जिला स्तरीय दिव्यांगजन चिन्हांकन/ मूल्यांकन शिविर मे 368 पंजीकृत दिव्यांगों का विषय विशेषज्ञों ने किया परीक्षण अनूपपुर - जिले के दिव्यांगजन के चिन्हांकन/मूल्यांकन की स्क्रीनिंग और दिव्यांगता प्रमाणन के लिए जिला स्तरीय विशेष शिविर जिला चिकित्सालय अनूपपुर प्रांगण में आयोजित किया गया। कलेक्टर श्री रत्नाकर झा एवं जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्रीमती अर्चना कुमारी के दिशा- निर्देशन में आयोजित शिविर मे जिले के नगरीय एवं ग्रामीण क्षेत्र के दिव्यांगजन उपस्थित रहकर परीक्षण कराया। परीक्षण उपरांत चिकित्सा विषय विशेषज्ञों द्वारा दिव्यांग प्रतिशत के आधार पर दिव्यांग चिन्हांकन व मूल्यांकन के आधार पर यूडीआईडी कार्ड बनाने की कार्यवाही की गई। शिविर में बनाए गए दिव्यांगता प्रमाण पत्र के आधार पर दिव्यांगजन शासन की विभिन्न योजनाओं एवं सुविधाओं का लाभ प्राप्त कर सकेंगे। शिविर में मानसिक रोग विशेषज्ञ, मेडिसिन रोग विशेषज्ञ, नाक- कान- गला रोग विशेषज्ञ, नेत्र विशेषज्ञ, आर्थ्रोपोडिक्स विशेषज्ञ,शिशु रोग विशेषज्ञ, ने उपस्थित रहकर दिव्यांग जनों का स्वास्थ्य परीक्षण किया। इस अवसर पर आयुष्मान कार्ड तथा यूडीआईडी बनाने के लिए भी शिविर लगाया गया था। जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्रीमती अर्चना कुमारी ने शिविर में उपस्थिति रहकर दिव्यांगों की समस्याएं सुनी तथा दिव्यांगों के स्वास्थ्य परीक्षण कार्य की मॉनिटरिंग की। उन्होंने दिव्यांगों तथा उनके परिजनों से दिव्यांगता के संबंध में जानकारी ली तथा उनकी समस्याओं का समाधान कराया। दिव्यांग परीक्षण शिविर में सामाजिक न्याय विभाग के उपसंचालक श्री के के के सोनी, सिविल सर्जन डॉ एस आर परस्ते जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ एस सी राय, जिला चिकित्सालय के लैब टेक्नीशियन श्री भाई लाल पटेल, समग्र विस्तार अधिकारी श्री सुदीप गर्ग, जगजीवन चौधरी, ईश्वर चंद शर्मा, रामेश्वर बैगा, स्तुति मलैया,अखिलेश अग्निहोत्री एवं विशेषज्ञ चिकित्सक व पैरामेडिकल स्टाफ तथा ग्राम पंचायत एवं नगरीय निकायों के अमले का सहयोग उल्लेखनीय रहा। जिला स्तरीय दिव्यांग स्वास्थ्य परीक्षण शिविर में 368 लोगों ने पंजीयन कराकर स्वास्थ्य परीक्षण कराया। जिनमें बडी संख्या मे दिव्यांगों का चिन्हांकन किया गया । समाचार लिखे जाने तक प्राप्त जानकारी के अनुसार ऑर्थोपेडिक, मेडिसिन,शिशु रोग,नाक कान गला रोग, मानसिक रोग,नेत्र रोग के दिव्यांगों के चिन्हांकन परीक्षण की कार्रवाई की जा रही थी । इस अवसर पर आयुष्मान कार्ड, तथा यूडीआईडी बनाए जाने के लिए कैंप भी लगाया गया था जिसका लाभ दिव्यांगजनों को प्राप्त हुआ।
जिला स्तरीय दिव्यांगजन चिन्हांकन/ मूल्यांकन शिविर मे 368 पंजीकृत दिव्यांगों का विषय विशेषज्ञों ने किया परीक्षण अनूपपुर - जिले के दिव्यांगजन के चिन्हांकन/मूल्यांकन की स्क्रीनिंग और दिव्यांगता प्रमाणन के लिए जिला स्तरीय विशेष शिविर जिला चिकित्सालय अनूपपुर प्रांगण में आयोजित किया गया। कलेक्टर श्री रत्नाकर झा एवं जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्रीमती अर्चना कुमारी के दिशा- निर्देशन में