*बुढ़ार में तालिबानी बर्बरता: चालकों को कमरे में बंद कर बेदम पीटा, बनाया तालिबानी वीडियो, मोह खोलने पर दी 'घर से उ उठवाने'की धमकी!* *👉हिन्द ट्रांसपोर्ट बुढार के पास की वारदात;दबंगों की करतूत से चालकों में दहशत* *👉पीड़ित चालक इरशाद मोहम्मद ने खोला राज; म.प्र. ड्राइवर महासंघ की शरण में पहुँचे पीड़ित* *बुढ़ार (शहडोल)।* *कोयलांचल बुढ़ार में दबंगई और गुंडागर्दी की एक ऐसी सनसनीखेज वारदात सामने आई है, जिसने कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यहाँ मेहनत-मजदूरी कर अपना पेट पालने वाले निर्दोष चालकों (ड्राइवरों) के साथ तालिबानी अंदाज में मारपीट की गई, उन्हें कमरे में बंधक बनाया गया और जबरन कबूलनामा का वीडियो बनाकर 'मोह खोलने पर घर से उठवाने' की खौफनाक धमकी दी गई।* *👉कमरे में बंद कर बरसाए लात-घूंसे डंडे बेल्ट!* *पीड़ित चालक इरशाद मोहम्मद (पिता: इंशरार मोहम्मद) ने आपबीती सुनाते हुए बताया कि बीते 29 जुलाई को उन्हें और उनके साथी चालकों—मुस्तकीम, मोहम्मद, सुनील रैदास, रजनीश काछी और शाहिद उर्फ पंडा को हिन्द ट्रांसपोर्ट कम्पनी बुढ़ार (मारुति नंदन पेट्रोल पंप के सामने) बुलाया गया। आरोप है कि वहाँ मौजूद अब्दुल सफीक खान, उसका भाई अब्दुल रफीक खान, उर्फ बल्लू, अमित गुप्ता,अंजी और उनके अन्य साथियों ने अचानक उन्हें एक कमरे में बंद कर दिया और हैवानियत पर उतारू हो गए।* *👉जबरन बनवाया वीडियो, दी मोह पर फिर से घर उठवाकर जमकर पिटाई करने की धमकी* *👉पीड़ितों का आरोप है कि बंद कमरे में दबंगों ने उन्हें बेदम पीटा।*। *👉डरा-धमकाकर जबरन मनमाफिक कबूलनामा करवाया और मोबाइल से उसका वीडियो भी रिकॉर्ड कर लिया। हद तो तब हो गई जब आरोपियों ने साफ़-साफ़ लहजे में धमकी दी कि— "अगर पुलिस के पास गए या मुँह खोला, तो जान से हाथ धोना पड़ेगा और सीधे घर से उड़ा देंगे!"* *👉म.प्र. ड्राइवर महासंघ से न्याय की गुहार* *इस ख़ौफ़नाक वारदात के बाद डरे-सहमे पीड़ित चालकों ने 'मध्य प्रदेश ड्राइवर महासंघ' (ब्लॉक बुढ़ार) का दरवाजा खटखटाया है। इरशाद मोहम्मद और अन्य पीड़ित ड्राइवरों ने शासन-प्रशासन और पुलिस महकमे से गुहार लगाई है कि दबंगों के खिलाफ तत्काल सख्त से सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाए और उनकी जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।* *👉अब देखना यह होगा कि पुलिस प्रशासन इन बेखौफ दबंगों पर कब और क्या कड़ी कानूनी कार्रवाई करता है!*
*बुढ़ार में तालिबानी बर्बरता: चालकों को कमरे में बंद कर बेदम पीटा, बनाया तालिबानी वीडियो, मोह खोलने पर दी 'घर से उ उठवाने'की धमकी!* *👉हिन्द ट्रांसपोर्ट बुढार के पास की वारदात;दबंगों की करतूत से चालकों में दहशत* *👉पीड़ित चालक इरशाद मोहम्मद ने खोला राज; म.प्र. ड्राइवर महासंघ की शरण में पहुँचे पीड़ित* *बुढ़ार (शहडोल)।* *कोयलांचल बुढ़ार में दबंगई और गुंडागर्दी की एक ऐसी सनसनीखेज वारदात सामने आई है, जिसने कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यहाँ मेहनत-मजदूरी कर अपना पेट पालने वाले निर्दोष चालकों (ड्राइवरों) के साथ तालिबानी अंदाज में मारपीट की गई, उन्हें कमरे में बंधक बनाया गया और जबरन कबूलनामा का वीडियो बनाकर 'मोह खोलने पर घर से उठवाने' की खौफनाक धमकी दी गई।* *👉कमरे में बंद कर बरसाए लात-घूंसे डंडे बेल्ट!* *पीड़ित चालक इरशाद मोहम्मद (पिता: इंशरार मोहम्मद) ने आपबीती सुनाते हुए बताया कि बीते 29 जुलाई को उन्हें और उनके साथी चालकों—मुस्तकीम, मोहम्मद, सुनील रैदास, रजनीश काछी और शाहिद उर्फ पंडा को हिन्द ट्रांसपोर्ट कम्पनी बुढ़ार (मारुति नंदन पेट्रोल पंप के सामने) बुलाया गया। आरोप है कि वहाँ मौजूद अब्दुल सफीक खान, उसका भाई अब्दुल रफीक खान, उर्फ बल्लू, अमित गुप्ता,अंजी और उनके अन्य साथियों ने अचानक उन्हें एक कमरे में बंद कर दिया और हैवानियत पर उतारू हो गए।