मानवता की मिसाल: सासाराम एसडीएम की अनोखी पहल, बिजली करंट से मृत सतानंद तिवारी के परिजनों के लिए अधिकारी और कर्मचारी कर रहे हैं चंदा : रोहतास जिले के चेनारी में बिजली की चपेट में आने से हुई सतानंद तिवारी की असामयिक मृत्यु के बाद, जहाँ एक ओर बिजली विभाग की कार्यशैली पर सवाल उठ रहे हैं, वहीं दूसरी ओर सासाराम एसडीएम डॉ. नेहा कुमारी ने मानवता की एक ऐसी मिसाल पेश की है जिसकी चर्चा पूरे जिले में हो रही है। सरकारी सहायता के साथ-साथ निजी सहयोग सतानंद तिवारी की मृत्यु के बाद बिजली विभाग द्वारा नियमानुसार 4 लाख रुपये की सहायता राशि प्रदान की गई। लेकिन एसडीएम डॉ. नेहा कुमारी यहीं नहीं रुकीं। उन्होंने महसूस किया कि मृतक के पीछे उनके छोटे बच्चे हैं, जिनकी शिक्षा और भविष्य के लिए केवल सरकारी मुआवजा काफी नहीं होगा। अधिकारियों और कर्मचारियों ने बढ़ाया हाथ रोहतास के इतिहास में संभवतः यह पहली बार देखने को मिल रहा है जब कोई प्रशासनिक अधिकारी खुद आगे आकर किसी पीड़ित परिवार के लिए चंदा इकट्ठा कर रहा है। डोनेशन बॉक्स (दान पेटी): एसडीएम कार्यालय में एक विशेष पेटी रखी गई है। 7 दिनों का अभियान: यह मुहिम अगले 7 दिनों तक चलेगी। सहयोगी: इस पहल में एसडीएम के साथ उनके कार्यालय के कर्मचारी, अन्य अधिकारी और स्थानीय वकील भी बढ़-चढ़कर अपनी स्वेच्छा से योगदान दे रहे हैं। "हमारा उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सतानंद तिवारी के बच्चों की पढ़ाई-लिखाई में कोई बाधा न आए। यह हमारा छोटा सा प्रयास है ताकि उस परिवार को संबल मिल सके।" — डॉ. नेहा कुमारी, एसडीएम, सासाराम प्रशासन का कड़ा रुख एक तरफ जहाँ एसडीएम मानवीय चेहरा दिखा रही हैं, वहीं दूसरी तरफ उन्होंने बिजली विभाग की लापरवाही पर भी कड़ा रुख अपनाया है। घटना के बाद विभाग के खिलाफ कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके और विभाग अपनी जिम्मेदारी के प्रति सजग रहे। निष्कर्ष: सासाराम एसडीएम की इस पहल ने यह साबित कर दिया है कि अधिकारी केवल फाइलों और आदेशों तक सीमित नहीं होते, बल्कि वे समाज के प्रति अपनी नैतिक और मानवीय जिम्मेदारियों को भी बखूबी समझते हैं। इस कदम की क्षेत्र में काफी सराहना हो रही है।
मानवता की मिसाल: सासाराम एसडीएम की अनोखी पहल, बिजली करंट से मृत सतानंद तिवारी के परिजनों के लिए अधिकारी और कर्मचारी कर रहे हैं चंदा : रोहतास जिले के चेनारी में बिजली की चपेट में आने से हुई सतानंद तिवारी की असामयिक मृत्यु के बाद, जहाँ एक ओर बिजली विभाग की कार्यशैली पर सवाल उठ रहे हैं, वहीं दूसरी ओर सासाराम एसडीएम डॉ. नेहा कुमारी ने मानवता की एक ऐसी मिसाल पेश की है जिसकी चर्चा पूरे जिले में हो रही है। सरकारी सहायता के साथ-साथ निजी सहयोग सतानंद तिवारी की मृत्यु के बाद बिजली विभाग द्वारा नियमानुसार 4 लाख रुपये की सहायता राशि प्रदान की गई। लेकिन एसडीएम डॉ. नेहा कुमारी यहीं नहीं रुकीं। उन्होंने महसूस किया कि मृतक के पीछे उनके छोटे बच्चे हैं, जिनकी शिक्षा और भविष्य के लिए केवल सरकारी मुआवजा काफी नहीं होगा। अधिकारियों और कर्मचारियों ने बढ़ाया हाथ रोहतास के इतिहास में संभवतः यह पहली बार देखने को मिल रहा है जब कोई प्रशासनिक अधिकारी खुद आगे आकर किसी पीड़ित परिवार के लिए चंदा इकट्ठा कर रहा है। डोनेशन बॉक्स (दान पेटी): एसडीएम कार्यालय में एक