आयोजित शिविर मे जिले के नगरीय एवं ग्रामीण क्षेत्र के दिव्यांगजन उपस्थित रहकर परीक्षण कराया। परीक्षण उपरांत चिकित्सा विषय विशेषज्ञों द्वारा दिव्यांग प्रतिशत के आधार पर दिव्यांग चिन्हांकन व मूल्यांकन के आधार पर यूडीआईडी कार्ड बनाने की कार्यवाही की गई। शिविर में बनाए गए दिव्यांगता प्रमाण पत्र के आधार पर दिव्यांगजन शासन की विभिन्न योजनाओं एवं सुविधाओं का लाभ प्राप्त कर सकेंगे। शिविर में मानसिक रोग विशेषज्ञ, मेडिसिन रोग विशेषज्ञ, नाक- कान- गला रोग विशेषज्ञ, नेत्र विशेषज्ञ, आर्थ्रोपोडिक्स विशेषज्ञ,शिशु रोग विशेषज्ञ, ने उपस्थित रहकर दिव्यांग जनों का स्वास्थ्य परीक्षण किया। इस अवसर पर आयुष्मान कार्ड तथा यूडीआईडी बनाने के लिए भी शिविर लगाया गया था। जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्रीमती अर्चना कुमारी ने शिविर में उपस्थिति रहकर दिव्यांगों की समस्याएं सुनी तथा दिव्यांगों के स्वास्थ्य परीक्षण कार्य की मॉनिटरिंग की। उन्होंने दिव्यांगों तथा उनके परिजनों से दिव्यांगता के संबंध में जानकारी ली तथा उनकी समस्याओं का समाधान कराया। दिव्यांग परीक्षण शिविर में सामाजिक न्याय विभाग के उपसंचालक श्री के के के सोनी, सिविल सर्जन डॉ एस आर परस्ते जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ एस सी राय, जिला चिकित्सालय के लैब टेक्नीशियन श्री भाई लाल पटेल, समग्र विस्तार अधिकारी श्री सुदीप गर्ग, जगजीवन चौधरी, ईश्वर चंद शर्मा, रामेश्वर बैगा, स्तुति मलैया,अखिलेश अग्निहोत्री एवं विशेषज्ञ चिकित्सक व पैरामेडिकल स्टाफ तथा ग्राम पंचायत एवं नगरीय निकायों के अमले का सहयोग उल्लेखनीय रहा। जिला स्तरीय दिव्यांग स्वास्थ्य परीक्षण शिविर में 368 लोगों ने पंजीयन कराकर स्वास्थ्य परीक्षण कराया। जिनमें बडी संख्या मे दिव्यांगों का चिन्हांकन किया गया । समाचार लिखे जाने तक प्राप्त जानकारी के अनुसार ऑर्थोपेडिक, मेडिसिन,शिशु रोग,नाक कान गला रोग, मानसिक रोग,नेत्र रोग के दिव्यांगों के चिन्हांकन परीक्षण की कार्रवाई की जा रही थी । इस अवसर पर आयुष्मान कार्ड, तथा यूडीआईडी बनाए जाने के लिए कैंप भी लगाया गया था जिसका लाभ दिव्यांगजनों को प्राप्त हुआ।
- जिला स्तरीय दिव्यांगजन चिन्हांकन/ मूल्यांकन शिविर मे 368 पंजीकृत दिव्यांगों का विषय विशेषज्ञों ने किया परीक्षण अनूपपुर - जिले के दिव्यांगजन के चिन्हांकन/मूल्यांकन की स्क्रीनिंग और दिव्यांगता प्रमाणन के लिए जिला स्तरीय विशेष शिविर जिला चिकित्सालय अनूपपुर प्रांगण में आयोजित किया गया। कलेक्टर श्री रत्नाकर झा एवं जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्रीमती अर्चना कुमारी के दिशा- निर्देशन में आयोजित शिविर मे जिले के नगरीय एवं ग्रामीण क्षेत्र के दिव्यांगजन उपस्थित रहकर परीक्षण कराया। परीक्षण उपरांत चिकित्सा विषय विशेषज्ञों द्वारा दिव्यांग प्रतिशत के आधार पर दिव्यांग चिन्हांकन व मूल्यांकन के आधार पर यूडीआईडी कार्ड बनाने की कार्यवाही की गई। शिविर में बनाए गए दिव्यांगता प्रमाण पत्र के आधार पर दिव्यांगजन शासन की विभिन्न योजनाओं एवं सुविधाओं का लाभ प्राप्त कर सकेंगे। शिविर में मानसिक रोग