* *👉जबरन बनवाया वीडियो, दी मोह पर फिर से घर उठवाकर जमकर पिटाई करने की धमकी* *👉पीड़ितों का आरोप है कि बंद कमरे में दबंगों ने उन्हें बेदम पीटा।*। *👉डरा-धमकाकर जबरन मनमाफिक कबूलनामा करवाया और मोबाइल से उसका वीडियो भी रिकॉर्ड कर लिया। हद तो तब हो गई जब आरोपियों ने साफ़-साफ़ लहजे में धमकी दी कि— "अगर पुलिस के पास गए या मुँह खोला, तो जान से हाथ धोना पड़ेगा और सीधे घर से उड़ा देंगे!"* *👉म.प्र. ड्राइवर महासंघ से न्याय की गुहार* *इस ख़ौफ़नाक वारदात के बाद डरे-सहमे पीड़ित चालकों ने 'मध्य प्रदेश ड्राइवर महासंघ' (ब्लॉक बुढ़ार) का दरवाजा खटखटाया है। इरशाद मोहम्मद और अन्य पीड़ित ड्राइवरों ने शासन-प्रशासन और पुलिस महकमे से गुहार लगाई है कि दबंगों के खिलाफ तत्काल सख्त से सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाए और उनकी जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।* *👉अब देखना यह होगा कि पुलिस प्रशासन इन बेखौफ दबंगों पर कब और क्या कड़ी कानूनी कार्रवाई करता है!*
- अमरकंटक नगर परिषद ने नुक्कड़ नाटक और कठपुतली शो के माध्यम से दिया स्वच्छता का संदेश अमरकंटक नगर परिषद ने नुक्कड़ नाटक और कठपुतली शो के माध्यम से दिया स्वच्छता का संदेश कचरा पृथक्करण एवं वैज्ञानिक अपशिष्ट प्रबंधन के लिए नागरिकों को किया जागरूक श्रवण कुमार उपाध्याय अमरकंटक - मां नर्मदा की उद्गम स्थली / पवित्र नगरी अमरकंटक में स्वच्छता सर्वेक्षण-2026 के अंतर्गत गुरुवार को नगर परिषद द्वारा व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाया गया । अभियान के तहत नगर के प्रमुख चौराहों , बाजार क्षेत्रों एवं विभिन्न वार्डों में नुक्कड़ नाटक और कठपुतली शो का आयोजन कर नागरिकों को स्वच्छता , कचरा पृथक्करण एवं ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के प्रति जागरूक किया गया । कार्यक्रम में कलाकारों ने मनोरंजक एवं संदेशपरक प्रस्तुतियों के माध्यम से स्वच्छता का महत्व समझाते हुए घर-घर कचरे के पृथक्करण की आवश्यकता पर जोर दिया । नुक्कड़ नाटक और कठपुतली शो के जरिए बताया गया कि कचरे का सही वर्गीकरण न केवल पर्यावरण संरक्षण में सहायक है बल्कि नगर को स्वच्छ एवं सुंदर बनाए रखने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है । जनजागरूकता कार्यक्रम में नागरिकों को हरे , नीले एवं काले डस्टबिन के उपयोग की जानकारी दी गई । बताया गया कि हरे डस्टबिन में गीला एवं जैविक कचरा जैसे बचा हुआ भोजन , सब्जियों एवं फलों के छिलके , फूल-पत्तियां तथा बगीचे का कचरा डाला जाए । वहीं नीले डस्टबिन में प्लास्टिक , कागज , गत्ता , कांच एवं धातु जैसी सूखी सामग्री रखी जाए । इसके अलावा बैटरियां , खराब बल्ब , ट्यूबलाइट , एक्सपायरी दवाइयां , पेंट के डिब्बे एवं अन्य रासायनिक अपशिष्टों को काले डस्टबिन में अलग से रखने की अपील की गई । अमरकंटक नगर परिषद के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने नागरिकों से आग्रह किया कि वे कचरे को निर्धारित श्रेणियों में अलग-अलग एकत्रित कर परिषद के कचरा संग्रहण वाहनों को ही सौंपें तथा सार्वजनिक स्थानों , सड़कों और नालियों में कचरा फेंकने से बचें । अधिकारियों ने कहा कि स्वच्छता केवल नगर परिषद की जिम्मेदारी नहीं , बल्कि प्रत्येक नागरिक का नैतिक कर्तव्य भी है । अभियान के दौरान लोगों को यह संदेश भी दिया गया कि जनभागीदारी से ही स्वच्छता का लक्ष्य हासिल किया जा सकता है । यदि सभी नागरिक स्वच्छता के नियमों का पालन करते हुए कचरे का उचित प्रबंधन करें , तो अमरकंटक को स्वच्छ , सुंदर और आदर्श नगर के रूप में स्थापित किया जा सकता है । नगर परिषद ने स्वच्छता सर्वेक्षण-2026 में अमरकंटक को उत्कृष्ट स्थान दिलाने के लिए नागरिकों से सहयोग की अपील करते हुए "स्वच्छ अमरकंटक , स्वस्थ अमरकंटक" के संकल्प को जन-आंदोलन बनाने का आह्वान किया है ।1