विशेष पेटी रखी गई है। 7 दिनों का अभियान: यह मुहिम अगले 7 दिनों तक चलेगी। सहयोगी: इस पहल में एसडीएम के साथ उनके कार्यालय के कर्मचारी, अन्य अधिकारी और स्थानीय वकील भी बढ़-चढ़कर अपनी स्वेच्छा से योगदान दे रहे हैं। "हमारा उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सतानंद तिवारी के बच्चों की पढ़ाई-लिखाई में कोई बाधा न आए। यह हमारा छोटा सा प्रयास है ताकि उस परिवार को संबल मिल सके।" — डॉ. नेहा कुमारी, एसडीएम, सासाराम प्रशासन का कड़ा रुख एक तरफ जहाँ एसडीएम मानवीय चेहरा दिखा रही हैं, वहीं दूसरी तरफ उन्होंने बिजली विभाग की लापरवाही पर भी कड़ा रुख अपनाया है। घटना के बाद विभाग के खिलाफ कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके और विभाग अपनी जिम्मेदारी के प्रति सजग रहे। निष्कर्ष: सासाराम एसडीएम की इस पहल ने यह साबित कर दिया है कि अधिकारी केवल फाइलों और आदेशों तक सीमित नहीं होते, बल्कि वे समाज के प्रति अपनी नैतिक और मानवीय जिम्मेदारियों को भी बखूबी समझते हैं। इस कदम की क्षेत्र में काफी सराहना हो रही है।
- : रोहतास जिले के चेनारी में बिजली की चपेट में आने से हुई सतानंद तिवारी की असामयिक मृत्यु के बाद, जहाँ एक ओर बिजली विभाग की कार्यशैली पर सवाल उठ रहे हैं, वहीं दूसरी ओर सासाराम एसडीएम डॉ. नेहा कुमारी ने मानवता की एक ऐसी मिसाल पेश की है जिसकी चर्चा पूरे जिले में हो रही है। सरकारी सहायता के साथ-साथ निजी सहयोग सतानंद तिवारी की मृत्यु के बाद बिजली विभाग द्वारा नियमानुसार 4 लाख रुपये की सहायता राशि प्रदान की गई। लेकिन एसडीएम डॉ. नेहा कुमारी यहीं नहीं रुकीं। उन्होंने महसूस किया कि मृतक के पीछे उनके छोटे बच्चे हैं, जिनकी शिक्षा और भविष्य के लिए केवल सरकारी मुआवजा काफी नहीं होगा। अधिकारियों और कर्मचारियों ने बढ़ाया हाथ रोहतास के इतिहास में संभवतः यह पहली बार देखने को मिल रहा है जब कोई प्रशासनिक अधिकारी खुद आगे आकर किसी पीड़ित परिवार के लिए चंदा इकट्ठा कर रहा है। डोनेशन बॉक्स (दान पेटी): एसडीएम कार्यालय में एक विशेष पेटी रखी गई है। 7 दिनों का अभियान: यह मुहिम अगले 7 दिनों तक चलेगी। सहयोगी: इस पहल में एसडीएम के साथ उनके कार्यालय के कर्मचारी, अन्य अधिकारी और स्थानीय वकील भी बढ़-चढ़कर अपनी स्वेच्छा से योगदान दे रहे हैं। "हमारा उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सतानंद तिवारी के बच्चों की पढ़ाई-लिखाई में कोई बाधा न आए। यह हमारा छोटा सा प्रयास है ताकि उस परिवार को संबल मिल सके।" — डॉ. नेहा कुमारी, एसडीएम, सासाराम प्रशासन का कड़ा रुख एक तरफ जहाँ एसडीएम मानवीय चेहरा दिखा रही हैं, वहीं दूसरी तरफ उन्होंने बिजली विभाग की लापरवाही पर भी कड़ा रुख अपनाया है। घटना के बाद विभाग के खिलाफ कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके और विभाग अपनी जिम्मेदारी के प्रति सजग रहे। निष्कर्ष: सासाराम एसडीएम की इस पहल ने यह साबित कर दिया है कि अधिकारी केवल फाइलों और आदेशों तक सीमित नहीं होते, बल्कि वे समाज के प्रति अपनी नैतिक और मानवीय जिम्मेदारियों को भी बखूबी समझते हैं। इस कदम की क्षेत्र में काफी सराहना हो रही है।2
