भोजपुरी टोल प्लाजा मे 37वें राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह 2026 का आयोजन आज शनिवार की सुबह 11 बजे से साम 5 बजे तक बिल्हा :भोजपुरी टोल प्लाजा मे 37वें राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह-2026 के उपलक्ष्य में, सड़क दुर्घटनाओं के वास्तविक और भयावह परिणामों को दर्शाने के लिए नकली दुर्घटनाओं के साथ वास्तविक प्रदर्शन आयोजित की जा रही है संदेश स्पष्ट और सशक्त है — “यातायात नियमों की अनदेखी करने पर यह किसी के साथ भी हो सकता है।” इस गतिविधि के माध्यम से, हमारा उद्देश्य जनता में यह जागरूकता पैदा करना है कि सड़क सुरक्षा कोई विकल्प नहीं है — यह एक ऐसी जिम्मेदारी है जो जीवन बचाती है। सड़क सुरक्षा पर हालिया खबरें बताती हैं कि जनवरी 2026 में भारत भर में 'राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह' मनाया जा रहा है, जिसमें जागरूकता अभियान, डिजिटल प्रवर्तन (जैसे 'नो हेलमेट, नो फ्यूल'), और खराब सड़कों की मरम्मत पर जोर दिया जा रहा है; वहीं, दिल्ली जैसे राज्य 2030 तक दुर्घटनाएं 50% कम करने के लक्ष्य के साथ नई कार्ययोजनाएं बना रहे हैं, लेकिन हर साल हजारों मौतें (खासकर युवा दोपहिया सवारों की) एक बड़ी चुनौती बनी हुई हैं, जिससे नियमों का पालन और जागरूकता बढ़ाना ज़रूरी है।
भोजपुरी टोल प्लाजा मे 37वें राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह 2026 का आयोजन आज शनिवार की सुबह 11 बजे से साम 5 बजे तक बिल्हा :भोजपुरी टोल प्लाजा मे 37वें राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह-2026 के उपलक्ष्य में, सड़क दुर्घटनाओं के वास्तविक और भयावह परिणामों को दर्शाने के लिए नकली दुर्घटनाओं के साथ वास्तविक प्रदर्शन आयोजित की जा रही है संदेश स्पष्ट और सशक्त है — “यातायात नियमों की अनदेखी करने पर यह किसी के साथ भी हो सकता है।” इस गतिविधि के माध्यम से, हमारा उद्देश्य जनता में यह जागरूकता पैदा करना है कि सड़क सुरक्षा कोई विकल्प नहीं है — यह एक ऐसी जिम्मेदारी है जो जीवन बचाती है। सड़क सुरक्षा पर हालिया खबरें बताती हैं कि जनवरी 2026 में भारत भर में 'राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह' मनाया जा रहा है, जिसमें जागरूकता अभियान, डिजिटल प्रवर्तन (जैसे 'नो हेलमेट, नो फ्यूल'), और खराब सड़कों की मरम्मत पर जोर दिया जा रहा है; वहीं, दिल्ली जैसे राज्य 2030 तक दुर्घटनाएं 50% कम करने के लक्ष्य के साथ नई कार्ययोजनाएं बना रहे हैं, लेकिन हर साल हजारों मौतें (खासकर युवा दोपहिया सवारों की) एक बड़ी चुनौती बनी हुई हैं, जिससे नियमों का पालन और जागरूकता बढ़ाना ज़रूरी है।
- स्कूल जाने को निकली 17 वर्ष 3 दिन की नाबालिक बालिका बिन बताएं हुई लापता परिजनों ने थाना चकरभाठा में दर्ज कराई रिपोर्ट आज शनिवार की रात 10:00 बजे चकरभाठा पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार आज शनिवार की दोपहर 1:00 बजे चकरभाठा थाना क्षेत्र में रहने वाले एक 48 वर्षीय पिता ने थाना चकरभाठा में उपस्थित होकर रिपोर्ट दर्ज कराई है की में चकरभाठा थाना छेत्र में रहता हूँ ई रिक्शा चलाता हूँ कि मेरी 17 साल 03 दिन मेरी छोटी लडकी है जो चकरभाठा केम्प के एक स्कूल में कक्षा 12 वी में पढ़ाई करती है जो दिनांक 09/01/2026 के सुबह करीबन 11:00 बजे अपने स्कूल जाने के लिये निकली थी साम को 5 बजे छुट्टी होने के बाद घर नहीं पहुंची तो उसके स्कूल जा कर पता किये वहा बताये की ओ सुबह स्कूल ही नहीं आई है जिसकी आसपास एवं रिस्तेदारों मे पता तलाश किया पता नहीं चली है सुरु मे लगा कही चली गई होंगी लेकिन वापस नहीं आई तो आज रिपोर्ट करने आया हु मुझे सक है की मेरी नाबालिक लड़की को कोई अज्ञात व्यक्ति के द्वारा बहला फुसला कर अपहरण कर ले गया है मुझे शंका है कि मेरी लड़की को इस मोबाईल नंबर के चालक लड़के द्वारा अपहरण कर ले गया होगा क्योंकि इस मोबाइल नंबर वाले से मेरी लड़की मोबाइल मे बात करती थी प्रॉर्थी की रिपोर्ट पर चकरभाठा पुलिस ने अपराध धारा धारा 137(2) BNS के तहत मामला दर्ज कर लिया है और मामले की विवेचना जारी है इस घटना से एक चीज तो साफ है कि आज कल की कई नाबालिक बालिकाय लड़को के मीठी मीठी बातों के बहकावे