विशेषज्ञ, मेडिसिन रोग विशेषज्ञ, नाक- कान- गला रोग विशेषज्ञ, नेत्र विशेषज्ञ, आर्थ्रोपोडिक्स विशेषज्ञ,शिशु रोग विशेषज्ञ, ने उपस्थित रहकर दिव्यांग जनों का स्वास्थ्य परीक्षण किया। इस अवसर पर आयुष्मान कार्ड तथा यूडीआईडी बनाने के लिए भी शिविर लगाया गया था। जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्रीमती अर्चना कुमारी ने शिविर में उपस्थिति रहकर दिव्यांगों की समस्याएं सुनी तथा दिव्यांगों के स्वास्थ्य परीक्षण कार्य की मॉनिटरिंग की। उन्होंने दिव्यांगों तथा उनके परिजनों से दिव्यांगता के संबंध में जानकारी ली तथा उनकी समस्याओं का समाधान कराया। दिव्यांग परीक्षण शिविर में सामाजिक न्याय विभाग के उपसंचालक श्री के के के सोनी, सिविल सर्जन डॉ एस आर परस्ते जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ एस सी राय, जिला चिकित्सालय के लैब टेक्नीशियन श्री भाई लाल पटेल, समग्र विस्तार अधिकारी श्री सुदीप गर्ग, जगजीवन चौधरी, ईश्वर चंद शर्मा, रामेश्वर बैगा, स्तुति मलैया,अखिलेश अग्निहोत्री एवं विशेषज्ञ चिकित्सक व पैरामेडिकल स्टाफ तथा ग्राम पंचायत एवं नगरीय निकायों के अमले का सहयोग उल्लेखनीय रहा। जिला स्तरीय दिव्यांग स्वास्थ्य परीक्षण शिविर में 368 लोगों ने पंजीयन कराकर स्वास्थ्य परीक्षण कराया। जिनमें बडी संख्या मे दिव्यांगों का चिन्हांकन किया गया । समाचार लिखे जाने तक प्राप्त जानकारी के अनुसार ऑर्थोपेडिक, मेडिसिन,शिशु रोग,नाक कान गला रोग, मानसिक रोग,नेत्र रोग के दिव्यांगों के चिन्हांकन परीक्षण की कार्रवाई की जा रही थी । इस अवसर पर आयुष्मान कार्ड, तथा यूडीआईडी बनाए जाने के लिए कैंप भी लगाया गया था जिसका लाभ दिव्यांगजनों को प्राप्त हुआ।1
- *कुंवारपुर वन परिक्षेत्र के प्रकाशित खबर को झूठा और भ्रामक बताने वाले डिप्टी के दावों की खुली पोल सच्चाई आई सामने अवैध रेत उत्खनन के दौरान ट्रैक्टर मालिक ने स्वयं बताया डिप्टी साहब का नाम और इधर डिप्टी साहब कह रहे की अवैध उत्खनन कहीं चल ही नहीं रहा और कहीं हुआ ही नहीं और खबर को झूठा और भ्रामक बता रहे हैं* *खबर का खंडन कर देने से सच्चाई नहीं छुप जाती,डिप्टी तो सफाई दे रहे की मेरे ऊपर जो आरोप लगाये रहे हैं वह झूठा और भ्रामक है और इधर ट्रैक्टर मालिक स्वयं डिप्टी का नाम बता रहा है की डिप्टी ने कहा है कि सुबह निकाल लेना दिन में मत चलाना* *सारे सबूत सामने होने के बाद भी डिप्टी साहब खुलेआम सफाई दे रहे हैं* *और जिम्मेदार अधिकारी आंख पर पट्टी बांधकर के कार्यवाही करने की बजाए तमाशा देख रहे हैं.?* जिम्मेदार अधिकारी आंख पर पट्टी बांधकर के कार्यवाही करने की बजाए तमाशा देख रहे हैं.?*1
- 24 वर्षों की परंपरा निभाते हुए साईं कांवड़िया जत्था बाबा धाम के लिए रवाना लोकेशन : उमरिया, बिरसिंहपुर पाली रिपोर्टर : श्याम गुप्ता उमरिया जिले के बिरसिंहपुर पाली स्थित साईं बाबा मंदिर से विगत 24 वर्षों से लगातार बाबा बैद्यनाथ धाम (देवघर) के लिए रवाना होने वाला साईं कांवड़िया जत्था इस वर्ष भी श्रद्धा और उत्साह के साथ रवाना हुआ। रवानगी से पूर्व साईं बाबा मंदिर परिसर में सभी कांवड़ियों का तिलक लगाकर, गमछा एवं लंच बॉक्स भेंट कर सम्मान