- हसपुरा, औरंगाबाद बैंक की ओर से ग्रामीणों को जागरूक किया गया हसपुरा प्रखंड क्षेत्र के हसपुरा पीरू,सिहाड़ी सहित अन्य बिहार ग्रामीण बैंक में औरंगाबाद कला जत्था के कलाकारों द्वारा लोगों के बीच जागरूकता अभियान चलाया गया1
- Post by Arjun Gupta ji1
- डेहरी विधानसभा क्षेत्र के राजीव रंजन सिंह उर्फ सोनू सिंह ने शनिवार को दोपहर करीब 2 बजे अशोक कुमार जैन उच्च विद्यालय, दरिहाट में आयोजित कार्यक्रम के दौरान 10वीं कक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्र नीरज कुमार को सम्मानित किया। अर्जुनबिगहा निवासी नीरज कुमार ने पूरे बिहार में 8वाँ स्थान प्राप्त कर क्षेत्र का नाम रोशन किया है। इस उपलब्धि पर उन्हें सम्मानित करते हुए राजीव रंजन सिंह ने उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने कहा कि नीरज की सफलता अन्य छात्रों के लिए प्रेरणास्रोत है। क्षेत्र में खुशी का माहौल है।1
- मोतिहारी में ज़हरीली शराब से मारे गए 4 लोगों के परिवार से मुलाक़ात के बाद जन सुराज प्रदेश अध्यक्ष मनोज भारती का बयान!!1
- नालंदा से एक बड़ी खबर सामने आई है, जहां एक महिला के साथ छेड़छाड़ के मामले में पुलिस ने 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस घटना ने इलाके में सनसनी फैला दी है और लोगों में सुरक्षा को लेकर सवाल उठ रहे हैं। 👉 पुलिस मामले की जांच कर रही है और आगे की कार्रवाई जारी है। 👉 पूरी सच्चाई जानने के लिए वीडियो को अंत तक देखें।#Nalanda #BiharNews #NalandaNews #CrimeNews #BreakingNews #WomenSafety #PoliceAction #Justice #HindiNews #ViralNews1
- कशिश न्यूज़ रोहतास जिले के बिक्रमगंज अनुमंडल इलाके होटल रेस्टोरेंट में चल रहे अनैतिक देह व्यापार की जानकारी दावथ थाना या संझौली थाना की नहीं है।पिछले दो दिनों से बिक्रमगंज एसडीएम प्रभात कुमार की कार्रवाई में संझौली तथा दावथ थाना इलाके के मलियाबाग के होटल में जब छापामारी किया तो देह व्यापार में लिप्त करीब सैकड़ो लोगों को हिरासत में लिया गया।जो प्रमाण के लिए काफी है कि बिक्रमगंज अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी के नेतृत्व वाले संझौली तथा दावथ थाना इलाके में चल रहे अनैतिक देह व्यापार की पुलिस को खबर नहीं।बिक्रमगंज अनुमंडल पदाधिकारी प्रभात कुमार ने बताया कि दावथ अंचलाधिकारी एवं उनके सुरक्षा कर्मियों के सहयोग से दावथ थाना इलाके में एक होटल में की गई छापामारी में 75 से 80 महिला पुरुष को कब्जे में लिया गया। जबकि पिछले दिन बिक्रमगंज एसडीएम ने संझौली इलाके के होटल से भी आधा दर्जन को कब्जे में लिया था।ऐसे में बिक्रमगंज अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी के नेतृत्व में चलने वाले दावथ तथा संझौली थाना के कार्यशैली पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। जो बिक्रमगंज एसडीएम प्रभात कुमार की यह कार्रवाई प्रमाण के लिए भी काफी है।1
