हमीरपुर जनपद पुलिस ने महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए एक विशेष अभियान के तहत 44 गुमशुदा और अपहृत लोगों को सकुशल बरामद कर बड़ी सफलता हासिल की है। बरामद किए गए लोगों में 25 नाबालिग बच्चे और 19 बालिग शामिल हैं, जिससे पीड़ित परिवारों में खुशी की लहर दौड़ गई है। पुलिस अधीक्षक मृगांक शेखर पाठक के सीधे निर्देशन में पूरे जिले में चलाए गए इस अभियान के तहत वर्ष 2025 के 08 और वर्ष 2026 के 36 मामलों में कार्रवाई की गई। बरामदगी सुनिश्चित करने के लिए सर्विलांस टीम ने तकनीकी साक्ष्य, इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस और मुखबिर तंत्र का प्रभावी ढंग से उपयोग किया। इसके अतिरिक्त, पुलिस ने अन्य जनपदों और राज्यों की पुलिस के साथ समन्वय स्थापित कर अलग-अलग स्थानों से इन लोगों को खोज निकाला। इस कार्रवाई के परिणामस्वरूप, पुलिस ने धारा 137(2) BNS के 26 और धारा 87 BNS के 18 मामलों का निस्तारण भी किया। अभियान के दौरान थाना राठ से सर्वाधिक 10, कुरारा से 07 और मौदहा से 05 लोगों को बरामद किया गया। इस विशेष अभियान की सफलता पर अपर पुलिस अधीक्षक अरविंद कुमार वर्मा ने कहा कि जनपद में महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और एसपी महोदय के निर्देशन में ऐसे अभियान आगे भी लगातार जारी रहेंगे, ताकि कोई भी महिला या बच्चा खुद को असुरक्षित महसूस न करे।
हमीरपुर जनपद पुलिस ने महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए एक विशेष अभियान के तहत 44 गुमशुदा और अपहृत लोगों को सकुशल बरामद कर बड़ी सफलता हासिल की है। बरामद किए गए लोगों में 25 नाबालिग बच्चे और 19 बालिग शामिल हैं, जिससे पीड़ित परिवारों में खुशी की लहर दौड़ गई है। पुलिस अधीक्षक मृगांक शेखर पाठक के सीधे निर्देशन में पूरे जिले में चलाए गए इस अभियान के तहत वर्ष 2025 के 08 और वर्ष 2026 के 36 मामलों में कार्रवाई की गई। बरामदगी सुनिश्चित करने के लिए सर्विलांस टीम ने तकनीकी साक्ष्य, इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस और मुखबिर तंत्र का प्रभावी ढंग से उपयोग किया। इसके अतिरिक्त, पुलिस ने अन्य जनपदों और राज्यों की पुलिस के साथ समन्वय स्थापित कर अलग-अलग स्थानों से इन लोगों को खोज निकाला। इस कार्रवाई के परिणामस्वरूप, पुलिस ने धारा 137(2) BNS के 26 और धारा 87 BNS के 18 मामलों का निस्तारण भी किया। अभियान के दौरान थाना राठ से सर्वाधिक 10, कुरारा से 07 और मौदहा से 05 लोगों को बरामद किया गया। इस विशेष अभियान की सफलता पर अपर पुलिस अधीक्षक अरविंद कुमार वर्मा ने कहा कि जनपद में महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और एसपी महोदय के निर्देशन में ऐसे अभियान आगे भी लगातार जारी रहेंगे, ताकि कोई भी महिला या बच्चा खुद को असुरक्षित महसूस न करे।
