छत्तीसगढ़ के रायगढ़ में गृह विभाग के निर्देशन में चल रहे 'ऑपरेशन प्रहार' के तहत पुलिस ने अवैध कबाड़ के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। रायगढ़ के पूंजीपथरा और जूटमिल थाना पुलिस की टीम ने 15 और 16 जुलाई को तीन अलग-अलग कार्रवाइयों में दो ट्रक और एक माजदा वाहन को जब्त किया है, जिनमें अवैध रूप से स्क्रैप कबाड़ का परिवहन किया जा रहा था। इस पूरी कार्रवाई में करीब 79 टन स्क्रैप कबाड़ सहित 48 लाख रुपये की संपत्ति पुलिस ने अपने कब्जे में ली है। सभी मामलों में वाहन चालक माल के संबंध में कोई भी वैध दस्तावेज पेश नहीं कर सके, जिसके चलते चोरी की संपत्ति होने के संदेह में पुलिस द्वारा वैधानिक कार्रवाई की गई है। पहली कार्रवाई 15 जुलाई को पूंजीपथरा थाना पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर तमनार चौक में घेराबंदी कर की। यहां माजदा वाहन (CG-12-AY-0313) को रोककर जांच करने पर बुधवारी बाजार, कोरबा निवासी चालक देवेन्द्र तिवारी (58 वर्ष) के पास से करीब 3 टन 390 किलोग्राम स्क्रैप कबाड़ मिला, जिसकी अनुमानित कीमत ₹91,530 है। पुलिस ने ₹5 लाख की कीमत वाले वाहन और कबाड़ को जब्त कर आरोपी के खिलाफ धारा 35(क)(ड) बीएनएसएस/303(2) बीएनएस के तहत कार्रवाई की। दूसरी कार्रवाई 16 जुलाई को जूटमिल पुलिस ने कबीर चौक क्षेत्र में की, जहां सड़क किनारे खड़े एक ट्रक (CG-13-AB-9599) की जांच में भारी मात्रा में लोहे और टीन का स्क्रैप मिला। पलामू (झारखंड) निवासी चालक महेन्द्र यादव (34 वर्ष) द्वारा कोई दस्तावेज न देने पर धर्मकांटा से तौल कराने पर ट्रक सहित कुल वजन 40,630 किलोग्राम पाया गया, जिसमें लोड स्क्रैप की कीमत करीब ₹9 लाख आंकी गई है। तीसरी कार्रवाई भी 16 जुलाई को जूटमिल पुलिस ने रायगढ़-सारंगढ़ मुख्य मार्ग पर की, जहां ट्रक (OR-15-S-0187) की जांच में बरगढ़ (ओडिशा) निवासी चालक दुर्योधन पाणिग्रही (52 वर्ष) से करीब ₹8 लाख का कबाड़ जब्त किया गया, जिसका कुल वजन 35,410 किलोग्राम था। इन दोनों मामलों में पुलिस ने धारा 106 बीएनएसएस के तहत इस्तगासा तैयार कर न्यायालय में पेश किया है। पुलिस अब इन जब्त वाहनों, स्क्रैप सामग्रियों और उनके वास्तविक मालिकों की विस्तृत जांच कर रही है, साथ ही इस अवैध नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भी तलाश की जा रही है। इस कार्रवाई पर एसएसपी शशि मोहन सिंह ने कड़ा संदेश देते हुए कहा है कि रायगढ़ पुलिस अवैध कबाड़ के कारोबार पर लगातार प्रहार कर रही है और बिना वैध दस्तावेजों के परिवहन करने वालों के खिलाफ यह कठोर वैधानिक कार्रवाई जारी रहेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि अवैध कबाड़ की खरीद-बिक्री और इसके परिवहन से जुड़े पूरे नेटवर्क पर पुलिस पैनी नजर रख रही है।
