी विशेष छूट नहीं मिलेगी, चाहे वाहन किसी भी विभाग या प्रभावशाली व्यक्ति से जुड़ा हो। यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब शहर में बढ़ती पार्किंग समस्या के समाधान के लिए बिलासपुर नगर निगम द्वारा मल्टीलेवल पार्किंग का निर्माण कराया गया है। जिला न्यायालय, कलेक्टर कार्यालय, पुलिस अधीक्षक कार्यालय और नगर निगम जैसे कई महत्वपूर्ण शासकीय कार्यालय एक ही परिसर के आसपास स्थित होने के कारण यहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में अधिकारी, कर्मचारी और आम नागरिक पहुंचते हैं, जिनके वाहनों के सुव्यवस्थित प्रबंधन के लिए मल्टीलेवल पार्किंग की सुविधा उपलब्ध है। बिलासपुर यातायात पुलिस की इस निष्पक्ष और पारदर्शी कार्रवाई ने आम जनता के बीच एक सकारात्मक संदेश दिया है। इसने नागरिकों में यह विश्वास और मजबूत किया है कि कानून के सामने सभी समान हैं, और बिलासपुर पुलिस नियमों का पालन कराने में पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। ऐसी कार्यशैली न केवल यातायात व्यवस्था को सुदृढ़ बनाती है, बल्कि कानून के प्रति सम्मान और अनुशासन की भावना को भी बढ़ावा देती है, जो बिलासपुर पुलिस द्वारा पेश की गई निष्पक्षता की मिसाल है।1
- पुणे के केतन अग्रवाल, जो अपनी मंगेतर सिया के साथ एक भव्य शादी का सपना देख रहे थे, उनकी प्रेम कहानी एक सनसनीखेज हत्या के मामले में बदल गई है। सोशल मीडिया पर केतन और सिया के रोमांटिक वीडियो और तस्वीरों के बीच, केतन अग्रवाल का आखिरी डांस वीडियो भी वायरल हुआ था, जिसमें उन्होंने सिया को घुटनों पर बैठकर प्रपोज किया था। हालांकि, बाद में लोहागढ़ किले की घाटी में उनकी मौत हुई, जिसे शुरुआत में एक हादसा माना गया था। जांच में सिया और उसके कथित प्रेमी चेतन बाबूलाल चौधरी की भूमिका सामने आई है। केतन और सिया की सगाई फरवरी में हुई थी और नवंबर में शादी तय थी। सिया लगातार इंस्टाग्राम पर केतन के साथ तस्वीरें और वीडियो साझा करती थी, जिसमें उसने केतन को टैग करते हुए लिखा था कि उसके दिल को अपना घर मिले एक महीना पूरा हो गया है। मई में केतन ने सिया के जन्मदिन पर फूल भेंट किए थे, और 19 मई को सिया ने अपने जन्मदिन के काउंटडाउन से जुड़ी एक स्टोरी पोस्ट की थी, जिसमें दोनों एक रोमांटिक गाने पर डांस करते दिखाई दिए थे। पुलिस जांच के अनुसार, सिया ने शुरू में दावा किया था कि फोटो खिंचवाते समय केतन का पैर फिसल गया था और वह नीचे गिर गया। हालांकि, पुलिस को सिया के व्यवहार पर संदेह हुआ। पूछताछ और जांच में पता चला कि सिया का संबंध चेतन बाबूलाल चौधरी नामक युवक से भी था। दोनों की मुलाकात पिछले साल एक कारोबारी कार्यक्रम के दौरान हुई थी, जिसमें सिया बेकरी और चेतन ड्राई फ्रूट के कारोबार में सक्रिय थे। जांच आगे बढ़ने पर यह मामला कथित प्रेम प्रसंग और हत्या की साजिश के रूप में सामने आया। पुलिस के अनुसार, चेतन चौधरी दोपहिया वाहन से लोहागढ़ किले पर पहुंचा था। इसके बाद चेतन और सिया दोनों साथ में ऊपर गए, उन्होंने केतन पर किसी वस्तु से हमला किया और फिर उसे किले की ऊंचाई से नीचे फेंक दिया। पुलिस ने इस मामले का तेजी से खुलासा करते हुए दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। चेतन चौधरी को कल रात और सिया को आज सुबह गिरफ्तार किया गया, और अब दोनों को अदालत में पेश किया जा रहा है। केतन के परिजनों ने इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा कि अगर सिया शादी नहीं करना चाहती थी, तो वह सीधे मना कर सकती थी; वे शादी रद्द कर देते। उन्होंने ऐसी क्रूर मानसिकता पर सवाल उठाया है कि किसी के 26 साल के बेटे ने अपनी जान गंवा दी।2
