ग्राम पंचायत मरहा के पंचायत सचिवालय और प्राथमिक विद्यालय के संयुक्त परिसर में 'जीरो माइलस्टोन' की सफलतापूर्वक स्थापना की गई है। यह केवल एक मील पत्थर नहीं, बल्कि ग्राम पंचायत की पहचान, गौरव, दिशा, इतिहास और उसकी विकास यात्रा का प्रतीक है। यह मील पत्थर एक भौगोलिक संदर्भ बिंदु के रूप में कार्य करता है, जिसके अक्षांश 26.778314° उत्तर और देशांतर 82.644513° पूर्व हैं, तथा यह समुद्र तल से 115.03 मीटर की ऊँचाई पर स्थित है। विश्वभर में ऐसे बिंदुओं का उपयोग दूरी मापने, मानचित्रण और स्थानीय पहचान स्थापित करने के लिए किया जाता है। प्राथमिक विद्यालय परिसर में इसकी स्थापना विद्यार्थियों को दिशा, दूरी, मानचित्र, भूगोल, जीपीएस निर्देशांक, अक्षांश-देशांतर और स्थानीय प्रशासन से संबंधित व्यावहारिक ज्ञान प्रदान करने में सहायक होगी। यह ग्राम पंचायत मरहा के लिए आत्मपहचान, नवाचार और गौरव का प्रतीक है, जो ग्रामीण क्षेत्र में ऐसी विरल पहल के माध्यम से पंचायत की दूरदर्शी सोच और विकासोन्मुखी दृष्टिकोण को प्रदर्शित करता है। यह स्थल पंचायत सचिवालय परिसर में आने वाले आगंतुकों, विद्यार्थियों और ग्रामवासियों के लिए एक आकर्षक सेल्फी प्वाइंट एवं स्मृति स्थल के रूप में भी विकसित होगा। पंचायत सचिवालय और प्राथमिक विद्यालय का यह संयुक्त परिसर अब स्वच्छता, हरित विकास, डिजिटल सशक्तिकरण, शिक्षा, जनसहभागिता और नवाचार का केंद्र बन चुका है। यहाँ विकसित हरित क्षेत्र, बाल वाटिका, ग्राम प्रेरणा स्थल, बीएसएनएल भारत फाइबर आधारित इंटरनेट सुविधा, एलईडी टीवी और दिव्यांगजन अनुकूल व्यवस्थाएँ जैसी जनोपयोगी सुविधाएँ ग्रामीण विकास के नए मानक स्थापित कर रही हैं, और जीरो माइलस्टोन की स्थापना ने इस परिसर को एक नई और विशिष्ट पहचान प्रदान की है। मरहा का यह जीरो माइलस्टोन शून्य नहीं, बल्कि गांव की पहचान, आत्मगौरव और एक विकसित, शिक्षित, स्वच्छ, डिजिटल तथा आत्मनिर्भर मरहा के निर्माण की नई शुरुआत का प्रतीक है, जहाँ से विकास की दिशा भी तय होती है।
ग्राम पंचायत मरहा के पंचायत सचिवालय और प्राथमिक विद्यालय के संयुक्त परिसर में 'जीरो माइलस्टोन' की सफलतापूर्वक स्थापना की गई है। यह केवल एक मील पत्थर नहीं, बल्कि ग्राम पंचायत की पहचान, गौरव, दिशा, इतिहास और उसकी विकास यात्रा का प्रतीक है। यह मील पत्थर एक भौगोलिक संदर्भ बिंदु के रूप में कार्य करता है, जिसके अक्षांश 26.778314° उत्तर और देशांतर 82.644513° पूर्व हैं, तथा यह समुद्र तल से 115.03 मीटर की ऊँचाई पर स्थित है। विश्वभर में ऐसे बिंदुओं का उपयोग दूरी मापने, मानचित्रण और स्थानीय पहचान स्थापित करने के लिए किया जाता है। प्राथमिक विद्यालय परिसर में इसकी स्थापना विद्यार्थियों को दिशा, दूरी, मानचित्र, भूगोल, जीपीएस निर्देशांक, अक्षांश-देशांतर और स्थानीय प्रशासन से संबंधित व्यावहारिक ज्ञान प्रदान करने में सहायक होगी। यह ग्राम पंचायत मरहा के लिए आत्मपहचान, नवाचार और गौरव का प्रतीक है, जो