छत्तीसगढ़ के रायगढ़ में गृह विभाग के निर्देशन में चल रहे 'ऑपरेशन प्रहार' के तहत पुलिस ने अवैध कबाड़ के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। रायगढ़ के पूंजीपथरा और जूटमिल थाना पुलिस की टीम ने 15 और 16 जुलाई को तीन अलग-अलग कार्रवाइयों में दो ट्रक और एक माजदा वाहन को जब्त किया है, जिनमें अवैध रूप से स्क्रैप कबाड़ का परिवहन किया जा रहा था। इस पूरी कार्रवाई में करीब 79 टन स्क्रैप कबाड़ सहित 48 लाख रुपये की संपत्ति पुलिस ने अपने कब्जे में ली है। सभी मामलों में वाहन चालक माल के संबंध में कोई भी वैध दस्तावेज पेश नहीं कर सके, जिसके चलते
चोरी की संपत्ति होने के संदेह में पुलिस द्वारा वैधानिक कार्रवाई की गई है। पहली कार्रवाई 15 जुलाई को पूंजीपथरा थाना पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर तमनार चौक में घेराबंदी कर की। यहां माजदा वाहन (CG-12-AY-0313) को रोककर जांच करने पर बुधवारी बाजार, कोरबा निवासी चालक देवेन्द्र तिवारी (58 वर्ष) के पास से करीब 3 टन 390 किलोग्राम स्क्रैप कबाड़ मिला, जिसकी अनुमानित कीमत ₹91,530 है। पुलिस ने ₹5 लाख की कीमत वाले वाहन और कबाड़ को जब्त कर आरोपी के खिलाफ धारा 35(क)(ड) बीएनएसएस/303(2) बीएनएस के तहत कार्रवाई की। दूसरी कार्रवाई 16 जुलाई को जूटमिल पुलिस ने कबीर चौक क्षेत्र में की, जहां सड़क किनारे खड़े
एक ट्रक (CG-13-AB-9599) की जांच में भारी मात्रा में लोहे और टीन का स्क्रैप मिला। पलामू (झारखंड) निवासी चालक महेन्द्र यादव (34 वर्ष) द्वारा कोई दस्तावेज न देने पर धर्मकांटा से तौल कराने पर ट्रक सहित कुल वजन 40,630 किलोग्राम पाया गया, जिसमें लोड स्क्रैप की कीमत करीब ₹9 लाख आंकी गई है। तीसरी कार्रवाई भी 16 जुलाई को जूटमिल पुलिस ने रायगढ़-सारंगढ़ मुख्य मार्ग पर की, जहां ट्रक (OR-15-S-0187) की जांच में बरगढ़ (ओडिशा) निवासी चालक दुर्योधन पाणिग्रही (52 वर्ष) से करीब ₹8 लाख का कबाड़ जब्त किया गया, जिसका कुल वजन 35,410 किलोग्राम था। इन दोनों मामलों में पुलिस ने धारा 106 बीएनएसएस के तहत
इस्तगासा तैयार कर न्यायालय में पेश किया है। पुलिस अब इन जब्त वाहनों, स्क्रैप सामग्रियों और उनके वास्तविक मालिकों की विस्तृत जांच कर रही है, साथ ही इस अवैध नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भी तलाश की जा रही है। इस कार्रवाई पर एसएसपी शशि मोहन सिंह ने कड़ा संदेश देते हुए कहा है कि रायगढ़ पुलिस अवैध कबाड़ के कारोबार पर लगातार प्रहार कर रही है और बिना वैध दस्तावेजों के परिवहन करने वालों के खिलाफ यह कठोर वैधानिक कार्रवाई जारी रहेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि अवैध कबाड़ की खरीद-बिक्री और इसके परिवहन से जुड़े पूरे नेटवर्क पर पुलिस पैनी नजर रख रही है।
- छत्तीसगढ़ के रायगढ़ में बाल समूह के बाथरूम में पिछले दो दिनों से एक खतरनाक अहिराज सांप डेरा जमाए बैठा था। इस खतरनाक अहिराज को स्नेक रेस्क्यू टीम के धर्मेंद्र सिंह राजपूत ने सफलतापूर्वक रेस्क्यू किया है।1