- पिछले दो दिनों से बिक्रमगंज एसडीएम प्रभात कुमार की कार्रवाई में संझौली तथा दावथ थाना इलाके के मलियाबाग के होटल में जब छापामारी किया तो देह व्यापार में लिप्त करीब सैकड़ो लोगों को हिरासत में लिया गया। जो प्रमाण के लिए काफी है कि बिक्रमगंज अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी के नेतृत्व वाले संझौली तथा दावथ थाना इलाके में चल रहे अनैतिक देह व्यापार की पुलिस को खबर नहीं। बिक्रमगंज अनुमंडल पदाधिकारी प्रभात कुमार ने बताया कि दावथ अंचलाधिकारी एवं उनके सुरक्षा कर्मियों के सहयोग से दावथ थाना इलाके में एक होटल में की गई छापामारी में 75 से 80 महिला पुरुष को कब्जे में लिया गया। जबकि पिछले दिन बिक्रमगंज एसडीएम ने संझौली इलाके के होटल से भी आधा दर्जन को कब्जे में लिया था। ऐसे में बिक्रमगंज अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी के नेतृत्व में चलने वाले दावथ तथा संझौली थाना के कार्यशैली पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। जो बिक्रमगंज एसडीएम प्रभात कुमार की यह कार्रवाई प्रमाण के लिए भी काफ़ी है।4
- यूनिक कोचिंग सेंटर एवं सर्वहारा बाल विकास विद्यालय बरूही सहार के द्वारा मैट्रिक परीक्षा 2026 में सफल छात्र-छात्राओं का भव्य सामान समारोह आयोजित किया गया, आप सभी को बता दें कि भोजपुर जिला के सहार प्रखंड के बरूही पंचायत क्षेत्र के प्रसिद्ध शिक्षण संस्थान, यूनिक कोचिंग सेंटर एवं सर्वहारा बाल विकास विद्यालय द्वारा मैट्रिक परीक्षा 2026 में उत्तीर्ण छात्र-छात्राओं के सम्मान में एक भव्य समारोह का आयोजन किया गया, इस कार्यक्रम में सफल विद्यार्थियों को सर्वहारा बाल विकास विद्यालय के एवं यूनिक कोचिंग सेंटर के संचालक शिक्षक, संतोष शर्मा, वरिष्ठ शिक्षक जगन्नाथ सिंह, बृजेंद्र सिंह ,मनीष सिंह, रणजीत सिंह ,प्रदीप सिंह ,रवि ठाकुर, अजीत सर के द्वारा मेडल कप प्रशस्ति पत्र उपहार देकर सम्मानित किया, बरूही पंचायत के सम्मानित अतिथि, पंचायत समिति अरुण ठाकुर सुभाष चंद्र विनोद नायर सरपंच सतीश पासवान और बरूही पंचायत के समाजसेवी आदित्य मैरिज हॉल के संचालक सुनील साहू के द्वारा, सभी उत्तीर्ण छात्र-छात्राओं को कलम कॉपी घड़ी से पुष्कृत कर, विद्यार्थियों का हौसला बुलंद किया और कहा कि समाज के लिए हमेशा हमारा कदम आगे रहेगा, प्रथम श्रेणी से उत्तीर्ण छात्र मोहन कुमार, पिता मनोज यादव 469 अंक आदित्य कुमार, पिता मिथिलेश कुमार 441 अंक अंकित राज, पिता अजीत कुमार 435 अंक, छात्रा अंशु कुमारी ,पिता संजय कुमार साव 386 अंक प्रिया कुमारी पिता हरेंद्र सिंह 379 अंक, इस प्रकार कुल उत्तीर्ण छात्र-छात्राओं की संख्या बरूही पंचायत से 39 है, सभी विद्यार्थियों ने उत्कृष्ट अंक प्राप्त कर अपने माता-पिता गांव समाज और संस्थान का नाम रोशन किया, मंच से बोलते हुए शिक्षकों ने छात्रों को आगे की पढ़ाई के लिए प्रेरित किया और उज्जवल भविष्य की कामना की, अभिभावकों ने भी अपने बच्चों की सफलता पर खुशी व्यक्त की और कोचिंग संस्थान के शिक्षकों का आभार जताया, कहा कि यूनिक कोचिंग सेंटर की गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और अनुशासन के कारण ही उनके बच्चे इस मुकाम तक पहुंचे हैं, कार्यक्रम के अंत में सफल छात्र छात्राओं ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि नियमित पढ़ाई सही मार्गदर्शन और आत्मविश्वास सफलता की कुंजी है, समारोह का समापन धन्यवाद ज्ञापन के साथ किया गया, यह समान समारोह विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बना और आने वाले वर्षों में और बेहतर प्रदर्शन के लिए उत्साह बढ़ाया, केवल आप तक News के साथ मैं धर्मेंद्र कुमार1