ग्रामीण क्षेत्र में ऐसी विरल पहल के माध्यम से पंचायत की दूरदर्शी सोच और विकासोन्मुखी दृष्टिकोण को प्रदर्शित करता है। यह स्थल पंचायत सचिवालय परिसर में आने वाले आगंतुकों, विद्यार्थियों और ग्रामवासियों के लिए एक आकर्षक सेल्फी प्वाइंट एवं स्मृति स्थल के रूप में भी विकसित होगा। पंचायत सचिवालय और प्राथमिक विद्यालय का यह संयुक्त परिसर अब स्वच्छता, हरित विकास, डिजिटल सशक्तिकरण, शिक्षा, जनसहभागिता और नवाचार का केंद्र बन चुका है। यहाँ विकसित हरित क्षेत्र, बाल वाटिका, ग्राम प्रेरणा स्थल, बीएसएनएल भारत फाइबर आधारित इंटरनेट सुविधा, एलईडी टीवी और दिव्यांगजन अनुकूल व्यवस्थाएँ जैसी जनोपयोगी सुविधाएँ ग्रामीण विकास के नए मानक स्थापित कर रही हैं, और जीरो माइलस्टोन की स्थापना ने इस परिसर को एक नई और विशिष्ट पहचान प्रदान की है। मरहा का यह जीरो माइलस्टोन शून्य नहीं, बल्कि गांव की पहचान, आत्मगौरव और एक विकसित, शिक्षित, स्वच्छ, डिजिटल तथा आत्मनिर्भर मरहा के निर्माण की नई शुरुआत का प्रतीक है, जहाँ से विकास की दिशा भी तय होती है।
- अम्बेडकरनगर जिले के अकबरपुर कोतवाली क्षेत्र के डल्ला निजामपुर निमिन्दीपुर में जमीन विवाद को लेकर एक गंभीर मारपीट की घटना सामने आई है। पीड़ित राजितराम और उनके पुत्र ने आरोप लगाया है कि उन पर परिजनों ने ही लाठी-डंडों से हमला किया। इस झड़प में कई लोग घायल हुए हैं, और बताया जा रहा है कि अंजीत का हाथ टूट गया है। पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायत पर मुकदमा दर्ज कर लिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है।1
- दिनांक 20/06/2026 को सिद्धार्थनगर जनपद की बांसी तहसील में प्रशासन जनता की समस्याओं के समाधान को लेकर सक्रिय रूप से जुटा। जिलाधिकारी (DM) सिद्धार्थनगर शशांक शेखर की उपस्थिति में आयोजित इस जनसुनवाई में कुल 81 प्रार्थना पत्र प्राप्त हुए। इन प्राप्त शिकायतों में से 50 मामले राजस्व विभाग से संबंधित थे। प्रशासन ने इन समस्याओं के प्रति तत्परता दिखाते हुए, मौके पर ही 10 मामलों का तत्काल निस्तारण किया, जिससे जनता को त्वरित राहत मिल सके।1
- अंबेडकर नगर में नेवादा बांदीपुर रोड पर लूटपाट की कोशिश का मामला सामने आया है। इस दौरान, विरोध करने पर एक युवक घायल हो गया। घटना के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मामले की जाँच और लुटेरों की तलाश के लिए पांच टीमें गठित की हैं।1
- अंबेडकर नगर के जैतपुर थाना क्षेत्र में मोटरसाइकिल पर सवार दो बदमाशों ने दिन दहाड़े असलहे की नोंक पर एक दंपति को निशाना बनाया और लूट की वारदात को अंजाम दिया। इस घटना के बाद, पुलिस के उच्च अधिकारी मौके पर पहुंच चुके हैं और मामले की पड़ताल जारी है। फायरिंग और लूट की सूचना मिलने पर इलाके में हड़कंप मच गया है।1
- अम्बेडकर नगर में कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी (सपा) के सांसद लालजी पर एक महत्वपूर्ण टिप्पणी की है। इस दौरान उन्होंने एक बड़ा बयान भी दिया।1