- छत्तीसगढ़ के जांजगीर में कर्रानाला बांध की मेड़ में कटाव होने के कारण बांध का पानी लोगों के घरों में घुस गया है। इस स्थिति को देखते हुए अनेक परिवारों के 40 सदस्यों को सुरक्षित रूप से एक स्कूल में शिफ्ट किया गया है। घटना की जानकारी मिलने के बाद कलेक्टर, एसपी और सीईओ खुद स्थिति का जायजा लेने के लिए मौके पर पहुंच गए हैं।1
- सारंगढ़ बिलाईगढ़ जिले के वनाचल क्षेत्र झाल में बच्चों की शिक्षा व्यवस्था के साथ खिलवाड़ करने वाले शिक्षकों का एक बड़ा खुलासा हुआ है। 'खबर निरीक्षण' की टीम ने दो घंटे का स्टिंग ऑपरेशन कर प्राथमिक और मिडिल स्कूल की दो शिक्षिकाओं को रंगे हाथों कैमरे में कैद किया है। ये शिक्षिकाएं स्कूल के समय में बच्चों को पढ़ाने के बजाय बरमकेला के अघरिया भवन में आयोजित नेटवर्क मार्केटिंग के सेमिनार में व्यस्त थीं। इनमें से एक शिक्षिका आवश्यक अवकाश का बहाना बनाकर तो दूसरी आरटीआर (RTR) काम का बहाना देकर इस सेमिनार को अटेंड कर रही थीं और वहां लेक्चर दे रही थीं। इस मामले में प्राथमिक शाला की शिक्षिका यशवंति चौहान ने आवश्यक कार्य होने की बात कहकर ऑनलाइन अवकाश लिया था और बरमकेला में मार्केटिंग सेमिनार में लेक्चर दे रही थीं। वहीं, झाल मिडिल स्कूल की हेड मास्टर अन्नति टोप्पो सुबह स्कूल पहुंचीं और संकुल प्रभारी को आरटीआर का काम होने का बहाना बनाकर बरमकेला चली गईं, जहां वे इसी मार्केटिंग सेमिनार में शामिल पाई गईं। जब इस पूरे मामले के दौरान शिक्षिकाओं से उनका पक्ष जानने की कोशिश की गई, तो वे बाथरूम जाने का बहाना बनाकर वहां से छिप गईं। सरकारी तिजोरी से लाखों रुपये का वेतन लेने के बावजूद बच्चों को पढ़ाने के बजाय प्रोडक्ट बेचने में व्यस्त इन शिक्षकों के रवैये पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। जिले में बच्चों की संख्या और झाल स्कूल में भी छात्रों की संख्या लगातार घटती जा रही है। इससे पहले भी पिछले महीने जिला शिक्षा अधिकारी ने दर्जनों मार्केटिंग करने वाले शिक्षकों को नोटिस जारी कर कड़ी चेतावनी दी थी कि वे स्कूल के समय में कोई अन्य कार्य नहीं करेंगे, लेकिन इसके बावजूद हालात जस के तस बने हुए हैं। इस पूरे मामले पर जिला शिक्षा अधिकारी जे आर डहरिया ने गंभीरता से जांच करने का आश्वासन दिया है और कहा है कि जांच में दोषी पाए जाने पर संबंधित शिक्षकों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।1
- सक्ती के सिंघनसरा बैकुंठपुर मोहल्ले में सरपंच की लापरवाही के कारण हैंडपंप के बोर की स्थिति बेहद खराब हो गई है। हैंडपंप के पास जमा होने वाले पानी की निकासी की कोई व्यवस्था नहीं होने की वजह से वहां भरा हुआ गंदा पानी वापस सीधे बोर के अंदर ही जा रहा है। सरपंच द्वारा जल निकासी का कोई इंतजाम नहीं किए जाने के कारण यह दूषित पानी लगातार वापस बोर में मिल रहा है।1