- डिस्को लाइट में तब्दील नगर परिषद मानपुर की स्ट्रीट लाइटें करोड़ों की खरीदी पर उठे सवाल, टिमटिमाती लाइटों ने खोली व्यवस्था की पोल रवि सेन | दैनिक अग्निवर्षा मानपुर। नगर परिषद मानपुर डिस्को लाइट में तब्दील नगर परिषद मानपुर की स्ट्रीट लाइटें करोड़ों की खरीदी पर उठे सवाल, टिमटिमाती लाइटों ने खोली व्यवस्था की पोल रवि सेन | दैनिक अग्निवर्षा मानपुर। नगर परिषद मानपुर द्वारा जेम (GeM) पोर्टल के माध्यम से करोड़ों रुपये की लागत से कराई गई स्ट्रीट लाइट खरीदी अब गंभीर सवालों के घेरे में है। नगर के मुख्य मार्गों सहित विभिन्न वार्डों में लगी बड़ी संख्या में स्ट्रीट लाइटें लंबे समय से डिस्को लाइट की तरह जल-बुझ रही हैं और टिमटिमा रही हैं। इससे रात के समय राहगीरों और वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद नगरवासियों को गुणवत्तापूर्ण प्रकाश व्यवस्था नहीं मिल पा रही है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि स्ट्रीट लाइटें लगने के कुछ समय बाद से ही उनमें खराबियां आने लगी थीं। कई स्थानों पर लाइटें पूरी तरह बंद पड़ी हैं, जबकि कई जगह लगातार आंख-मिचौली कर रही हैं। शिकायतों के बावजूद नगर परिषद द्वारा आज तक व्यापक स्तर पर सुधार कार्य नहीं कराया गया। हैरानी की बात यह है कि जिन मुख्य मार्गों और वार्डों में स्ट्रीट लाइटें लंबे समय से खराब हैं, उन्हीं मार्गों से नगर परिषद के जिम्मेदार अधिकारी, कर्मचारी और जनप्रतिनिधि भी प्रतिदिन आवागमन करते हैं। ऐसे में यह कहना मुश्किल है कि उन्हें इस समस्या की जानकारी नहीं है। इसके बावजूद प्रभावी कार्रवाई नहीं होने से नागरिकों में यह सवाल उठ रहा है कि आखिर आम जनता की सुरक्षा और सुविधा से जुड़े इस मुद्दे को गंभीरता से क्यों नहीं लिया जा रहा। जानकारी के अनुसार स्ट्रीट लाइटों की खरीदी जेम (GeM) पोर्टल के माध्यम से की गई थी। ऐसे में यह सवाल भी उठ रहा है कि क्या खरीदी गई सामग्री निर्धारित तकनीकी मानकों के अनुरूप थी? क्या सप्लाई के समय गुणवत्ता परीक्षण कराया गया था? यदि कराया गया था तो उसकी रिपोर्ट क्या कहती है? और यदि सामग्री वारंटी अवधि में थी तो दोषपूर्ण स्ट्रीट लाइटों को बदलने अथवा सुधारने की कार्रवाई अब तक क्यों नहीं की गई? इस पूरे मामले में सूचना के अधिकार अधिनियम के तहत खरीदी, भुगतान, तकनीकी स्वीकृति, गुणवत्ता परीक्षण, वारंटी एवं अन्य अभिलेखों की जानकारी मांगी गई। नगर परिषद कार्यालय ने अपने लिखित उत्तर में कहा कि मांगी गई समस्त जानकारी एक साथ उपलब्ध कराना संभव नहीं है। इस जवाब के बाद खरीद प्रक्रिया की पारदर्शिता और जवाबदेही को लेकर भी कई सवाल उठ रहे हैं। नागरिकों का कहना है कि सार्वजनिक धन से कराए गए कार्यों की जानकारी समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से उपलब्ध कराई जानी चाहिए। अब नगरवासियों ने पूरे स्ट्रीट लाइट प्रोजेक्ट की स्वतंत्र तकनीकी एवं वित्तीय जांच की मांग की है। उनका कहना है कि यदि जांच में खरीदी प्रक्रिया, सामग्री की गुणवत्ता या भुगतान में किसी प्रकार की अनियमितता सामने आती है तो संबंधित जिम्मेदार अधिकारियों एवं अन्य दोषी पक्षों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए। साथ ही नगर की खराब पड़ी स्ट्रीट लाइटों का तत्काल सुधार कर सुरक्षित और बेहतर प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित की जानी चाहिए।2