किया गया। इस अवसर पर उपस्थित श्रद्धालुओं ने कांवड़ियों के मंगलमय एवं सुरक्षित यात्रा की कामना की। इसके पश्चात साईं कांवड़िया जत्था शिवशक्ति कुटिया धाम स्थित शिव मंदिर पहुंचा, जहां भगवान शिव का पूजन-अर्चन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। इसके बाद नगर भ्रमण करते हुए मां बिरासनी माता मंदिर पहुंचकर दर्शन एवं पूजा-अर्चना की तथा यात्रा की सफलता के लिए आशीर्वाद लिया। सभी धार्मिक अनुष्ठानों के उपरांत साईं कांवड़िया जत्था बिरसिंहपुर पाली रेलवे स्टेशन से बाबा धाम के लिए रवाना हुआ। श्रद्धालुओं ने जय भोलेनाथ और हर-हर महादेव के जयघोष के साथ कांवड़ियों को भावभीनी विदाई दी। पूरे कार्यक्रम के दौरान भक्ति और श्रद्धा का वातावरण बना रहा।4
- "मैं पहले एक महिला हूं, फिर अधिकारी" — कलेक्टर अंजू पवन भदौरिया का भावुक संदेश, महिलाओं से कहा- अपने अधिकार जानिए, आगे बढ़िए "मैं पहले एक महिला हूं, फिर अधिकारी" — कलेक्टर अंजू पवन भदौरिया का भावुक संदेश, महिलाओं से कहा- अपने अधिकार जानिए, आगे बढ़िए जिला स्तरीय कार्यशाला में महिला जनप्रतिनिधियों को कानून, सुरक्षा, सरकारी योजनाओं और आत्मनिर्भरता का मिला प्रशिक्षण, स्वास्थ्य जांच शिविर भी लगा डिंडौरी, 06 अगस्त 2026। महिलाओं के सशक्तिकरण को विकसित भारत की सबसे मजबूत नींव बताते हुए कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदौरिया ने कहा कि "मैं पहले एक महिला हूं, उसके बाद अधिकारी।" उन्होंने कहा कि समाज में आज भी कई महिलाएं अपनी समस्याओं को लेकर असमंजस में रहती हैं कि उन्हें न्याय और सहायता के लिए कहां जाना चाहिए। ऐसे में महिलाओं को उनके अधिकारों, सुरक्षा कानूनों और शासन की योजनाओं की जानकारी देना बेहद आवश्यक है। इन्हीं उद्देश्यों को लेकर गुरुवार को कलेक्ट्रेट ऑडिटोरियम में महिला जनप्रतिनिधियों की जिला स्तरीय कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला में नशा मुक्त भारत अभियान, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना सहित महिला सशक्तिकरण और विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की विस्तार से जानकारी दी गई। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कलेक्टर श्रीमती भदौरिया ने कहा कि "नारी कमजोर नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र निर्माण की सबसे बड़ी शक्ति है। आज महिलाएं हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा, परिश्रम और नेतृत्व क्षमता से नए इतिहास रच रही हैं। किसी एक महिला का सम्मान पूरे समाज की महिलाओं का सम्मान है।" उन्होंने महिला जनप्रतिनिधियों से अपील की कि वे यहां प्राप्त जानकारी को अपने गांव और वार्ड की प्रत्येक महिला तक पहुंचाएं, ताकि कोई भी महिला अपने अधिकारों और योजनाओं के लाभ से वंचित न रहे। नगर परिषद अध्यक्ष श्रीमती सुनीता सारस ने कहा कि शासन महिलाओं के आर्थिक, सामाजिक और राजनीतिक सशक्तिकरण के लिए लगातार नई योजनाएं चला रहा है, जिनका लाभ उठाकर महिलाएं आत्मनिर्भर बन रही हैं। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के न्यायाधीश श्री मुग्धा कुमार ने महिलाओं के कानूनी अधिकार, लैंगिक समानता, शिक्षा के अधिकार, पॉक्सो अधिनियम और दहेज निषेध कानून की जानकारी देते हुए कहा कि कानून महिलाओं की सुरक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और किसी भी प्रकार के भेदभाव या उत्पीड़न के खिलाफ सख्त कार्रवाई का प्रावधान है। जिला विधिक सहायता अधिकारी दीपिका तारन ने बताया कि आर्थिक रूप से कमजोर व्यक्तियों को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के माध्यम से निःशुल्क कानूनी सहायता और अधिवक्ता उपलब्ध कराए जाते हैं। पुलिस अधीक्षक श्री आशीष खरे ने महिलाओं से अपील की कि वे अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहें और किसी भी प्रकार के उत्पीड़न या अपराध की स्थिति में बिना झिझक पुलिस से संपर्क करें। उन्होंने कहा कि जागरूकता ही महिलाओं की सबसे बड़ी सुरक्षा है। कार्यशाला में महिला एवं बाल विकास, स्वास्थ्य, श्रम और पुलिस विभाग के अधिकारियों ने विभिन्न योजनाओं, सेवाओं और महिला सुरक्षा से जुड़े विषयों की जानकारी दी। वहीं स्वास्थ्य विभाग द्वारा लगाए गए निःशुल्क स्वास्थ्य जांच शिविर में महिलाओं के ब्लड प्रेशर और ब्लड शुगर की जांच की गई तथा स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के संबंध में परामर्श भी दिया गया।2
- जिले में अधोसंरचनात्मक निर्माणाधीन कार्यों की गुणवत्ता पर दिया जाए विशेष ध्यान- कलेक्टर अनूपपुर - कलेक्टर रत्नाकर झा ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि जिले में संचालित अधोसंरचनात्मक निर्माणाधीन कार्यों की गुणवत्ता एवं निर्धारित समय-सीमा का विशेष ध्यान रखा जाए। उन्होंने कहा कि सभी निर्माण कार्य गुणवत्तापूर्ण एवं सुव्यवस्थित ढंग से संपादित किए जाएं तथा उनकी नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए, जिससे कार्यों में अपेक्षित गति बनी रहे और उन्हें समयबद्ध रूप से पूर्ण किया जा सके। कलेक्टर श्री झा ने अधिकारियों से कहा कि जिन निर्माण कार्यों को पूर्ण किया जा चुका है उनका जनप्रतिनिधियों के माध्यम से विधिवत लोकार्पण कराया जाना सुनिश्चित करें, ताकि आमजन को उन विकास कार्यों का लाभ शीघ्र एवं प्रभावी रूप से प्राप्त हो सके। कलेक्टर रत्नाकर झा आज कलेक्ट्रेट कार्यालय के नर्मदा सभागार में आयोजित निर्माण विभागों की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को निर्देशित कर रहे थे। कलेक्टर रत्नाकर झा ने शिक्षा विभाग के अंतर्गत विद्यालयों में संचालित निर्माणाधीन कार्यों की विस्तृत समीक्षा की तथा वर्षा ऋतु के दौरान विद्यालयों की शैक्षणिक एवं खेल गतिविधियों की जानकारी अधिकारियों से प्राप्त की। उन्होंने निर्देशित किया कि विद्यालय परिसरों में संचालित निर्माण कार्यों के कारण विद्यार्थियों के अध्ययन-अध्यापन एवं खेल गतिविधियां किसी भी स्थिति में प्रभावित नहीं होनी चाहिए। निर्माण कार्यों के दौरान सुरक्षा एवं आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं, ताकि विद्यार्थियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। कलेक्टर श्री झा ने कहा कि वर्षा ऋतु के दौरान खेल मैदानों की मिट्टी का अपरदन एवं