- राठ हमीरपुर बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे के स्वामी ब्रह्मानंद एक्सप्रेसवे क्रॉसिंग पर मानसून की पहली बारिश के साथ ही एक्सप्रेसवे की कई गंभीर कमियाँ उजागर हो गईं। बताया गया है कि क्रॉसिंग पुल के नीचे अगर यात्री या वाहन खड़े होते हैं, तो वे बारिश के पानी से पूरी तरह भीग जाते हैं। इतना ही नहीं, इस स्थिति से पुल को भी क्षति पहुँच रही है। सबसे चिंताजनक बात यह है कि एक्सप्रेसवे के रखरखाव का जिम्मा संभालने वाली कंपनी ठीक पुल के बगल में ही मौजूद है। इस पर सवाल उठाया गया है कि जो कंपनी अपनी आँखों के सामने एक्सप्रेसवे की इन कमियों को ठीक नहीं कर पा रही है, वह अन्य जगहों की हालत कैसे संभालेगी। इन परिस्थितियों को देखते हुए कहा गया है कि "सब गोलमाल है" और पहली ही बारिश ने बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे क्रॉसिंग के दावों की पोल खोल दी है।3
- हमीरपुर जनपद पुलिस ने महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए एक विशेष अभियान के तहत 44 गुमशुदा और अपहृत लोगों को सकुशल बरामद कर बड़ी सफलता हासिल की है। बरामद किए गए लोगों में 25 नाबालिग बच्चे और 19 बालिग शामिल हैं, जिससे पीड़ित परिवारों में खुशी की लहर दौड़ गई है। पुलिस अधीक्षक मृगांक शेखर पाठक के सीधे निर्देशन में पूरे जिले में चलाए गए इस अभियान के तहत वर्ष 2025 के 08 और वर्ष 2026 के 36 मामलों में कार्रवाई की गई। बरामदगी सुनिश्चित करने के लिए सर्विलांस टीम ने तकनीकी साक्ष्य, इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस और मुखबिर तंत्र का प्रभावी ढंग से उपयोग किया। इसके अतिरिक्त, पुलिस ने अन्य जनपदों और राज्यों की पुलिस के साथ समन्वय स्थापित कर अलग-अलग स्थानों से इन लोगों को खोज निकाला। इस कार्रवाई के परिणामस्वरूप, पुलिस ने धारा 137(2) BNS के 26 और धारा 87 BNS के 18 मामलों का निस्तारण भी किया। अभियान के दौरान थाना राठ से सर्वाधिक 10, कुरारा से 07 और मौदहा से 05 लोगों को बरामद किया गया। इस विशेष अभियान की सफलता पर अपर पुलिस अधीक्षक अरविंद कुमार वर्मा ने कहा कि जनपद में महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और एसपी महोदय के निर्देशन में ऐसे अभियान आगे भी लगातार जारी रहेंगे, ताकि कोई भी महिला या बच्चा खुद को असुरक्षित महसूस न करे।1
- झांसी जिले की टहरौली तहसील के गुरसराय ब्लॉक और फतेहपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले गांव तुर्का लहचूरा से रिंकू लक्ष्कार का जिक्र है।4
- झांसी के लहचूरा थाना पुलिस ने एक युवक की हत्या का खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में प्रीतम सिंह पायक पुत्र अर्जुन सिंह, जो ग्राम धननापायक, थाना लहचूरा, जनपद झांसी का निवासी है, और गोलू उर्फ राजा सिंह पुत्र वीरेंद्र सिंह, जो ग्राम मवई, थाना टोडीफतेहपुर, जनपद झांसी का निवासी है, शामिल हैं। पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल की गई एक मारुति ज़ेन कार भी बरामद की है। दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया है।1
- उत्तर प्रदेश के महोबा जिले के सलैया खालसा गांव में नमामि गंगे हर घर जल योजना की हकीकत कागजों से बिल्कुल अलग है, जहाँ लाखों की लागत से पानी की टंकी तो तैयार हो चुकी है और पाइपलाइन भी बिछाई गई है, लेकिन ग्रामीणों के नलों तक अभी तक पानी नहीं पहुंचा है। स्थिति यह है कि टंकी में प्रदूषित और गंदा पानी भरा है, जिसके कारण भीषण गर्मी में ग्रामीण बूंद-बूंद पानी को तरस रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि 'हर घर जल' की योजना केवल कागजों तक ही सीमित है, जबकि वास्तविकता में उनके नल सूखे पड़े हैं। पानी की आपूर्ति ठप होने से वे हैंडपंपों के सहारे जीवन यापन करने को मजबूर हैं। इस गंभीर पेयजल संकट को देखते हुए सलैया खालसा के ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल नियमित जलापूर्ति की मांग की है और इस योजना की बेअसरता पर सवाल उठाए हैं।1