- सक्ती जिले के मालखरौदा में शासकीय हिंदी माध्यम स्कूल के छात्र-छात्राओं ने शिक्षकों की कमी से नाराज होकर सड़क पर मोर्चा खोल दिया है। अपनी पढ़ाई प्रभावित होने से आक्रोशित बच्चों ने एसडीएम कार्यालय के सामने वीरभाठा-मालखरौदा मुख्य मार्ग पर चक्काजाम कर दिया है। स्कूली बच्चे सड़क के बीचों-बीच दरी बिछाकर बैठ गए हैं, जिससे मार्ग के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गई हैं और राहगीरों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। सड़क पर प्रदर्शन कर रहे स्कूली बच्चों का साफ कहना है कि उनके स्कूल में लंबे समय से शिक्षकों के पद खाली पड़े हैं, जिसके कारण उनकी नियमित पढ़ाई नहीं हो पा रही है और उनका भविष्य अंधकार में है। बच्चों ने प्रशासन को दो टूक चेतावनी दी है कि जब तक स्कूल में नए शिक्षकों की नियुक्ति नहीं की जाएगी, तब तक वे सड़क से नहीं उठेंगे। चक्काजाम और हंगामे की सूचना मिलने के बाद स्थानीय पुलिस और प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचने की तैयारी में हैं और बच्चों को समझाने की कोशिशें की जा रही हैं, लेकिन छात्र अपनी मांग पर अड़े हुए हैं।1
- रायगढ़ जिले के धरमजयगढ़ क्षेत्र से गुजर रही भारतमाला सड़क परियोजना अब प्रशासनिक पारदर्शिता, पर्यावरणीय अनुपालन और सार्वजनिक संपत्तियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर विवादों में घिर गई है। स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क का निर्माण स्वीकृत राइट ऑफ वे (आरओडब्ल्यू) की सीमा से बाहर जाकर किया गया है। निर्माण के दौरान भारी मशीनों के उपयोग और ब्लास्टिंग के कारण स्वीकृत क्षेत्र के बाहर स्थित मंदिर परिसर, सार्वजनिक शौचालय, कुएं, जल स्रोत और अन्य शासकीय संपत्तियां बुरी तरह प्रभावित हुई हैं। इसके बाद निर्माण एजेंसी द्वारा मंदिर परिसर और कुछ सरकारी संपत्तियों के पुनर्निर्माण का लिखित आश्वासन देने की बात भी सामने आई है, जिससे नुकसान की पुष्टि और इसके आकलन की जिम्मेदारी पर सवाल खड़े हो गए हैं। इसके अलावा, सिसरिंगा घाट क्षेत्र में सागौन सहित बड़ी संख्या में मूल्यवान पेड़ों को जड़ से उखाड़कर रहस्यमयी ढंग से गायब करने का आरोप है, जिसके निशान आज भी वहां मौजूद हैं। इस मामले में वन विभाग के अधिकारियों के बयान पूरी तरह विरोधाभासी हैं। एक ओर जहां एक अधिकारी ने पेड़ों की कटाई को विभागीय प्रक्रिया के तहत बताया, वहीं उत्पादन इकाई के रेंजर ने स्पष्ट किया कि परियोजना के लिए पेड़ों की कटाई वर्षों पहले ही पूरी हो चुकी थी और हाल ही में किसी नई कटाई की अनुमति नहीं दी गई थी। इससे इन पेड़ों को हटाने और उनके निस्तारण के रिकॉर्ड की प्रामाणिकता पर बड़ा प्रश्नचिह्न लग गया है। इस पूरे घटनाक्रम में राजस्व, लोक निर्माण, वन, पंचायत और राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण जैसे संबंधित विभागों द्वारा किसी संयुक्त सर्वेक्षण या क्षति के आकलन की रिपोर्ट को सार्वजनिक नहीं किया गया है। आरओडब्ल्यू से बाहर निर्माण, क्षतिग्रस्त धार्मिक व सरकारी संपत्तियां, गायब हुए पेड़ और अधिकारियों के परस्पर विरोधी दावे एक व्यापक, स्वतंत्र और दस्तावेज-आधारित जांच की मांग को बेहद मजबूत करते हैं। जब तक संबंधित विभाग इन सभी प्रश्नों के पारदर्शी और दस्तावेजी उत्तर सार्वजनिक नहीं करते, तब तक सुशासन और जवाबदेही पर गंभीर सवाल उठते रहेंगे।2