में आकर अपने परिवार को छोड़कर कहीं चली जाती है जिससे परिवार वालों को काफी दुख और परेशानियों का सामना करना पड़ता है लड़कियों के ज्यादातर घर से भगाने के मामलों में देखा गया है कि जिन लड़कियों के घर की आर्थिक स्थिति खराब रहती है या जिनके माता-पिता नहीं रहते या फिर माता-पिता में हमेशा लड़ाई झगडा घर मे अशांति रहती हैं ऐसी घर की बालिकाये जल्दी से किसी लड़के के बातों के बहकावे में आकर घर परिवार को छोड़कर चली जाती है जिसका परिणाम है यह होता है की बालिका की उम्र नाबालिक होने के कारण पुलिस उन्हें ढूंढ ही निकलती है चाहे ओ नाबालिक बालिका किसी से शादी भी कर ले या फिर बच्चे हो जाए तो भी जिस दिन पुलिस के हत्या चढ़ते हैं तो युवक को जेल की हवा खानी पड़ती है एवं इस घटना में भी एक हस्ते खेलते परिवार की खुशियों को तबाह करने में मुख्य कारण मोबाइल को ही दोसी ठहराया गया है इस लिए बोला बोला भी जाता है की बेटों को बाइक और बेटियों को मोबाइल बहुत सोचा समझ कर देना चाहिए1
- Post by Santosh Sao1
- चीन ने बिना पटरी चलने वाली ट्रेन तकनीक ART (Autonomous Rail Rapid Transit) विकसित की है। यह ट्रेन सामान्य सड़कों पर चलती है और सेंसर, कैमरा व GPS की मदद से सड़क पर बनी वर्चुअल लाइनों को फॉलो करती है। पारंपरिक ट्राम के मुकाबले यह सस्ती, तेज़ और आसान है। ART बस की लचीलापन और मेट्रो जैसी क्षमता को एक साथ जोड़ती है। #FutureTech #ChinaInnovation #SmartTransport #NextGenTransit #ViralNews #TechExplained #PublicTransport1
- छत्तीसगढ़ राज्य केसरवानी वैश्य सभा अखिल भारतीय केसरवानी वैश्य महासभा के संबंध अधिवेशन दिनांक 11,01.2026 आयोजक केसरवानी वेश्यसभा भटगांव जिला सारंगढ़ मैं संपन्न1
- मेरठ की रहने वाली सुनीता जाटव और उनकी बेटी मां की हत्या और उनकी बेटी का अपहरण कर अपराधी छिपे हैं और नगीना के सांसद चंद्रशेखर आजाद उसे पीड़िता के घर अपना दुख व्यक्त करने जा रहे थे उन पीड़िता की आवाज सुनकर उनको न्याय दिलाने की प्रयास करने में थे लेकिन वही सरकार पुलिस प्रशासन न्याय की मांग करने वाले लोगों को उनके वाहनों को रोका जा रहा था वही चंद्रशेखर आजाद को पैदल पुलिस वाले पीछा करते उन्हें रोका जा रहा था जिस पुलिस प्रशासन को अपराधियों को पकड़ना चाहिए वह नया मांगने वालों को रोक रहे हैं और अपराधियों को संरक्षण दे रहे क्या यह सही है पुलिस पर पुलिस प्रशासन अपना कार्यपाली भारती करती तो यह घटना ना होता लेकिन उन्हें तो अपने हक अधिकार मांगने वाले और नया मांगने वालों को ही सताया करते हैं यह बात आज इस वीडियो के माध्यम से दिख रहा है1
- Post by Pramod Yadav1
- 7 करोड़ का धान खा गये चुहे छत्तीसगढ़ के कवर्धा जिला से यह मामला सामने आया 26000 हजार कोंटल धान का घोटाला धान हो या किसानों का हक अधिकार किसने किया गायब कौन हैं जिम्मेदार शासन प्रशासन के अधिकारी है या कौन |1
- भोजपुरी टोल प्लाजा मे 37वें राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह 2026 का आयोजन आज शनिवार की सुबह 11 बजे से साम 5 बजे तक बिल्हा :भोजपुरी टोल प्लाजा मे 37वें राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह-2026 के उपलक्ष्य में, सड़क दुर्घटनाओं के वास्तविक और भयावह परिणामों को दर्शाने के लिए नकली दुर्घटनाओं के साथ वास्तविक प्रदर्शन आयोजित की जा रही है संदेश स्पष्ट और सशक्त है — “यातायात नियमों की अनदेखी करने पर यह किसी के साथ भी हो सकता है।” इस गतिविधि के माध्यम से, हमारा उद्देश्य जनता में यह जागरूकता पैदा करना है कि सड़क सुरक्षा कोई विकल्प नहीं है — यह एक ऐसी जिम्मेदारी है जो जीवन बचाती है। सड़क सुरक्षा पर हालिया खबरें बताती हैं कि जनवरी 2026 में भारत भर में 'राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह' मनाया जा रहा है, जिसमें जागरूकता अभियान, डिजिटल प्रवर्तन (जैसे 'नो हेलमेट, नो फ्यूल'), और खराब सड़कों की मरम्मत पर जोर दिया जा रहा है; वहीं, दिल्ली जैसे राज्य 2030 तक दुर्घटनाएं 50% कम करने के लक्ष्य के साथ नई कार्ययोजनाएं बना रहे हैं, लेकिन हर साल हजारों मौतें (खासकर युवा दोपहिया सवारों की) एक बड़ी चुनौती बनी हुई हैं, जिससे नियमों का पालन और जागरूकता बढ़ाना ज़रूरी है।1