- पीआईबी भोपाल द्वारा अनूपपुर में आयोजित हुआ वार्तालाप कार्यक्रम अनूपपूर - विभागीय अधिकारियों एवं विषय विशेषज्ञों ने दी विकसित भारत @2047, आयुष्म्मान भारत/ वीबी- जी राम जी एवं अन्य महत्वपूर्ण योजनाओं पर विस्तार से जानकारी मीडिया कर्मियों के प्रश्नों का किया गया समाधान पत्र सूचना कार्यालय (पीआईबी), भोपाल द्वारा अनूपपुर में वार्तालाप कार्यक्रम आयोजित किया गया | कार्यक्रम "विकसित भारत@2047" ग्रामीण जन , आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (AB-PMJAY) सहित केन्द्र सरकार की अन्य महत्वपूर्ण जनकल्याणकारी योजनाओं पर केन्द्रित रहा | कार्यक्रम का उद्देश्य केंद्र सरकार की प्रमुख जनकल्याणकारी योजनाओं की महत्वपूर्ण जानकारी आमजन एवं मीडिया के माध्यम से व्यापक स्तर तक पहुंचाना है। कार्यक्रम में जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्रीमती अर्चना कुमारी ने बताया कि वीबी- जी राम जी योजना के तहत ग्रामीण विकास ढांचे को विकसित भारत @2047 की राष्ट्रीय दृष्टि के अनुरूप बनाने और ग्रामीण परिवारों को प्रत्येक वित्तीय वर्ष में 125 दिनों की उन्नत वैधानिक मजदूरी-रोजगार गारंटी प्रदान किए जाने का प्रावधान है| योजना के तहत वयस्क सदस्य अकुशल शारीरिक कार्य करने के लिए स्वेच्छा से आगे आने वालों के लिए रोजगार की व्यवस्था की जाती है| साथ ही उनकी विस्तारित आजीविका सुरक्षा ढांचे में अधिक प्रभावी भागीदारी सुनिश्चित की जाती है। उन्होंने बताया की जल-सुरक्षा (जल-संबंधित कार्यों के माध्यम से), मुख्य ग्रामीण अवसंरचना, आजीविका-संबंधित अवसंरचना तथा चरम मौसम घटनाओं के शमन हेतु विशेष कार्यों पर विषयगत फोकस के साथ सार्वजनिक कार्यों के जरिए सशक्तिकरण, विकास, अभिसरण और संतृप्ति को बढ़ावा दिया जाता है जिससे ग्रामीणजन विकसित भारत की राष्ट्रीय और अवसंरचना स्टैक के निर्माण में अपनी उल्लेखनीय भूमिका निभा सके। उन्होंने नल जल योजना के संचालन, संधारण, एवं प्रबंधन नियम- 2026 तथा ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2026 के संबंध में विस्तार से जानकारी दी। कार्यक्रम के दौरान पत्र सूचना कार्यालय (पीआईबी), भोपाल के निदेशक मनीष गौतम ने अपने स्वागत उद्बोधन में विभागीय गतिविधियों की विस्तार से जानकारी दी| उन्होंने पत्रकार कल्याण योजना की चर्चा करते हुए बताया की केंद्र सरकार पत्रकार कल्याण योजना (जेडब्ल्यूएस) लागू करती है, जिसके तहत मृत्यु, स्थायी विकलांगता, गंभीर बीमारी और दुर्घटना से संबंधित अस्पताल में भर्ती होने जैसी गंभीर समस्याओं से जूझ रहे पत्रकारों/मीडियाकर्मियों या उनके परिवारों को तत्काल आधार पर एकमुश्त अनुग्रह राशि प्रदान की जाती है। प्रेस सूचना ब्यूरो और राज्य/केंद्र शासित प्रदेश सरकारों द्वारा मान्यता प्राप्त पत्रकार और गैर-मान्यता प्राप्त पत्रकार, सभी इस योजना के अंतर्गत आते हैं। श्री गौतम ने यह भी बताया कि पीआईबी सरकार तथा मीडिया के मध्य सूचना पहुचने का शसक्त माध्यम है जिससे विश्वसनीय जानकारी आम लोगों तक पहुच सके | उन्होंने इस वार्तालाप कार्यक्रम के प्रमुख उद्देश्यो को भी स्पष्ट किया | वार्तालाप में केन्द्रीय विद्यालय के प्राचार्य देवेन्द्र कुमार तिवारी ने नई शिक्षा नितिऔर नीट यूजीसी जैसी परीक्षाओंको सुगमता से संपन्न कराने हेतु कानून में किये गए प्रावधानों की मीडियाकर्मियों को विस्तार से जानकारी दी | उन्होंने ने कहा कि “नीट परीक्षा के सुचारू