- Post by Ashwini Kumar Pandey1
- अम्बेडकरनगर जिले के जैतपुर में एक महिला से चैन छीनने की घटना सामने आई है, जिसमें गोली चलने की बात भी संदिग्ध बताई जा रही है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, कुछ अज्ञात व्यक्तियों ने एक महिला से उसकी चैन मांगी। जब महिला ने चैन दे दी, तो उसके पति ने इस पर विरोध व्यक्त किया, जिसके बाद अज्ञात हमलावरों ने उन पर हमला कर दिया। पुलिस इस पूरे मामले की जांच पड़ताल में जुट गई है, क्योंकि यह घटना फिलहाल जांच का विषय है। इस पूरे मामले में की गई कार्रवाई के संबंध में एएसपी पूर्बी तेजबीर सिंह का बयान भी सामने आया है।1
- अंबेडकरनगर के थाना जैतपुर क्षेत्र में एक बाइक सवार दंपति के साथ मारपीट करते हुए महिला से चेन छीनने की घटना सामने आई है। इस मामले में अपर पुलिस अधीक्षक पूर्वी डॉ. तेजवीर सिंह ने एक बाइट दी है, जिसमें घटना की जानकारी साझा की गई है। बताया गया है कि बाइक सवार दो युवकों ने इस वारदात को अंजाम दिया।1
- कैम्पियरगंज क्षेत्र के भौराबारी जंगल में शनिवार को लगभग 55 वर्षीय एक महिला का खून से सना शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। जंगल के सुनसान इलाके में शव मिलने की सूचना पर ग्रामीणों की भीड़ घटनास्थल पर जुट गई, जिसके बाद कैम्पियरगंज पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और शव को अपने कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी। पुलिस की प्रारंभिक जांच में महिला के शरीर पर धारदार हथियार से किए गए हमले के गंभीर निशान मिले हैं, और घटनास्थल की परिस्थितियों को देखते हुए हत्या की आशंका जताई जा रही है। पुलिस इस बात की गहनता से जांच कर रही है कि महिला की हत्या जंगल में ही की गई थी या फिर कहीं और हत्या कर शव को यहां लाकर फेंका गया। घटनास्थल से मिले खून के निशानों और अन्य साक्ष्यों के आधार पर पुलिस और फोरेंसिक टीम जांच में जुटी हुई है। शव मिलने के बाद क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं; स्थानीय लोगों के अनुसार, मृतका क्षेत्र की निवासी प्रतीत नहीं होती, हालांकि पुलिस अभी किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंची है। सबसे बड़ी चुनौती मृतका की पहचान करना बनी हुई है। पुलिस आसपास के थानों से गुमशुदा महिलाओं की जानकारी जुटा रही है और विभिन्न माध्यमों से शव की शिनाख्त कराने का प्रयास कर रही है। पुलिस का मानना है कि पहचान होने के बाद हत्या के कारणों और आरोपियों तक पहुंचने में महत्वपूर्ण सुराग मिल सकते हैं। क्षेत्राधिकारी अनुराग सिंह ने बताया कि प्रथम दृष्टया महिला पर धारदार हथियार से हमला किए जाने के प्रमाण मिले हैं। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है, जिसकी रिपोर्ट आने के बाद ही मृत्यु के वास्तविक कारणों की पुष्टि हो सकेगी। उन्होंने यह भी बताया कि महिला की पहचान कराने और घटना के सभी पहलुओं की गहन जांच की जा रही है।2