- छत्तीसगढ़ में डि-लिस्टिंग के मुद्दे पर युवा नेता रवि भगत एक बार फिर मुखर हो गए हैं। उन्होंने धर्मांतरण के बाद मिलने वाले आरक्षण और राजनीतिक प्रतिनिधित्व की स्थिति पर गंभीर सवाल उठाए हैं। रवि भगत ने धर्मांतरण के बाद भी आरक्षण और राजनीतिक प्रतिनिधित्व का लाभ मिलने की व्यवस्था पर अपनी आपत्ति दर्ज कराई है।1
- रायगढ़ में जिला दंडाधिकारी के निष्कासन (जिला बदर) आदेश का उल्लंघन कर जिले में प्रवेश करने और पुलिस कार्यालय परिसर में पेट्रोल लेकर हंगामा करने वाले आरोपी चाहत शुक्ला उर्फ आदित्य को पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। घटना 16 जुलाई 2026 की शाम की है, जब आरोपी चाहत शुक्ला हाथ में पेट्रोल से भरी प्लास्टिक की बोतल लेकर पुलिस कार्यालय परिसर पहुंच गया। वहां वह कोतवाली पुलिस द्वारा उसके खिलाफ बार-बार की जा रही जिला बदर की कार्रवाई का विरोध करते हुए जोर-जोर से शोर-शराबा और हंगामा करने लगा। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए वहां तैनात पुलिसकर्मियों ने तत्काल उसके कब्जे से पेट्रोल की बोतल सुरक्षित रूप से छीन ली। समझाइश देने के बाद भी जब आरोपी लगातार अभद्र व्यवहार करते हुए उग्र होता रहा, तो कोतवाली पुलिस ने संज्ञेय अपराध की आशंका को देखते हुए उसे धारा 170 बीएनएसएस के तहत गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ इस्तगासा क्रमांक 308/2026 में धारा 170/126/135(3) बीएनएसएस के अंतर्गत प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की और 17 जुलाई 2026 को उसे एसडीएम कार्यालय रायगढ़ में पेश किया, जहां से जारी जेल वारंट के आधार पर उसे जिला जेल रायगढ़ दाखिल करा दिया गया। कोतवाली थाना क्षेत्र के रेलवे स्टेशन मोटरसाइकिल स्टैंड के पीछे का निवासी 29 वर्षीय आरोपी चाहत शुक्ला (पिता अरुण शुक्ला) साल 2023 से लगातार मारपीट जैसे कई आपराधिक मामलों में संलिप्त रहा है। उसके इसी रिकॉर्ड को देखते हुए साल 2024 में उसे एक वर्ष के लिए जिला बदर किया गया था। इस अवधि के समाप्त होने के बाद भी उसकी गतिविधियां नहीं रुकीं, जिसके बाद जिला दंडाधिकारी रायगढ़ ने 23 मार्च 2026 को छत्तीसगढ़ राज्य सुरक्षा अधिनियम, 1990 के तहत उसे रायगढ़ सहित समीपवर्ती जिलों सारंगढ़-बिलाईगढ़, सक्ती, बलौदा बाजार-भाटापारा, महासमुंद, जांजगीर-चांपा, कोरबा और जशपुर की सीमाओं से एक वर्ष के लिए निष्कासित किया था। इसके बावजूद आरोपी ने इस आदेश का उल्लंघन कर रायगढ़ जिले में प्रवेश किया। इस मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए एसएसपी शशि मोहन सिंह ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि जिला बदर आदेश का उल्लंघन करने, लोक शांति भंग करने का प्रयास करने अथवा कानून-व्यवस्था को चुनौती देने वाले किसी भी व्यक्ति के विरुद्ध रायगढ़ पुलिस तत्काल और कठोर वैधानिक कार्रवाई अमल में लाएगी।4