- बिलासपुर के रिवर व्यू क्षेत्र में एक सुनसान जगह पर नवजात का भ्रूण मिलने से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। इस खबर के फैलते ही मौके पर स्थानीय लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। कोतवाली पुलिस को सूचना मिलते ही, उन्होंने तत्काल मौके पर पहुंचकर भ्रूण को अपने कब्जे में ले लिया और मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस अब आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है और घटना से संबंधित सीसीटीवी फुटेज को खंगाल रही है। इस मामले में, पुलिस का कहना है कि जिम्मेदार लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।1
- रायगढ़ जिले के धरमजयगढ़ थाना क्षेत्र में एक घरेलू विवाद के दौरान पत्नी की हथौड़ी मारकर हत्या करने के आरोप में पुलिस ने आरोपी पति को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर वारदात में इस्तेमाल की गई लोहे की हथौड़ी भी बरामद कर ली है। इस मामले पर रायगढ़ पुलिस ने महिलाओं के विरुद्ध हिंसक अपराधों पर त्वरित और कठोर वैधानिक कार्रवाई जारी रखने का स्पष्ट संदेश दिया है। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, ग्राम बाँसजोर निवासी मेहतरीन बाई मंझवार की मृत्यु से संबंधित मर्ग डायरी जांच के लिए धरमजयगढ़ थाने को प्राप्त हुई थी, जिसके बाद थाना प्रभारी निरीक्षक राजेश जांगड़े ने मर्ग क्रमांक 81/2026 के तहत जांच शुरू की। विवेचना के दौरान मृतिका के माता-पिता, सास, पार्षद सहित अन्य गवाहों के बयान दर्ज किए गए और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का परीक्षण किया गया। जांच में सामने आया कि 17 जून 2026 की सुबह करीब 7:30 बजे आरोपी श्यामलाल मंझवार (24 वर्ष) और उसकी पत्नी मेहतरीन बाई के बीच इलाज के लिए पैसे मांगने को लेकर विवाद हुआ था। कहासुनी बढ़ने पर आरोपी ने आक्रोशित होकर घर में रखी लोहे की हथौड़ी से पत्नी के सिर पर कई बार वार कर उसे गंभीर रूप से घायल कर दिया। घटना के बाद घायल महिला को मेडिकल कॉलेज रायगढ़ में भर्ती कराया गया, जहां 20 जून 2026 की शाम करीब 6:30 बजे उसकी मौत हो गई। मर्ग जांच में हत्या की पुष्टि होने पर धरमजयगढ़ थाना में आरोपी श्यामलाल मंझवार, निवासी ग्राम बाँसजोर, थाना धरमजयगढ़ के विरुद्ध अपराध क्रमांक 168/2026 के तहत धारा 103(1) बीएनएस में मामला दर्ज किया गया। पुलिस ने तत्काल आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की, जहां उसने अपना अपराध स्वीकार कर लिया। उसके मेमोरेंडम के आधार पर वारदात में प्रयुक्त बेट लगा लोहे का हथौड़ा भी बरामद कर लिया गया। पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया। यह कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देशन तथा एडिशनल एसपी अनिल सोनी और एसडीओपी धरमजयगढ़ सिद्धांत तिवारी के मार्गदर्शन में की गई। इस दौरान थाना प्रभारी राजेश जांगड़े, एएसआई मंजु मिश्रा, प्रधान आरक्षक गंगाराम भगत सहित अन्य स्टाफ ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। मामले पर एसएसपी शशि मोहन सिंह ने जोर देकर कहा कि महिलाओं के विरुद्ध हिंसा और गंभीर अपराध किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे और महिला सुरक्षा रायगढ़ पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है।3