कटाव होने से मैदान असमतल हो जाते हैं, जिससे विद्यार्थियों को खेलकूद गतिविधियों में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। इसे दृष्टिगत रखते हुए सभी विद्यालयों के खेल मैदानों को समतल एवं व्यवस्थित करने के लिए आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित की जाए, जिससे विद्यार्थियों को सुरक्षित एवं बेहतर खेल सुविधाएं उपलब्ध हो सकें। बैठक में कलेक्टर रत्नाकर झा ने शासकीय निर्माण कार्यों में फ्लाई ऐश ईंटों के उपयोग की समीक्षा करते हुए संबंधित विभागों से जानकारी प्राप्त की। उन्होंने निर्देश दिए कि फ्लाई ऐश ईंटों का निर्माण स्थानीय स्तर पर कराया जाए तथा शासकीय भवन निर्माण कार्यों में उनका अधिकतम उपयोग सुनिश्चित किया जाए। कलेक्टर ने कहा कि इस कार्य से महिला स्व-सहायता समूहों को जोड़ा जाए, जिससे उन्हें रोजगार एवं स्वरोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध हो सकें तथा स्थानीय स्तर पर आजीविका के साधनों को बढ़ावा मिले। बैठक में विद्युत विभाग की समीक्षा के दौरान कलेक्टर झा ने अधिकारियों को जिले के शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में निर्बाध एवं पर्याप्त विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिले के ऐसे सभी मजरा-टोलों का सर्वे कर सूची तैयार की जाए, जहां अभी तक विद्युत सुविधा उपलब्ध नहीं है, तथा उन्हें प्राथमिकता के आधार पर विद्युत सुविधा से आच्छादित किया जाए। कलेक्टर ने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप अंतिम छोर पर निवासरत प्रत्येक व्यक्ति तक शासकीय योजनाओं का लाभ पहुंचाना जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने निर्देशित किया कि जिले के सभी पात्र मजरा-टोलों को धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान से जोड़ा जाए तथा अभियान के अंतर्गत विद्युतीकरण सहित आवश्यक आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं, ताकि जनजातीय क्षेत्रों के नागरिकों को बेहतर जीवन सुविधाएं सुलभ हो सकें। बैठक में कलेक्टर रत्नाकर झा ने जिले के प्रमुख दुर्घटना संभावित स्थलों की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को शासन के निर्धारित मानकों के अनुरूप दुर्घटनाओं की रोकथाम हेतु प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि दुर्घटना संभावित स्थलों पर आवश्यक सुरक्षा उपाय, चेतावनी संकेतक एवं अन्य व्यवस्थाएं प्राथमिकता के आधार पर की जाएं, जिससे सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सके। कलेक्टर ने वर्षा ऋतु के दौरान जलभराव की समस्या वाले प्रमुख मार्गों एवं स्थानों की भी समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जहां-जहां पानी का जमाव होता है, वहां नालों एवं नालियों की नियमित साफ-सफाई तथा समुचित जल निकासी की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि जलभराव के कारण आवागमन बाधित न हो तथा दुर्घटनाओं की संभावना को न्यूनतम किया जा सके। इस दौरान कलेक्टर ने अमरकंटक मार्ग के क्षतिग्रस्त हिस्सों की शीघ्र मरम्मत कराने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि जिले के सभी प्रमुख मार्गों को सुरक्षित, सुगम एवं आवागमन योग्य बनाए रखने के लिए आवश्यक मरम्मत एवं संधारण कार्य प्राथमिकता के आधार पर कराए जाएं, जिससे वर्षा ऋतु में नागरिकों को आवागमन में किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। बैठक में कलेक्टर रत्नाकर झा ने लोक निर्माण विभाग, ग्रामीण यांत्रिकी सेवा, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग, जल संसाधन विभाग, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग, स्कूल शिक्षा विभाग सहित अन्य निर्माण कार्यों से जुड़े विभागों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की तथा निर्माण कार्यों की गुणवत्ता, समय-सीमा एवं नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इस दौरान अन्य महत्वपूर्ण बिंदुओं पर भी चर्चा की गई।1
- 7 अगस्त से अमरपुर में जन विश्वास अभियान की शुरुआत, कलेक्टर ने तैयारियों का लिया जायजा 7 अगस्त से अमरपुर में जन विश्वास अभियान की शुरुआत, कलेक्टर ने तैयारियों का लिया जायजा सीएम हेल्पलाइन की लंबित शिकायतों के त्वरित निराकरण के निर्देश, अधिकारियों से मौके पर समाधान सुनिश्चित करने को कहा डिंडौरी, 06 अगस्त 2026। कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदौरिया की अध्यक्षता में गुरुवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में जन विश्वास अभियान की तैयारियों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में बताया गया कि अभियान का शुभारंभ 7 अगस्त 2026 को विकासखंड अमरपुर के नवीन हायर सेकेंडरी स्कूल भवन, सिधौली मोहगांव से किया जाएगा। अभियान के सफल संचालन एवं आवश्यक व्यवस्थाओं को लेकर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। बैठक में डीएफओ श्री अशोक सोलंकी, सीईओ जिला पंचायत श्री दिव्यांशु चौधरी, संयुक्त कलेक्टर सुश्री भारती मेरावी, एसडीएम डिंडौरी श्री रामबाबू देवांगन सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने सीएम हेल्पलाइन की प्रगति का विस्तृत परीक्षण करते हुए निर्देश दिए कि जिन विषयों पर सबसे अधिक शिकायतें प्राप्त हो रही हैं, उनका प्राथमिकता के आधार पर निराकरण किया जाए। उन्होंने विभाग प्रमुखों को निर्देशित किया कि लंबित प्रकरणों का आज शाम तक अधिकतम निराकरण करें तथा अभियान शुरू होने से पहले शत-प्रतिशत शिकायतों का समाधान सुनिश्चित करें। कलेक्टर श्रीमती भदौरिया ने अधिकारियों से कहा कि अभियान के दौरान वे स्वयं क्षेत्र में पहुंचकर आमजन की समस्याएं सुनें और उनका मौके पर ही समाधान कराने का प्रयास करें। उन्होंने कहा कि जन विश्वास अभियान का उद्देश्य शासन और जनता के बीच विश्वास को मजबूत करना है, इसलिए सभी अधिकारी संवेदनशीलता, जवाबदेही और जनहित की भावना के साथ कार्य करें। साथ ही शेष लंबित शिकायतों का भी शीघ्र निराकरण सुनिश्चित किया जाए।2
- ऑटो वर्कशॉप में एयर टैंक फटा, 26 वर्षीय युवक की मौत कुछ महीने पहले हुई थी शादी, नवजात बेटी के सिर से उठा पिता का साया ऑटो वर्कशॉप में एयर टैंक फटा, 26 वर्षीय युवक की मौत कुछ महीने पहले हुई थी शादी, नवजात बेटी के सिर से उठा पिता का साया1