संचालन को सुनिश्चित करने के लिए केंद्र सरकार, राज्य सरकारें और जिला प्रशासन निकट समन्वय में मिलकर काम कर रहे हैं। जो भी व्यक्ति किसी भी तरह से परीक्षा की निष्पक्षता या सुचारू संचालन में बाधा डालने, उसे बिगाड़ने या उसमें छेड़छाड़ करने का प्रयास करेगा, उस पर कानून का पूरा शिकंजा कसा जाएगा।” नगर परिषद् अध्यक्ष सुनील चौरसिया ने आयुष्मान भारत योजना के महत्व को प्रतिपादित करते हुए मीडियाकर्मियों से आग्रह किया की आयुष्मान भारत योजना की जमीनी स्तर पर आने वाली समस्याओं का निवारण आम जनता की जागरूकता से किया जा सकता है, इसमें मीडिया कर्मियों की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण हो जाती है यदि वे सूचना से समृद्ध रहेंगे तभी आम जन आयुष्मान कार्ड एवं अन्य मिलने वाले लाभों से वंचित नहीं रह पाएंगे | वार्तालाप में पत्रकारों के सवालों का जवाब विषय विशेषज्ञों ने समुचित उत्तर प्रस्तुत किये| जिला समन्वयक आयुष्मान भारत योजना के उमंग तिवारी एवं आयुष्मान आरोग्य मंदिर के संतोष सिंह ने स्वास्थ्य सेवाओं के 12 महत्वपूर्ण स्तंभों की जानकारी दी| इसी तारतम्य में महिला शसक्तीकरण अधिकारी मंजूषा शर्मा ने केंद्र सरकार द्वारा संचालित महिला एवं बाल विकास विभाग की विभिन्न योजनाओं की विस्तार से जानकारी दी| कार्यक्रम के अंत में प्रसार भारती पीटीसी अजीत कुमार मिश्रा ने सभी मीडिया कर्मियों एवं अतिथियों का आभार व्यक्त किया| कार्यक्रम का सफल संचालन निदेशक मनीष गौतम के निर्देशन पर मीडिया एवं संचार अधिकारी परितोष दीक्षित एवं केन्द्रीय संचार ब्यूरो के क्षेत्रीय प्रचार सहायक हेमंत मारकवाडे ने संयुक्त रूप से किया| वार्तालाप कार्यक्रम में जिले के इलेक्ट्रॉनिक एवं प्रिंट मीडिया के पत्रकार उपस्थित रहे। *********1
- जन विश्वास अभियान में लोगों की समस्याओं का होगा समाधान-कलेक्टर ... मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान में आमजन बनें सहभागी- श्री पार्थ जायसवाल ... सोहागपुर जनपद अंतर्गत 7 अगस्त को आयोजित होगा जन कल्याण शिविर ... शहडोल 6 अगस्त 2026- कलेक्टर श्री पार्थ जायसवाल ने बताया है कि प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मार्गशन में शहडोल जिले में जन समस्याओं के त्वरित समाधान, केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा संचालित योजनाओ के प्रभावी क्रियान्वयन को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान 7 अगस्त से 8 जनवरी 2027 तक प्रत्येक शुक्रवार को चलाया जाएगा। मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियानांतर्गत क्षेत्र भ्रमण, निरीक्षण, जनसंवाद एवं उद्यम संवाद के माध्यम से आम जनता की शिकायतों का त्वरित निराकरण एवं केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा संचालित जनहितकारी योजनाओ का लाभ पात्र हितग्राहियो को यथासंभव प्रदान किया जाएगा। साथ ही जाति प्रमाण पत्र, अपार आईडी, आयुष्मान कार्ड आदि निर्धारित शिविर स्थल पर बनाएं जाएंगे। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान के तहत 7 अगस्त 2026 को जनपद पंचायत सोहागपुर के ग्राम पंचायत अमरहा, करकटी, खैरहा, धुरवार, छतवई, पंचगांव, बंडीखुर्द, बरतरा, मझगंवा, मैकी, लालपुर एवं सिंहपुर में संबंधित पंचायत भवनों में शिविर का आयोजन किया जाएगा। कलेक्टर श्री पार्थ जायसवाल ने जिले के नागरिको से अपील करते हुए कहा है कि अपने-अपने क्षेत्रांतर्गत चलने वाले मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान में बढ़ चढकर सहभागिता सुनिश्चित करते हुए अपने लंबित प्रकरणो का निराकरण कराएं एवं केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा संचालित योजनाओ का पात्रतानुसार लाभ उठाएं। उन्होंने कहा कि भ्रमण के दौरान अविवादित नामांतरण, बंटवारा, खसरे में सुधार, फार्मर आईडी, आधार, प्रधानमंत्री आवास योजना के आवेदनों पर भी कार्यवाही की जाएगी। अभियान के दौरान खाद-बीज के गोदाम, गैस गोदाम तथा पेट्रोल पंपों का भी निरीक्षण किया जाएगा।1