- जालौन के सिरसाकलार थाना क्षेत्र में पुलिसकर्मियों पर हमला किया गया है। यह घटना उस समय हुई जब थाना सिरसाकलार में तैनात आरक्षी सौरव पटेल और रिंकू यादव, अजमेरन नामक एक महिला द्वारा अपने पति, सास, देवर और एक रिश्तेदार के खिलाफ दर्ज कराए गए अभियोग की जांच के लिए गए थे। जांच के दौरान, वादिनी अजमेरन के पति मजीद खां, शफीक, सास अकबरी और भांजे सलमान ने इन पुलिसकर्मियों पर हमला कर दिया। इसके बाद पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए इन चारों आरोपियों को हिरासत में ले लिया है और उनके खिलाफ आवश्यक वैधानिक कार्यवाही की जा रही है। इस घटना के संबंध में क्षेत्राधिकारी जालौन द्वारा जानकारी दी गई है।1
- हमीरपुर के राठ कोतवाली क्षेत्र के मवई गांव में एक शादी समारोह उस समय मातम में बदल गया, जब गद्दों के ढेर में दबकर एक दो वर्षीय मासूम की दर्दनाक मौत हो गई। इस हृदय विदारक घटना ने शादी की खुशियों को पलभर में गम में बदल दिया और पूरे परिवार में कोहराम मच गया। मुस्करा थाना क्षेत्र के चंदौरा गांव निवासी मनीष कुमार ने बताया कि उनकी पत्नी ह्रदेश अपने बच्चों के साथ मवई गांव स्थित अपने मायके में आयोजित शादी समारोह में शामिल होने आई थीं। गुरुवार को उनका दो वर्षीय पुत्र मृगेंद्र घर के बाहर खेल रहा था। इसी दौरान, पास में रखे टेंट-पंडाल के गद्दों का ढेर अचानक उसके ऊपर गिर गया, जिससे वह उसके नीचे दब गया। कुछ देर बाद जब परिजनों को बच्चा नहीं दिखा, तो उन्होंने उसकी तलाश शुरू की और अंततः उसे गद्दों के नीचे दबा हुआ पाया। आनन-फानन में गद्दे हटाकर मृगेंद्र को बाहर निकाला गया और तुरंत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र राठ ले जाया गया, जहां डॉ. कनिष्क माहु द्वारा जांच करने के बाद भी दो वर्षीय मासूम मृगेंद्र की जान नहीं बचाई जा सकी।1
- क्षेत्र में डग्गामार वाहन संचालकों की मनमानी लगातार जारी है, जिससे यात्रियों की जान से खिलवाड़ हो रहा है। रोज़ाना मुख्य मार्गों पर ये वाहन अपनी क्षमता से अधिक सवारियां बैठाकर तेज़ गति से दौड़ाए जा रहे हैं। कई चालक तो यात्रियों को वाहनों के दरवाजों और पीछे लटकाकर भी सफ़र कराने से नहीं हिचकिचाते, जिससे कभी भी कोई बड़ा हादसा होने का गंभीर खतरा बना हुआ है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि इन डग्गामार वाहनों पर किसी भी तरह की प्रभावी कार्रवाई न होने के कारण नियमों की खुलेआम अनदेखी की जा रही है। लोगों ने प्रशासन और परिवहन विभाग से पुरज़ोर मांग की है कि इन डग्गामार वाहनों के खिलाफ एक अभियान चलाकर कड़ी कार्रवाई की जाए, ताकि यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके और भविष्य में संभावित हादसों पर प्रभावी ढंग से रोक लगाई जा सके।3