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लखनऊ में एक दुखद घटना सामने आई है, जहाँ अस्पताल से लौट रहे एक युवक को एक थार वाहन ने जोरदार टक्कर मार दी। इस भीषण हादसे में युवक की मौके पर ही मौत हो गई।
KNINews
लखनऊ में एक दुखद घटना सामने आई है, जहाँ अस्पताल से लौट रहे एक युवक को एक थार वाहन ने जोरदार टक्कर मार दी। इस भीषण हादसे में युवक की मौके पर ही मौत हो गई।
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- आज लखनऊ में NEET UG की परीक्षा आयोजित की जा रही है। शहर भर में कुल 72 परीक्षा केंद्र स्थापित किए गए हैं, जहाँ यह महत्वपूर्ण प्रवेश परीक्षा संपन्न होगी।1
- शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती जी महाराज ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्रशंसा की है। उन्होंने विशेष रूप से इस बात को सराहा कि सीएम योगी ने अपने अयोध्या दौरे के दौरान चंपत राय को अपने से दूर रखा। शंकराचार्य जी महाराज ने इस कदम को 'बहुत अच्छा' बताते हुए इसकी सराहना की।1
- भारत में एक विवाहिता अपने तलाक के मुकदमे के दौरान अपने वकील के 'पेशेवर कदाचार' का शिकार हुई है। आरोपों के अनुसार, वकील ने महिला से सारी जानकारी हासिल कर उसे ‘ट्रैप में ले लिया’। पीड़िता ने इस गंभीर और चिंताजनक मामले को मीडिया के सामने रखा, जो पेशेवर और नैतिक सीमाओं के घोर उल्लंघन को दर्शाता है। तलाक के मामलों में अक्सर पीड़ितों को अत्यधिक भावनात्मक और कानूनी सहायता की आवश्यकता होती है, जिसका ऐसे मामलों में कुछ वकील फायदा उठाते हैं। ऐसी गंभीर स्थिति में महिलाओं को तुरंत कानूनी और सुरक्षात्मक कदम उठाने की सलाह दी गई है। उन्हें अपने सभी कानूनी दस्तावेज, केस की फाइलें और सबूत मौजूदा वकील से वापस लेने और अपना नया केस किसी भरोसेमंद या महिला वरिष्ठ वकील को सौंपने का निर्देश दिया गया है। साथ ही, शादी का सपना दिखाने वाले मौजूदा वकील से सभी प्रकार के संपर्क तुरंत तोड़ना हितकर बताया गया है। पीड़िता भारतीय दंड संहिता (#IPC) या नए भारतीय न्याय संहिता (#BNS) के तहत वकील के खिलाफ एफआईआर (#FIR) दर्ज करा सकती हैं। इसमें विश्वासघात और धोखाधड़ी (यदि वकील ने कानूनी प्रक्रिया के नाम पर यौन शोषण किया है) और गर्भपात के लिए दबाव (अपनी मर्जी के खिलाफ गर्भपात कराने के लिए मजबूर करना) जैसे आरोप शामिल हो सकते हैं। इस हेतु स्थानीय पुलिस स्टेशन या महिला हेल्पलाइन नंबर 1091 पर तुरंत कॉल करने की भी बात कही गई है। बिना डरे किसी सरकारी अस्पताल में मेडिकल जांच (#MedicalEvidence) करवाकर अपने मेडिकल रिकॉर्ड्स (#MedicalPregnancyReports) सुरक्षित रखने पर जोर दिया गया है। ये मेडिकल रिपोर्ट्स और पीड़िता के इंटरव्यू में लगाए गए आरोप अदालत में सबसे मजबूत सबूत बन सकते हैं। इसके अतिरिक्त, बार काउंसिल (#BarCouncil) में भी शिकायत दर्ज कराने को कहा गया है। यह वकील का 'पेशेवर कदाचार' (#ProfessionalMisconduct) है। महिला अपने राज्य की स्टेट बार काउंसिल में 'मंदिर में शादी' और 'गर्भपात का दबाव' बनाने वाले वकील के खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज करा सकती है, जिससे उसका लाइसेंस तक रद्द हो सकता है। भारत के कानून (#MTPAct) के अनुसार, पीड़िता को अपनी गर्भावस्था को लेकर निर्णय लेने का पूरा कानूनी और शारीरिक अधिकार है। यदि गर्भपात उसकी मर्जी के खिलाफ है या उसे इसके लिए डराया-धमकाया जा रहा है, तो इसके खिलाफ कानूनी मदद लेने की सलाह दी गई है।1
- जंतर-मंतर पर 'कॉकरोच जनता पार्टी' का शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर लगातार दूसरे दिन भी प्रदर्शन जारी रहा। यह धरना शिक्षा व्यवस्था की बदहाली, पेपर लीक के मामलों, नीट अभ्यर्थियों की समस्याओं और छात्र आत्महत्या के बढ़ते मामलों के विरोध में आयोजित किया गया है। प्रदर्शनकारियों ने साफ तौर पर कहा है कि जब तक केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान अपने पद से इस्तीफा नहीं देते, तब तक उनका यह आंदोलन समाप्त नहीं होगा। इस बीच, अभिजीत दीपके ने धरना स्थल पर क्रिकेट भी खेला। निर्धारित समय-सीमा समाप्त होने के बाद भी धरना जारी रहने पर दिल्ली पुलिस ने इसे अवैध घोषित कर दिया है। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को लगातार धरना स्थल खाली करने की चेतावनी भी दी। इन चेतावनियों के बावजूद, 'कॉकरोच जनता पार्टी' के संस्थापक अभिजीत दीपके ने पुलिस की घोषणाओं पर पलटवार करते हुए सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि यदि धरना गैरकानूनी है, तो उन बच्चों की मौतों की जिम्मेदारी क्यों तय नहीं की जा रही, जिन्होंने आत्महत्या की है। दीपके ने यह भी पूछा कि आखिर किस नियम के तहत एक मंत्री बच्चों की मौतों और शिक्षा व्यवस्था पर उठ रहे गंभीर सवालों के बावजूद अपने पद पर बना रह सकता है। अभिजीत दीपके ने जोर देकर कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना नागरिकों का संवैधानिक अधिकार है और इसके लिए बार-बार अनुमति की शर्त लगाना लोकतांत्रिक अधिकारों को सीमित करने जैसा है।1
- अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर लखनऊ की रेजिडेंसी में डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने सैकड़ों लोगों के साथ योग किया। इस कार्यक्रम में लखनऊ के डीएम विशाख जी ने भी हिस्सा लिया, जहाँ बड़ी संख्या में लोगों की उपस्थिति दर्ज की गई। डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने इस दौरान कहा कि 2014 के बाद भारतीय संस्कृति का परचम पूरे विश्व में बुलंद हुआ है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि योग हमें मानसिक और शारीरिक रूप से स्वस्थ रखता है। ब्रजेश पाठक ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को योग को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने का श्रेय भी दिया। योग दिवस पर अपने संदेश में, डिप्टी सीएम ने सभी से स्वस्थ जीवन के लिए योग को अपनाने का आह्वान किया।3
- अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर लखनऊ रेजिडेंसी में उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने सैकड़ों लोगों के साथ योग किया। इस कार्यक्रम में लखनऊ के डीएम विशाख जी ने भी हिस्सा लिया। डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने इस दौरान कहा कि 2014 के बाद भारतीय संस्कृति का परचम पूरे विश्व में बुलंद हुआ है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने योग को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाई है। उन्होंने यह भी बताया कि योग हमें मानसिक और शारीरिक रूप से स्वस्थ रखता है। ब्रजेश पाठक ने योग दिवस पर प्रदेशवासियों को बधाई देते हुए स्वस्थ जीवन के लिए योग अपनाने का संदेश दिया। उन्होंने सभी लोगों से अपील की कि वे योग को दैनिक क्रिया की तरह करें ताकि उनका तन और मन स्वस्थ रह सके। इसके अतिरिक्त, उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने नीट परीक्षा पर भी बयान दिया। उन्होंने कहा कि नीट की परीक्षा पूरी तरह सकुशल संपन्न हो रही है और सरकार युवाओं का अहित किसी भी स्थिति में नहीं होने देगी। उन्होंने यह भी बताया कि सभी अधिकारी सतर्कता के साथ अपनी ड्यूटी निभा रहे हैं और पूरे प्रकरण की SIT जांच रिपोर्ट आने के बाद ही कोई और बात कही जाएगी। दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा मिलेगी, यह सरकार की प्रतिबद्धता है।2
- लखनऊ में एक दुखद घटना सामने आई है, जहाँ अस्पताल से लौट रहे एक युवक को एक थार वाहन ने जोरदार टक्कर मार दी। इस भीषण हादसे में युवक की मौके पर ही मौत हो गई।1
- लखनऊ के चारबाग रेलवे स्टेशन से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल दावों के अनुसार, टैक्सी संचालन से संबंधित किसी विवाद को लेकर कुछ लोगों के बीच कहासुनी और कथित तौर पर मारपीट की स्थिति उत्पन्न हुई। एक दावा यह भी है कि विवाद टैक्सी चालक से पर्ची कटवाने को लेकर हुआ था। वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर इस पर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। कई लोग मामले की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। हालांकि, वायरल वीडियो में किए जा रहे दावों और आरोपों की अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। घटना की वास्तविक परिस्थितियां संबंधित पक्षों के बयान और जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेंगी।1