- खराब एंबुलेंस मामले में स्वास्थ्य विभाग सख्त, ,,,,,,,,,,, उमरिया जिले में 108 और जननी एम्बुलेंस पांच गाड़ियां एक साथ खराब मिलने और उसकी जानकारी स्वास्थ्य विभाग को समय पर नहीं मिलने पर मामला सामने आया। तूल पकड़ने के बाद स्वास्थ्य विभाग हरकत में आ गया है। इस मामले को गंभीरता से ले हुए मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डॉ, व्ही एस चंदेल ने एंबुलेंस संचालन करने वाली जय अम्बे इमरजेंसी सर्विस को नोटिस जारी किया गया। हालांकि जिले एक साथ पांच एंबुलेंस खराब होने से आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं पर सवाल खड़े हो रहे हैं। इसके बाद मामले की जानकारी सामने आने पर स्वास्थ्य विभाग ने कंपनी से जवाब मांगा है। पांच एंबुलेंस में एक एंबुलेंस एक हफ्ते से मंसूरी पेट्रोलियम टंकी पास nH 43 के बाजू से खड़ी थी। कंपनी ने उमरिया जिले के लिए पांच नए एम्बुलेंस वाहन भी उपलब्ध कराए जाएंगे।4
- दिव्यांगजन चिन्हांकन/ मूल्यांकन शिविर मे 368 पंजीकृत दिव्यांगों का विषय विशेषज्ञों ने किया परीक्षण दिव्यांगजन चिन्हांकन/ मूल्यांकन शिविर मे 368 पंजीकृत दिव्यांगों का विषय विशेषज्ञों ने किया परीक्षण जिला स्तरीय शिविर में आयुष्मान कार्ड, तथा यूडीआईडी बनाया गया अनूपपुर। मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले के दिव्यांगजन के चिन्हांकन/मूल्यांकन की स्क्रीनिंग और दिव्यांगता प्रमाणन के लिए गुरूवार को जिला स्तरीय विशेष शिविर जिला चिकित्सालय अनूपपुर प्रांगण में आयोजित किया गया। जिसमे 368 लोगों ने पंजीयन कराकर स्वास्थ्य परीक्षण कराया। जिनमें बडी संख्या मे दिव्यांगों का चिन्हांकन किया गया। साथ ही ऑर्थोपेडिक, मेडिसिन,शिशु रोग,नाक कान गला रोग, मानसिक रोग, नेत्र रोग के दिव्यांगों के चिन्हांकन परीक्षण की कार्रवाई उपरांत 213 दिव्यांगों को दिव्यांग प्रमाण पत्र बनाये गये। इस अवसर पर आयुष्मान कार्ड, तथा यूडीआईडी बनाए जाने के लिए कैंप भी लगाया गया था जिसका लाभ दिव्यांगजनों को प्राप्त हुआ। कलेक्टर रत्नाकर झा एवं जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी अर्चना कुमारी के दिशा- निर्देशन में आयोजित शिविर मे जिले के नगरीय एवं ग्रामीण क्षेत्र के दिव्यांगजन उपस्थित रहकर परीक्षण कराया। परीक्षण उपरांत चिकित्सा विषय विशेषज्ञों द्वारा दिव्यांग प्रतिशत के आधार पर दिव्यांग चिन्हांकन व मूल्यांकन के आधार पर यूडीआईडी कार्ड बनाने की कार्यवाही की गई। शिविर में बनाए गए दिव्यांगता प्रमाण पत्र के आधार पर दिव्यांगजन शासन की विभिन्न योजनाओं एवं सुविधाओं का लाभ प्राप्त कर सकेंगे। शिविर में मानसिक रोग विशेषज्ञ, मेडिसिन रोग विशेषज्ञ, नाक- कान- गला रोग विशेषज्ञ, नेत्र विशेषज्ञ, आर्थ्रोपोडिक्स विशेषज्ञ,शिशु रोग विशेषज्ञ, ने उपस्थित रहकर दिव्यांग जनों का स्वास्थ्य परीक्षण किया। इस अवसर पर आयुष्मान कार्ड तथा यूडीआईडी बनाने के लिए भी शिविर लगाया गया था। जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी अर्चना कुमारी ने शिविर में उपस्थिति रहकर दिव्यांगों की समस्याएं सुनी तथा दिव्यांगों के स्वास्थ्य परीक्षण कार्य की मॉनिटरिंग की। उन्होंने दिव्यांगों तथा उनके परिजनों से दिव्यांगता के संबंध में जानकारी ली तथा उनकी समस्याओं का समाधान कराया। दिव्यांग परीक्षण शिविर में सामाजिक न्याय विभाग के उपसंचालक के के के सोनी, सिविल सर्जन डॉ एस आर परस्ते जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ एस सी राय, जिला चिकित्सालय के लैब टेक्नीशियन भाई लाल पटेल, समग्र विस्तार अधिकारी सुदीप गर्ग, जगजीवन चौधरी, ईश्वर चंद शर्मा, रामेश्वर बैगा, स्तुति मलैया,अखिलेश अग्निहोत्री एवं विशेषज्ञ चिकित्सक व पैरामेडिकल स्टाफ तथा ग्राम पंचायत एवं नगरीय निकायों के अमले का सहयोग उल्लेखनीय रहा।1
- जिला स्तरीय दिव्यांगजन चिन्हांकन/ मूल्यांकन शिविर मे 368 पंजीकृत दिव्यांगों का विषय विशेषज्ञों ने किया परीक्षण अनूपपुर - जिले के दिव्यांगजन के चिन्हांकन/मूल्यांकन की स्क्रीनिंग और दिव्यांगता प्रमाणन के लिए जिला स्तरीय विशेष शिविर जिला चिकित्सालय अनूपपुर प्रांगण में आयोजित किया गया। कलेक्टर श्री रत्नाकर झा एवं जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्रीमती अर्चना कुमारी के दिशा- निर्देशन में आयोजित शिविर मे जिले के नगरीय एवं ग्रामीण क्षेत्र के दिव्यांगजन उपस्थित रहकर परीक्षण कराया। परीक्षण उपरांत चिकित्सा विषय विशेषज्ञों द्वारा दिव्यांग प्रतिशत के आधार पर दिव्यांग चिन्हांकन व मूल्यांकन के आधार पर यूडीआईडी कार्ड बनाने की कार्यवाही की गई। शिविर में बनाए गए दिव्यांगता प्रमाण पत्र के आधार पर दिव्यांगजन शासन की विभिन्न योजनाओं एवं सुविधाओं का लाभ प्राप्त कर सकेंगे। शिविर में मानसिक रोग विशेषज्ञ, मेडिसिन रोग विशेषज्ञ, नाक- कान- गला रोग विशेषज्ञ, नेत्र विशेषज्ञ, आर्थ्रोपोडिक्स विशेषज्ञ,शिशु रोग विशेषज्ञ, ने उपस्थित रहकर दिव्यांग जनों का स्वास्थ्य परीक्षण किया। इस अवसर पर आयुष्मान कार्ड तथा यूडीआईडी बनाने के लिए भी शिविर लगाया गया था। जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्रीमती अर्चना कुमारी ने शिविर में उपस्थिति रहकर दिव्यांगों की समस्याएं सुनी तथा दिव्यांगों के स्वास्थ्य परीक्षण कार्य की मॉनिटरिंग की। उन्होंने दिव्यांगों तथा उनके परिजनों से दिव्यांगता के संबंध में जानकारी ली तथा उनकी समस्याओं का समाधान कराया। दिव्यांग परीक्षण शिविर में सामाजिक न्याय विभाग के उपसंचालक श्री के के के सोनी, सिविल सर्जन डॉ एस आर परस्ते जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ एस सी राय, जिला चिकित्सालय के लैब टेक्नीशियन श्री भाई लाल पटेल, समग्र विस्तार अधिकारी श्री सुदीप गर्ग, जगजीवन चौधरी, ईश्वर चंद शर्मा, रामेश्वर बैगा, स्तुति मलैया,अखिलेश अग्निहोत्री एवं विशेषज्ञ चिकित्सक व पैरामेडिकल स्टाफ तथा ग्राम पंचायत एवं नगरीय निकायों के अमले का सहयोग उल्लेखनीय रहा। जिला स्तरीय दिव्यांग स्वास्थ्य परीक्षण शिविर में 368 लोगों ने पंजीयन कराकर स्वास्थ्य परीक्षण कराया। जिनमें बडी संख्या मे दिव्यांगों का चिन्हांकन किया गया । समाचार लिखे जाने तक प्राप्त जानकारी के अनुसार ऑर्थोपेडिक, मेडिसिन,शिशु रोग,नाक कान गला रोग, मानसिक रोग,नेत्र रोग के दिव्यांगों के चिन्हांकन परीक्षण की कार्रवाई की जा रही थी । इस अवसर पर आयुष्मान कार्ड, तथा यूडीआईडी बनाए जाने के लिए कैंप भी लगाया गया था जिसका लाभ दिव्यांगजनों को प्राप्त हुआ।1
- "मैं पहले एक महिला हूं, फिर अधिकारी" — कलेक्टर अंजू पवन भदौरिया का भावुक संदेश, महिलाओं से कहा- अपने अधिकार जानिए, आगे बढ़िए "मैं पहले एक महिला हूं, फिर अधिकारी" — कलेक्टर अंजू पवन भदौरिया का भावुक संदेश, महिलाओं से कहा- अपने अधिकार जानिए, आगे बढ़िए जिला स्तरीय कार्यशाला में महिला जनप्रतिनिधियों को कानून, सुरक्षा, सरकारी योजनाओं और आत्मनिर्भरता का मिला प्रशिक्षण, स्वास्थ्य जांच शिविर भी लगा डिंडौरी, 06 अगस्त 2026। महिलाओं के सशक्तिकरण को विकसित भारत की सबसे मजबूत नींव बताते हुए कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदौरिया ने कहा कि "मैं पहले एक महिला हूं, उसके बाद अधिकारी।" उन्होंने कहा कि समाज में आज भी कई महिलाएं अपनी समस्याओं को लेकर असमंजस में रहती हैं कि उन्हें न्याय और सहायता के लिए कहां जाना चाहिए। ऐसे में महिलाओं को उनके अधिकारों, सुरक्षा कानूनों और शासन की योजनाओं की जानकारी देना बेहद आवश्यक है। इन्हीं उद्देश्यों को लेकर गुरुवार को कलेक्ट्रेट ऑडिटोरियम में महिला जनप्रतिनिधियों की जिला स्तरीय कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला में नशा मुक्त भारत अभियान, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना सहित महिला सशक्तिकरण और विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की विस्तार से जानकारी दी गई। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कलेक्टर श्रीमती भदौरिया ने कहा कि "नारी कमजोर नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र निर्माण की सबसे बड़ी शक्ति है। आज महिलाएं हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा, परिश्रम और नेतृत्व क्षमता से नए इतिहास रच रही हैं। किसी एक महिला का सम्मान पूरे समाज की महिलाओं का सम्मान है।" उन्होंने महिला जनप्रतिनिधियों से अपील की कि वे यहां प्राप्त जानकारी को अपने गांव और वार्ड की प्रत्येक महिला तक पहुंचाएं, ताकि कोई भी महिला अपने अधिकारों और योजनाओं के लाभ से वंचित न रहे। नगर परिषद अध्यक्ष श्रीमती सुनीता सारस ने कहा कि शासन महिलाओं के आर्थिक, सामाजिक और राजनीतिक सशक्तिकरण के लिए लगातार नई योजनाएं चला रहा है, जिनका लाभ उठाकर महिलाएं आत्मनिर्भर बन रही हैं। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के न्यायाधीश श्री मुग्धा कुमार ने महिलाओं के कानूनी अधिकार, लैंगिक समानता, शिक्षा के अधिकार, पॉक्सो अधिनियम और दहेज निषेध कानून की जानकारी देते हुए कहा कि कानून महिलाओं की सुरक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और किसी भी प्रकार के भेदभाव या उत्पीड़न के खिलाफ सख्त कार्रवाई का प्रावधान है। जिला विधिक सहायता अधिकारी दीपिका तारन ने बताया कि आर्थिक रूप से कमजोर व्यक्तियों को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के माध्यम से निःशुल्क कानूनी सहायता और अधिवक्ता उपलब्ध कराए जाते हैं। पुलिस अधीक्षक श्री आशीष खरे ने महिलाओं से अपील की कि वे अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहें और किसी भी प्रकार के उत्पीड़न या अपराध की स्थिति में बिना झिझक पुलिस से संपर्क करें। उन्होंने कहा कि जागरूकता ही महिलाओं की सबसे बड़ी सुरक्षा है। कार्यशाला में महिला एवं बाल विकास, स्वास्थ्य, श्रम और पुलिस विभाग के अधिकारियों ने विभिन्न योजनाओं, सेवाओं और महिला सुरक्षा से जुड़े विषयों की जानकारी दी। वहीं स्वास्थ्य विभाग द्वारा लगाए गए निःशुल्क स्वास्थ्य जांच शिविर में महिलाओं के ब्लड प्रेशर और ब्लड शुगर की जांच की गई तथा स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के संबंध में परामर्श भी दिया गया।2
- उमरिया में दो कारों की भयानक भिड़ंत! चमत्कारिक रूप से बची कई लोगों की जान | NH-43 Accident #reels #virel #breakingnews #umaria #news उमरिया में दो कारों की भयानक भिड़ंत! चमत्कारिक रूप से बची कई लोगों की जान | NH-43 Accident #reels #virel #breakingnews #umaria #news1